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Tag: डॉक्टर

2 साल की पोती की जान से दादा ने किया खातरनाक खिलवाड़, बच्ची को दर्द हुआ तो उसके पेट पर रख दिया गर्म तार, फिर मासूम की बॉडी में ऐसा संक्रमण फैला कि अब उसे डॉक्टर भी नहीं बचा सके

2 साल की पोती की जान से दादा ने किया खातरनाक खिलवाड़, बच्ची को दर्द हुआ तो उसके पेट पर रख दिया गर्म तार, फिर मासूम की बॉडी में ऐसा संक्रमण फैला कि अब उसे डॉक्टर भी नहीं बचा सके

Rajasthan
भीलवाड़ा (राजस्थान)।अंधविश्वास में लाेग मासूमाें की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। 11 दिन पहले डांव लगाने से तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराई गई दो साल की लक्ष्मी ने दम तोड़ दिया है। अब तक गंगरार पुलिस यह जानने में नाकाम रही है कि डांव किसने लगाया? माैत की जानकारी बाल कल्याण समिति काे देना भी जरूरी नहीं समझा।गंगरार के मोती बुकंण खेड़ा की लक्ष्मी काे पेट दर्द व सांस की तकलीफ थी। उसके दादा कालू ऊंट चराने वाले से बालिका के पेट पर गर्म तार से डांव लगा दिया। तबीयत में सुधार नहीं होने पर 12 अप्रैल को उदयपुर रैफर किया। परिजन उसे लेकर रवाना हुए और रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।सवाल; 11 दिन बाद भी परिजनों से हुलिया पूछकर आरोपी नहीं ढूंढ़ाजांच अधिकारी गंगरार थाने के हैड कांस्टेबल शैतान सिंह का कहना है कि परिजनाें ने मौत की जानकारी पुलिस को नहीं दी इसलिए पोस्टमार्टम नहीं हो सका
डॉक्टर से फोन पर बात कर CRPF जवान ने बचाई चुनाव अधिकारी की जान

डॉक्टर से फोन पर बात कर CRPF जवान ने बचाई चुनाव अधिकारी की जान

India
चुनाव अधिकारी की तबीयत बिगड़ने पर सीआरपीएफ जवान की तत्परता की चर्चा जोरों पर है। सीआरपीएफ जवान चुनाव अधिकारी के लिए देवदूत साबित हुआ है। बीते गुरुवार को जम्मू कश्मीर में हुए मतदान के दौरान... Live Hindustan Rss feed
प्रज्ञा पर बयान देने आए जीवीएल पर डॉक्टर ने जूता फेंका, जीवीएल बोले-ये कांग्रेसी है…

प्रज्ञा पर बयान देने आए जीवीएल पर डॉक्टर ने जूता फेंका, जीवीएल बोले-ये कांग्रेसी है…

Delhi
फोटो स्कैन करें और वीडियो देखें नई दिल्ली | भाजपा महासचिव जीवीएल नरसिम्हा राव गुरुवार दोपहर भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। तभी कानपुर के डॉक्टर शक्ति भार्गव ने उन पर जूता फेंक दिया। पुलिस ने शक्ति को पूछताछ के बाद छोड़ दिया। जूता कांड रिटर्न्स... आरोपी का अस्पताल है। माता-पिता उसे बेदखल कर चुके हैं। उसका अपहरण भी हुआ था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today New Delhi News - gvl came out to give a statement on intelligence the doctor threw shoe said gvl it is a congressman New Delhi News - gvl came out to give a statement on intelligence the doctor threw shoe said gvl it is a congressman New Delhi News - gvl came out to give a statement on
डॉक्टर से मारपीट पर अस्पताल को दर्ज करानी होगी एफआईआर

