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Tag: डॉक्टर

डॉक्टर के दफ्तर में पड़ी तीन मोहरें चुराईं

डॉक्टर के दफ्तर में पड़ी तीन मोहरें चुराईं

Punjab
लुधियाना| सिविल अस्पताल के डॉक्टर के ऑफिस में पड़ी जरूरी मोहरें चोरी हो गईं। अगली सुबह जब स्टाफ को चोरी का पता चला तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया। डॉक्टर के नाम, अमरनाथ यात्रा और ऑपरेशन के टेस्ट कराने समेत तीन मोहरें गायब थी। डिवीजन दो पुलिस ने सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. गीता कटारिया की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। हेड कांस्टेबल सेवा सिंह ने बताया कि डॉ. मिलन वर्मा सिविल अस्पताल में सर्जन हैं। वह अस्पताल के रूम नंबर 103 में बैठते हैं। डॉ. गीता के अनुसार मिलन वर्मा ऑफिस में मौजूद नहीं थे। इसी दौरान किसी ने रूम में घुसकर मोहरें चुरा ली। अगले दिन जब स्टाफ पहुंचा तो चेक करने पर वारदात का पता चला। जबकि असलियत में रूम में डॉक्टर के मौजूद न होने पर वहां पर सुरक्षा के लिहाजा से कोई भी सिक्योरिटी गार्ड और स्टाफ मेंबर नहीं था। इसके चलते रूम का गेट, अलमारी और खिड़की खुली थी। इसका फायद
लुधियाना| मॉडल ग्राम इलाके में पीएयू से रिटायर्ड डॉक्टर के

लुधियाना| मॉडल ग्राम इलाके में पीएयू से रिटायर्ड डॉक्टर के

Punjab
लुधियाना| मॉडल ग्राम इलाके में पीएयू से रिटायर्ड डॉक्टर के घर नौकरानी ने फंदा लगाकर जान दे दी। बच्चों ने मां का शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची चौकी कोचर मार्केट पुलिस ने मृतका राज कुमारी (37) के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रख दिया। फिलहाल परिजनों के आने के बाद पुलिस आगे कार्रवाई करेगी। जांच अफसर एएसआई दविंदर सिंह ने बताया कि राज कुमारी के तीन बेटे हैं। उसका पति बुद्धराम यूपी में मजदूरी करता है। जबकि पिछले 4 सालों से राज कुमारी अपने बच्चों के साथ 84 साल के डॉक्टर के घर रहती थी, जोकि बोल नहीं सकते। डॉक्टर के बच्चे विदेश में रहते हैं और बुजुर्ग की देखभाल के लिए राजकुमारी को रखा था। शनिवार सुबह राज कुमारी घर की छत पर गई और वहां बने कमरे में जाकर कपड़े के सहारे फंदा लगा लिया। उसके बेटे जब उसे तलाशते हुए छत पर पहुंचे तो वहां शव लटक रहा था। पुलिस के मु
मुखर्जी नगर में बुजुर्ग डॉक्टर की रहस्यमय हालात में हुुई मौत

मुखर्जी नगर में बुजुर्ग डॉक्टर की रहस्यमय हालात में हुुई मौत

Delhi
यहां मुखर्जी नगर एरिया में पेशे से डॉक्टर विपिन बजाज (60) की रहस्यमय हालात में मौत हो गई। मंगलवार सुबह 7ः30 बजे वह घर के पीछे वाली गली में खून से लथपथ हालत में मिले। पुलिस ने सूचना मिलने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया। शुरुआती जांच में पुलिस ने लूट की आंशका से मना किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद क्लियर होगा कि डॉक्टर की मौत एक हादसा है या फिर हत्या। पुलिस के मुताबिक विपिन कार्डियोलॉजी डॉक्टर थे जो परिवार के साथ मुखर्जी नगर में बत्रा सिनेमा के पास रहते थे। इस डॉक्टर ने लम्बे वक्त से प्रैक्टिस छोड़ रखी थी। उनके सिर में काफी गहरी चोट लगी मिली। ये भी संभावना है कि वह गली में जाते वक्त गिर जाने के कारण मर गए। या फिर बदमाशों ने हमला किया हो। हाथ पैर में चोट के निशान मिले हैं। परिवार में प|ी और बेटी है। घर के पीछे का रास्ता गली की तरफ निकलता है। घर से अचान
Poisonous Liquor Tragedy: 33 घंटे, नौ डॉक्टर, 90 लाशों का पोस्टमार्टम

Poisonous Liquor Tragedy: 33 घंटे, नौ डॉक्टर, 90 लाशों का पोस्टमार्टम

India
सहारनपुर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.एसके वार्ष्णेय टूथब्रश कर रहे थे। ईएमओ डॉ. कुणाल जैन का फोन आया। बोले, सर जल्दी अस्पताल आ जाइये। एसएसपी भी आए हैं। यहां कोई शराब कांड हो गया है। तुरंत ही ट्रैक सूट... Live Hindustan Rss feed
कम्प्यूटर विजन सिंड्रोम में डॉक्टर की सलाह से लें उपचार

