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Tag: फायदों

जानिए दूध और शहद का एक साथ सेवन करने के फायदों के बारे में

जानिए दूध और शहद का एक साथ सेवन करने के फायदों के बारे में

Health
दूध को संपूर्ण आहार कहा जाता है। हर व्यक्ति को रोजाना 1 गिलास दूध जरूर पीना चाहिए। इसमें विटामिन- ए, बी, सी, डी, कैल्शियम, प्रोटीन व लैक्टिक एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है। आयुर्वेद में शहद को कई रोगों के इलाज में कारगर औषधि बताया गया है। शहद का इस्तेमाल कई जटिल रोगों के इलाज में किया जाता है। शहद में प्रोटीन, वसा, एंजाइम अमीनो एसिड, कार्बोहाइड्रेट, आयोडीन, आयरन, पोटैशियम, सोडियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम जैसे कई तत्त्व पाए जाते हैं। यह एंटीबैक्टीरियल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीफंगल गुणों से युक्त होता है। ऐसे में अगर दूध और शहद साथ लिए जाएं तो यह शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है। सर्दी-जुुकाम से बचाव -अगर आप सर्दी, खांसी व जुकाम से अक्सर परेशान रहते हैं तो दूध में शहद मिलाकर नियमित पीएं। शहद और दूध का मेल एंटीबैक्टीरियल की तरह काम करता है। साथ ही हानिकारक बैक्टीरिया शरीर पर हमला नहीं कर पाते
जानिए आंवला, हरी मिर्च और अजवाइन के फायदों के बारे में

जानिए आंवला, हरी मिर्च और अजवाइन के फायदों के बारे में

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विधि : गुठली निकालकर आंवलों को धोकर व हरी मिर्च धोकर डंडी हटाकर काट लें। कढ़ाई में तेल गर्म कर हींग, जीरा, अजवाइन व मेथीदाना डालें। हल्का भूरा होने पर हल्दी, धनिया व सौंफ पाउडर डालें। मसाला थोड़ा पकने पर कटे आंवले व हरी मिर्च डालें। अच्छे से मिलाकर 5-6मिनट के लिए ढक दें। यदि चमचे से आंवले आसानी से टूट रहे हों तो आंवला-हरी मिर्च की सब्जी तैयार है, जिसे 10-12 दिन तक खा सकते हैं। सामग्री: 5-7 आंवले व हरी मिर्च, 3-4 चम्मच तेल, चुटकीभर हींग, अजवाइन, जीरा, मेथीदाना व हल्दी पाउडर (1/2 चम्मच), पिसी सौंफ डेढ़ चम्मच, पिसा धनिया एक चम्मच, नमक।ऊर्जा: 150 ग्रा. कैलोरी।पोषक तत्त्व : आयरन, विटामिन-सी से भरपूर आंवले विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट्स से युक्त हरी मिर्च सर्दियों में संक्रमण से बचाती है। पेट के रोगों से दूर रखती है अजवाइन - अजवाइन का प्रयोग मसाले व औषधि दोनों रूप में किया जाता है। आयुर्वेद के मुताबिक
जानिए मशरूम और बादाम के फायदों के बारे में

जानिए मशरूम और बादाम के फायदों के बारे में

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Mushroom: almond: आमतौर पर डायबिटीज के रोगी को भोजन में कई परहेज कराए जाते हैं लेकिन मशरूम इनके लिए काफी फायदेमंद है। हाल ही एक शोध में इसकी पुष्टि हुई है। इसमें पोषक तत्त्व अधिक होते हैं। साथ ही इसमें शक्कर बिल्कुल नहीं होती। डायबिटीज के मरीजों में यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है। कई शोधों में प्रमाणित हो चुका है कि मशरूम में कैंसर, एचआईवी संक्रमण और कई गंभीर रोगों के उपचार के गुण मौजूद हैं। अगर आप वजन घटाने और एक्सरसाइज को तवज्जो देते हैं, तो डाइट में मशरूम जरूर शामिल करें। पेट को दुरुस्त रखता बादाम- बादाम पेट संबंधी कई बीमारियां दूर करता है। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक शरीर में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाता है, जो पाचनतंत्र को दुरुस्त रखते हैं। सूखे बादाम के मुकाबले पानी में भीगे बादाम खाना अधिक फायदेमंद होता है। बादाम में विटामिन-ई, कैल्शियम, जिंक, मैग्नीशियम, ओमेगा-3 फै
सामूहिक व्यायाम करने के फायदों के बारे में नहीं जानते होंगे आप, जानें एक्सपर्ट की राय

