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Tag: दिमागी

65 वर्षीय दिमागी परेशान महिला से दुष्कर्म का आरोप

65 वर्षीय दिमागी परेशान महिला से दुष्कर्म का आरोप

Punjab
सब डिविजन तलवंडी साबो के गांव नंगला में एक नौजवान ने 65 वर्षीय दिमागी तौर पर परेशान महिला को अपनी हवस का शिकार बनाया। पीड़िता को तलवंडी साबो के शहीद बाबा दीप सिंह सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, वहीं पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव नंगला के एक व्यक्ति ने पुलिस के पास दर्ज करवाए बयान में बताया कि वे दो भाई हैं और उसके पिता तथा माता उसके घर में अलग से रहते हैं। उसकी माता करीब 8-9 साल से दिमागी तौर पर परेशान है और बोलचाल भी नहीं कर सकती। बीती रात जब वो अपनी माता को देखने के लिए गया तो वह अपनी चारपाई पर नहीं थी,जिस पर उसने अपनी प|ी और भाभी को उठा कर अपनी माता की खोज करनी शुरू कर दी। जब वह स्कूल के पास अपनी माता को खोज रहा था तो अंदर कोई हरकत की आवाज आई। उन्होंने स्कूल की टूटी चार दीवारी से बैटरी मार कर देखा तो अंदर उसकी माता बरामदे में
अपने दिमागी तनाव और बेचैनी को ऐसे करें दूर

अपने दिमागी तनाव और बेचैनी को ऐसे करें दूर

Health
किसी से कहें : बेचैनी बार-बार महसूस हो तो अपने किसी मित्र, परिजन या जनरल फिजिशियन को बताएं। इससे मन का बोझ हल्का होने के साथ ही किसी मदद करने वाले व्यक्ति का साथ भी मिलेगा। एक्टिव रहें : एक्सरसाइज सिर्फ तन के लिए नहीं बल्कि मन के लिए भी फायदेमंद है। इससे मूड ठीक होता है, नींद अच्छी आती है और ऊर्जा मिलती है। यह एंटीडिप्रेसेंट का काम करती है। अच्छा खाएं : हर रोज संतुलित व पौष्टिक भोजन लेने की आदत डालें। ताजा फल, सब्जियां और साबुत अनाज लें। इनसे मूड भी अच्छा होता है। चीनी, कैफीन, अल्कोहल आदि से दूर रहें। इनका काम परेशानी बढ़ाना है। पर्याप्त नींद लें : अच्छी नींद मन को सबसे ज्यादा सुकून देती है। टीवी, स्मार्टफोन आदि से दूर होकर रात को कम से कम 7 घंटे की नींद लें। बेडरूम शांत रखें। अच्छी खुशबू लें : खुशबू में चिंता व तनाव मिटाने के अद्भुत गुण होते हैं। लैवेंडर, कैमोमाइल, गुलाब जैसे प्रभावी व खु

बाढ़ पीडि़त असम में दिमागी बुखार का प्रकोप गहराया, मरने वालों की संख्या हुई 110

India
भीषण बाढ़ के कारण असम में लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है। लाखों लोग राहत शिविरों में किसी तरह समय बिता रहे हैं। Jagran Hindi News - news:national
ऑक्सीजन व पोषण की कमी से हाेता है दिमागी स्ट्रोक

ऑक्सीजन व पोषण की कमी से हाेता है दिमागी स्ट्रोक

Health
स्ट्रोक दिमाग में रक्त की आपूर्ति के बाधित होने या कम होने से होता है। जिससे दिमाग में ऑक्सीजन और पोषक तत्त्वों की कमी होने लगती है और दिमाग की कोशिकाएं मरने लगती हैं। ऐसे में चेहरे, हाथ या पैर में अचानक सुन्नपन या शरीर के एक तरफ कमजोरी महसूस होना, अचानक भ्रम की स्थिति, बोलने व चलने में परेशानी, एक या दोनों आंखों से धुंधला या बिल्कुल दिखाई न देना, चक्कर आना, संतुलन न बना पाना व अकारण तेज सिरदर्द होता है। एन्यूरिज्म क्या है?एन्यूरिज्म रक्तनलिका की दीवार पर असामान्य व कमजोर जगह होती है जिसमें बाहर की ओर एक बुलबुले की तरह उभार पैदा होता है। इसके फटने से दिमाग में रक्त का जमाव स्ट्रोक के साथ मृत्यु का कारण भी बनता है। एन्यूरिज्म की फैमिली हिस्ट्री होने पर स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसमें कौनसी जांच होती है?ज्यादातर एन्यूरिज्म की पहचान इसके फटने पर होती है। सीटी स्कैन, एमआरआई व सेरेब्रल एंजिय
दुल्हन को कम दिखता था, दिमागी संतुलन ठीक नहीं था, ये बात न बताने से दुखी पति ने दी जान

