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Tag: दिक्कत

छत्तीसगढ़: पानी की दिक्कत से कैसे जूझ रहा गांव, इस कारण नहीं हो रही लड़को की शादी

India
छत्तीसगढ़ का गांव करहनिया पानी के संकट से जूझ रहा है। गांव में पानी न होने के कारण आसपास के अलावा दूर दराज के ग्रामीण बेटी देने के लिए भी तैयार नहीं हो रहे हैं। Jagran Hindi News - news:national
एम्स में जेनेरिक दवाएं मिलने में हो रही दिक्कत

एम्स में जेनेरिक दवाएं मिलने में हो रही दिक्कत

Delhi
नई दिल्ली| एम्स में जेनेरिक दवाएं मिलने में दिक्कत हो रही है। इसमें हृदय रोग सहित कई गंभीर बीमारियों की दवाइयां शामिल हैं। घंटों लाइन में लगने के बावजूद मरीजों को पूरी दवाइयां नहीं मिल पा रहीं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि कभी-कभी थोड़ी बहुत दवाइयों की कमी होती है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाता है। तमिलनाडु से आए ह्दय रोग के मरीज वी वेंकटेशन ने दवाई न मिलने पर बताया कि उन्हें डॉक्टर ने 8 दवाइयां लिखी थीं। इसमें से सिर्फ 3 दवाइयां ही दी गईं। अन्य दवाइयां बाहर से खरीदने के लिए कहा गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dainik Bhaskar
किसी भी उम्र हो सकती है अस्थमा की दिक्कत, जानें इलाज व बचाव

किसी भी उम्र हो सकती है अस्थमा की दिक्कत, जानें इलाज व बचाव

Health
साल 2019 के लिए विश्व अस्थमा दिवस की थीम एलर्जी एंड अस्थमा है। देश में अस्थमा के 20 प्रतिशत ऐसे मरीज है, जिनकी उम्र 14 वर्ष से कम है। अस्थमा और एलर्जी में अंतर अस्थमा भी एक तरह की एलर्जी है लेकिन एलर्जी व अस्थमा में अंतर है। कई दिनों तक जुकाम, खांसी या सांस लेने में दिक्कत की वजह से संक्रमण होता है। शरीर जब बार-बार एलर्जी वाली चीजों के संपर्क में आता है तो अस्थमा का अटैक होता है। इसे एलर्जिक अस्थमा कहते हैं। यदि किसी को सिर्फ एलर्जी है तो उसे तब तक दिक्कत होती है जब तक वह उस चीज के सम्पर्क में रहता है। इससे अस्थमा का खतरा 40 प्रतिशत बढ़ सकता है। बचेंंगे मुश्किलों से 1- घर में सफाई के समय ठीक से मुंह-नाक ढंक लें। 2- बेडशीट, सोफा कवर, पर्दे की नियमित सफाई करें। 3- तकिया की कवर में एलर्जी के कण होते हैं। सप्ताह में एक बार अवश्य बदलें।4- कारपेट के प्रयोग से बचें। घर में है तो छह माह में एक बार
लैक्टोज इंटॉलरेंस की दिक्कत होने पर होती है ये समस्या

लैक्टोज इंटॉलरेंस की दिक्कत होने पर होती है ये समस्या

Health
उल्टी-दस्त की समस्या शुरू हो जाती हैअक्सर देखने को मिलता है कि कुछ बच्चे या वयस्कों को दूध हजम नहीं होता है। अगर वे दूध या दूध से बने उत्पाद खाते-पीते हैं तो उन्हें पेट में दर्द, पेट फूलना या उल्टी-दस्त की समस्या शुरू हो जाती है। इसे ही मेडिकल भाषा में लैक्टोज इंटॉलरेंस यानी दूध न पचना कहते हैं। लैक्टोज दूध में पाया जाने वाला एक तत्त्व है जो दूध में प्राकृतिक शुगर की तरह होता है। इसके न पचने से यह समस्या होती है। बीमारी का कारणयह शरीर में लैक्टेज एंजाइम की कमी से होता है। दूध का लैक्टोज जब छोटी आंत में पहुंचता है तो वहां से स्त्रावित लैक्टेज एंजाइम से ग्लूकोज और गैलेक्टोज टूट जाता है। जिससे दूध आसानी से पचता है। शरीर में लैक्टेज एंजाइम की कमी होती है तो लैक्टोज टूट नहीं पाता और दूध पचता नहीं है। इसे ही लैक्टोज इंटॉलरेंस कहते हैं। यह समस्या जन्म से लेकर अधिक उम्र वालों को हो सकती है। जन्मजा
जबड़ा छोटा होने से हो रही थी सांस लेने और मसूड़ों में दिक्कत