सामूहिक व्यायाम करने के फायदों के बारे में नहीं जानते होंगे आप, जानें एक्सपर्ट की राय

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शोध कहते हैं कि समूह में व्यायाम करने वालों में से 75 प्रतिशत अपनी फिटनेस से जुड़े लक्ष्यों को पूरा कर लेते हैं। शायद इसलिए ग्रुप एक्सरसाइज का चलन खूब लोकप्रिय हो रहा है। आइये जानते हैं इसके... Live Hindustan Rss feed
जानिए पालथी बांधकर भोजन करने के फायदों के बारे में

जानिए पालथी बांधकर भोजन करने के फायदों के बारे में

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पालथी बांधकर बैठने में पैरों को क्रॉस करके जमीन पर बैठा जाता है। यह योगासन भी है। यह आसन खाने को आसानी से पचाता है और दिमाग को खाना पचाने के संकेत देता है। जमीन पर बैठकर खाना खाते समय भोजन का निवाला उठाते वक्त आगे की ओर झुकना पड़ता है और फिर उसे निगलने के बाद पहले वाली पोजिशन में आना पड़ता है। ऐसा बार-बार करने से पेट की मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं और खाना तेजी से पचने लगता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर पानी और भोजन बैठकर ही पीए-खाए जाएं तो ज्यादा गुणकारी होते हैं। फर्श पर पालथी बांधकर बैठकर खाना खाने से शरीर मजबूत होता है। इस मुद्रा में बैठने से पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों, पेल्विस और पेट के आस-पास की मांसपेशियों में खिंचाव होता है। जिससे असहजता और दर्द की में आराम मिलता है। फर्श पर पालथी बांधकर बैठकर खाने से हमारा बॉडी-पॉश्चर भी बेहतर होता है । इससे व्यक्त‍ित्व में भी नि
पान के पत्तों से पाएं सेहत, जानें इसके फायदों के बारे में

पान के पत्तों से पाएं सेहत, जानें इसके फायदों के बारे में

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पान को हमारी संस्कृति में शुभ माना गया है। पान का इस्तेमाल कई तरह के रोगों को दूर करने में भी होता है। पान के पत्तों में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, टैनिन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयोडीन व पोटेशियम प्रचुर मात्रा में होते हैं। आयुर्वेद के मुताबिक, हल्दी का टुकड़ा सेंककर पान के पत्ते में डालकर खाने से सर्दी-जुकाम में लाभ मिलता है।रात में तेज खांसी आ रही हो तो पान के पत्ते में अजवाइन व मुलेठी का टुकड़ा डालकर खाएं।बच्चों की पसली चलने पर पत्ते से गर्म तेल के साथ सीने पर सिंकाई करना लाभदायक है।पान के 2-3 पत्तों के रस में शहद मिलाकर दिन में दो बार लेना सेहत के लिए फायदेमंद है। बच्चों को आधा चम्मच रस ही दें। मुंह के छाले ठीक करने के लिए पान के पत्ते पर थोड़ा सा कत्था लगाकर इसे चबाएं या फिर पान के पत्तों को पानी में उबाल कर इस पानी से कुल्ला करें इससे छाले जल्द ही ठीक होंगे। नकसीर फूटने पर पान के पत्ते को
जानिए अंगूर खाने के फायदों के बारे में

जानिए अंगूर खाने के फायदों के बारे में

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मौंसम के लिहाज से पोषक तत्त्वों से भरपूर अंगूर सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता हैं। हरे और काले दोनों रंगों में मिलने वाले अंगूर स्वाद के साथ कई तरह के रोगों को दूर करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। अंगूर को साबुत खाने के अलावा सुखाकर बनने वाली किशमिश एनीमिया, कब्ज, बुखार जैसी तकलीफों में उपयोगी है। गुणों से है भरपूर -अंगूर में भरपूर मात्रा में विटामिन-ए होता है जो भूख बढ़ाकर पाचनक्रिया को दुरुस्त रखता है।ये शरीर में एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं जो कैंसर, हार्ट डिजीज, नसों में सिकुड़न, वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाते हैं। डायबिटीज के मरीज यदि इसे नियमित खाते हैं तो शुगर का स्तर कंट्रोल में रहता है।अंगूर में कैलोरी, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, सोडियम, फाइबर, विटामिन-ए, सी, ई व के, कैल्शियम, कॉपर, मैगनीशियम, मैंगनीज, जिंक और आयरन भी होता है जो आंखों, त्वचा, फेफड़ों व अन्य अंगों
जानें कालीमिर्च, अलसी और लहसुन के फायदों के बारे में

