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Tag: नुस्खे

जान लें दूषित भोजन से होने वाली बीमारियों के लिए घरेलू नुस्खे

जान लें दूषित भोजन से होने वाली बीमारियों के लिए घरेलू नुस्खे

Health
दूषित जल व खराब खानपान की वजह से कई तरह के रोग जन्म लेते हैं। आइए जानते हैं रसोई के ऐसे मसालों व अन्य चीजों के बारे में जो दूषित भोजन के सेवन से होने वाली बीमारियों में लाभकारी हो सकते हैं। दस्त : एक गिलास गर्म पानी को ठंडा कर उसमें एक चम्मच चीनी, एक नींबू का रस व एक चुटकी नमक डालकर घोल बनाएं। दिन में 5-6 बार पीने से दस्त से राहत मिलेगी। 100 ग्राम दही में आधा चम्मच ईसबगोल की भूसी व दो चुटकी हल्दी मिलाकर एक खुराक बनाएंं। इसे 3-4 बार लेने से दस्त बंद हो जाएंगे। हैजा : एक गिलास नींबू पानी में एक चुटकी नमक मिलाकर थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल में पीने से शरीर में पानी की कमी पूरी होती है।आधा कप प्याज के रस में एक चम्मच पुदीने का रस मिलाकर 2-2 चम्मच 5-7 बार पीने से हैजा में लाभ होता है। उल्टी : छाछ में भुनी हींग और थोड़ा नमक मिलाकर पीने से उल्टी में आराम मिलता है। नारियल का पानी पीने से भी उल्टी नह
थायरॉइड हार्मोन ठीक करने के लिए जान लें ये आयुर्वेदिक नुस्खे

थायरॉइड हार्मोन ठीक करने के लिए जान लें ये आयुर्वेदिक नुस्खे

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हमारे गले में थायरॉइड ग्रंथि होती है जो गले में स्वरयंत्र के ठीक नीचे व सांसनली के दोनों तरफ तितली के पंख के समान फैली होती है। इससे निकलने वाले हार्मोन जब हमारे खून में कम या अधिक मात्रा में पहुंचते हैं तो शरीर में कई प्रकार की समस्याएं होने लगती हैं। थायरॉइड ग्रंथि को मस्तिष्क में मौजूद पिट्यूटरी ग्रंथि नियंत्रित करती है जिससे थायरॉइड स्टीम्युलेटिंग हार्मोन (टी.एस.एच.) की उत्पत्ति होती है। थायरॉइड ग्रंथि जब कम मात्रा में हार्मोन बनाने लगती है तो शरीर में हाइपोथायरॉइडिज्म की समस्या हो जाती है। जानते हैं इसके बारे में। रोग की वजह-ऑटो-इम्यून-डिसऑर्डर (इसमें शरीर का रोग प्रतिरोधी तंत्र थायरॉइड ग्रंथि पर आक्रमण कर देता है), शरीर में अन्य हार्मोन का असंतुलन, रेडिएशन, दवाओं व सर्जरी के दुष्प्रभाव, कम मात्रा में आयोडीन का सेवन और फैमिली हिस्ट्री होने पर हाइपोथायरॉइडिज्म की समस्या हो सकती है। लक्
जानें मलेरिया का इलाज, ये नुस्खे हैं फायदेमंद

जानें मलेरिया का इलाज, ये नुस्खे हैं फायदेमंद

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मलेरिया गंभीर और जानलेवा बीमारी है। यह मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है। आयुर्वेद में इसकी तीन अवस्थाएं मानी गई हैं- आयुर्वेद में इसके इलाज के लिए कुछ औषधियां भी बताई गई हैं। शीतावस्था : इसमें हल्के बुखार के साथ तेज सर्दी लगती है व रोगी को 2-3 कंबल या रजाई ओढ़ने की जरूरत महसूस होती है।ऊष्णावस्था : इसमें बुखार 100-105 डिग्री फारेहनाइट तक हो जाता है। रोगी को तेज गर्मी व जलन महसूस होती है।स्वेदावस्था : इसमें तेज बुखार चढ़ने के बाद स्वयं घटने लगता है व मरीज पसीने से तर-बतर हो जाता है। साथ ही सिरदर्द, उल्टी, थकान जैसे लक्षण भी होते हैं। समस्या ज्यादा गंभीर होेने पर जान को खतरा भी हो सकता है। औषधीय प्रयोग - 250 मिली. पानी में 10-12 ग्राम चिरायता, 3-4 ग्राम दालचीनी व 3-4 लौंग डालकर उबालें। 60 मिली. रहने पर दिन में तीन बार 20-20 मिलिलीटर लें। 200 मिली. पानी में 5-6 तुलसी के पत्ते, 1-2 लौंग
दूध, बेसन व हल्दी से चमकाएं त्वचा, जानें ये खास नुस्खे