कम्प्यूटर विजन सिंड्रोम में डॉक्टर की सलाह से लें उपचार

Health
कम्प्यूटर विजन सिंड्रोम आंखों से जुड़ी एक ऐसी समस्या है जो कि घंटों लगातार लैपटॉप या कम्प्यूटर के सामने बैठने से होती है। इसका समय पर इलाज न हो तो दृष्टि दोष की समस्या हो सकती है। कारण :कम्प्यूटर रूम में सुनियोजित प्रकाश की व्यवस्था न होना, स्क्रीन के ज्यादा नजदीक बैठना, कम्प्यूटर के सामने अत्यधिक प्रकाश वाले बल्ब का उपयोग करना या लैपटॉप पर काम करते समय फोंट काफी छोटा रखने की वजह से कम्प्यूटर विजन सिंड्रोम की समस्या हो सकती है। लक्षण :आंखों में दर्द के साथ लालिमा, सूखापन, आंखों के नीचे घेरे बनना, दोहरा दिखाई देना, विभिन्न रंगों में फर्क न कर पाना, सामान्य और तेज प्रकाश के सामने आंखों का चौंध जाना, गर्दन में दर्द, सिरदर्द और असमय कमरदर्द होना। होम्योपैथी चिकित्सा कम्प्यूटर विजन सिंड्रोम और इससे होने वाली अन्य समस्याओं से निजात पाने के लिए प्रभावी हो सकती है। आइए जानते हैं इसमें प्रयोग होने
यहां प्रसूताएं बिलखती रहती हैं, परिजन हाथ जोड़े खड़े रहते हैं…, और सफाईकर्मी ‘डॉक्टर’ बनकर आ जाते हैं, यहां प्रसूताओं को अपनी ड्रिप की बोतल खुद ही अपने हाथों से संभालनी पड़ती है

यहां प्रसूताएं बिलखती रहती हैं, परिजन हाथ जोड़े खड़े रहते हैं…, और सफाईकर्मी ‘डॉक्टर’ बनकर आ जाते हैं, यहां प्रसूताओं को अपनी ड्रिप की बोतल खुद ही अपने हाथों से संभालनी पड़ती है

Rajasthan
जयपुर (Jaipur Rajasthan News). 13 जिलों में भास्कर टीम ने लेबर रूम की हकीकत जानने के लिए वहां 10-10 घंटे तक बिताए। कई-कई घंटों तक अस्पताल के लेबर रूम और वहां के हालात की रिकॉर्डिंग की। हमारी टीम ने 28 दिन तक 1500 किलोमीटर से ज्यादा सफर तय कर शहरी, ग्रामीण, पहाड़ी और आदिवासी इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों के हालात जाने। इस दौरान महिला सहयोगियों बाल व महिला चेतना समिति (भीलवाड़ा) की अध्यक्ष तारा अहलुवालिया और अनिता कुमावत ने लेबर रूम के भीतर के हालात पर नजर रखी।बाहर की व्यवस्थाओं पर नजर भास्कर रिपोर्टर्स ने रखी। कई जगह भास्कर टीम प्रसूताओं और परिजनों को विश्वास में लेकर उनके परिजन बनकर भी लेबर रूम तक पहुंची। कई जगह दर्द से कराहती प्रसूताएं हमारी सहयोगी तारा अहलुवालिया को ही अस्पताल का स्टाफ समझ बैठी। वे उन्हीं से दर्द से निजात दिलाने की गुहार लगाती रही। प्रसव के पहले और बाद म
ईमानदारी की मिसाल बनकर 26 जनवरी को कराया सम्मान, अब स्टिंग में फंसा डॉक्टर

ईमानदारी की मिसाल बनकर 26 जनवरी को कराया सम्मान, अब स्टिंग में फंसा डॉक्टर

Rajasthan
नागौर, राजस्थान। नागौर के आदर्श हॉस्पिटल कहे जाने वाले PHC के मेडिकल ऑफिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें वे डिलीवरी के बाद एक गरीब प्रसूता के परिजन से 2000 रुपए की रिश्वत लेते दिखाई दे रहे हैं। शर्मनाक बात यह है कि ईमानदारी और समाजसेवा की मिसाल बताने वाले डॉक्टर को 26 जनवरी पर कलेक्टर ने सम्मान किया था।-जानकारी के मुताबिक, मेडिकल ऑफिसर हरिवंद्र पैसे लेकर जेब में रखते वीडियो में कैप्चर हुए हैं। प्रसूता के परिजनों के मुताबिक, डॉक्टर साब पहले भी रिश्वत मांगते रहे हैं। लेकिन उनके पास कोई ठोस सबूत नहीं था। इस बार वीडियो बना लिया गया। मामले की शिकायत सीनियर अधिकारियों से की गई है।-उधर, डॉक्टर ने तर्क दिया कि, उसने यह पैसे प्रसव पूर्व अपने घर पर इलाज के लिए हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today doctor w
ऑपरेशन के बाद से ही महिला के पेट में था दर्द, दोबारा हॉस्पिटल पहुंची और कराया चेकअप, तो रिपोर्ट देखकर डॉक्टर भी रह गए दंग

