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खुद अभावों में जिए इसलिए अब रिटायरमेंट के बाद जरूरतमंद बच्चों को दे रहे हैं मुफ्त शिक्षा, पेंशन से निकालते हैं खर्च

खुद अभावों में जिए इसलिए अब रिटायरमेंट के बाद जरूरतमंद बच्चों को दे रहे हैं मुफ्त शिक्षा, पेंशन से निकालते हैं खर्च

Delhi
वेस्ट विनोद नगर में रहने वाले लालाराम वर्मा 2011 में सर्वोदय बाल विद्यालय से रिटायर हुए थे। बुलंदशहर (यूपी) के मूल निवासी लालाराम वर्मा के माता-पिता दूसरों के खेत में काम करते थे। उन्होंने बड़ी मुश्किल से अपनी पढ़ाई पूर कर नौकरी हासिल की। ऐसे में पढ़ाई की अहमियत को वह बहुत अच्छे से समझते हैं। ऐसे में उन्होंने तय किया कि रिटायरमेंट के बाद भी वह जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाएंगे। लालाराम अपने आसपास की 7 कॉलोनियों से हर साल ऐसे जरूरतमंद बच्चे चुनते हैं और उन्हें मुफ्त पढ़ाते हैं। वह 8 साल में अब तक 250 से ज्यादा गरीब बच्चों को पढ़ा चुके हैं। खास बात यह बच्चों के लिए कॉपी-किताब और स्टेशनरी का भी इंतजाम करते हैं। खर्च वह अपनी पेंशन से निकालते हैं। रिटायर होने के बाद भी बच्चों को पढ़ा रहे हैं वेस्ट विनोद नगर निवासी लालाराम वर्मा 8 साल में 7 कॉलोनियों के 250 बच्चों को पढ़ा चुके अंग्रेजी, ग
गांव दुल्हेडी में गेहूं निकालते समय हुआ झगड़ा, एक घायल, मामला दर्ज

गांव दुल्हेडी में गेहूं निकालते समय हुआ झगड़ा, एक घायल, मामला दर्ज

Haryana
तोशाम | गांव दुल्हेडी में हुए झगड़े में विभिन्न लोग घायल हो गए। घायलों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। आरोप हैं कि खेत में गेहूं निकालते समय दूसरे के खेत की तरफ गेहूं की फाकी जाने से झगड़ा हुआ है। गांव दुल्हेडी निवासी धर्मपाल ने पुलिस को शिकायत में बताया है कि 25 अप्रैल भतीजे सतपाल, गुड्डी व बबली खेत में ट्रैक्टर से गेहूं निकाल रहे थे। इस दौरान हवा चल रही थी। जिससे गेंहूं की फाकी नीर सिंह के खेत की तरफ चली गई। ट्रैक्टर बंद कर दिया और ट्रैक्टर चालक अपने ट्रैक्टर को लेकर वापस भी चला गया। उन्होंने बताया कि खेत में झाड़ी के नीचे बैठे थे कि दोपहर लगभग डेढ़ बजे विभिन्न महिला एवं व्यक्ति हाथों में लाठी आदि लेकर आए और आते एक ने हाथ में ली हुई लोहे की बारी बाएं हाथ पर मारी फिर सिर में दे मारी। आरोपी महिलाओं ने महिलाओं के साथ मारपीट की।
सूखी नदी में गड्‌ढा खोदकर रोज निकालते हैं पीने का पानी

सूखी नदी में गड्‌ढा खोदकर रोज निकालते हैं पीने का पानी

Rajasthan
दीपेश मेहता. बांसवाड़ा.महज डेढ़ किमी दूर ही माही का अथाह पानी, और उसके पास ही पानी को तरसते ग्रामीण। यह स्थिति है छोटी सरवन क्षेत्र के कटुम्बी के कुंडला गांव की। यहां गर्मी से हालात विकट हो गए है।ये भी पढ़ेंपश्चिमी राजस्थान के नौ शहरों में भीषण लू और आंधी-बारिश की चेतावनीअप्रैल महीने में ही सूखी नदी में गड्ढा खोदकर लोग पानी ला रहे हैं। गड्ढे में मटमैला पानी है। मवेशी और ग्रामीण दोनों यही पानी पी रहे हैं। 200 लोगों की आबादी वाले कुंडला गांव में सिर्फ एक ही हैंडपंप है। वो भी 40 साल पहले खोदा गया था। गर्मी आते ही इसमें पानी आना बंद हो जाता है। गांव में हर वर्ष अप्रैल में टैंकरों से पानी सप्लाई किया जाता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Drain the crater in the dry river and drink water every day
इस पुलिस कांस्टेबल को दादा-दादी का प्यार नहीं मिला तो वह हर बुजुर्ग में देखने लगे उनकी छवि, उनके लिए करते हैं खाना-दवा का इंतजाम, अपनी सैलरी से ही निकालते हैं उनका खर्च

