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Tag: तुलसी

सर्दी-जुकाम से राहत दे तुलसी, एलोवेरा करें खून साफ

सर्दी-जुकाम से राहत दे तुलसी, एलोवेरा करें खून साफ

Health
आयुर्वेद के अनुसार तुलसी और एलोवेरा किसी चमत्कारिक जड़ी-बूटी से कम नहीं।जहां भारतीय संस्कृति में तुलसी पूजनीय माना जाता है आैर आयुर्वेद में तो तुलसी को उसके औषधीय गुणों के कारण विशेष महत्व दिया गया है।वहीं एलोवेरा एक औषधीय पौधे के रूप में विख्यात है।आइए जानते हैं इसके फायदों के बारे में :- - तुलसी ऐसी औषधि है जो ज्यादातर बीमारियों में काम आती है। इसका उपयोग सर्दी-जुकाम, खॉसी, दंत रोग और श्वास सम्बंधी रोग के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। तुलसी की कुछ पत्तियां चटनी की तरह पीस लें और 10-30 ग्राम मीठे दही में मिलाकर रोजाना सुबह खाली पेट तीन माह तक खाएं। ध्यान रहे कि दही खट्टा न हो। दही की जगह एक-दो चम्मच शहद मिला सकते हैं। - छोटे बच्चों को आधा ग्राम तुलसी की यह चटनी शहद में मिलाकर दें। खयाल रहे इसे दूध के साथ न दें। इस औषधि को दिनभर में एक बार सुबह के समय खाली पेट लें और आधे से एक घंटे बा
तुलसी के सेवन से कम होगा यूरिक एसिड, एेसे करें सेवन

तुलसी के सेवन से कम होगा यूरिक एसिड, एेसे करें सेवन

Health
तुलसी का पौधा कई चिकित्सीय गुणों से भरपूर है। तुलसी को कालीमिर्च के साथ क्वाथ बनाकर प्रयोग करने से बुखार में लाभ मिलता है। जोड़ों के दर्द यानी आर्थराइटिस में इसकी पत्तियों का अजवाइन के साथ प्रयोग करना लाभकारी है। तुलसी के नियमित प्रयोग से वातरक्त यानी बढ़े हुए यूरिक एसिड के स्तर में सुधार होता है। इसके पत्तियों का कालीमिर्च और शुद्ध घी के साथ प्रयोग करने से वात रोगों में आराम मिलता है। त्वचा में खुजली होने पर तुलसी और नीम की पत्तियों को पीसकर लगा सकते हैं। जावित्री और शहद को साथ मिलाकर प्रयोग करने से तुलसी टायफॉइड में आराम देती है। अड़ूसा के पत्तों के साथ प्रयोग करने से यह खांसी में आराम देती है। पेशाब में जलन होने पर इसकी पत्तियों को दूध या पानी के साथ ले सकते हैं। दिनभर में तुलसी की 3-4 पत्तियां खा सकते हैं। इसकी पत्तियों को कभी चबाएं नहीं क्योंकि इनमें मरकरी (पारा) होती है जो दांतों की
ब्लड प्रेशर, दस्त, अल्सर और हिचकी के लिए फायदेमंद है मीठी तुलसी

ब्लड प्रेशर, दस्त, अल्सर और हिचकी के लिए फायदेमंद है मीठी तुलसी

Health
मीठी तुलसी को वन तुलसी (तुलसा) या नियाजबो भी कहते हैं। यह हरे रंग का पौधा होता है और इसकी पत्तियां आकार में अन्य तुलसी की पत्तियों से काफी बड़ी व हरे रंग की होती हैं। इसके फूल गुच्छों में लगते हैं जो सुगंधित व हरे बैंगनी रंग के होते हैं। यह एंटीबायोटिक और एंटीवायरल होती है। इसकी 4-5 पत्तियां खाने से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने, गठिया, पेशाब में जलन, हेपेटाइटिस, पेट का अल्सर, थकान, तनाव, उल्टी, दस्त, भोजन में अरुचि, हिचकी, सर्दी-जुकाम, पेट संबंधी रोग और डायबिटीज में लाभ होता है। इसे प्रयोग करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। यह भी जानें - इसकी सुगंध से डेंगू के मच्छर दूर भागते हैं। ज्यादा सर्दी के मौसम में तुलसी की पत्तियां सूखकर झड़ जाती हैं और बसंत का मौसम आने पर नई आती हैं। इसलिए मीठी तुलसी की ताजी पत्तियों को सुखाकर रख लें। सर्दियों में इनके इस्तेमाल से सेहत में लाभ होता है। पत्ति
तुलसी के पत्तों के ये फायदे जानकर चौंक जाएंगे आप