जबड़ा छोटा होने से हो रही थी सांस लेने और मसूड़ों में दिक्कत

Health
क्यों होती है यह समस्या: मुंह में दो जबड़े होते हैं। ऊपरी को मैक्जिला कहते हैं जो स्थाई होता है जबकि नीचे के जबड़े को मेंडिबल कहते हैं। यह दाएं-बाएं या ऊपर-नीचे घूमता है। कई बार जन्मजात या चोट से जबड़ों के आकार में परिवर्तन हो जाता है। इस बीमारी को मालऑक्लूजन कहते हैं। इससे न केवल चेहरा खराब लगता, बल्कि कई तरह की स्वास्थ संबंधी परेशनी भी होती है। ऐसे जानते हैं जबड़े का सही आकार जबड़े का आकार छोटा या बड़ा है इसके लिए पहले दोनों जबड़ों का एक्सरे होता है। एक्सरे को देख सिफैलो मैट्रिक स्टडी कर उसी उम्र के आयडियल जबड़े से इनका मिलान किया जाता ताकि पता चल सके कि कौनसा जबड़ा छोटा या बड़ा है। इसके लिए पेपर पर डिजाइन भी बनाना पड़ता है। सर्जरी से जबड़ा फिक्स, चेहरा दिखने लगा सामान्य माल ऑक्लूजन के रोगी का इलाज सर्जरी से होता है। इस सर्जरी को ऑर्थोग्नेथिक कहते हैं। इसमें करीब 3-4 घंटे का समय लगता है।
च्वाइस में एक-सा स्कूल होने व परीक्षा में एक जैसे नंबर लेने वालों को स्कूल अलॉट करने में दिक्कत

च्वाइस में एक-सा स्कूल होने व परीक्षा में एक जैसे नंबर लेने वालों को स्कूल अलॉट करने में दिक्कत

Haryana
नियम-134ए से निजी स्कूलों में दाखिले में एक बार फिर पेंच फंस गया है। स्कूल अलॉटमेंट के मैसेस बच्चों व पेरेंट्स के मोबाइल पर नहीं आए जबकि उन्हें एक बार फिर 29 अप्रैल तक पसंद के 15 स्कूलों की च्वाइस को ऑनलाइन अपडेट करने का मौका दिया गया है। ऐसा 134ए की रिक्त सीटों की जानकारी देरी से देने वाले स्कूलों की पोर्टल पर अपडेट होकर बढ़ी सीटों व ऑफलाइन आवेदन में ज्यादातर के फार्म पर सिर्फ पांच स्कूलों के विकल्प होने के चलते किया गया। अब 29 अप्रैल शाम छह बजे तक स्कूल च्वाइस के दोबारा अपडेशन के बाद एक मई को स्कूल अलॉट व दाखिले होंगे। विभाग की ओर से 134ए के तहत ऑनलाइन आवेदन के वक्त पसंद के स्कूल के 15 विकल्प भरने थे, लेकिन ऑनलाइन आवेदन के वक्त वेबसाइट की खराबी के कारण ज्यादातर पेरेंट्स व बच्चों ने ऑफलाइन जमा कराए फार्म में पांच की ही जगह होने पर पांच स्कूलों के विकल्प भरे। बाद में उन
बिहार जा रहे राहुल गांधी के विमान के इंजन में आई दिक्कत, वापस लौटे दिल्ली

बिहार जा रहे राहुल गांधी के विमान के इंजन में आई दिक्कत, वापस लौटे दिल्ली

India
चुनाव प्रचार के लिए बिहार जा रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के विमान के इंजन में शुक्रवार सुबह समस्या आ गई जिस वजह से उन्हें वापस दिल्ली लौटना पड़ा। राहुल गांधी ने ट्वीट कर यह जानकारी... Live Hindustan Rss feed
जी घबराना, पेट दर्द और उल्टी की दिक्कत है तो इसे खाने से मिलेगा फायदा