दूध, बेसन व हल्दी से चमकाएं त्वचा, जानें ये खास नुस्खे

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हल्दी में करक्यूमिन नाम का यौगिक होता है जो त्वचा के दाग-धब्बों को कम करके उसके ऊपर एक सुरक्षा कवच बनाने का काम करता है। हल्दी को दूध में मिलाकार लगाने से चहरे की रंगत में निखार आता है। दूध त्वचा की रंगत निखारता है। बेसन मृत कोशिकाओं को निकालकर त्वचा में निखार लाता है। दूध और बेसन को मिलकार चेहरे पर लगाएं। एक कटोरी में कच्चा दूध लेकर उसमें एक बड़ी चम्मच हल्दी और बेसन इन तीनों चीजों को मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इस मिश्रण को अपनी आंख के नीचे व ऊपर के भाग को छोड़कर पूरे चेहरे पर लगाएं। बाकी बचे पैक को आप अपने कोहनी, घुटनों या गर्दन पर भी लगा सकते हैं। सूखने के बाद गुनगुने गर्म पानी से धो लें। इस पैक का इस्तेमाल 15 दिन या हफ्ते में एक बार करें। ध्यान रखें कि टैनिंग से बचने के लिए घर से बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना न भूलें। Patrika : India's Leading Hindi News Portal
बाल झड़ने की समस्या में आजमा सकते हैं ये नुस्खे

बाल झड़ने की समस्या में आजमा सकते हैं ये नुस्खे

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आयुर्वेद में कई कारगर औषधियां हैं जिनके प्रयोग से बालों को झड़ने से रोका जा सकता है। आंवला आंवला छह रसों से युक्त होता है। इसमें विटामिन्स मिनरल्स, एल्कलॉइड पाया जाता है। ये बालों को मजबूती देते हैं। एक-एक चम्मच आंवला पाउडर सुबह-शाम पानी से लें। बाल घने-काले होंगे। झड़ना भी रुकेगा। ब्राह्मीयह बालों की सुरक्षा व उन्हें घना करती है। इसकी पत्तियों को सुखाकर पाउडर बना लें। तनाव की वजह से झडऩे वाले बालों के लिए कारगर है। जड़ों को पोषण देती है व मजबूत करती है जिससे बालों का टूटना रुक जाता है।एलोवेराएलोवेरा (ग्वारपाठा) के ताजे गूदे में एक एंजाइम होता है जो नई कोशिकाएं बनाने में मदद करता है। सिर में लगाने से रूसी खत्म होती है। बालों का झडऩा रुकता है और नए बाल आना शुरू होते हैं। अश्वगंधाअश्वगंधा में बालों के स्वास्थ्य के लिए टायरोसिन नामक अमीनो एसिड होता है। यह बालों को असमय सफेद होने से रोकता है। बा
लिवर को फिट रखने के लिए जान लें ये देसी नुस्खे

लिवर को फिट रखने के लिए जान लें ये देसी नुस्खे

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हेपेटाइटिस में व्यक्ति का लिवर (यकृत) ठोस हो जाता है जिससे पेट संबंधी कई परेशानियां होने लगती हैं। गंभीरता से न लेने पर यह बीमारी जानलेवा भी हो सकती है। आइए जानते हैं इसके लिए कारगर कुछ आयुर्वेदिक उपायों के बारे में। गिलोय का 20 मिलिलीटर रस, आंवले व ग्वारपाठे का 10-10 मिलिलीटर रस मिलाकर दिन में दो बार लेने से पाचनक्रिया व पेशाब संबंधी रोगों में लाभ होता है। पुनर्नवा, रोहेड़ा की छाल, गोखरू, मकोय, डाब की जड़, इक्षुमूल व दारूहरिद्रा को रात में पानी में भिगो दें। सुबह छानकर 15-20 मिलिलीटर खाली पेट पीने से लिवर संबंधी समस्याओं में आराम मिलता है। मकोय के पत्ते, सफेद पुनर्नवा में हल्दी, काली मिर्च, धनिया व हल्का सेंधा नमक मिलाकर सब्जी बनाकर लेने से लिवर की कठोरता व सूजन में लाभ होगा। 15 मिलिलीटर ताजा गिलोय के रस में 20-25 किशमिश कूटकर मिलाएं। इससे उल्टी, पेट में जलन की समस्या में आराम मिलता है। म
प्राकृतिक तरीके से निखारें त्वचा, जानें ये नुस्खे

प्राकृतिक तरीके से निखारें त्वचा, जानें ये नुस्खे

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खूबसूरत और कोमल त्वचा के लिए लोग कई तरह के कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल करते हैं। ये कॉस्मेटिक्स त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं और इनका असर ज्यादा देर तक नहीं रहता। कुछ घरेलू नुस्खे एेसे हैं जो त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं। जानते हैं इनके बारे में । पपीते में मौजूद विटामिन-ए आंखों व त्वचा के लिए फायदेमंद है। पपाइन एंजाइम त्वचा की सतह से मृत कोशिकाओं को हटाता है। इसके लिए पपीते के गूदे को 15 मिनट चेहरे पर लगाएं और गुनगुने पानी से धोएं। गुलाब जल क्लिंजर का काम करता है। दो टी स्पून गुलाबजल में 3-4 बूंद ग्लिसरीन और आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर सोने से पहले चेहरे पर लगाएं व सुबह सामान्य पानी से धो लें। खीरे को पीस लें और इसके गूदे में आधा कप दही मिलाकर त्वचा पर लगाएं। 20 मिनट बाद गुनगुने पानी से चेहरा धोएं।फल, सब्जियां, बादाम व अखरोट, विटामिन, मिनरल्स और ओमेगा-थ्री के बढिय़ा स्रोत हैं जो त्वचा को जव
कमर दर्द, पेट दर्द, गले की खराशें और चहरे की झुर्रियों के लिए जान लें घरेलू नुस्खे

