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Tag: टेक्नोलॉजी

ग्रासमास्टर टेक्नोलॉजी से लगी घास 15 साल चलेगी, बाकी 7 साल चलती हैं

ग्रासमास्टर टेक्नोलॉजी से लगी घास 15 साल चलेगी, बाकी 7 साल चलती हैं

Indian Sports
लंदन. इंग्लिश प्रीमियर लीग के क्लब टॉटेनहम हॉटस्पर का नया फुटबॉल स्टेडियम 'टॉटेनहम हॉटस्पर स्टेडियम' बनकर तैयार हो गया है। स्टेडियम लंदन में है। इस स्टेडियम में 62 हजार दर्शक बैठकर मैच देख सकते हैं। ये दर्शक क्षमता के लिहाज से ब्रिटेन का तीसरा सबसे बड़ा फुटबॉल स्टेडियम है। पहले स्थान पर वेंबले स्टेडियम (90 हजार) और दूसरे पर ओल्ड ट्रैफर्ड (76 हजार) है। 1899 से लेकर 2017 तक लंदन का ही व्हाइट हार्ट लेन स्टेडियम टॉटेनहम का होम ग्राउंड हुआ करता था।स्टेडियम में एब्सट्रैक्ट आर्ट और रेस्ट्रोबार बनाए गए8 हजार करोड़ रुपए की लागत से नया स्टेडियम बनकर तैयार हुआ है। स्टेडियम में ग्रासमास्टर टेक्नोलॉजी से घास लगाई गई है। टेक्नोलॉजी के जरिए मैदान की नेचुरल घास के बीच-बीच में आर्टिफिशियल घास के फाइबर लगाए जाते हैं। ये फाइबर नेचुरल घास की जड़ों को सामान्य से कई गुना तेजी से और ज्यादा गहराई
कॅरिअर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी से अस्थायी तौर पर नाता तोड़ दें!

कॅरिअर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी से अस्थायी तौर पर नाता तोड़ दें!

Delhi
यह सुनने में अजीब लगता है न! तो नीचे के दो उदाहरण पढ़कर देखिए। तीन दिन पहले की बात है, नई दिल्ली के आसफ अली रोड पर एक दफ्तर में 22 वर्षीय शिवम मिश्रा जॉब इंटरव्यू के लिए पहुंचा। उसे सिलेक्ट भी कर लिया गया था लेकिन, जब इंटरव्यू लेने वालों ने अपनी मोबाइल पॉलिसी के बारे में यह बताया कि काम के दौरान उसका मोबाइल सेफ कस्टडी में रहेगा और वह सिर्फ लैंडलाइन फोन ही इस्तेमाल कर पाएगा। शिवम कहने लगा, ‘मेरे साथ कई जरूरी काम जुड़े हैं, मेरी गर्लफ्रेंड को हर 30 मिनट में वॉट्सएप पर जुड़े रहना पसंद है। मेरे परिवार और दोस्त इस बात का इंतजार नहीं कर सकते कि मैं उनके सवालों का जवाब सिर्फ लंच टाइम और टी-ब्रेक के समय दूं। माफ कीजिए, मैं यह जॉब नहीं कर सकता, क्योंकि आज की इस वायर्ड दुनिया में ये पॉलिसी बहुत बेवकूफी भरी है।’ उसने इंटरव्यू लेने वालों को यह कहने तक का मौका नहीं दिया कि, एक बार इस प
आधुनिक टेक्नोलॉजी से आजकल की गायकी में वो रस नहीं रहा: जोगिंदर मेहंदी

आधुनिक टेक्नोलॉजी से आजकल की गायकी में वो रस नहीं रहा: जोगिंदर मेहंदी

Punjab
लुधियाना| आजकल की गायकी में वो रस नहीं रहा कि उसको एन्जॉय किया जा सके, क्योंकि टेक्नोलॉजी का यूज कर गाने गाए जा रहे हैं, जो एक अच्छी गायकी के लिए जहर के समान है। यह कहना है फेमस सिंगर दलेर मेहंदी के भाई जोगिंदर मेहंदी का। वह रीगल फिटनेस स्टूडियो पहुंचे थे। इसके डायरेक्टर ने बताया कि सिंगर जोगिंदर मेहंदी और रजनी जैन लुधियाना में होने जा रहे सुर संगम प्रोग्राम की जानकारी देने पहुंचे थे। इस प्रोग्राम में संगीत की शख्सियतों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने खुद को भुला कर दूसरों के लिए अपनी जिंदगी समर्पित कर दी। सुर संगम एक ऐसा शो है, जिससे नशे के खिलाफ एक मैसेज भी दिया जाएगा। इस सुर संगम प्रोग्राम में अपनी अावाज का जादू सिंगर अमन गहिर भी बिखेरेंगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dainik Bhaskar
मोबाइल रिसीव करते ही लग गई आग… यह देख जन्म से ब्लाइंड मुर्तजा को आया आइडिया और बना डाली फ्यूल बर्न रेडिएशन टेक्नोलॉजी… अब दिखाई गजब की देशभक्ति

