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Tag: तुलसी

तुलसी के पत्तों के ये फायदे जानकर चौंक जाएंगे आप

तुलसी के पत्तों के ये फायदे जानकर चौंक जाएंगे आप

Health
भारतीय संस्कृति में तुलसी को पूजनीय माना जाता है, धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ तुलसी औषधीय गुणों से भी भरपूर है। आयुर्वेद में तो तुलसी को उसके औषधीय गुणों के कारण विशेष महत्व दिया गया है। आइए जानते हैं तुलसी के फायदाें के बारे में :- - जो लोग कामकाजी व्यस्तता के कारण तनाव में रहते हैं, उन्हें 3-4 तुलसी के पत्ते चबाने चाहिए। तुलसी में तनावमुक्ति की क्षमता है। - तुलसी रक्त से यूरिक एसिड का स्तर घटा देती है जो किडनी स्टोन का मुख्य कारण है। तुलसी के रस को शहद के साथ छह माह तक रोज पीने से किडनी में मौजूद स्टोन गलने लगता है। - तुलसी में मौजूद तत्व ट्यूमर की ओर पहुंचने वाले रक्त को रोक लेते हैं जिससे ब्रेस्ट व मुंह के कैंसर की ग्रोथ रुक जाती है। तुलसी के पत्ते साथ रखें और स्मोकिंग की चाह हो तो इन्हें चबा लें। ऐसे भी करे उपयाेग: - चाय में तुलसी के पत्तों का प्रयोग कर सकते हैं। एक कप चाय में इसकी
अनियमित मासिक चक्र, बालों की मजबूत और दस्त के लिए फायदेमंद है तुलसी

अनियमित मासिक चक्र, बालों की मजबूत और दस्त के लिए फायदेमंद है तुलसी

Health
तुलसी की पत्तियां कई बीमारियों का इलाज करती हैं। कैंसर जैसे लाइलाज रोग में तुलसी असरकारक है। यह जुकाम, खांसी व सांस की तकलीफ में भी फायदेमंद होती है। तुलसी के तेल से सिर में मालिश करने से रक्त का संचार दुरुस्त होता है। महिलाओं में मासिक चक्र की अनियमितता को दूर करने के लिए तुलसी के पत्तों का रस लाभदायक होता है। बालों की मजबूती के लिए गर्म जैतून के तेल में तुलसी का तेल मिला लें और सिर में मालिश करें। तुलसी व आंवला पीसकर सिर पर लगाने से रूसी की समस्या भी खत्म होती है। मुंहासे होने पर तुलसी की पत्तियों को पीसकर लेप बना लें। 20-25 मिनट तक लगा रहने दें और बाद में चेहरा धो लें। सर्दी या फिर हल्का बुखार है तो मिश्री, काली मिर्च और तुलसी के पत्ते का काढ़ा पीना फायदेमंद होता है। तुलसी के पत्तों को जीरे के साथ मिलाकर पीसकर चटनी बनाकर दिन में 3-4 बार चाटने से दस्त रुक जाते हैं। Patrika : India's Lea
पलाई गांव में तुलसी का विवाह हुआ, सालिगराम की बरात में झूमे श्रद्धालु

पलाई गांव में तुलसी का विवाह हुआ, सालिगराम की बरात में झूमे श्रद्धालु

Rajasthan
पलाई गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा की पूर्णाहूति वृन्दावन दास महाराज के सान्निध्य में सालिगराम भगवान व तुलसी विवाह के साथ हुई। इस मौके पर भगवान की बारात निकाली। भगवान को हाथी पर विराजमान कर गाजे बाजे के साथ बारात निकाली गई। भगवान के भजनों पर युवा, युवतियां व महिलाएं नृत्य करती हुई चल रही थीं। बारात का जगह जगह भव्य स्वागत कर पुष्पवर्षा की। शोभा यात्रा कथा स्थल पर पहुंचने पर भगवान ने तोरण मारा, जिसके बाद पंण्डित रामबाबू शास्त्री फुलेता ने तुलसी माता के संग सालिगराम भगवान का पाणिाग्रहण करवाया। इस अवसर पर बालकृष्ण शर्मा, बुद्धीप्रकाश धाकड़, राजू सैनी, मदन धाकड़, जगदीश, श्योजीलाल चेची, संजय धाकड़, रामेश्वर धाकड़, प्रहलाद, नंदकिशाोर जांगिड़, देवीलाल गुर्जर, मुकेश शर्मा, शेरसिंह सोंलकी, महावीर सैन सहित कई ग्राम के ग्रामीण मौजूद थे। नेत्र चिकित्सा शिविर आज दूनी | जिला अंधत
सर्दियाें में पीएं एक कप तुलसी की चाय, सर्दी जुकाम मिटाएं