डॉक्टर से मारपीट पर अस्पताल को दर्ज करानी होगी एफआईआर

Delhi
नई दिल्ली| दिल्ली के सरकारी अस्पताल परिसर में डॉक्टर के साथ मारपीट होने पर चिकित्सा अधिकारी/प्रबंधन को एफआईआर दर्ज कराना होगा। अस्पताल डॉक्टर को एफआईआर दर्ज कराने नहीं भेज सकेंगे। इस संबंध में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव संजीव खिरवार ने निर्देश जारी कर दिए है। इस आदेश में सभी अस्पताल और इंस्टीट्यूशन के एचओडी को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पताल परिसर में डॉक्टर या स्टाफ के साथ मरीज या उसके परिजनों द्वारा मारपीट या दुर्व्यवहार पर एफआईआर दर्ज कराने की जिम्मेदारी संबंधित अस्पताल के एचओडी की होगी। इसमें साफ लिखा है कि अस्पताल प्रबंधन डॉक्टर/पैरामेडिकल स्टाफ/नर्सिंग या प्रशासनिक स्टाफ को अकेले एफआईआर या शिकायत देने नहीं भेज सकता। आदेश के अनुसार कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अस्पताल के एचओडी/एमएस जिम्मेदार होंगे। वहीं, आदेश का दिल्ली मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. अर
उचाना अस्पताल में 1 साल से नहीं है महिला डॉक्टर

उचाना अस्पताल में 1 साल से नहीं है महिला डॉक्टर

Haryana
बीते एक साल से नागरिक अस्पताल में महिला डॉक्टर न होने के चलते मरीजों को परेशानी हो रही है। महिलाओं को जींद, नरवाना नागरिक अस्पताल के अलावा प्राइवेट क्लीनिकों में जाना पड़ रहा है। महिलाओं ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि नागरिक अस्पताल में महिला डॉक्टर की नियुक्ति की जाए। ताकि जींद, नरवाना महिलाओं को न जाना पड़े। महिला डॉक्टर जाने के बाद यहां पर गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी की संख्या भी कम हो रही है। हर रोज 150 से अधिक ओपीडी अस्पताल में महिलाओं की होती है। यहां पर महिला मरीजों को डॉक्टर न होने से जींद, नरवाना जाना पड़ रहा है। नवंबर 2017 से लेकर मार्च 2018 तक यहां पर महिला डॉक्टर की नियुक्ति हुई थी। हर महीने 150 के आसपास गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी होने लगी थी। महिला डॉक्टर के जाने के बाद यहां पर अब 30 से 35 गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी हो रही है। बबीता, संतरो, रामरति अाैर
सनौर में डॉक्टर अंबेडकर के जन्मदिवस पर निकाली रैली

सनौर में डॉक्टर अंबेडकर के जन्मदिवस पर निकाली रैली

Punjab
वाल्मीकि भाईचारा और रविदास भाईचारे ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के जन्मदिवस पर मोटरसाइकिल रैली निकाली। रैली सनौर के मुख्य बाजार से होते हुए वाल्मीकि मंदिर में आकर समाप्त हुई। इस मौके पर भाईचारे के लोगों ने बताया कि पहली बार रैली निकाली गई है। बाबा साहेब को याद करते हुए कई स्थानों पर लंगर भी लगाए गए। रैली में परमजीत सिंह, बिट्टू संग्गर, राज कुमार, अश्विनी कुमार, गुरुदयाल सिंह, परमिंदर, परमजीत, बलवीर सिंह, लखविंदर सिंह, नंद लाल, जगमेल के साथ वाल्मीकि भाईचारे व रविदास भाईचारे के मेंबर रहे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dainik Bhaskar
आरएमपी डॉक्टर पर गांव की महिलाओं पर भद्दी टिप्पणी करने का आरोप लगा

आरएमपी डॉक्टर पर गांव की महिलाओं पर भद्दी टिप्पणी करने का आरोप लगा

Punjabi Politics
मोगा.रंजिश निकालने के लिए एक व्यक्ति द्वारागांव की कुछ महिलाओं को एक क्लीनिक डाॅक्टरके पास भेजा गया औरगलत आरोप लगाकर मारपीट की गई। साथ ही क्लीनिक में तोड़फोड़ करने व उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।शिकायत कीपुलिस ने आरएमपी डॉक्टर की शिकायत पर छह नामजद लोगों समेत कुछ अज्ञात महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। थाना सदर के एएसआई जगसीर सिंह ने बताया कि मोगा के नगर निवासी आरएमपी डॉक्टर बलवीर सिंह ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वह लगभग 25 सालों से गांव रतिंयां में क्लीनिक चला रहा है।किस बात पर हुआ विवादडॉक्टर ने बतायाउसने कुछ समय पहले गांव में मकान बनाया था। जबकि घर के आगे सड़क नीची होने के चलते लगभग पांच महीने पहले मिट्टी डालकर लेवल को ठीक किया था। उसी दिन रात को अचानक बारिश आने के चलते पानी में मिटटी बह गई और कीचड हो गया। ऐसे में गांववासी कमलजीत कौर नामक
डोनेट किए स्पर्म को अपने स्पर्म से बदल देता था डॉक्टर, 49 बच्चों के पिता बनने का खुलासा

