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Tag: डॉक्टरों

डॉक्टरों ने फिल्म ‘मेंटल है क्या’ को लेकर जताया विरोध

डॉक्टरों ने फिल्म ‘मेंटल है क्या’ को लेकर जताया विरोध

Delhi
नई दिल्ली| जल्द ही रिलीज होने वाली फिल्म ‘मेंटल है क्या’ का सिनेमाघरों में आने से पहले विरोध होना शुरू हो गया है। फिल्म के टाइटल के विरोध में डॉक्टर खड़े हुए हैं। इनका कहना है कि टाइटल में जो ‘मेंटल’ नामक शब्द है और जो कहने का अन्दाज है वह मानसिक रोग की परेशानियां झेल रहे लोगों की हंसी उड़ाता है। फिल्म के टाइटल और पोस्टर को निर्माता से वापस लेने की अपील की है। राइट ऑफ परसंस विद डिसएबिलिटी एक्ट का सेक्शन-92 कहता है किसी भी प्रकार की विकलांगता/दिव्यांगता से ग्रस्त व्यक्ति को खुले आम शर्मिंदा करना अपराध है। इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. मृगेश वैष्णव का कहना मानसिक रूप से परेशान लोगों के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ शांतनु सेन का कहना है दुनिया के सारे देश मानसिक रोगों से जुड़े कलंक (स्टिग्मा) से आज भी जूझ रहे हैं। Download Dai
दुर्लभ बीमारी: आठ साल के बच्चे के पेट से निकाला तीन किलो का भ्रूण, डॉक्टरों ने समझी थी गांठ

दुर्लभ बीमारी: आठ साल के बच्चे के पेट से निकाला तीन किलो का भ्रूण, डॉक्टरों ने समझी थी गांठ

Rajasthan
चुरू (राजस्थान). चुरू केगांव मूंदड़ा के जगदीश मेघवाल के आठ साल के बेटे दिनेश के पेट में भ्रूण होने का चौंका देने वाला वाकया सामने आया है। पं. दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल कॉलेज से जुड़े राजकीय डीबी अस्पताल में मंगलवार को सर्जरी के जरिए भ्रूण निकाला गया। इससे पहले बच्चे के पेट में भ्रूण देख डॉक्टरों के भी होश उड़ गए थे। भ्रूण अर्द्ध विकसित औरमृत था, जो पेट में (ट्यूमर) गांठ की तरह दिख रहा था। हालात ये थे कि बच्चे का पेट काफी ज्यादा फूला हुआ था। ऐसा केस पांच लाख बच्चों में से एक में पाया जाता है।दिनेश दूसरी कक्षा का छात्र है। पेट में परेशानी होने पर बच्चे की सोनोग्राफी व सीटी स्कैन करवाया गया। ट्यूमर जैसे दिख रही गांठ के अंदर हडि्डयां, बाल, कोशिकाएं व एक बच्चे के विकसित होने वाली कोशिकाएं और सभी अंग दिखे तो डॉक्टर भी दंग रह गए। डॉक्टरों ने तुरंत तय किया कि बच्चे का ऑपरेशन करके पे
हुई अजीबो-गरीब बीमारी, पत्थर बन रहा था इस शख्स का दिल; डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बचाई जान

हुई अजीबो-गरीब बीमारी, पत्थर बन रहा था इस शख्स का दिल; डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बचाई जान

Health
पत्थर दिल इंसान की कहावत तो आपने सुनी होगी मगर किसी का दिल हकीकत में पत्थर बन रहा हो यह देखा कभी नहीं होगा। कार्डियोलॉजी में जब ऐसा मामला पहुंचा तो डॉक्टर हैरत में पड़ गए। मिशन कठिन था पर डॉक्टरों ने... Live Hindustan Rss feed
दो डॉक्टरों के सहारे चल रहा उचाना अस्पताल, रात काे नहीं हाेती किसी डॉक्टर की ड्यूटी, लोगों को परेशानी

दो डॉक्टरों के सहारे चल रहा उचाना अस्पताल, रात काे नहीं हाेती किसी डॉक्टर की ड्यूटी, लोगों को परेशानी