सर्दियाें में पीएं एक कप तुलसी की चाय, सर्दी जुकाम मिटाएं

Health
तुलसी में बीमारियों को ठीक करने की जबरदस्त क्षमता होती है। इसकी तासीर गर्म होती है। आइए जानते हैं इसके फायदों के बारे में। - तुलसी की पत्तियों को कभी भी चबाना नहीं चाहिए बल्कि पानी के साथ निगलना चाहिए ( चाहें तो इन्हें पीस लें ) क्योंकि इन पत्तियों पर पारे ( मरकरी ) की एक ऊपरी परत होती है जिससे आपके दांतों की इनेमल लेयर को नुकसान पहुंचता है। - तुलसी को चाय में डालकर आप हर्बल टी बना सकते हैं। इससे इम्युनिटी बढ़ती है, त्वचा रोग दूर होते हैं, कफ, खांसी व जुकाम में आराम मिलता है और ब्लड प्यूरीफाई होता है। एक कप चाय में तुलसी की चार पत्तियां प्रयोग में ली जा सकती हैं। ये भी आजमाएंशरीर टूट रहा हो या जब लग रहा हो कि बुखार आने वाला है तो पुदीने का रस और तुलसी का रस बराबर मात्रा में मिला लें। इसमें थोड़ा गुड़ मिलाकर पीने से आराम मिलता है। दांतों में कीड़ा लग गया हो तो तुलसी के रस में देसी कपूर मिला
संगत को तुलसी पूजन का महत्व बताया

संगत को तुलसी पूजन का महत्व बताया

Punjabi Politics
लुधियाना। आसाराम बापू आश्रम की ओर से अरोड़ा पैलेस के नजदीक दाना मंडी में तुलसी पूजन दिवस मनाया गया। साध्वी तरुणा बहन द्वारा तुलसी पूजन एवं सत्संग किया गया। उन्होंने संगत को तुलसी पूजन के महत्व से अवगत करवाते हुए कहा कि तुलसी को सनातन धर्म में माता कहा गया है। आयुर्वेद अनुसार तुलसी में कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग, माइग्रेन, खांसी, जुकाम को नष्ट करने के गुण हैं। तुलसी रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाती है। साध्वी तरुणा बहन ने गुरु गोविंद सिंह द्वारा दिए गए बलिदान को याद करते हुए कहा कि पंजाब गुरुओं की धरती है। यहां सिख गुरुओं ने बलिदान स्वीकार किया, किंतु परधर्म स्वीकार नहीं किया। आज क्यों लोग धर्मांतरण कर रहे हैं? आयोजन में सम्मिलित साधक भक्ति रस में सराबोर दिखे। इस दौरान सत्संग के साथ तुलसी पूजन किया गया। सत्संग के उपरांत लंगर बांटा गया। इस मौके पर राजकुमार गर्ग, महेश दादा, सुभ
क्रिसमस को तुलसी पूजन के रूप में मनाएगा बजरंग दल

क्रिसमस को तुलसी पूजन के रूप में मनाएगा बजरंग दल

Punjabi Politics
बजरंग दल (हिंदुस्तान) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेके चंगरा व उनकी धर्मप|ी पर होशियारपुर पुलिस द्वारा दर्ज किए मामले को रद करवाने की मांग को लेकर 13वें दिन भी बाला जी मन्दिर के बाहर प्रदेश अध्यक्ष साहिल गुप्ता की ओर से भूख हड़ताल करके होशियारपुर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। साहिल गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। पंजाब में तानाशाही सरकार एवं अफसरशाही का बोलबाला है। सत्य का गला झूठे मामले दर्ज कर घोंटा जा रहा है। इसके लिए अब आम लोगों का कानून-व्यवस्था एवं सरकार से भरोसा उठ चुका है। अब केवल सच्ची सरकार (भगवान) का ही आसरा है। उन्होंने कहा जब तक हमें इंसाफ नहीं मिल जाता तब तक भगवान के समक्ष भावनात्मक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बजरंगदल हिंदुस्तान 25 दिसंबर को क्रिसमस की जगह इस दिन को तुलसी पूजन के रूप में मनाएगा। इस बार तुलसी पूजन दिवस स्थानीय बा
Gharelu nuskhe – तुलसी, काली मिर्च और अदरक की चाय खांसी, सर्दी, जुकाम दूर भगाए

