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Tag: प्रदूषण

लोस चुनाव में प्रदूषण को मुद्दा बनाएगी भाजपा

लोस चुनाव में प्रदूषण को मुद्दा बनाएगी भाजपा

Delhi
नई दिल्ली| आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा दिल्ली के प्रदूषण को मुद्दा बनाएगी। केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल के नेतृत्व में शुक्रवार को सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने लक्ष्मी नगर से आईटीओ तक 7 किमी साइकिल रैली की। गोयल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 10,000 लोग हर साल अकेले दिल्ली में प्रदूषण के कारण मारे जाते हैं। गोयल ने कहा कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने जिस तरीके से सवा दो करोड़ जनता को प्रदूषण से मरने के लिए छोड़ दिया है, उसके खिलाफ साइकिल यात्रा निकाली जाएगी और पार्कों में मीटिंग की जाएगी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dainik Bhaskar
क्रोनिक किडनी रोगों काे बढ़ा रहा है वायु प्रदूषण

क्रोनिक किडनी रोगों काे बढ़ा रहा है वायु प्रदूषण

Health
बढ़ती जीवन प्रत्याशा व जीवनशैली की बीमारियों के प्रसार के साथ भारत में क्रोनिक किडनी रोग (सीकेडी) में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। चिकित्सकों का कहना है कि बढ़ता वायु प्रदूषण भी क्रोनिक किडनी रोगों के बढ़ते जोखिम का एक कारक है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सीकेडी की बढ़ती घटनाओं के साथ भारत में डायलिसिस से गुजरने वाले रोगियों की संख्या में भी हर साल 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। इस प्रतिशत में कई बच्चे भी शामिल हैं।दुर्भाग्य से, लगातार बढ़ती घटनाओं के बावजूद, गुर्दे की बीमारी को अभी भी भारत में उच्च प्राथमिकता नहीं दी जाती है। सीकेडी के उपचार और प्रबंधन का आर्थिक कारक भी रोगियों और उनके परिवारों के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय है। आकाश हेल्थकेयर में नेफ्रोलॉजी और रीनल प्रत्यारोपण के वरिष्ठ सलाहकार और निदेशक डॉ उमेश गुप्ता ने कहा, ''सीकेडी लाइलाज और बढ़ने वाली बीमारी है जो समय के साथ गुर्द
रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या 1.13 करोड़ पहुंची, विशेषज्ञ बोले-वाहनों से प्रदूषण सिर्फ 18 प्रतिशत

रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या 1.13 करोड़ पहुंची, विशेषज्ञ बोले-वाहनों से प्रदूषण सिर्फ 18 प्रतिशत

Delhi
नई दिल्ली (अखिलेश कुमार).सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक सुनवाई के दौरान पटाखों के पीछे पड़े हैं, जबकि प्रदूषण बढ़ाने में वाहनों की बड़ी भागीदारी है। इसलिए केंद्र के पास पटाखे और वाहनों के प्रदूषण का तुलनात्मक अध्ययन हो तो दे। इस मामले में भास्कर ने विशेषज्ञों से बात कर जाना कि किस तरह वाहनों से निकलने वाला धुआं जहर का काम कर रहा है। वहीं राजधानी में वाहनों के रजिस्ट्रेशन की बात करें तो वर्किंग डेज की बात करें हर दिन 1900 वाहन रजिस्टर होते हैं। अगर छुट्‌टी का दिन शामिल कर लें तो हर दिन 1145 वाहन रजिस्टर होते हैं।वाहनों से बढ़ने वाले प्रदूषण को लेकर एनवायरमेंट एक्सपर्ट और वकील अनिल सूद ने भास्कर को बताया 2015 में आईआईटी, कानपुर की टीम ने दिल्ली में प्रदूषण को लेकर अध्ययन किया था। उसमें साफ किया गया है प्रदूषण में 18% भागीदारी वाहनों के प्रदूषण की है। ऐसे में शेष 82% प्रदूषण क
लोग पटाखों के पीछे क्यों पड़े हैं, इनसे कहीं ज्यादा प्रदूषण वाहनों से होता है- सुप्रीम कोर्ट