Haryana
बेशक नागरिक अस्पताल में 2 एसएमओ समेत डाॅक्टराें के 18 पद यहां पर स्वीकृत हों लेकिन उचाना का अस्पताल सिर्फ दाे डॉक्टरों के सहारे चल रहा है। नवंबर के बाद से ही यहां पर रात को किसी डॉक्टर की ड्यूटी नहीं है। एेसे में अगर रात को किसी मरीज काे सरकारी अस्पताल में जाना पड़ जाए तो वहां पर उपचार नहीं हो सकता है। यहां पर पूरी तरह स्वास्थ्य सेवाएं रामभरोसे चल रही है। लाेगाें की अाेर से रात को डॉक्टरों की ड्यूटी लगाए जाने की मांग की जाती रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों के पद रिक्त होने का हवाला देकर यहां पर कार्यरत दो डॉक्टरों की ड्यूटी जींद सिविल अस्पताल के इमरजेंसी में लगी हे। अस्पताल के अधीन आने वाले गांंवों में की कुल अाबादी करीब दो लाख है। नवंबर में ही नेत्र सहायक का तबादला भी हो चुका है। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए रिपोर्ट करवाने के लिए लोगों को अब नरवाना या जींद जा
डॉक्टरों की लापरवाही ने 70 साल के बुजुर्ग को बना दिया अपंग: करना था दाएं पैर का इलाज, काट दिया बायां पैर

डॉक्टरों की लापरवाही ने 70 साल के बुजुर्ग को बना दिया अपंग: करना था दाएं पैर का इलाज, काट दिया बायां पैर

Rajasthan
जयपुर. शहर के प्रतापनगर में स्थित नारायणा मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में डॉक्टरों की लापरवाही ने 70 साल के बुजुर्ग को अपंग बना दिया। जयसिंहपुरा खोर निवासी राजाराम मीणा के दाएं पैर की अंगुली में घाव था। डॉक्टरों ने दाएं पैर की एंजियोप्लास्टी व एंजियोग्राफी कर बैलून लगा दिया। इस बीच, मरीज के बाएं पैर में दर्द शुरू हो गया, लेकिन डाॅक्टर ने इसे सामान्य प्रक्रिया बताया और दो दिन बाद छुट्टी दे दी। घर जाने पर भी राजाराम के बाएं पैर का दर्द कम नहीं हुआ। परिजन उन्हें लेकर वापस अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसका बायां पैर ही काट दिया।दाएं पैर का करना था इलाज, लेकिन हद तो देखिए सही-सलामत बायां पैर काट डालामामले को लेकर राजाराम के बेटे मुकेश ने डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। मुकेश मीणा का आरोप है कि उनके पिता को दाएं पैर के इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, लेकिन उसका इलाज करने क
होम्योपैथिक डॉक्टरों ने सिविल अस्पताल में लगाए पौधे

होम्योपैथिक डॉक्टरों ने सिविल अस्पताल में लगाए पौधे

Punjabi Politics
तरनतारन | श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को लेकर होम्योपैथिक डॉक्टरों की टीम की ओर से जिला तरनतारन के सिविल अस्पताल में बेर के पौधे लगाए गए। इस दौरान साबका जिला होम्योपैथी अधिकारी डॉ. इंदरजीत सिंह संधा ने बेर के पौधे की जानकारी दी। उन्हाेंने कहा कि बेर एक ऐसा पौधा है जो खून को साफ करता है और पेट की बीमारियों को भी दूर करता है। इस पौधे का यह भी फायदा है कि इसको बहुत कम पानी की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि अगर किसान इस पौधे की खेती करें तो उन्हें इस पौधे की खेती करने के लिए बहुत कम पानी की जरूरत पड़ेंगी और उनके लिए यह खेती फायदेमंद भी साबित होगी। इस मौके पर परवेश कुमार, हरिंदर सिंह, मनिंदर सिंह, रेशम सिंह, हरजीत कौर, राजेश कुमार मौजूद थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Tarantaran News - homeopathic
दिल्ली सरकार के 5 अस्पतालों में डॉक्टरों के 407 पद खाली, पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ भी कम

दिल्ली सरकार के 5 अस्पतालों में डॉक्टरों के 407 पद खाली, पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ भी कम

