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Tag: टेक्नोलॉजी

मोबाइल टेक्नोलॉजी का दुनिया में सबसे बड़ा एग्जिबिशन

मोबाइल टेक्नोलॉजी का दुनिया में सबसे बड़ा एग्जिबिशन

Delhi
मोबाइल टेक्नोलॉजी का दुनिया में सबसे बड़ा एग्जिबिशन स्मार्टफोन मार्केट को तेजी देने के लिए पेश हो सकते हैं इनोवेटिव प्रोडक्ट एजेंसी | नई दिल्ली स्पेन के शहर बार्सिलोना में 25 से 28 फरवरी तक मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस (एमडब्ल्यूसी) इवेंट का आयोजन होना है। इस बार 5जी और फोल्डेबल स्मार्टफोन पर कंपनियों का सबसे ज्यादा फोकस रहने की उम्मीद है। पिछले कुछ सालों से स्मार्टफोन में कोई खास टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन नहीं हुआ है। 2018 में पहली बार दुनियाभर में स्मार्टफोन की बिक्री 4% तक गिरी। लेकिन, 2019 में 5जी टेक्नोलॉजी और फोल्ड किए जा सकने वाले स्मार्टफोन के आने के साथ ही स्थिति बदलने की उम्मीद की जा रही है। ग्लोबल मार्केट रिसर्च फर्म फोरेस्टर के वाइस प्रेसिडेंट थॉमस हुसन ने कहा कि 5जी कनेक्टेड दुनिया का मुख्य इन्फ्रास्ट्रक्चर होने वाला है। अमेरिका और चीन के बीच जारी राजनीतिक और व्यापार
टेक्नोलॉजी अपग्रेड करने के लिए सब्सिडी स्कीम मार्च 2020 तक बढ़ी

टेक्नोलॉजी अपग्रेड करने के लिए सब्सिडी स्कीम मार्च 2020 तक बढ़ी

Delhi
कैबिनेट ने छोटी कंपनियों (एमएसएमई) में टेक्नोलॉजी अपग्रेड करने के लिए सब्सिडी स्कीम 2019-20 तक के लिए बढ़ा दी है। इसके लिए 2,900 करोड़ रुपए का फंड भी मंजूर कर दिया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। इस स्कीम का नाम क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी एंड टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन स्कीम है। इसका मकसद बेहतर टेक्नोलॉजी के जरिए वेस्ट (कचरा) की मात्रा कम करना, डिजाइन, क्लाउड कंप्यूटिंग और पेटेंट में छोटी कंपनियों की मदद करना है। इस स्कीम के तहत छोटी कंपनियों को टेक्नोलॉजी अपग्रेड करने के लिए बैंक या वित्तीय संस्थान से कर्ज लेने पर 15% की सब्सिडी मिलती है। यानी कंपनी का जितना खर्च आएगा, उसका 15% हिस्सा उसे सब्सिडी के रूप में मिलेगा। यह सब्सिडी सिर्फ प्लांट के विस्तार तक सीमित नहीं है, पुरानी मशीनरी को अपग्रेड करने पर भी यह सुविधा मिलती है। इसके
टेक्नोलॉजी गैजेट्स के ज्यादा इस्तेमाल से हो सकती है इनफर्टिलिटी की समस्या

टेक्नोलॉजी गैजेट्स के ज्यादा इस्तेमाल से हो सकती है इनफर्टिलिटी की समस्या

Health
अध्ययन बताते हैं कि मोबाइल फोन एवं उनके टावरों से उत्सर्जित इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विकिरण के असर से डीएनए क्षतिग्रस्त होता है और वह स्वयं अपनी मरम्मत नहीं कर पाता। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर गिर जाता है और कोशिकाओं को नुकसान होने के साथ ही कई दुष्प्रभाव होते हैं। लेकिन इनमें सबसे ज्यादा गंभीर जोखिम है इनफर्टिलिटी। लगभग 15 प्रतिशत भारतीय दंपति किसी न किसी किस्म की इनफर्टिलिटी से जूझते हैं। अध्ययन बताते हैं कि मोबाइल फोन इस्तेमाल का संबंध पुरुषों में शुक्राणुओं के कम उत्पादन व उनकी निम्र गुणवत्ता से है जबकि गर्भस्थ महिलाओं व उनके अजन्मे शिशु के लिए सेल्युलर रेडिएशन का संपर्क खतरनाक होता है। इससे गर्भस्थ शिशु की रीढ़ पर बुरा असर पड़ता है। रेडिएशन से डीएनए के गुणसूत्र क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और जीन्स की गतिविधि में बदलाव आ जाता है। आज के दौर में मोबाइल फोन व

स्मार्टफोन में आने वाली है नई टेक्नोलॉजी, आपके इशारों से ऑपरेट होगा आपका मोबाइल

Indian Technology
अब एक और नई तकनीक आने वाली है जिसमें आपके स्मार्टफोन में टच स्क्रीन नहीं दिया जाएगा Jagran Hindi News - technology:tech-news
नई टेक्नोलॉजी अपना कर चावल की खेती फायदेमंद