लोग पटाखों के पीछे क्यों पड़े हैं, इनसे कहीं ज्यादा प्रदूषण वाहनों से होता है- सुप्रीम कोर्ट

India
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को सवाल किया कि लोग पटाखा उद्योग के पीछे क्यों पड़े हैं जबकि ऐसा लगता है कि इसके लिये वाहन प्रदूषण कहीं अधिक बड़ा स्रोत हैं। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने केन्द्र से जानना... Live Hindustan Rss feed
प्रदूषण और जीएसटी कानून को संकल्प पत्र में तरजीह : तिवारी

प्रदूषण और जीएसटी कानून को संकल्प पत्र में तरजीह : तिवारी

Delhi
भाजपा अपने चुनावी घोषणा पत्र में दिल्ली के प्रदूषण और जीएसटी कानून का मुद्दा भी शामिल करेगी। प्रदूषण को कम करने के लिए जीएसटी कानून सरल बनाने के लिए भाजपा ने जनता से सुझाव मांगे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने बताया कि इन्हें घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा। तिवारी ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री विजय गोयल पूर्व महापौर आरती मेहरा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यहां केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले ही हार स्वीकार कर ली है और इस हार से बचने के लिए बहाने ढूंढ रही है। इसीलिए उन्होंने रमजान का मुद्दा इसलिए उठाया है। पूर्व महापौर आरती मेहरा ने कहा कि इस कार्यक्रम को दिल्ली के 73 विभिन्न स्थानों पर लगभग 30 दिनों तक चलाया गया। इस कार्य के लिए 70 विधानसभा संयोजक मनोनीत किए गए थे। भारत के मन की बात मोदी के साथ कार्यक्रम के माध्यम से संकल्प पत्र
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ऐसा लगता है, पटाखों के बजाए गाड़ियों से होता है ज्यादा प्रदूषण

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ऐसा लगता है, पटाखों के बजाए गाड़ियों से होता है ज्यादा प्रदूषण

India
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सरकार से कहा है कि, 'आप पटाखा उद्योग के लोगों के पीछे क्यों पड़े हुए हैं? जबकि ऐसा लगता है कि प्रदूषण का ज्यादा बड़ा जरिया तो गाड़ियां हैं।' बेंच ने उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें प्रदूषण के चलते देशभर में पटाखों पर पूरी तरह से बैन लगाए जाने की बात कही गई थी।जस्टिस एसए बोबडे और एसए नजीर ने सरकार की ओर से पैरवी कर रहे एडिशनल सॉलिसीटर जनरल एएनएस नाडकर्णी से पूछा, 'क्या इस तरह की कोई स्टडी है, जिसमें बताया गया हो कि कितना प्रदूषण पटाखों से और कितना प्रदूषण गाड़ियों से फैलता है।'कोर्ट ने कहा- हम बेरोजगारी नहीं बढ़ाना चाहतेरिपोर्ट्स के मुताबिक, पटाखा उद्योग से जुड़े कई लोगों ने पटाखों पर बैन लगने के बाद अपनी नौकरियां खोई थीं। इस पर सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि हम किसी भी तरह से बेरोजगारी नहीं बढ़ाना चाहते हैं।दिवाली पर उठा था यह मामला201

पटाखों से ही नहीं ऑटोमोबाइल्स से भी होता है ज्यादा प्रदूषण: सुप्रीम कोर्ट

India
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र से पटाखों और ऑटोमोबाइल के कारण होने वाले प्रदूषण पर एक तुलनात्मक अध्ययन करने के लिए कहा है। Jagran Hindi News - news:national
प्रदूषण मामला: फॉक्सवैगन पर 500 करोड़ का जुर्माना