दुल्हन को कम दिखता था, दिमागी संतुलन ठीक नहीं था, ये बात न बताने से दुखी पति ने दी जान

Punjab
कपूरथला/सुल्तानपुर लोधी | गांव शाहजानपुर में 2 महीने पहले शादी कर घर लाई दुल्हन की आंखों की रोशनी कम होने और दिमागी संतुलन ठीक न होने से परेशान 25 साल के युवक ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार प|ी, सास, साला व मां-बेटे बिचौले को ठहराया है। लिखा है कि प|ी, सुसराल व बिचौलों ने शादी के समय उसे अंधेरे में रखा। इसके बाद भी उक्त लोग उसे थाने में बंद करवाने की धमकियां दे रहे हैं। इसलिए जान दे रहा हूं। घटना के वक्त परिवार घर में खाना खा रहा था। पुलिस ने प|ी, सास, साला व मां-बेटे बिचौलों पर केस दर्ज कर लिया है। सभी आरोपी फरार हैं। छोटा भाई बोला- शादी के बाद से ही भाई परेशान था छोटे भाई कुलदीप सिंह ने पुलिस को बताया कि वह दो भाई हैं। बड़े भाई लवप्रीत की शादी 2 महीने पहले सर्बजीत कौर निवासी जालंधर से हुई थी। रिश्ता जगीर कौर व उ
शादी के बाद पता चला पत्नी को कम दिखता है, दिमागी संतुलन भी ठीक नहीं; पति ने फंदा लगाया

शादी के बाद पता चला पत्नी को कम दिखता है, दिमागी संतुलन भी ठीक नहीं; पति ने फंदा लगाया

Punjabi Politics
कपूरथला/सुल्तानपुर लोधी | गांव शाहजानपुर के 25 वर्षीय लवप्रीत सिंह की शादी 2 महीने पहले ही हुई थी। लेकिन बिचौले मां-बेटे और ससुरालवालों ने उससे यह बात छिपाई कि लड़की को कम दिखाई देता है। उसकी दिगामी हालत भी ठीक नहीं है। इस बात से परेशान होकर उसने फंदा लगाकर जान दे दी। उसकी जेब से सुसाइड नाेट मिला है।उसने लिखा- मेरी मौत के जिम्मेदार पत्नी, सास, साला व बिचौले मां-बेटे हैं। मैंने जब धोखे से शादी की बात कही तो उन्होंने थाने में बंद करवाने की धमकी दी। इसलिए मैं आत्महत्या कर रहा हूं । पुलिस ने सभी आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है।शादी के बाद से ही परेशान था लवप्रीत: छोटा भाई :कुलदीप सिंह ने बताया कि उसके बड़े भाई लवप्रीत सिंह की शादी 2 महीने पहले सर्बजीत कौर से हुई थी। बिचौलों ने लड़की की कमियों की बात उससे छिपाई थी। इस वजह से वह परेशान था। पत्नी से झगड़ा भी रहता था। इसी से दुखी ह
Bihar: दिमागी बुखार से अब तक 151 मासूमों ने गंवाई जान, मंडरा रहा विकलांगता का खतरा

Bihar: दिमागी बुखार से अब तक 151 मासूमों ने गंवाई जान, मंडरा रहा विकलांगता का खतरा

India
मुजफ्फरपुर में एक्यूट इनसेफेलाइटिस सिंड्रोम या दिमागी बुखार से पीड़ित बच्चे दिव्यांगता के शिकार हो सकते हैं। जो बच्चे बीमारी से ठीक हो गए हैं उनकी कार्उंंर्संलग जरूरी है। ऐसे बच्चे या तो मानसिक रूप से... Live Hindustan Rss feed
दिमागी बीमारी का पता लगाने के लिए करते हैं ईईजी टैस्ट, जानें इसके बारे में