नई टेक्नोलॉजी अपना कर चावल की खेती फायदेमंद

Punjabi Politics
एजुकेशन रिपोर्टर | लुधियाना पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में पर्यावरण में आ रहे बदलाव और खेती पर पड़ रहे असर विषय पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। पीएयू डायरेक्टर एक्सटेंशन डॉ. जसकरन सिंह माहल ने मुख्य मेहमान के तौर पर शिरकत की। डायरेक्टर रिसर्च डॉ. नवतेज बैंस गेस्ट ऑफ ऑनर रहे। सौम्या भट्ट, डॉ. राजेश वशिष्ठ, डॉ. रमन मेहता और डॉ. पुष्पिंदर सिंह पन्नू टेक्निकल एक्सपर्ट रहे। डॉ. माहल ने किसानों को नई और सिफारिश की गई टेक्नोलॉजीस को अपनाने के साथ ही चावल की खेती के अलावा अन्य जिंसों की खेती करने के लिए भी प्रेरित किया जिससे उनका फायदा हो। उन्होंने कहा कि चावल की खेती के लिए नई पर्यावरण का बचाव करने वाली टेक्नोलॉजी, गेहूं के लिए हैपी सीडर तकनीक का इस्तेमाल सही है। पीएयू द्वारा किसानों को लगातार इस संबंध में जागरूक किया जा रहा है। डॉ. नवतेज बैंस ने पर्यावरण को नुकसान न पहुंचा
पीएयू ने ब्रूड फ्रूट विनेगर टेक्नोलॉजी की लाइसेंसिंग के लिए एमओए किया साइन

पीएयू ने ब्रूड फ्रूट विनेगर टेक्नोलॉजी की लाइसेंसिंग के लिए एमओए किया साइन

Punjab
पीएयू के वाइस चांसलर डॉ. बलदेव सिंह पटियाला की कंपनी के अफसरों के साथ एमओयू साइन करते हुए, मौजूद अन्य। एजुकेशन रिपोर्टर | लुधियाना पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी ने ब्रूड फ्रूट विनेगर टेक्नोलॉजी की लाइसेंसिंग के लिए नैक्टर फूड्स पटियाला के साथ एमओए साइन किया। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. बीएस ढिल्लों की अध्यक्षता में ये एमओए साइन किया गया। यूनिवर्सिटी की ओर से डायरेक्टर रिसर्च डॉ. नवतेज सिंह बैंस और नैक्टर फूड्स की ओर से अनिल शर्मा ने हस्ताक्षर किए। सीनियर माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. जीएस कोचर ने कहा कि पीएयू द्वारा फरमेंटेड विनेगर की रिसर्च पर काम जारी है। गन्ने के रस, अंगूर और सेब से विनेगर तैयार और कॉमर्शियलाइज किया जा चुका है। एडिशनल डायरेक्टर रिसर्च डॉ. अशोक कुमार ने काह कि सेहत खराब करने वाले सिंथेटिक विनेगर को बदलने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अब तक पीएयू द्वारा

बीटी कॉटन बीज पेटेंट मामले में मोंसेंटो टेक्नोलॉजी को मिली तात्कालिक राहत

India
मोंसेंटो को राहत देते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय की खंड पीठ के उस आदेश को रद कर दिया। Jagran Hindi News - news:national
‘एक्शन द चेंज’ में नई टेक्नोलॉजी के लिहाज से बदलाव लाने पर जोर

‘एक्शन द चेंज’ में नई टेक्नोलॉजी के लिहाज से बदलाव लाने पर जोर

Punjabi Politics
फेडरेशन आॅफ इंडस्ट्रियल एंड काॅमर्शियल आॅर्गेनाइजेशन (फीको) की ओर से एक्शन द चेंज पर एक सेशन का आयोजन किया गया, जिसमें 70 के करीब मेंबर्स ने हिस्सा लिया। इस सेशन में फीको ट्रैक्टर्स डिवीजन के हेड जसविंदर सिंह भोगल की ओर मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए और उन्होंने द नीड एंड प्रोसेस के जरिए मैनेजमेंट में बदलाव संबंधी आज की जरूरतें बताईं। इस अवसर पर जर्मनी से एक महीने की ट्रेनिंग कर लौटे फीको के ट्रैक्टर्स डिवीजन के सचिव अशप्रीत सिंह साहनी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि सबसे पहले हमें खुद के तरीकों में बदलाव लाना ही एक्शन द चेंज कहलाता है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इंडस्ट्री में बड़े बडे़ बदलाव आ रहे हैं और इनकी जानकारी लेकर खुद को अपडेट करना जरूरी है। वहीं इस दौरान फीको के एग्जीक्यूटिव मेंबर गगनीश सिंह खुराना ने कहा कि हमारे लिए कारोबार को बढ़ाने के लिए कई मौके आसपास हंै और

2018 के दौरान टेक्नोलॉजी में बहुत कुछ बदला, बहुत कुछ बाकी

India
एपल ने आइफोन में स्क्रीन टाइम नाम से एक फीचर दिया है। इसकी मदद से यह जानना संभव होता है कि बच्चे ने फोन पर किस तरह की गतिविधि में कितना समय बिताया। Jagran Hindi News - news:national

2019 में और स्मार्ट होगी टेक्नोलॉजी, जानें नए वर्ष के नए ट्रेंड्स

Indian Technology
साल के खत्म होने के साथ यूजर्स में यह उत्सुकता रहती है कि कंपनियां अगले वर्ष क्या नया पेश करेंगी। यहां हम यह बता रहे हैं कि वर्ष 2019 में आपको क्या नया मिल सकता है Jagran Hindi News - technology:tech-news