Delhi
रविवार को पूरी दुनिया में विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाएगा। मगर दिल्ली सरकार के अस्पतालों में डॉक्टरों की बड़ी किल्लत है, जिसके चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। 5 बड़े अस्पतालों में ही डॉक्टरों के 407 पद खाली हैं। इसके अलावा अन्य स्टाफ की भी बड़ी कमी है। वहीं देशभर में 0-15 साल की उम्र के 53 फीसदी बच्चे एनीमिया के शिकार हैं। यह खुलासा एक निजी लैब के सर्वे में हुआ है। सरकार की ओर से हाल ही में हाईकोर्ट को सौंपी स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक लोकनायक अस्पताल में डॉक्टरों (नॉन टीचिंग) के 41, पैरामेडिकल स्टाफ के 15 और नॉन मेडिकल स्टाफ के 229 पद खाली हैं। जीबी पंत में डॉक्टरों के 159 पद खाली हैं। नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के 199 और नॉन मेडिकल स्टाफ के 233 पद खाली पड़े हैं। जीटीबी अस्पताल में डॉक्टरों के 84 पद खाली हैं। पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ के कुल 488 पद लंबे सम
डायबिटीज से निपटने को डॉक्टरों ने खोजी यह तकनीक, जानें इसके बारे में

डायबिटीज से निपटने को डॉक्टरों ने खोजी यह तकनीक, जानें इसके बारे में

Health
ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एआई तकनीक से कृत्रिम अग्नाशय बनाया है जो मधुमेह रोगियों के लिए इंसुलिन खुराक में सुधार कर सकता है। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि दुनिया में पहली बार इस प्रकार के अग्नाशय... Live Hindustan Rss feed
डॉक्टरों ने दिए सुरक्षित होली मनाने के टिप्स

डॉक्टरों ने दिए सुरक्षित होली मनाने के टिप्स

Punjabi Politics
डॉक्टरों ने दिए सुरक्षित होली मनाने के टिप्स हेल्थ रिपोर्टर| लुधियाना केमिकल युक्त और नकली रंगों के कारण होली पर लगभग हर साल बच्चों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। खासकर दमा और एलर्जी से पीड़ित बच्चों के लिए यह त्योहार काफी कठिनाइयां लेकर आता है। इसी कारण डॉक्टरों ने बच्चों को इन रंगों से बचाने और सुरक्षित होली मनाने के टिप्स दिए। डीएमसीएच में डर्मेटोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और हेड डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुखजोत कौर, असिस्टेंट प्रोफेसर विदुषी मल्होत्रा और डॉ. जसप्रिया सांध ने कहा कि होली के लिए इस्तेमाल होने वाले अधिकतर रंगों में केमिकल के साथ कांच का पाउडर भी मिक्स किया जाता है, जो स्किन को काफी नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि होली पर सब्जियों के रंगों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए और होली खोलने से पहले शरीर पर मॉस्चराइजर और लोशन का इस्तेमाल कि
गर्भ में शिशु का ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी

गर्भ में शिशु का ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी

Health
गर्भ में जटिल बीमारी से पीडि़त बच्ची का लंदन के यूनिवर्सिटी कॉलेज हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने गर्भ में ही ऑपरेशन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इंग्लैंड की रहने वाली 26 वर्षीय एक महिला अपने होने वाले बच्चे को लेकर काफी उत्साहित थी। 20वें हफ्ते में सोनोग्राफी जांच हुई तो पता चला कि गर्भ में पल रही बच्ची को ‘स्पाइना बिफिडा’ नाम की जन्मजात जटिल बीमारी है। इसमें रीढ़ की हड्डी और उससे जुड़ी मेरुदंड का विकास नहीं हुआ था। इस स्थिति को देखने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि गर्भपात करना होगा, या बच्चे के जन्म के बाद लंबा इलाज कराना पड़ेगा या गर्भ में ऑपरेशन करना पड़ेगा। महिला की रजामंदी के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन से तकलीफ को दूर कर दिया। ऑपरेशन के बाद महिला ने कहा कि वे किसी हालत में अपने बच्चे को नहीं खोना चाहती थी क्योंकि उन्होंने उसे किक मारते हुए महसूस किया था और मुझे लगता था कि वे ठीक हो