Gharelu nuskhe – तुलसी, काली मिर्च और अदरक की चाय खांसी, सर्दी, जुकाम दूर भगाए

Health
सर्दियों के मौसम में ठंड के बढ़ते ही सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारियों में बढ़ोतरी हो जाती है। चिकित्सकों का मानना है कि इस मौसम में ठंड से बचने के लिए हम गरम कपड़े तो पहन लेते हैं, मगर ठंड के असर से बचने के लिए शरीर का बाहर के साथ-साथ अंदर से भी गरम रहना जरूरी है।आयुर्वेद के अनुसार इन बीमारियों से बचने के लिए कई घरेलू नुस्खे भी अपनाए जा सकते हैं। अायुर्वेद के अनुसार ठंड में लौंग, तुलसी, काली मिर्च और अदरक से बनी चाय खांसी, सर्दी, जुकाम के लिए 'रामबाण' का काम करती है। विशेषज्ञाें के अनुसार बीमारियों का मुख्य कारण वायरस का बढ़ता प्रसार होता है।जुकाम एक संक्रामक बीमारी है जो बहुत जल्दी बढ़ती है। यह बीमारी बहती नाक, बुखार, सुखी या गीली खांसी अपने साथ लाती है, जो श्वसन तंत्र पर अचानक हमला करता है। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार दूबे का कहना है कि कॉमन कोल्ड में बच्चों और बुजुर्गों को विश
बच्चों से करवाया तुलसी माता का पूजन

बच्चों से करवाया तुलसी माता का पूजन

Punjab
जालंधर|श्री योग वेदांत सेवा समिति की तरफ से जीएनडे पब्लिक और एसडीएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में तुलसी पूजन कार्यक्रम किया गया। यह इवेंट देश भर में 25 दिसंबर को किए जा रहे तुलसी पूजन दिवस के संबंध में किया गया। बच्चों ने तुलसी माता का विधिवत पूजन, प्रदक्षिणा और आरती की। बच्चों को यह भी बताया कि तुलसी का पौधा मानवमात्र के लिए कैसे उपयोगी है। बच्चों को अच्छी याददाश्त बढ़ाने के लिए रोजाना 5 तुलसी के पत्ते खाने के लिए प्रोत्साहित किया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Jalandhar News - worship of tulsi mata done by children Dainik Bhaskar
बड़े माता जी के मंदिर में रचाया गया तुलसी विवाह

बड़े माता जी के मंदिर में रचाया गया तुलसी विवाह

Punjabi Politics
झटा स्ट्रीट में बड़े माता जी के मंदिर में तुलसी व ठाकुर जी का विवाह धूमधाम से कुलभूषण के परिवार की ओर से संपन्न करवाया गया। विवाह में वर पक्ष की ओर से बड़ी माता के मंदिर की प्रबंध कमेटी और कन्या पक्ष की ओर से कुल भूषण कुमार झटा शामिल हुए। पंडित योगेश शर्मा ने पूरी मर्यादा और मंत्र उच्चारण से विवाह करवाया। उन्होंने बताया कि तुलसी को पौधा न मानिए। कार्तिक मास में तुलसी पूजन, तुलसी जल और तुलसी विवाह का विशेष महत्व है। कार्तिक मास में तुलसी विवाह करवाना बहुत सौभाग्य की बात है। तुलसी विवाह करवाने वाले को 100 कन्यादान का फल मिलता है । इस मौके पर इंद्र कुमार, मोहनलाल झटा इत्यादि विशेष मेहमान के रूप में उपस्थित थे। राधा रानी, अनीता रानी, गीता रानी इत्यादि महिलाओं ने भजन कीर्तन करके शादी का माहौल बनाया। अंत में सभी को प्रसाद दिया गया । ( केके गुप्ता) Download Dainik Bhaska
शिव मंदिर में तुलसी का करवाया विवाह

शिव मंदिर में तुलसी का करवाया विवाह

Punjab
शिव मंदिर में माता तुलसी का विवाह करवाते पवन कुमार गोयल। सुनाम| शिव मंदिर की ओर से प्रधान र| गोयल की अगवाई में माता तुलसी का विवाह मंदिर परिसर में करवाया गया। मंदिर कमेटी के सदस्य पवन कुमार गोयल, प|ी संतोष रानी ने पूजा की रस्म को अदा किया। पंडित राम मेहर शर्मा ने बताया कि कार्तिक मास की पूर्णिमा के उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष मंदिर में माता तुलसी का विवाह बड़ी धूमधाम से करवाया जाता है। इसके बाद आसपास के क्षेत्र में शोभा यात्रा भी निकाली जाती है। उन्होंने कहा कि तुलसी विवाह को करवाने से कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। इस दिन व्रत रखने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है। दाम्पत्य जीवन में प्रेम और अटूटता आती है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dainik Bhaskar