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घाटी के कई इलाकों में टेलीफोन सेवा शुरू, राज्यपाल ने कहा- फोन पर प्रतिबंध से कई जानें बचीं

घाटी के कई इलाकों में टेलीफोन सेवा शुरू, राज्यपाल ने कहा- फोन पर प्रतिबंध से कई जानें बचीं

India
श्रीनगर.जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है।अधिकारियों ने रविवार को कहा कि घाटी के कई इलाकों में लैंडलाइन टेलीफोन सेवा शुरू कर दी गई है। वहीं,राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि संचार सेवा ठप होने से कश्मीर में कई लोगों की जानें बचीं हैं। उन्होंने इससे इनकार किया कि जम्मू-कश्मीर में दवाओं और जरूरी चीजों की कोई कमी है।मलिक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछले दस दिनों में कोई भी जानें नहीं गईं हैं। इससे पहले राज्यपाल ने कहा था कि जब भी कश्मीर में कोई संकट आया, तो पहले सप्ताह में ही कम से कम 50 लोग मारे गए। अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार तक घाटी में कहीं भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। कश्मीर में बाजार लगातार 21वें दिन भी बंद है। दुकानें और सार्वजनिक परिवहन भी बंद है। अब तक सप्ताहिक बाजार भी नहीं खुला है।हालांकि, कुछ विक्रेताशहर के कईइलाकों
एलएमजी में सिर्फ 4 गोलियां बची थी तो हाथों से लड़ी लड़ाई, मल्लयुद्ध में पाकिस्तानी को ढेर किया था इस जवान ने

एलएमजी में सिर्फ 4 गोलियां बची थी तो हाथों से लड़ी लड़ाई, मल्लयुद्ध में पाकिस्तानी को ढेर किया था इस जवान ने

Punjab
जालंधर/संगरूर.भारत-पाकिस्तान के बीच 1999 में कारगिल युद्ध हुआ था। 8 मई से 26 जुलाई तक चले इस भीषण युद्ध का अंत हमारी जीत के साथ हुआ, इसी के चलते आज हम कारगिल विजय दिवस मना रहे हैं। शहीदों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता, वहीं कई हीरो ऐसे भी हैं, जो आज भी उसके साक्षी हैं और देश की शान के हर सांस तक लड़ने के लिए प्रेरणा देते हैं। इन्हीं में से एक हैं सतपाल सिंह। पंजाब के संगरूर जिले में कस्बा भवानीगढ़ में ट्रैफिक पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल के रूप में सेवा दे रहे सतपाल के सीने पर लगा वीर चक्र देखकर ही अनुमान हो जाता है कि यह कोई मामूली पुलिस वाला नहीं है। आज इस वीर का सीना उस वक्त और चौड़ा हो गया, जब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसे हेड कॉन्स्टेबल से एएसआई प्रोमोट करने का ऐलान किया है। दैनिक भास्कर आपको सतपाल की वीरता के उस खास किस्से से रू-ब-रू करा रहा है,7 जुलाई को
आधी रात को प्रोपर्टी कारोबारी के घर पर दागी दो गोलियां, घर के दरवाजे पर लगने से बची जान

आधी रात को प्रोपर्टी कारोबारी के घर पर दागी दो गोलियां, घर के दरवाजे पर लगने से बची जान

Rajasthan
उदय चौधरी/जयपुर. झोटवाड़ा इलाके में निवारू रोड स्थित लक्ष्मी नगर में बाइक सवार दो बदमाशों ने गुरुवार अ‌ाधी रात को एक प्रोपर्टी व्यवसायी के घर के बाहर गोलियां चलाई और फिर भाग निकले।गनीमत रही कि दोनों गोलियां प्रोपर्टी कारोबारी के घर में बने लकड़ी के दरवाजे से टकराकर धंस गई। इससे घर में मौजूद लोगों की जान बच गई।फायरिंग से हुईधमाके की आवाज सुनकर मकान में मौजूद सरजीत सिंह बाहर आए। तब तक आसपास के लोग भी जाग गए। मौके पर लाइट जलाकर देखा तब दरवाजे में गोली धंसी हुई नजर आई। तब सरजीत सिंह ने झोटवाड़ा थाने में फोन कर पुलिस को सूचना दी।पुलिस अब पीड़ित सरजीत सिंह की रिपोर्ट पर केसदर्ज कर बदमाशों की तलाश कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे है। सरजीत सिंह ने बताया कि गुरूवार रात को वेखाना खाकर सोने की तैयारी कर रहे थे। तभी अचानक दो धमाके की आवाज सुनकर बाहर आए।उनके दरवाजे
76 साल के बुजुर्ग के ऑटो एंबुलेंस से 90 दिन में 100 की जान बची, प्राथमिक उपचार भी मिला

76 साल के बुजुर्ग के ऑटो एंबुलेंस से 90 दिन में 100 की जान बची, प्राथमिक उपचार भी मिला