तुलसी के पत्तों के ये फायदे जानकर चौंक जाएंगे आप

Health
भारतीय संस्कृति में तुलसी को पूजनीय माना जाता है, धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ तुलसी औषधीय गुणों से भी भरपूर है। आयुर्वेद में तो तुलसी को उसके औषधीय गुणों के कारण विशेष महत्व दिया गया है। आइए जानते हैं तुलसी के फायदाें के बारे में :- - जो लोग कामकाजी व्यस्तता के कारण तनाव में रहते हैं, उन्हें 3-4 तुलसी के पत्ते चबाने चाहिए। तुलसी में तनावमुक्ति की क्षमता है। - तुलसी रक्त से यूरिक एसिड का स्तर घटा देती है जो किडनी स्टोन का मुख्य कारण है। तुलसी के रस को शहद के साथ छह माह तक रोज पीने से किडनी में मौजूद स्टोन गलने लगता है। - तुलसी में मौजूद तत्व ट्यूमर की ओर पहुंचने वाले रक्त को रोक लेते हैं जिससे ब्रेस्ट व मुंह के कैंसर की ग्रोथ रुक जाती है। तुलसी के पत्ते साथ रखें और स्मोकिंग की चाह हो तो इन्हें चबा लें। ऐसे भी करे उपयाेग: - चाय में तुलसी के पत्तों का प्रयोग कर सकते हैं। एक कप चाय में इसकी
अनियमित मासिक चक्र, बालों की मजबूत और दस्त के लिए फायदेमंद है तुलसी

अनियमित मासिक चक्र, बालों की मजबूत और दस्त के लिए फायदेमंद है तुलसी

Health
तुलसी की पत्तियां कई बीमारियों का इलाज करती हैं। कैंसर जैसे लाइलाज रोग में तुलसी असरकारक है। यह जुकाम, खांसी व सांस की तकलीफ में भी फायदेमंद होती है। तुलसी के तेल से सिर में मालिश करने से रक्त का संचार दुरुस्त होता है। महिलाओं में मासिक चक्र की अनियमितता को दूर करने के लिए तुलसी के पत्तों का रस लाभदायक होता है। बालों की मजबूती के लिए गर्म जैतून के तेल में तुलसी का तेल मिला लें और सिर में मालिश करें। तुलसी व आंवला पीसकर सिर पर लगाने से रूसी की समस्या भी खत्म होती है। मुंहासे होने पर तुलसी की पत्तियों को पीसकर लेप बना लें। 20-25 मिनट तक लगा रहने दें और बाद में चेहरा धो लें। सर्दी या फिर हल्का बुखार है तो मिश्री, काली मिर्च और तुलसी के पत्ते का काढ़ा पीना फायदेमंद होता है। तुलसी के पत्तों को जीरे के साथ मिलाकर पीसकर चटनी बनाकर दिन में 3-4 बार चाटने से दस्त रुक जाते हैं। Patrika : India's Lea
पलाई गांव में तुलसी का विवाह हुआ, सालिगराम की बरात में झूमे श्रद्धालु

पलाई गांव में तुलसी का विवाह हुआ, सालिगराम की बरात में झूमे श्रद्धालु

Rajasthan
पलाई गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा की पूर्णाहूति वृन्दावन दास महाराज के सान्निध्य में सालिगराम भगवान व तुलसी विवाह के साथ हुई। इस मौके पर भगवान की बारात निकाली। भगवान को हाथी पर विराजमान कर गाजे बाजे के साथ बारात निकाली गई। भगवान के भजनों पर युवा, युवतियां व महिलाएं नृत्य करती हुई चल रही थीं। बारात का जगह जगह भव्य स्वागत कर पुष्पवर्षा की। शोभा यात्रा कथा स्थल पर पहुंचने पर भगवान ने तोरण मारा, जिसके बाद पंण्डित रामबाबू शास्त्री फुलेता ने तुलसी माता के संग सालिगराम भगवान का पाणिाग्रहण करवाया। इस अवसर पर बालकृष्ण शर्मा, बुद्धीप्रकाश धाकड़, राजू सैनी, मदन धाकड़, जगदीश, श्योजीलाल चेची, संजय धाकड़, रामेश्वर धाकड़, प्रहलाद, नंदकिशाोर जांगिड़, देवीलाल गुर्जर, मुकेश शर्मा, शेरसिंह सोंलकी, महावीर सैन सहित कई ग्राम के ग्रामीण मौजूद थे। नेत्र चिकित्सा शिविर आज दूनी | जिला अंधत
सर्दियाें में पीएं एक कप तुलसी की चाय, सर्दी जुकाम मिटाएं