प्रदूषण मामला: फॉक्सवैगन पर 500 करोड़ का जुर्माना

Delhi
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जर्मन कंपनी फॉक्सवैगन पर 500 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। एनजीटी ने यह जुर्माना डीजल कारों में उत्सर्जन छिपाने वाले उपकरण के इस्तेमाल के कारण लगाया है। एनजीटी चेयरमैन जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली बेंच ने गुरुवार को यह आदेश जारी किया। ट्रिब्यूनल ने फॉक्सवैगन को दो माह के भीतर जुर्माने की राशि जमा कराने को कहा। फॉक्सवैगन ने कहा है कि वह इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। एनजीटी एक स्कूली शिक्षक और कुछ अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इनमें फॉक्सवैगन की गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। एनजीटी ने 16 नवंबर 2018 को सुनवाई में कहा था कि कंपनी ने डीजल कारों में उत्सर्जन छिपाने वाले उपकरणों का इस्तेमाल कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया है। इसने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास 18 जनवरी 2019 तक 100 करोड़
एनजीटी ने रिफाइनरी से प्रदूषण रोकने को कहा

एनजीटी ने रिफाइनरी से प्रदूषण रोकने को कहा

Haryana
पानीपत रिफाइनरी से ग्रीन बेल्ट में केमिकल युक्त पानी छोड़ने के मामले में एनजीटी की टीम ने मौके से जो सैंपल लिए थे, उसकी रिपोर्ट में कहा गया है कि रिफाइनरी बीओजी के लिए डिस्चार्ज नॉर्म्स पूरी नहीं करती है और न ही ईटीपी सही प्रकार से काम कर रहा है। इतना ही नहीं ग्रीन बेल्ट में बिना शोधन के पानी छोड़ा गया, जो कि एक गंभीर अपराध है। इसके कारण क्षेत्र की हवा, भूमिगत जल खराब हो रहा है। ऐसे में एनजीटी ने रिफाइनरी प्रबंधन से क्षेत्र में फैल रहे प्रदूषण को रोकने व इस पर होने वाले खर्च का ब्योरा मांगा है। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत बोहली व सिठाना ने एनजीटी दिल्ली में रिफाइनरी से ग्रीन बेल्ट में पानी छोड़े जाने की शिकायत की थी। टीम ने शिकायतकर्ता सिठाना के सरपंच सतपाल सिंह बाजीगर, बोहली के सरपंच विक्रम सिंह व रिफाइनरी की टीम को साथ लेकर आस-पास के क्षेत्र में थिराना ड्रेन, बोहली गांव मे
हर साल लाखाें लाेगाें की जान ले रहा है वायु प्रदूषण

हर साल लाखाें लाेगाें की जान ले रहा है वायु प्रदूषण

Health
घर के अंदर और बाहर वायु प्रदूषण एक मूक और अदृश्य हत्यारा बन गया है और यह प्रत्येक वर्ष 70 लाख लोगों की असामयिक मौत के लिए जिम्मेदार है, जिसमें छह लाख बच्चे शामिल हैं। पर्यावरण और मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत डेविड आर. बॉयड के अनुसार, छह अरब से अधिक लोग इतनी प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हैं, जिसने उनके जीवन, स्वास्थ्य और बेहतरी को खतरे में डाल दिया है। इसमें एक-तिहाई संख्या बच्चों की है। बॉयड ने जेनेवा में मानवाधिकार परिषद के दौरान कहा, ''कई वर्षों तक प्रदूषित हवा में सांस लेने के कारण कैंसर, सांस की बीमारी या हृदय की बामारी से पीडि़त रहने के बाद, हर घंटे 800 लोग मर रहे हैं। फिर भी इस तरह पर्याप्त ध्यान नहीं है, क्योंकि ये मौतें उस तरह नाटकीय नहीं हैं, जिस तरह अन्य आपदाओं या महामारी से होने वाली मौतें होती हैं।" उन्होंंने कहा कि वायु प्रदूषण एक ऐसी समस्या है, जिसे रोका जा सक