कमर दर्द, पेट दर्द, गले की खराशें और चहरे की झुर्रियों के लिए जान लें घरेलू नुस्खे

Health
अरंडी का तेल और सरसों के तेल को बराबर मात्रा में मिला लें। इसकी सिर पर अच्छी तरह से मालिश करने से दो मुंहे बालों की समस्या दूर होती है। अश्वगंधा और सौंठ के चूर्ण को समान मात्रा में मिला लें। इसका आधा चम्मच चूर्ण सुबह-शाम गुनगुने पानी से लें। कमरदर्द में आराम मिलेगा।एलोवेरा के गूदे में कुछ बूंदें नींबू के रस की मिला लें। अब इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं। यह प्रयोग रोजाना करने से चेहरे की चमक बढ़ती है।यदि पेटदर्द हो तो आधा चम्मच अजवाइन, नमक और हींग की चुटकी भर मात्रा लेकर सामान्य पानी से खा लें। आपको आराम मिलेगा। ये भी हैं उपयोगी - गले में खराश हो तो इलायची चबाएं। गुनगुना पानी पीना भी फायदेमंद होता है।झुर्रियों के लिए त्वचा पर शहद की एक हल्की परत लगाएं और 15-20 मिनट बाद चेहरा धो लें। जिनकी त्वचा तैलीय हो वे नींबू रस की कुछ बूंदें शहद में मिलाकर लगाएं। Patrika : India's Leading Hindi News Port
अस्थमा, खांसी, जुकाम और कफ के लिए जान लें ये घरेलू नुस्खे

अस्थमा, खांसी, जुकाम और कफ के लिए जान लें ये घरेलू नुस्खे

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आयुर्वेद चिकित्सा में अस्थमा का इलाज प्रमुख लक्षणों को आधार मानकर किया जाता है। यदि मरीज को अत्यधिक कफ बने या फेफड़ों में सूजन हो तो मुलैठी के पाउडर को 500 मिलिग्राम से लेकर एक ग्राम की मात्रा में थोड़े शहद या वसावलेह (अड़ूसा व अन्य हर्बल औषधियों से तैयार चटनी) के साथ मिलाकर चटनी के रूप में रोगी को चाटने के लिए दें इससे आराम मिलता है। दो ग्राम की मात्रा में अड़ूसा, कटेरी व कायफल तीनों को लेकर मोटा पाउडर पीस लें। इसे दो कप पानी में उबालें। बाद में गुनगुना होने पर शहद मिलाकर दिन में किसी भी समय पी सकते हैं। जड़ी-बूटियों से तैयार गुर्जव्याधि काढ़े को 10-20 ग्राम की मात्रा में लेकर तीन कप पानी में उबाल लें। एक कप शेष रहने पर इसे छानकर दिन में किसी भी समय पी लें, कफ की समस्या में आराम मिलेगा। एक चम्मच अदरक के रस में दो चम्मच शहद व 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर सुबह-शाम रोगी को चटाने से कफ दूर हो
खांसी से परेशान हैं तो आजमाएं ये घरेलू नुस्खे

खांसी से परेशान हैं तो आजमाएं ये घरेलू नुस्खे

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वसंत ऋतु के बीच शीत से ग्रीष्म का थोड़ा-थोड़ा असर होता है। कफ की समस्या अधिक होती है। जठराग्रि कमजोर होने से पाचन सही नहीं रहता है। इसलिए भोजन में परिवर्तन जरूरी है। ऋतु अनुसार आहार लेने वाले लोग स्वस्थ व प्रसन्नचित रहते हैं। नीम की कोंपलें कारगर इस ऋतु में कड़वे नीम की कोंपलें (नई पत्तियां) भी प्रयोग में लें। 2-3 काली मिर्च के साथ 10-15 कोंपलें पंद्रह से बीस दिन नियमित चबाकर खाएं। इससे लंबे समय तक चर्म रोग, रक्त विकार, ज्वर आदि बीमारियां नहीं होंगी। रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होगी। कड़वे नीम के फूलों का रस 15 दिन तक पीने से त्वचा रोग व मलेरिया से बचाव होता है। शरीर को रोगों से लडऩे की ताकत देती है हल्दी शीत व वसंत ऋतु में श्वांस, जुकाम, खांसी जैसे कफजन्य रोग ज्यादा होते हैं। दही का प्रयोग नहीं करना चाहिए। यह कफवर्धक माना जाता है। हल्दी का प्रयोग भी ज्यादा करना चाहिए। इससे शरीर रोगों से