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Tag: ध्यान

Janmashtami 2019: जन्माष्टमी व्रत रख रहे हैं तो हेल्थ का भी रखें ध्यान

Janmashtami 2019: जन्माष्टमी व्रत रख रहे हैं तो हेल्थ का भी रखें ध्यान

Health
भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव शुक्रवार को धूमधाम से मनाने की तैयारी ब्रजवासियों ने कर ली है। कान्हा को खुश करने के लिए भक्त व्रत रखते हैं। खाली पेट व्रत रख वह स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरतते हैं।... Live Hindustan Rss feed

नौ घंटे से ज्यादा बैठे रहने से असमय मौत का खतरा, 18 साल से बड़ी उम्र के लोग इस बात का रखें ध्यान

India
शोधकर्ताओं का कहना है कि घर पर ही एक्यूप्रेशर के जरिये कमर दर्द के लक्षणों से राहत संभव है। अमेरिकी शोधकर्ता सुजैन मर्फी ने कहा एक्यूप्रेशर काफी हद तक एक्यूपंक्चर जैसा ही है। Jagran Hindi News - news:national
लावारिस पशुओं का ध्यान रखा जाए : धालीवाल

लावारिस पशुओं का ध्यान रखा जाए : धालीवाल

Punjabi Politics
संगरूर | गत दिनों सुनाम में लावारिस सांड की टक्कर से होमगार्ड जवान की हुई मौत के संबंध में होमगार्ड के जिला कमाडेंट राय सिंह धालीवाल की ओर से जिले के अधिकारियों से बैठक की गई। बैठक में अधिकारियों की ओर से मृतक जवान बलविंदर सिंह की मौत पर अफसोस प्रकट किया गया। कमाडेंट राय सिंह धालीवाल ने कहा कि विभाग व प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने समूह अधिकारियों व जवानों को हिदायत दी कि डयूटी के दौरान लावारिस पशुओं का ध्यान रखा जाए और बचाव के अधीन ड्यूटी की जाए। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद गौ रक्षक संस्थाओं से संपर्क किया गया ताकि लावारिस पशुओं का कोई स्थायी हल ढूंढा जा सके। उन्होंने बताया कि जवान को टक्कर मारने वाले सांड को पकड़कर गौशाला में भिजवा दिया गया है ताकि आगे से किसी को नुकसान न पहुंच सके। उन्होंने समूह कर्मचारियों को हिदायत दी कि ड्यूटी के दौरान यदि कही
कब्ज से परेशान हैं, तो करें तिर्यक ताड़ासन, ध्यान रखें ये बातें

कब्ज से परेशान हैं, तो करें तिर्यक ताड़ासन, ध्यान रखें ये बातें

Health
आंतों के कमजोर होने से शरीर के ठोस मल का बाहर निकलना धीमा हो जाता है, जिस कारण शरीर में विषैले पदार्थ जमा होने लगते हैं। इसमें पाचन प्रणाली ठीक से काम नहीं करती, जिसे कब्ज कहा जाता है। योग और आहार... Live Hindustan Rss feed
चिकनपॉक्स निकले तो रखें इन बातों का ध्यान, जानें ये खास बातें

चिकनपॉक्स निकले तो रखें इन बातों का ध्यान, जानें ये खास बातें

Health
इन दिनों चिकनपॉक्स के मामले अधिक देखने को मिलते हैं। यह रोग वेरीसेला जोस्टर नाम के वायरस के कारण होता है। गर्मी में इसके वायरस तेजी से फैलते हैं। चिकनपॉक्स उन लोगों को अधिक होता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। ऐसे में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देकर इसको रोका जा सकता है- लक्षण व कारण : सिरदर्द, बदन दर्द, बुखार, कमजोरी के साथ त्वचा पर लाल दाने निकल आते हैं। दानों में खुजली होती है। उन लोगों को यह बीमारी जल्दी हो जाती है जिनकी त्वचा संवेदनशील होती है। यह एक से दूसरे व्यक्ति में फैलने वाली संक्रामक बीमारी है। ऐसे में सावधानी रखने की जरूरत है। बचाव-इससे बचाव के लिए बच्चों का समय-समय पर टीकाकरण कराएं। घर के आस-पास सफाई जरूर रखें।घर हो या बाहर चिकनपॉक्स से पीड़ित व्यक्ति से दूर रहें। इससे इंफेक्शन का खतरा रहता है। खाने में ठंडी चीजें लें व अधिक तेल वाली चीजों को खाने से बचें।सहजन की सब्जी
सनग्लास खरीदते समय यूवी प्रोटेक्शन क्वालिटी का रखें ध्यान, जानें ये खास बातें

