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Tag: डिप्रेशन

डेरा भैणी साहिब में 2 नाबालिग सेवादारों ने नाबालिग दोस्त से किया रेप, डिप्रेशन में पीड़िता, आरोपी फरार

डेरा भैणी साहिब में 2 नाबालिग सेवादारों ने नाबालिग दोस्त से किया रेप, डिप्रेशन में पीड़िता, आरोपी फरार

Punjabi Politics
लुधियाना.कूमकलां स्थित भैणी साहिब डेरा में वृद्ध आश्रम में नानी के साथ रह रही एक 15 साल की नाबालिग लड़की के साथ उसके दो नाबालिग दोस्तों ने रेप कर दिया। साजिश के तहत दोनों ने नाबालिग को घर बुला अवैध संबंध बनाए। इसके चलते पीड़िता डिप्रेशन में जाने से मानसिक संतुलन खो बैठी। उसे मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर भैणी साहिब की दिल्ली कॉलोनी में रहते दोनों आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपी फरार हैं, उनकी तलाश की जा रही है। जानकारी अनुसार दोनों आरोपी डेरा भैणी साहिब के सेवादार भी हैं। पीड़िता ने एफआईआर में दिए बयानों में बताया कि वह सिरसा के रणिया में परिवार समेत रहती थी। 2008 में उसके माता पिता का तलाक हो गया। जिसके बाद उसकी मां आस्ट्रेलिया चली गई। पीड़ि़ता अपने पिता और दादी के साथ रणिया में रहने चली गई। उसकी नानी गुरुद्वारा भैणी साहिब
प्रेगनेंसी में ना लें एंटी डिप्रेशन दवा, बच्चे पर होता है असर

प्रेगनेंसी में ना लें एंटी डिप्रेशन दवा, बच्चे पर होता है असर

Health
हाल ही इंग्लैंड की स्वेन्सा विवि के शोधकर्ताओं ने पांच लाख से ज्यादा नवजातों पर शोध कर पाया कि गर्भावस्था के दौरान पहले कुछ माह में महिलाएं डिप्रेशन दूर करने के लिए दवाएं लेती हैं। ऐसे में गर्भपात होने या बच्चे के अविकसित पैदा होने की आशंका बढ़ जाती है। इसमें मुख्य रूप से ऐसी दवाएं शामिल थीं जिन्हें डिप्रेशन और एंजाइटी की गंभीर अवस्था में लिया जाता है। जानें विशेषज्ञ की राय - कई तरह की दिक्कतेंगर्भावस्था के दौरान पहली तिमाही में बच्चे के शरीर के अंगों का निर्माण हो रहा होता है। ऐसे में जो महिलाएं डिप्रेशन, मानसिक दिक्कत या तनाव दूर करने के लिए एंटीडिप्रेशन या एंटीसाइकोटिक दवाओं को नियमित रूप से लेती रहती हैं उनमें इन दवाओं का सीधा असर बच्चे के शरीर पर होता है। इससे वह हृदय संबंधी रोगों और बिहेवरल डिसऑर्डर के अलावा अविकसित पैदा हो सकता है। हर 100 में से 10 मामलों में जो बच्चे जन्मजात विकृति
विटामिन-बी 12 की कमी से हाे सकता है डिप्रेशन

विटामिन-बी 12 की कमी से हाे सकता है डिप्रेशन

Health
शरीर को स्वस्थ रखने में विटामिन और मिनरल्स की खास भूमिका होती है। इनमें से एक है विटामिन-बी12, जो याद्दाश्त बढ़ाने के साथ डिप्रेशन, थकान जैसी समस्याओं से दूर रखता है। जानें इसके बारे में- यह है कामयह कोशिकाओं में मौजूद डीएनए को बनाने के साथ रिपेयर भी करता है। मस्तिष्क, स्पाइनल कॉर्ड की संरचना में इसका खास रोल है। यह प्रोटीन बनाने के अलावा लाल रक्त कोशिकाओं का भी निर्माण करता है। क्या हैं लक्षण हाथ-पैरों में जलन व झनझनाहट, चीजें व बातें याद न रहना, त्वचा पर पीलापन, शरीर में कमजोरी, डिप्रेशन में आना या थकान महसूस करना भी विटामिन-बी12 की कमी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे करें पूर्तिमांसाहारी चीजों में इसकी प्रचुर मात्रा पाई जाती है लेकिन शाकाहारी चीजों जैसे दूध, दही, पनीर, मक्खन, सोया मिल्क, आलू, गाजर, मूली, शलगम व चुकंदर से भी विटामिन-बी12 की कमी पूरी की जा सकती है।यह पानी में घुलनशील विटामिन है
डिप्रेशन बढ़ाता है बेचैनी, पेट-स्किन की समस्या