मोबाइल रिसीव करते ही लग गई आग… यह देख जन्म से ब्लाइंड मुर्तजा को आया आइडिया और बना डाली फ्यूल बर्न रेडिएशन टेक्नोलॉजी… अब दिखाई गजब की देशभक्ति

Rajasthan
कोटा (राजस्थान)।पेट्रोल पंप पर एक शख्स केमोबाइल फोनकी घंटी बजी, जैसे ही उसने फोन रिसीव किया, पंप पर आग लग गई। इस घटना ने एक ब्लाइंडशख्स की जिंदगी बदलकर रख दी। उसने इसे लेकर रिसर्च करनी शुरू की और आगे चलकर फ्यूल बर्न रेडिएशन टेक्नोलॉजी इजाद कर डाली। ये ऐसी तकनीक है जिसे कई कंपनियां हासिल करना चाहती हैं, यहां तक की विदेशों से भी ऑफर मिल चुके हैं। इस शख्स का नाम है मुर्तजा अली। साइंटिस्ट मुर्तजा अब इन दिनोंअपनी गजब की देशभक्ति को लेकर भी चर्चा में हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला....जन्म से हैं नेत्रहीन, कॉमर्स की पढ़ाई कीऔर अब कर रहे नए इन्वेंशन- मुर्तजा जन्म से नेत्रहीन हैं और उन्होंने कोटा के कॉमर्स कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। उनका पुश्तैनी बिजनेस ऑटोमोबाइल का था। ब्लाइंड होने के कारण उसमें नुकसान हो रहा था। ऐसे में उन्होंने मोबाइल और डिश टीवी के क्षेत्र में कार्य किया।- सा
मोबाइल टेक्नोलॉजी का दुनिया में सबसे बड़ा एग्जिबिशन

मोबाइल टेक्नोलॉजी का दुनिया में सबसे बड़ा एग्जिबिशन

Delhi
मोबाइल टेक्नोलॉजी का दुनिया में सबसे बड़ा एग्जिबिशन स्मार्टफोन मार्केट को तेजी देने के लिए पेश हो सकते हैं इनोवेटिव प्रोडक्ट एजेंसी | नई दिल्ली स्पेन के शहर बार्सिलोना में 25 से 28 फरवरी तक मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (एमडब्ल्यूसी) इवेंट का आयोजन होना है। इस बार 5जी और फोल्डेबल स्मार्टफोन पर कंपनियों का सबसे ज्यादा फोकस रहने की उम्मीद है। पिछले कुछ सालों से स्मार्टफोन में कोई खास टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन नहीं हुआ है। 2018 में पहली बार दुनियाभर में स्मार्टफोन की बिक्री 4% तक गिरी। लेकिन, 2019 में 5जी टेक्नोलॉजी और फोल्ड किए जा सकने वाले स्मार्टफोन के आने के साथ ही स्थिति बदलने की उम्मीद की जा रही है। ग्लोबल मार्केट रिसर्च फर्म फोरेस्टर के वाइस प्रेसिडेंट थॉमस हुसन ने कहा कि 5जी कनेक्टेड दुनिया का मुख्य इन्फ्रास्ट्रक्चर होने वाला है। अमेरिका और चीन के बीच जारी राजनीतिक और व्यापार
टेक्नोलॉजी अपग्रेड करने के लिए सब्सिडी स्कीम मार्च 2020 तक बढ़ी