इस पुलिस कांस्टेबल को दादा-दादी का प्यार नहीं मिला तो वह हर बुजुर्ग में देखने लगे उनकी छवि, उनके लिए करते हैं खाना-दवा का इंतजाम, अपनी सैलरी से ही निकालते हैं उनका खर्च

Delhi
नई दिल्ली।दादा-दादी का प्यार नसीब नहीं हुआ तो एक पुलिसकर्मी सभी बुजुर्गों में उन्हें की छवि खोजने लगा। खासकर ऐसे बुजुर्ग जो बेसहारा होते हैं। ऐसे बुजुर्गों को खाना खिलाने, बीमारी की हालत में दवा दिलाने से लेकर उनकी देखभाल करना इस पुलिसकर्मी ने अपनी जिंदगी का मकसद बना लिया। पुलिस की नौकरी करने के साथ उम्रदराज लोगों की सेवा करना अब उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का एक हिस्सा बन चुका है।बात हो रही है पहाड़गंज थाने में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात मनोज कुमार की। मनोज ने पिछले 10 सालों में दिल्ली के जिस थाने में नौकरी की, वहीं के बुजुर्गों को अपना लिया। मनोज पिछले 10 सालों में सैकड़ों बुजुर्गों की सेवा कर चुके हैं। ऐसे में बुजुर्ग ही नहीं, उनके परिवारवाले भी मनोज के मुरीद हैं। वर्तमान में वह पहाड़गंज इलाके में करीब 14 बुजुर्गों की सेवा कर रहे हैं।भूले-भटकों को पहुंचाते हैं अपनों के पा
हाथ से छूटे कपड़े को निकालते वक्त पांव फिसलने से नहर में डूबी बेटी, बचाने के प्रयास में कूदी मां भी बही

हाथ से छूटे कपड़े को निकालते वक्त पांव फिसलने से नहर में डूबी बेटी, बचाने के प्रयास में कूदी मां भी बही

Haryana
गांव जमालपुर शेखां में मां-बेटी नहर के घाट पर पानी के तेज बहाव में बह गई। हादसे में जमालपुर शेखां निवासी 18 वर्षीया सपना की मौत हो गई जबकि मां कांता नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन है। सदर पुलिस ने मृतका की मां कांता के बयान पर इत्फाकिया कार्रवाई कर सपना के शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर वारिसों को सौंप दिया। पुलिस को दिए बयान में उपचाराधीन कांता ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजे वह अपनी बेटी सपना के साथ फतेहाबाद डिस्ट्रीब्यूटरी नहर के घाट पर कपड़े धो रही थी। उसने बताया कि इस दौरान सपना के हाथ से छूट कर एक कपड़ा नहर के पानी के तेज बहाव में बह गया। जिसे लेने के लिए वह प्रयास कर रही थी तो उसका पांव फिसल गया और वह भी पानी में बह गई। इस पर उसने तुरंत सपना को बचाने के लिए जैसे ही पानी में पांव रखा तो वह भी पानी के बहाव में बह गई। बहते हुए उसने बचाने के लिए शोर मचाया। जिस पर नहर क

ATM से पैसे निकालते समय बरतें सावधानी, वरना अकाउंट हो जाएगा खाली

Indian Technology
एटीएम के जरिए लाखों रुपये अकाउंट से गायब होने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं और हम इससे अवगत होते हुए भी इसके जाल में फंस जा रहे हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर क्या-क्या कदम उठाएं जाएं कि हम ऐसी किसी घटनाओं के शिकार ना हों। आइए जानते हैं। Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala
दिल्ली में थर्मल पावर प्लांट फैला रहे प्रदूषण, रोजाना निकालते हैं 57 टन पार्टिकुलेट मैटर

दिल्ली में थर्मल पावर प्लांट फैला रहे प्रदूषण, रोजाना निकालते हैं 57 टन पार्टिकुलेट मैटर

Delhi
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने में थर्मल पावर प्लांट फेल साबित हो रहे हैं। इन्हें जो इंतजाम अपने यहां करने थे एक डेडलाइन बीत जाने के बावजूद भी नहीं कर पाए। दूसरी डेडलाइन खत्म होने से पहले पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) ने जब वहां सर्वे किया तो पाया कि स्थिति में ज्यादा परिवर्तन नहीं है। इसके चलते सीएसई ने इन पर सख्ती और जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। न कोई इंतजाम, न कोई बदलाव आया जुलाई, 2018 में सीएसई ने पहली बार इनका सर्वे किया तो पाया कि कुछ भी इंतजाम नहीं किए गए। दूसरा सर्वे जनवरी, 2019 में किया। इसमें भी बहुत ज्यादा परिवर्तन नहीं पाया गया, जबकि केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर, 2019 तक इंतजाम कर दिए जाएंगे। सीएसई का कहना है कि इंतजाम की यही रफ्तार रही तो दूसरी डेडलाइन भ
पंक्चर हुआ टायर निकालते वक्त जैक खिसका, ट्रॉली से गिरे गन्ने तले दबने से मिस्त्री की मौत