दिमागी बीमारी का पता लगाने के लिए करते हैं ईईजी टैस्ट, जानें इसके बारे में

Health
इलेक्ट्रो एन्सेफेलोग्राम (ईईजी) टैस्ट दिमाग की विद्युतीय तरंगों और इस अंग से जुड़ी बीमारियों को जानने के लिए करते हैं। ये तरंगे चार तरह (अल्फा, बीटा, डेल्टा और थीटा) की अलग-अलग फ्रीक्वेंसी की होती हैं। इन फ्रीक्वेंसी पर मरीज की अवस्था को देखते हुए निश्चित माइक्रोबोल्ट वॉल्टेज का करंट दिया जाता है जिससे उसे किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता। कब जरूरत : व्यवहार में बदलाव, सिर पर लगी चोट, अनिद्रा, मिर्गी, दिमाग में इंफेक्शन, ब्रेन ट्यूमर, याद्दाश्त में कमी, स्ट्रोक का पता करने के लिए करते हैं। ऐसे होता है टैस्ट : टेक्नीशियन सिर के अलग-अलग हिस्सों पर इलेक्ट्रोड्स को चॉक, मिट्टी या अन्य से तैयार पेस्ट से चिपकाते हैं। ये इलेक्ट्रोड्स एक हैड बॉक्स (एम्प्लीफायर) से जुड़े होते हैं जहां दिमाग की हर हरकत रिकॉर्ड होती है। इसमें एक सॉफ्टवेयर की मदद से दिमाग की जानकारी मिलती है। इस हैड बॉक्स को कम्प्यूटर
इस मौसम में ज्यादा होता है दिमागी बुखार का खतरा, जानें इसके बारे में

इस मौसम में ज्यादा होता है दिमागी बुखार का खतरा, जानें इसके बारे में

Health
दिमागी बुखार (मेनिनजाइटिस) के तीन रूप हैं। बैक्टीरियल, वायरल और फंगल। बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस सर्दी-खांसी व जुकाम के संक्रमण से फैलता है। एंटीबायोटिक्स से इसका इलाज किया जाता है। वायरल मेनिनजाइटिस मच्छर के काटने से होता है। साधारण बुखार की तरह इसका उपचार होता है। यह ज्यादा खतरनाक बुखार नहीं है। फंगल मेनिनजाइटिस दिमागी बुखार है। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वालों को यह अधिक होता है। जानिए इसके कारण व इलाज के बारे में। बैकबोन व दिमाग पर प्रभाव - मेनिनजाइटिस दिमाग व रीढ़ की हड्डी को प्रभावित कर इनकी मेम्ब्रेन में सूजन का कारण बनता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती जाती है। मेनिनजाइटिस सामान्यतया 10-15 दिन में ठीक हो जाता है लेकिन कारगर इलाज न हो तो मृत्यु और लकवा भी हो सकता है। बीमारी के कारण -ज्यादा भीड़-भाड़ में संक्रमित रोगी से संपर्क।रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना, एड्स व कैंसर रोगी को
बच्चों को पढ़ने, याद रखने और अन्य दिमागी गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी

बच्चों को पढ़ने, याद रखने और अन्य दिमागी गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी

Punjab
कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल में आठवीं, नौवीं व दसवीं के छात्रों के लिए वर्कशाॅप का आयोजन किया गया। इस दौरान शिक्षा मनोविज्ञानी व मेडिटेशन के माहिर आचार्य पवन ने बच्चों को पढ़ाई संबंधी जानकारी दी। इस मौके पर छात्रों को संबोधित करते हुए आचार्य पवन ने कहा कि आज-कल समय बदल गया है। इस बदलते समय में माता-पिता, बच्चों, अध्यापकों व स्कूल मैनेजमेंट में काफी तबदीलियों की जरूरत है। स्कूल के चेयरमैन शिव आर्य ने कहा कि आज के समय में शिक्षा एक मनोवैज्ञानिक विषय बन चुकी है। इसलिए स्कूल मैनेजमेंट ने ऐसी वर्कशाॅप को जरूरी समझते हुए बच्चों व अध्यापकों के लिए इसका आयोजन किया है। स्कूल प्रिंसिपल रवि एस परमार ने बताया कि आचार्य पवन ने बच्चों को पढ़ने, याद रखने व अन्य दिमागी गतिविधियों संबंधी जानकारी दी, जिससे बच्चों की पढ़ाई में यकीनी तौर पर सुधार होता है। स्कूल की प्रेजिडेंट डॉ. सीमा अरोड़ा ने