डिप्रेशन बढ़ाता है बेचैनी, पेट-स्किन की समस्या

Health
युवाओं में बढ़ता डिप्रेशन कई दिक्कतें पैदा करता है। इनमें आर्थराइटिस, पेट से जुड़े रोग, स्किन प्रॉब्लम और बेचैनी शामिल हैं। ब्रसेल्स यूनिवर्सिटी (स्विटरलैंड) में बच्चों और युवाओं में शारीरिक व मानसिक बीमारियों का सम्बंध जानने के लिए यह शोध कराया गया। यह शोध 13 -18 वर्ष के 6,483 किशोरों पर हुआ। शोधानुसार शारीरिक रोगों के इलाज से पहले मानसिक स्थिति भी जानना जरूरी है। डिप्रेशन के नुकसान- डिप्रेशन आपको शारीरिक रूप से भी प्रभावित करता है जिसमें एक व्यक्ति भारी या सुस्त महसूस करने लगता है। कई बार व्यक्ति को परेशानी और बेचैनी भी महसूस होने होती है। - डिप्रेशन के रोगी को अपने डॉक्टर से शारीरिक दर्द के बारे में जरूर बात करनी चाहिए, जैसे- जोड़ों का दर्द या फिर पीठ का दर्द। एक व्यक्ति को दर्द के कारण भी डिप्रेशन की समस्या आ सकती है। यह भी संभव है कि उनके दर्द और मनोदशा का एक ही कारण हो। - डिप्रेशन से
एक्सरसाइज, मेडिटेशन से डिप्रेशन को हरा सकते

एक्सरसाइज, मेडिटेशन से डिप्रेशन को हरा सकते

Punjab
भुट्टा ग्रुप अॉफ कॉलेजिस में मोटिवेशनल टॉक प्रोग्राम का आयोजन किया गया। ब्रह्म कुमारी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सकारात्मक, शक्तिशाली और उद्देश्यपूर्ण सोच विषय के बारे में जानकारी दी गई। कॉलेज के स्टाफ के लिए खासतौर पर ये कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसका मुख्य मकसद लगातार बढ़ रहे स्ट्रेस, कंपीटिशन, डर को खत्म करना था। डॉ. प्रेम मसंद मुख्य प्रवक्ता रहे। जगदीश सिंह गरचा ने सभी मेहमानों का स्वागत किया। डॉ. मसंद ने विश्व मुश्किलों से भरा हुआ है। एेसे में खुद के अंदर शक्ति और पॉजिटिविटी को शामिल कर इन मुश्किलों से पार पाकर आगे बढ़ना जरुरी है। उन्होंने कहा कि जिस ढंग से हम जीवन में जी रहे हैं। वो हमारी खुद के चुनाव और लक्ष्य पर निर्भर करता है। आज के समय में सबसे गंभीर बीमारी है डिप्रेशन जोकि हमारे खुद के डर का नतीजा है। इस डिप्रेशन से लगातार एक्सरसाइज और मेडिटेशन से पार प
हादसे के 5 साल बाद नई थ्योरी- पायलट डिप्रेशन में था, उसने प्लेन क्रैश की रिहर्सल भी की थी

हादसे के 5 साल बाद नई थ्योरी- पायलट डिप्रेशन में था, उसने प्लेन क्रैश की रिहर्सल भी की थी

India
कुआलालंपुर. मलेशिया एयरलाइन की फ्लाइट संख्या एमएच 370 के क्रैश को लेकर बुधवार को बड़ा दावा किया गया। एक रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि इस हादसे के पीछे प्लेन के पायलट कैप्टन जाहिरी अहमद शाह की मानसिक स्थिति जिम्मेदार थी। उनकी पत्नी उन्हें छोड़ गई थी और वे अकेलेपन के शिकार थे। दावा किया जा रहा है कि पायलट की इसी मानसिक स्थिति ने उसे खुदकुशी और विमान में बैठे 238 लोगों की हत्या की योजना बनाने के लिए उकसाया हो।एमएच 370 विमान ने8 मार्च 2014 को कुआलालंपुर से बीजिंग की ओर उड़ान भरी थी। इसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद से अब तक इस विमान हादसे के पीछे की वजह पुख्ता तौर पर सामने नहीं आ पाई है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें प्रतीकात्मक फोटो। Dainik Bhaskar
युवाओं में डिप्रेशन की वजह ऑनलाइन बुलिंग – शोध