जी घबराना, पेट दर्द और उल्टी की दिक्कत है तो इसे खाने से मिलेगा फायदा

Health
कैलोरी की मात्रा कमबेर एक मौसमी फल है। इसमें कैलोरी कम होती हैं। जी घबराना, पेट दर्द और उल्टी में ये फायदेमंद है।पोषक तत्त्व100 ग्राम बेर में कार्बोहाइड्रेट 20.23 ग्राम, फैट 0.2 ग्राम, प्रोटीन 1.2 ग्राम, पानी 77.86 ग्राम कैल्शियम 21 मिलीग्राम, आयरन 0.48 मिलीग्राम, पोटैशियम 250 मिलीग्राम व विटामिन आदि होते हैं। ये भी पढ़े: अच्छी आदतें जिनसे हाइपरटेंशन में संतुलित रहेगा बीपीखांसी—बुखारबेर में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लामेटरी होता है। इसके जूस को पीने से खांसी और बुखार में आराम मिलता है। साथ ही फेफड़ों से जुड़ी परेशानी में भी ये मददगार है। ये भी पढ़े: टायफॉइड के बाद रिकवरी में मदद करते हैं ये ऊर्जा बिंदुपेट दर्द पेट में दर्द है तो बेर को नमक और काली मिर्च के साथ खाने से अपच की समस्या दूर हो जाती है। इसके पाउडर का सेवन करने से कफ का नाश होता है।ये भी पढ़े: ताली बजाने से दूर होते हैं ये र
थायरॉइड की समस्या में ये होती हैं दिक्कत

थायरॉइड की समस्या में ये होती हैं दिक्कत

Health
थायरॉइड के ये हैं कामथायरॉइड ग्रन्थि गले में सांस नली के ऊपर और वोकल कॉर्ड के दोनों ओर दो भागों में विभाजित तितली के आकार जैसी होती है। यह एंडोक्राइन ग्लैंड थाइराक्सिन नाम का हार्मोन बनाती है जिससे शरीर में प्रोटीन व एनर्जी सुचारू रहती है। थायरॉइड ग्लैंड के कम या ज्यादा काम करने से शरीर का वजन तेजी से बढऩे या घटने लगता है। इससे बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। थायरॉइड होने पर पीड़ि़त को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके रोगी बढ़ते जा रहे हैं। यदि किसी को थायरॉइड की समस्या है तो आयुर्वेदिक दवाएं व नुस्खे थायरॉइड को ठीक करने में मददगार हैं।थायरॉइड के कारण: अनियमित दिनचर्या, भोजन में आयोडीन की कमी या अधिकता, तनाव, इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी, आनुवांशिक कारण, दवाओं का प्रतिकूल प्रभाव आदि थायरॉइड रोग के प्रमुख कारण हैं। जांच: रक्त के नमूने से टीथ्री, टीफोर, टीए
50% वीवीपैट पर्चियां गिनने से नतीजाें में देरी पर दिक्कत नहीं

50% वीवीपैट पर्चियां गिनने से नतीजाें में देरी पर दिक्कत नहीं

Delhi
देश के 21 विपक्षी दलाें ने सुप्रीम काेर्ट से कहा है कि अगर वीवीपैट की 50% पर्चियाें गिनकर उनका ईवीएम के साथ मिलान किया जाए ताे चुनावी नतीजे छह दिन की देरी से घाेषित हाेने पर भी उन्हें काेई परेशानी नहीं है। सुप्रीम काेर्ट में दायर जवाब में विपक्षी दलाें ने कहा कि अगर इस देरी से चुनाव प्रक्रिया की सच्चाई की सुरक्षा हाेती है ताे यह काेई गंभीर बात नहीं है। हर विधानसभा क्षेत्र में वीवीपैट की कम से कम 50% पर्चियाें का मिलान करने संबंधी विपक्ष की मांग पर चुनाव अायाेग ने कहा था कि एेसा करने पर चुनाव का परिणाम घाेषित करने में कम से कम 5-6 दिन की देरी हाेगी। गिनती के लिए 50% वीवीपैट पर्चियाें का मिलान करने की मांग पर चीफ जस्टिस रंजन गाेगाेई की अध्यक्षता वाली बेंच साेमवार काे सुनवाई करेगी। वीवीपैट पर्चियाें का ईवीएम से मिलान करने की मांग पर सुप्रीम काेर्ट में अाज सुनवाई अभी यह है