सर्दियाें में पीएं एक कप तुलसी की चाय, सर्दी जुकाम मिटाएं

Health
तुलसी में बीमारियों को ठीक करने की जबरदस्त क्षमता होती है। इसकी तासीर गर्म होती है। आइए जानते हैं इसके फायदों के बारे में। - तुलसी की पत्तियों को कभी भी चबाना नहीं चाहिए बल्कि पानी के साथ निगलना चाहिए ( चाहें तो इन्हें पीस लें ) क्योंकि इन पत्तियों पर पारे ( मरकरी ) की एक ऊपरी परत होती है जिससे आपके दांतों की इनेमल लेयर को नुकसान पहुंचता है। - तुलसी को चाय में डालकर आप हर्बल टी बना सकते हैं। इससे इम्युनिटी बढ़ती है, त्वचा रोग दूर होते हैं, कफ, खांसी व जुकाम में आराम मिलता है और ब्लड प्यूरीफाई होता है। एक कप चाय में तुलसी की चार पत्तियां प्रयोग में ली जा सकती हैं। ये भी आजमाएंशरीर टूट रहा हो या जब लग रहा हो कि बुखार आने वाला है तो पुदीने का रस और तुलसी का रस बराबर मात्रा में मिला लें। इसमें थोड़ा गुड़ मिलाकर पीने से आराम मिलता है। दांतों में कीड़ा लग गया हो तो तुलसी के रस में देसी कपूर मिला
संगत को तुलसी पूजन का महत्व बताया

संगत को तुलसी पूजन का महत्व बताया

Punjabi Politics
लुधियाना। आसाराम बापू आश्रम की ओर से अरोड़ा पैलेस के नजदीक दाना मंडी में तुलसी पूजन दिवस मनाया गया। साध्वी तरुणा बहन द्वारा तुलसी पूजन एवं सत्संग किया गया। उन्होंने संगत को तुलसी पूजन के महत्व से अवगत करवाते हुए कहा कि तुलसी को सनातन धर्म में माता कहा गया है। आयुर्वेद अनुसार तुलसी में कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग, माइग्रेन, खांसी, जुकाम को नष्ट करने के गुण हैं। तुलसी रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाती है। साध्वी तरुणा बहन ने गुरु गोविंद सिंह द्वारा दिए गए बलिदान को याद करते हुए कहा कि पंजाब गुरुओं की धरती है। यहां सिख गुरुओं ने बलिदान स्वीकार किया, किंतु परधर्म स्वीकार नहीं किया। आज क्यों लोग धर्मांतरण कर रहे हैं? आयोजन में सम्मिलित साधक भक्ति रस में सराबोर दिखे। इस दौरान सत्संग के साथ तुलसी पूजन किया गया। सत्संग के उपरांत लंगर बांटा गया। इस मौके पर राजकुमार गर्ग, महेश दादा, सुभ
क्रिसमस को तुलसी पूजन के रूप में मनाएगा बजरंग दल

क्रिसमस को तुलसी पूजन के रूप में मनाएगा बजरंग दल

Punjabi Politics
बजरंग दल (हिंदुस्तान) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेके चंगरा व उनकी धर्मप|ी पर होशियारपुर पुलिस द्वारा दर्ज किए मामले को रद करवाने की मांग को लेकर 13वें दिन भी बाला जी मन्दिर के बाहर प्रदेश अध्यक्ष साहिल गुप्ता की ओर से भूख हड़ताल करके होशियारपुर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। साहिल गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। पंजाब में तानाशाही सरकार एवं अफसरशाही का बोलबाला है। सत्य का गला झूठे मामले दर्ज कर घोंटा जा रहा है। इसके लिए अब आम लोगों का कानून-व्यवस्था एवं सरकार से भरोसा उठ चुका है। अब केवल सच्ची सरकार (भगवान) का ही आसरा है। उन्होंने कहा जब तक हमें इंसाफ नहीं मिल जाता तब तक भगवान के समक्ष भावनात्मक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बजरंगदल हिंदुस्तान 25 दिसंबर को क्रिसमस की जगह इस दिन को तुलसी पूजन के रूप में मनाएगा। इस बार तुलसी पूजन दिवस स्थानीय बा
Gharelu nuskhe – तुलसी, काली मिर्च और अदरक की चाय खांसी, सर्दी, जुकाम दूर भगाए

Gharelu nuskhe – तुलसी, काली मिर्च और अदरक की चाय खांसी, सर्दी, जुकाम दूर भगाए

Health
सर्दियों के मौसम में ठंड के बढ़ते ही सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारियों में बढ़ोतरी हो जाती है। चिकित्सकों का मानना है कि इस मौसम में ठंड से बचने के लिए हम गरम कपड़े तो पहन लेते हैं, मगर ठंड के असर से बचने के लिए शरीर का बाहर के साथ-साथ अंदर से भी गरम रहना जरूरी है।आयुर्वेद के अनुसार इन बीमारियों से बचने के लिए कई घरेलू नुस्खे भी अपनाए जा सकते हैं। अायुर्वेद के अनुसार ठंड में लौंग, तुलसी, काली मिर्च और अदरक से बनी चाय खांसी, सर्दी, जुकाम के लिए 'रामबाण' का काम करती है। विशेषज्ञाें के अनुसार बीमारियों का मुख्य कारण वायरस का बढ़ता प्रसार होता है।जुकाम एक संक्रामक बीमारी है जो बहुत जल्दी बढ़ती है। यह बीमारी बहती नाक, बुखार, सुखी या गीली खांसी अपने साथ लाती है, जो श्वसन तंत्र पर अचानक हमला करता है। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. सुनील कुमार दूबे का कहना है कि कॉमन कोल्ड में बच्चों और बुजुर्गों को विश