टेक्नोलॉजी अपग्रेड करने के लिए सब्सिडी स्कीम मार्च 2020 तक बढ़ी

Delhi
कैबिनेट ने छोटी कंपनियों (एमएसएमई) में टेक्नोलॉजी अपग्रेड करने के लिए सब्सिडी स्कीम 2019-20 तक के लिए बढ़ा दी है। इसके लिए 2,900 करोड़ रुपए का फंड भी मंजूर कर दिया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। इस स्कीम का नाम क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी एंड टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन स्कीम है। इसका मकसद बेहतर टेक्नोलॉजी के जरिए वेस्ट (कचरा) की मात्रा कम करना, डिजाइन, क्लाउड कंप्यूटिंग और पेटेंट में छोटी कंपनियों की मदद करना है। इस स्कीम के तहत छोटी कंपनियों को टेक्नोलॉजी अपग्रेड करने के लिए बैंक या वित्तीय संस्थान से कर्ज लेने पर 15% की सब्सिडी मिलती है। यानी कंपनी का जितना खर्च आएगा, उसका 15% हिस्सा उसे सब्सिडी के रूप में मिलेगा। यह सब्सिडी सिर्फ प्लांट के विस्तार तक सीमित नहीं है, पुरानी मशीनरी को अपग्रेड करने पर भी यह सुविधा मिलती है। इसके
टेक्नोलॉजी गैजेट्स के ज्यादा इस्तेमाल से हो सकती है इनफर्टिलिटी की समस्या

टेक्नोलॉजी गैजेट्स के ज्यादा इस्तेमाल से हो सकती है इनफर्टिलिटी की समस्या

Health
अध्ययन बताते हैं कि मोबाइल फोन एवं उनके टावरों से उत्सर्जित इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विकिरण के असर से डीएनए क्षतिग्रस्त होता है और वह स्वयं अपनी मरम्मत नहीं कर पाता। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर गिर जाता है और कोशिकाओं को नुकसान होने के साथ ही कई दुष्प्रभाव होते हैं। लेकिन इनमें सबसे ज्यादा गंभीर जोखिम है इनफर्टिलिटी। लगभग 15 प्रतिशत भारतीय दंपति किसी न किसी किस्म की इनफर्टिलिटी से जूझते हैं। अध्ययन बताते हैं कि मोबाइल फोन इस्तेमाल का संबंध पुरुषों में शुक्राणुओं के कम उत्पादन व उनकी निम्र गुणवत्ता से है जबकि गर्भस्थ महिलाओं व उनके अजन्मे शिशु के लिए सेल्युलर रेडिएशन का संपर्क खतरनाक होता है। इससे गर्भस्थ शिशु की रीढ़ पर बुरा असर पड़ता है। रेडिएशन से डीएनए के गुणसूत्र क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और जीन्स की गतिविधि में बदलाव आ जाता है। आज के दौर में मोबाइल फोन व

स्मार्टफोन में आने वाली है नई टेक्नोलॉजी, आपके इशारों से ऑपरेट होगा आपका मोबाइल

Indian Technology
अब एक और नई तकनीक आने वाली है जिसमें आपके स्मार्टफोन में टच स्क्रीन नहीं दिया जाएगा Jagran Hindi News - technology:tech-news
नई टेक्नोलॉजी अपना कर चावल की खेती फायदेमंद

नई टेक्नोलॉजी अपना कर चावल की खेती फायदेमंद

Punjabi Politics
एजुकेशन रिपोर्टर | लुधियाना पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में पर्यावरण में आ रहे बदलाव और खेती पर पड़ रहे असर विषय पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। पीएयू डायरेक्टर एक्सटेंशन डॉ. जसकरन सिंह माहल ने मुख्य मेहमान के तौर पर शिरकत की। डायरेक्टर रिसर्च डॉ. नवतेज बैंस गेस्ट ऑफ ऑनर रहे। सौम्या भट्ट, डॉ. राजेश वशिष्ठ, डॉ. रमन मेहता और डॉ. पुष्पिंदर सिंह पन्नू टेक्निकल एक्सपर्ट रहे। डॉ. माहल ने किसानों को नई और सिफारिश की गई टेक्नोलॉजीस को अपनाने के साथ ही चावल की खेती के अलावा अन्य जिंसों की खेती करने के लिए भी प्रेरित किया जिससे उनका फायदा हो। उन्होंने कहा कि चावल की खेती के लिए नई पर्यावरण का बचाव करने वाली टेक्नोलॉजी, गेहूं के लिए हैपी सीडर तकनीक का इस्तेमाल सही है। पीएयू द्वारा किसानों को लगातार इस संबंध में जागरूक किया जा रहा है। डॉ. नवतेज बैंस ने पर्यावरण को नुकसान न पहुंचा