सनग्लास खरीदते समय यूवी प्रोटेक्शन क्वालिटी का रखें ध्यान, जानें ये खास बातें

Health
किसी भी मौसम में सनग्लास का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह आंखों को धूल से बचाने के साथ रोगों से भी दूर रखते हैं। अक्सर देखा जाता है कि लोग इसे खरीदते समय यूवी प्रोटेक्शन क्वालिटी देखने की बजाय लुक पर अधिक फोकस करते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। स्किन कैंसर : दस प्रतिशत स्किन कैंसर आईलिड पर पनपते हैं। कई शोध में भी सामने आया है कि सनग्लासेज पहनने से ऐसा होने की आशंका काफी कम हो जाती है। टेरिजियम : इसमें आंखों के एक किनारे से एब्नार्मल टिश्यू की ग्रोथ शुरू हो जाती है व दृष्टिबाधित होने लगती है।मोतियाबिंद : डब्लूएचओ के मुताबिक दुनिया में करीब 9 लाख लोग मोतियाबिंद के कारण आंखों की रोशनी खो देते हैं। ऐसा अल्ट्रावॉयलेट किरणों के सीधे संपर्क में आने से होता है। अच्छी क्वालिटी के सनग्लासेज अल्ट्रावॉयलेट किरणों का एक्सपोजर 100 प्रतिशत तक कम कर देते हैं।मैक्यूलर डीजेनरेशन: आंखें अल्ट्रावॉयलेट किरणों के अ
कॉन्टैक्ट लेंस का करते हैं इस्तेमाल ताे इन बाताें का रखें ध्यान

कॉन्टैक्ट लेंस का करते हैं इस्तेमाल ताे इन बाताें का रखें ध्यान

Health
कॉन्टैक्ट लेंस ( contact lens ) की सफाई पर अगर ध्यान न दिया जाए तो कंजक्टिवाइटिस ( Conjunctivitis ) , कॉर्नियल एब्रेशन ( corneal abrasion ) या कॉर्निया पर सफेद दाग हो सकते हैं। समय रहते इन समस्याओं पर ध्यान न दिया जाए तो आंखों की रोशनी तक जा सकती है। अगर लैंस को सही तरीके से नहीं लगाया जाता है तो ये कॉर्निया की फिजियोलॉजी को बदल सकते हैं। इसलिए लैंस का इस्तेमाल नेत्र रोग विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें। कितनी देर तक लगाएं कॉन्टेक्ट लेंस ( how long can you wear contact lenses )इसका उपयोग अपनी जरूरत के आधार पर किया जा सकता है। दिन में सुरक्षित तरीके से 10 घंटे तक लगा सकते हैं। अगर आप सफाई पर ध्यान नहीं देंगे तो इससे आंखों में संक्रमण का खतरा रहता है। कॉन्टेक्ट लेंस के दुष्प्रभाव ( Side effects of contact lenses )कांटेक्‍ट लेंस आँखों के लिए हानिकारक भी हो सकते हैं, क्‍योंकि लगातार
विधायक ने डीटीओ को पत्र लिखा-6 डंपर मेरे निजी काम के हैं, इनका ध्यान रखना