जानें कालीमिर्च, अलसी और लहसुन के फायदों के बारे में

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कालीमिर्च का प्रयोग न केवल आपको फिट रखेगा बल्कि खांसी और जुकाम जैसे रोगों से भी दूर रखता है। जानते हैं इसके फायदों के बारे में। आधा चम्मच कालीमिर्च के चूर्ण और एक चम्मच मिश्री को मिलाकर एक कप गुनगुने दूध के साथ दिन में तीन बार लेने से सर्दी-जुकाम में लाभ होता है।सोने से पहले 3-4 कालीमिर्च चबाकर उसके बाद गुनगुना दूध पीने से जुकाम में आराम मिलता है।छह ग्राम कालीमिर्च को पीसकर 30 ग्राम गुड़ या शक्कर और दही के साथ मिलाकर सुबह-शाम पांच दिनों तक लेने से बिगड़ा हुआ जुकाम ठीक हो जाता है।कालीमिर्च और बताशे को पानी में उबालकर पीने से जुकाम ठीक हो जाता है और दिमाग भी हल्का होता है। इसके अलावा कालीमिर्च को पीसकर शहद में मिलाकर चाटने से खांसी-जुकाम में आराम मिलता है। आपके दिल की दोस्त है अलसी -अलसी दिल की सेहत के लिए फायदेमंद होती है। इसमें ओमेगा-थ्री फैटी एसिड के अलावा कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट व कैंसरर
पोषकता से भरपूर तिल व इसका तेल, जानें इसके फायदों के बारे में

पोषकता से भरपूर तिल व इसका तेल, जानें इसके फायदों के बारे में

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काले और सफेद तिल व उनका तेल काफी लाभकारी होता है। तिल का तेल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है जो बढ़ती उम्र के प्रभाव, वायरस और बैक्टीरिया के संक्रमण से बचाता है। आइए जानते हैं इसके अन्य फायदों के बारे में। फायदे - प्रतिदिन दो चम्मच काले तिल को चबाकर खाइए और उसके बाद ठंडा पानी पिएं। ऐसा नियमित करने से पुरानी बवासीर में आराम मिलता है।भुने काले तिलों को गुड़ के साथ मिलाकर लड्डू बना लें। बच्चों को यह लड्डू रोजाना रात को सोने से पहले खिलाएं। इससे बच्चा रात को बिस्तर गीला नहीं करेगा।यदि सूखी खांसी हो तो 4-5 चम्मच मिश्री और इतने ही तिल मिला लें। इन्हें एक गिलास में आधा पानी रहने तक उबालें। इसे दिनभर में तीन बार पिएं।एक शोध के अनुसार सर्दी में तिल व इसके तेल का प्रयोग डायबिटीज के मरीजों के लिए उपयोगी होता है।20-25 ग्राम तिल चबाकर ऊपर से गुनगुना पानी पीने से पेटदर्द में आराम मिलता है।50 ग्राम तिल भूनकर उ
जानें मीठी नीम व सूरजमुखी के फायदों के बारे मेंं

जानें मीठी नीम व सूरजमुखी के फायदों के बारे मेंं

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पेट की परेशानी दूर करे मीठा नीम मीठे नीम की पत्तियां (करी पत्ता) खाने में खुशबू व स्वाद बढ़ाने के साथ स्वास्थ्य के लिहाज से भी गुणकारी हैं। लंदन के किंग्स कॉलेज में हुए शोध के अनुसार यह खून में ग्लूकोज की मात्रा नियंत्रित करने में सहायक है।मीठे नीम की 10-20 पत्तियों को दो सौ मिलिलीटर पानी में उबालें। आधा बचनेे पर इसे छान लें। दो-दो चम्मच 15-15 मिनट के अंतराल पर लेने से उल्टी की समस्या दूर होती है।ताजा व कोमल पत्तियां चबाकर खाने से पेट में मरोड़ व पेचिश में आराम मिलता है।मूंग की दाल में तड़का लगाकर खाने से अपच में लाभ होता है। वात व पित्त के रोगों को भगाए सूरजमुखी सूरजमुखी कफ-वात संबंधी परेशानियों में लाभकारी है। इसके पंचाग (जड़, तना, पत्ती, फल, फूल) में कैंसरोधी तत्त्व पाए जाते हैं। इसके ताजा पत्तों को मसलने से तेल निकलता है जिसमें लहसुन तथा सरसों के समान गुण पाए जाते हैं।सूरजमुखी के बीजों