ऑपरेशन के बाद से ही महिला के पेट में था दर्द, दोबारा हॉस्पिटल पहुंची और कराया चेकअप, तो रिपोर्ट देखकर डॉक्टर भी रह गए दंग

India
हैदराबाद. तेलंगाना के एक हॉस्पिटल में मेडिकल लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। यहां पर 33 साल की महिला के पेट का ऑपरेशन किया गया। पर डॉक्टर इस दौरान मरीज के पेट में अपना औजार ही रखकर भूल गए। ऑपरेशन के बाद महिला ने पेट में हमेश दर्द रहने लगा तो महिला तीन महीने बाद दोबारा अस्पताल गई। यहां जब चेकअप किया गया, तब एक्सरे में इस दर्द की वजह सामने आई।डॉक्टर पेट में भूला औजार- मामला हैदराबाद के नामी निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस का है, जहां एक महिला ने पेट का ऑपरेशन कराया था। हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के कुछ दिन बाद ही उसे पेट में फिर दर्द रहने लगा।- ऑपरेशन के करीब 3 महीने बाद महिला फिर हॉस्पिटल में पेट दर्द की शिकायत लेकर लौटी, जहां दोबारा उसका चेकअप और एक्स-रे किया गया। - इसके बाद रिपोर्ट में दर्द की असल वजह पकड़ में आई। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर्स का सर्जिकल टूल महिला के
आरएमएल : महिला डॉक्टर की खुदकुशी को लेकर वहीं के 3 डॉक्टरों पर केस दर्ज

आरएमएल : महिला डॉक्टर की खुदकुशी को लेकर वहीं के 3 डॉक्टरों पर केस दर्ज

Delhi
राम मनोहर लोहिया अस्पताल की महिला डॉक्टर पूनम वोहरा (52) की मौत के मामले में केस दर्ज हो गया है। इस बाबत खुदकुशी के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज हुआ है, जिसमें सुसाइड नोट में लिखे गए तीनों डॉक्टर के नाम शामिल हैं। इनमें एक महिला डॉक्टर है। आने वाले दिनों में इन तीनों डॉक्टर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पुलिस उन्हें पूछताछ में शामिल करने के लिए नोटिस देकर बुलाएगी। महिला के शव का पोस्टमार्टम अभी नहीं हो सका है। उसके भाई के विदेश से लौटने का इंतजार है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को इस सुसाइड केस में नार्थ एवेन्यू थाने में खुदकुशी के लिए उकसाने की धारा के तहत केस दर्ज किया गया। महिला डॉक्टर के पति चिरंजीव के बयान और मौके पर मिले दो लाइन के नोट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन पर महिला डॉक्टर ने प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। इनमें रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ.
प्रिंसिपल व्हीलचेयर पर समझाने आईं, पर नहीं माने रेजिडेंट्स डॉक्टर

प्रिंसिपल व्हीलचेयर पर समझाने आईं, पर नहीं माने रेजिडेंट्स डॉक्टर

Punjabi Politics
डॉक्टरों को प्रिंसिपल डॉ. सुजाता शर्मा व्हीलचेयर पर समझाने पहुंचीं। इसके बावजूद उन्होंने प्रदर्शन जारी रखा। भास्कर न्यूज | अमृतसर गुरु नानक देव अस्पताल में रविवार को दो महिला रेजिडेंट्स के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की तरफ से की गई टिप्पणी को लेकर विरोध पर उतरे रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल बुधवार को भी जारी रही। “रेजिडेंट डॉक्टर ऑफ पंजाब’ की अगुवाई में रेजिडेंट ने पहले गुरु नानक देव अस्पताल और फिर सरकारी मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल ऑफिस के बाहर धरना देकर प्रिंसिपल तथा एमएस के खिलाफ नारेबाजी की। उनको मनाने के लिए अस्पताल में दाखिल प्रिंसिपल डॉ. सुजाता शर्मा व्हीलचेयर के जरिए उनको मनाने पहुंचीं, लेकिन वह एमएस को हटाने की मांग पर अड़े रहे। प्रिंसिपल ने विरोध छोड़ने की अपील की प्रिंसिपल डॉ. सुजाता शर्मा बीमार हैं। रेजिडेंट की हड़ताल के कारण वह अपने पति डॉ.