विधायक ने डीटीओ को पत्र लिखा-6 डंपर मेरे निजी काम के हैं, इनका ध्यान रखना

Rajasthan
भीलवाड़ा.आसींद से भाजपा विधायक जब्बर सिंह सांखला के लेटर हैड पर डीटीओ को उनके निजी वाहनों को किसी भी तरह से परेशान नहीं करने के लिए लिखा गया एक चौंकाने वाला पत्र सामने आया है। विधायक ने पत्र में डीटीओ से कहा कि ये डंपर मेरे निजी काम के लिए हैं। इसलिए इनका ध्यान रखना और किसी तरह की समस्या होने पर मुझसे संपर्क करना। यह पत्र 1 जनवरी 2019 को लिखा हुआ है। विधायक ने यह ताे स्वीकारा है कि लेटरहैड व साइन उनके अाॅरिजनल हैं। लेकिन साइन किया लेटरहैड काेई चाेरी कर दुरुपयाेग कर रहा है।जिले में यह पहला मामला है जब किसी विधायक ने हेवी व्हीकल का ध्यान रखने के लिए डीटीओकाे पत्र लिखा है। सांखला 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में पहली बार विधायक बने हैं। विधायक ने पत्र में छह वाहनों के नंबर दे रखे हैं। दैनिक भास्कर ने सभी वाहनों के नंबर डीटीओ ऑफिस से जुटाए हैं। छह में से दो डंपर माइंस के नाम
जींद बाईपास के निर्माण की तरफ नहीं कोई ध्यान

जींद बाईपास के निर्माण की तरफ नहीं कोई ध्यान

Haryana
शहर से जींद रोड की तरफ जाने वाला जींद बाईपास सड़क गड्ढों में तबदील हो चुकी है। यहां पर कई जगहों से सड़क धंस चुकी है। जिस तरह से सड़क अब है, उससे यहां से आने-जाने वाले लोडिंग वाहन के पलटने का डर बना हुआ है। ऐसा नहीं है कि मार्केटिंग बोर्ड विभाग को इस सड़क के बारे में पता नहीं है बल्कि हर बार यहां पर रोड़ा डालकर मात्र खानापूर्ति की जाती है। वाहन चालकों ने रोड़ा डालकर खानापूर्ति करने की बजाए इसका निर्माण करने की मांग की है ताकि आने-जाने में हो रही परेशानी कम हो। देवा सिंह, अंकित, सुरेंद्र, बलवान ने कहा कि सड़क गड्ढों में तबदील हो चुकी है। सड़क की जगह गड्ढे नजर आ रहे हैं। यहां पर कई जगहों पर रोड़ा डाला गया है, लेकिन सड़क का लेबल अब उबड़-खाबड़ होने से आवागमन प्रभावित होने लगा है। कई जगहों पर तो सड़क किनारों से धंस चुकी है। यहां से लोडिंग वाहनों का आना-जाना रहता है। कॉलेज मे
सेफ डिलिवरी के लिए प्रेग्नेंसी प्लानिंग से पहले इन बातों का रखें ध्यान

सेफ डिलिवरी के लिए प्रेग्नेंसी प्लानिंग से पहले इन बातों का रखें ध्यान

Health
अगर आप प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं तो पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आप पूरी तरह फिट हैं। फिर चाहे वह न्यूट्रीशन की बात हो या मानसिक तौर पर शांति की। इससे प्रेग्नेंसी के दौरान आपको किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। हैल्दी खाएं -प्रेग्नेंसी के दौरान भले ही आइसक्रीम, अचार या दूसरी कई तरह की चीजें खाने का मन कर सकता है। लेकिन आप हैल्दी खाने पर ही ध्यान दें। पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और फॉलिक एसिड की जरूरत होती है। इसके लिए फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, मल्टीग्रेन और कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स ले सकती हैं। चिप्स, सोडा व जंक फूड आदि से बचेेंं। तनाव न लें -इसमें मानसिक तौर पर भी फिट रहना जरूरी है। प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले तनाव मुक्त रहना शुरू करें। रोजाना योग और मेडिटेशन करें। इससे प्रेग्नेंसी के दौरान भावनात्मक बदलाव और घबराहट आदि पर नियंत्रण रख सकेंगी। इसका असर गर्भधा