डोनेट किए स्पर्म को अपने स्पर्म से बदल देता था डॉक्टर, 49 बच्चों के पिता बनने का खुलासा

India
एम्सटर्डम. नीदरलैंड में एक डॉक्टर के बारे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यहां एक डॉक्टर अपने क्लीनिक पर दूसरों के द्वारा डोनेट किए गए स्पर्म से अपने स्पर्म को बदल देता था। इस तरह वह आईवीएफ तकनीक से करीब 49 बच्चों का पिता बना। डॉक्टर जन करबात की 2017 में मौत हो गई। उसका क्लीनिक भी अनियमितताओं और अन्य गैरकानूनी काम करने के चलते 2009 में ही बंद कर दिया गया। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें डॉक्टर जन करबात। Dainik Bhaskar
दो डॉक्टरों के सहारे चल रहा उचाना अस्पताल, रात काे नहीं हाेती किसी डॉक्टर की ड्यूटी, लोगों को परेशानी

दो डॉक्टरों के सहारे चल रहा उचाना अस्पताल, रात काे नहीं हाेती किसी डॉक्टर की ड्यूटी, लोगों को परेशानी

Haryana
बेशक नागरिक अस्पताल में 2 एसएमओ समेत डाॅक्टराें के 18 पद यहां पर स्वीकृत हों लेकिन उचाना का अस्पताल सिर्फ दाे डॉक्टरों के सहारे चल रहा है। नवंबर के बाद से ही यहां पर रात को किसी डॉक्टर की ड्यूटी नहीं है। एेसे में अगर रात को किसी मरीज काे सरकारी अस्पताल में जाना पड़ जाए तो वहां पर उपचार नहीं हो सकता है। यहां पर पूरी तरह स्वास्थ्य सेवाएं रामभरोसे चल रही है। लाेगाें की अाेर से रात को डॉक्टरों की ड्यूटी लगाए जाने की मांग की जाती रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों के पद रिक्त होने का हवाला देकर यहां पर कार्यरत दो डॉक्टरों की ड्यूटी जींद सिविल अस्पताल के इमरजेंसी में लगी हे। अस्पताल के अधीन आने वाले गांंवों में की कुल अाबादी करीब दो लाख है। नवंबर में ही नेत्र सहायक का तबादला भी हो चुका है। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए रिपोर्ट करवाने के लिए लोगों को अब नरवाना या जींद जा
डॉक्टर पर छह माह के बच्चे को थप्पड़ मारने का आरोप, 4 घंटे ठप रही ओपीडी

डॉक्टर पर छह माह के बच्चे को थप्पड़ मारने का आरोप, 4 घंटे ठप रही ओपीडी

Delhi
ईस्ट दिल्ली स्थित बच्चों के अस्पताल चाचा नेहरू में शुक्रवार को दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा। डॉक्टरों और मरीज के बीच हुई कहासुनी के चलते अस्पताल का कामकाज 4 घंटे तक प्रभावित रहा। इस दौरान मरीजों को काफी परेशानी का भी सामना करना पड़ा। हालांकि देर शाम डॉक्टर काम पर वापस लौट आए थे। दरअसल एक डॉक्टर पर 6 महीने के बच्चे को इलाज के दौरान थप्पड़ मारने का आरोप था। वहीं अस्पताल के डॉक्टरों ने परिजनों पर हाथापाई का आरोप लगाया। चाचा नेहरू अस्पताल का मामला, अस्पताल प्रशासन ने आरोप से किया इनकार आरोप, बच्चे ने पेशाब कर दिया तो डॉक्टर ने उसे थप्पड़ मारा जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे अस्पताल में एक डॉक्टर के बच्चे को कथित रूप से थप्पड़ मारने की घटना के बाद परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि अस्पताल प्रशासन को पुलिस तक बुलानी पड़ी। हंगामे के बीच