युवाओं में डिप्रेशन की वजह ऑनलाइन बुलिंग – शोध

Health
माता-पिता ध्यान दें, जो किशोर ऑनलाइन बुलिंग के शिकार होते हैं उन्हें कम नींद और डिप्रेशन (अवसाद) का सामना करना पड़ता है। एक अध्ययन ने इस बात को लेकर चेताया है। साइबर शिकार और नींद की गुणवत्ता के बीच संबंध का पता लगाने के लिए कुछ अध्ययनों में से एक में बफेलो विश्वविद्यालय की अनुसंधान टीम ने 800 से अधिक किशोरों के बीच ऑनलाइन बुलिंग और अवसाद के बीच संबंधों की जांच की। बफेलो विश्वविद्यालय से पीएचडी के छात्र मिशोल क्वोन ने कहा कि ‘इंटरनेट और सोशल मीडिया पर साइबर उत्पीड़न सहकर्मी उत्पीड़न और किशोरों के बीच एक उभरती मानसिक स्वास्थ्य चिंता का एक अनूठा रूप है। क्वोन ने कहा कि 15 प्रतिशत अमेरिकी हाई स्कूलों के छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से तंग किया जाता है। गंभीर स्तर पर स्कूल में प्रदर्शन से लेकर, रिश्तों में दूरियां और यहां तक की आत्महत्या का कारण भी डिप्रेशन बन सकता है। अमेरिका के किशोर
युवाओं में डिप्रेशन की वजह ऑनलाइन बुलिंग – शोध

युवाओं में डिप्रेशन की वजह ऑनलाइन बुलिंग – शोध

Health
माता-पिता ध्यान दें, जो किशोर ऑनलाइन बुलिंग के शिकार होते हैं उन्हें कम नींद और डिप्रेशन (अवसाद) का सामना करना पड़ता है। एक अध्ययन ने इस बात को लेकर चेताया है। साइबर शिकार और नींद की गुणवत्ता के बीच संबंध का पता लगाने के लिए कुछ अध्ययनों में से एक में बफेलो विश्वविद्यालय की अनुसंधान टीम ने 800 से अधिक किशोरों के बीच ऑनलाइन बुलिंग और अवसाद के बीच संबंधों की जांच की। बफेलो विश्वविद्यालय से पीएचडी के छात्र मिशोल क्वोन ने कहा कि ‘इंटरनेट और सोशल मीडिया पर साइबर उत्पीड़न सहकर्मी उत्पीड़न और किशोरों के बीच एक उभरती मानसिक स्वास्थ्य चिंता का एक अनूठा रूप है। क्वोन ने कहा कि 15 प्रतिशत अमेरिकी हाई स्कूलों के छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से तंग किया जाता है। गंभीर स्तर पर स्कूल में प्रदर्शन से लेकर, रिश्तों में दूरियां और यहां तक की आत्महत्या का कारण भी डिप्रेशन बन सकता है। अमेरिका के किशोर
बेटी शाहीन के डिप्रेशन पर मां सोनी राजदान बोलीं- मुझ पर भी पड़ता है बुरा असर

बेटी शाहीन के डिप्रेशन पर मां सोनी राजदान बोलीं- मुझ पर भी पड़ता है बुरा असर

Entertainment
आलिया भट्ट की बहन शाहीन भट्ट ने डिप्रेशन से अपनी लड़ाई के बारे में हाल ही में खुलकर बात की थी और अब उनकी मां और मशहूर अभिनेत्री सोनी राजदान ने कहा कि वह अपनी बड़ी बेटी के लिए हमेशा परेशान रहा करती थीं... Live Hindustan Rss feed
बेटे को म्यूजिक सीखते देख मनोचिकित्सक ने एक साल में लिखा डिप्रेशन पर गीत

बेटे को म्यूजिक सीखते देख मनोचिकित्सक ने एक साल में लिखा डिप्रेशन पर गीत

Haryana
बेटे को म्यूजिक सीखते देख डॉक्टर भी सिंगर बन गया। मनोचिकित्सक डॉ. दिव्य मंगला ने डिप्रेशन पर गीत लिखा है। इसे बनाने के लिए वे एक साल तक लगे रहे। शनिवार को डिप्रेशन पर बनाए इस गीता गहरी उदासी को लॉन्च किया गया। डॉ. दिव्य मंगला का कहना है कि डिप्रेशन पर बना यह पहला गाना है। इसमें व्यक्ति के डिप्रेशन में आने की वजह और उस द्वारा उठाए जाने वाले कदम के साथ-साथ बचने के रास्ते दिखाए गए। उनका कहना है कि संगीत हर व्यक्ति सुनना चाहता है। देखने में आया है कि जब कोई भी व्यक्ति डिप्रेशन में होता है तो वह गीत सुनकर आराम पाना चाहता है। वहीं समय बदलने से एकल फैमिली हो गई है। इससे वह अपनी बात किसी को शेयर नहीं कर पाता। अगर वह इस गीत को सुने और देखे तो वह डिप्रेशन से बाहर निकल सकता है और गलत कदम उठाने से पीछे हट सकता है। चार मिनट के इस गीत की वीडियो रिकॉर्डिंग लॉन्च की गई। डॉक्टर ने बताया