पंक्चर हुआ टायर निकालते वक्त जैक खिसका, ट्रॉली से गिरे गन्ने तले दबने से मिस्त्री की मौत

Punjabi Politics
अमृतसर. अमृतसर में एक युवक की गन्ने के ढेर में दबने से मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ, जब वह पंचर हुआ ट्रॉली का टायर निकालने में लगा था। ट्रॉली के नीचे लगाया गया जैक अचानक खिसक गया और ट्रॉली टेढ़ी होने के कारण सारा गन्ना नीचे गिर गया। इसमें दब जाने से किसान गंभीर रूप से घायल हो गया था। बाद में अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।हादसा अमृतसर के वेरका में मूधल बाईपास रोड की है। मिली जानकारी के अनुसार गुरदासपुर जिले के गांव दमूली का मनप्रीत सिंह ट्रॉली में गन्ना लोड करके फाजिल्का जा रहा था। यहां मूधल बाईपास पर अचानक ट्रॉली का टायर पंक्चर हो गया। मनप्रीत सिंह पास ही स्थित पंक्चर रिपेयर की दुकान से गुरु नानक नगर सोहियां कलां के सोना सिंह को साथ लेकर घटनास्थल पर पहुंचा। ट्रॉली के नीचे जैक लगाकर जिस वक्त टायर को निकाला जा रहा था, अचानक जैक खिसक गया। इसके बाद ट्रॉली टेढ़ी हुई और
सुविचार विजेता वही होते हैं जो हमेशा जीतने का कोई न कोई रास्ता खोज ही निकालते हैं।

सुविचार विजेता वही होते हैं जो हमेशा जीतने का कोई न कोई रास्ता खोज ही निकालते हैं।

Haryana
फरीदाबाद, रविवार 20 जनवरी, 2019 कुल पृष्ठ 14+4+4 = 22(रसरंग आज) हरियाणा आप पढ़ रहे हैं देश का सबसे विश्वसनीय और नंबर 1 अखबार मूल्य Rs. 4.00 | वर्ष 18, अंक 208 पौष, शुक्ल पक्ष चतुर्दशी-2075 तापमान (डिग्री सेल्सियस) न्यूनतम अधिकतम आज का अनुमान (न्यूनतम) फरीदाबाद 09.5 19.0 8.6 गुड़गांव 5.9 25.9 9.0 दिल्ली 5.7 25.9 9.0 मुंबई 16.5 35.5 17.0 करगिल -18.9 जम्मू कश्मीर सबसे ठंडा शहर 12 राज्य | 65 संस्करण Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dainik Bhaskar
ATM मशीन से पैसे निकालते वक्त इन दो चीजों को हमेशा करें चेक, नहीं तो आपको पता भी नहीं चलेगा और बैंक बैलेंस हो जाएगा साफ; हैकर्स कर रहे आपकी इस गलती का इंतजार

ATM मशीन से पैसे निकालते वक्त इन दो चीजों को हमेशा करें चेक, नहीं तो आपको पता भी नहीं चलेगा और बैंक बैलेंस हो जाएगा साफ; हैकर्स कर रहे आपकी इस गलती का इंतजार

India
न्यूज डेस्क। फेस्टिवल सीजन में ATM मशीन से ट्रांजेक्शन के दौरान सावधानी दिखाना बहुत जरूरी है। दरअसल, बीते दिनों में क्लोन ATM की मदद से कई लोगों के यहां तक की बैंकों से भी हैकर्स ने पैसे निकाले हैं। पुणे की कॉसमॉस बैंक से तो हैकर्स ने 78 करोड़ रुपए निकाल लिए थे।ऐसे में यदि आप किसी ATM से पैसे निकाल रहे हैं, तब आपको सावधानी दिखाना बहुत जरूरी है। हैकर्स द्वारा ATM मशीन में कई ऐसे डिवाइस लगा दिए जाते हैं, जो आपके ATM का डाटा चोरी कर लेते हैं।ऐसे होती है आपको कार्ड की क्लोनिंगहैकर्स आपके ATM कार्ड का क्लोन तैयार करने के लिए स्कीमर मशीन और हिडन कैमरा का यूज करते हैं। स्कीमर मशीन को किसी भी ATM मशीन में लगा दिया जाता है। यानी आप जैसे ही पैसे निकालने के लिए अपने कार्ड को अंदर लगाएंगे उसका सारा डाटा हैकर्स के पास पहुंच जाएगा। ठीक इसी तरह, हिडन कैमरा से वे आपके कार्ड का पिन नंबर