Delhi
नई दिल्ली. 76 साल के हरजिंदर सिंह दिल्ली की सड़कों पर 'ऑटो एंबुलेंस' चलाते हैं। हरजिंदर ने बताया,'पिछले तीन महीने में 100 से ज्यादा लोगों की जान बचा चुका हूं। औसतन मैं रोजाना एक दुर्घटना पीड़ित की मदद करता हूं। मैं ट्रैफिक वॉर्डन के तौर पर काम कर चुका हूं। मैंने कई हादसे देखे। इसलिए अब मैं ऑटो एंबुलेंस के जरिए लोगों की मदद कर रहा हूं। ऑटो में तरह-तरह की दवाइयां लेकर चलता हूं।"लोग वीडियो बनाते हैं, मैं अस्पताल पहुंचाता हूंसड़क हादसा होने पर जब लोग वीडियो बना रहे होते हैं, तब हरजिंदर सिंह उस घायल को प्राथमिक उपचार देने में जुट जाते हैं। उन्होंने दुर्घटना के शिकार लोगों की जान बचाने के मकसद से अपने ऑटो को 'ऑटो एंबुलेंस' में तब्दील कर दिया है। वह ऑटो से न केवल घायल को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराते हैं, बल्कि गंभीर हालत में पीड़ित को अस्पताल भी पहुंचाते हैं। साथ ही ये सुनिश्चित
सूखी नदी में अचानक आया उफान, 8 घंटे में बड़ी मुश्किल से बची 7 लोगों की जान

सूखी नदी में अचानक आया उफान, 8 घंटे में बड़ी मुश्किल से बची 7 लोगों की जान

Punjab
रोपड़. पंजाब में मॉनसून की दस्तक के बाद पिछले तीन दिन से हो रही बारिश के तरह-तरह की परेशानियों से लोगों को दो-चार होना पड़ रहा है। शहरों में जहां सड़कों पर जलभराव से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है, वहीं ग्रामीण खासकर नदी-नालों से सटे इलाकों में भी लोगों की जान सांसत में आई हुई है। शनिवार को रोपड़ जिले से गुजरती सरसा नदी (मौसमी नदी) में उफान आने के चलते यहां सात मजदूर पानी के बहाव में फंस गए। इन्हें गोताखाेरों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद निकाला गया। हालांकि रात तक नहर एकदम सूखी थी, लेकिन अचानक पानी आ जाने के चलते खेत में सो रहे धान की रोपाई का काम कर रहे मजदूर इसमें लगभग 8 घंटे तक फंसे रहे।मिली जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ क्षेत्र के गांव मगनपुर के बलविंदर सिंह की करीब 12 एकड़ जमीन पंजाब के रूपनगर जिले के आसपुर कोटां के पास है। यह जमीन सरसा नदी के
राजस्थान: 27 दिन पहले फेंकी गई बच्ची को गोद लेना चाहता था दंपती, प्रक्रिया की जटिलता में मासूम नहीं बची

राजस्थान: 27 दिन पहले फेंकी गई बच्ची को गोद लेना चाहता था दंपती, प्रक्रिया की जटिलता में मासूम नहीं बची

Rajasthan
जयपुर.खबर बस इतनी है कि नागौर में लावारिस मिली बच्ची की जयपुर के जेके लोन अस्पताल में मौत हो गई है, खबर से बहुत आगे गंभीर मुद्दा यह है कि लावारिस बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया बहुत जटिल है...लोग चाहते हैं कि इन बच्चों को उनका नाम मिले मगर सरकारी फाइलों में इन्हें अननाॅन बेबी ही लिखा जाता है।नागौर में 27 दिन पहले कूड़े के ढेर में मिली बच्ची को गोद लेने के इच्छुक रहे लेखक, पत्रकार व फिल्मकार विनोद कापड़ी को बच्ची नहीं मिल पाई। वे पत्नी साक्षी जोशी के साथ उसे मिलने नागौर भी गए और जयपुर भी आए। तमाम औपचारिकताएं पूरी कीं, मगर...कानूनी पेच के चलते बच्ची उन्हें नहीं मिली। कूड़े के ढेर से नागौर के अस्पताल, फिर जोधपुर के अस्पताल में बच्ची का इलाज चला, तबीयत बिगड़ती गई...जयपुर के जेके लोन अस्पताल आई तब तक उसकी हालत क्रिटिकल हो गई। ...और सोमवार को बच्ची ने दम तोड़ दिया।कूड़े में मि
दो सिपाही की सूझबूझ से बची सैकड़ों जान, तार खींचकर पंडाल की बिजली काटी; सीएम ने दी शबाशी

दो सिपाही की सूझबूझ से बची सैकड़ों जान, तार खींचकर पंडाल की बिजली काटी; सीएम ने दी शबाशी

Rajasthan
बाड़मेर. यहांबालोतरा इलाके में रविवार कोरामकथा के दौरानआंधी-बारिश से पंडाल गिरने से 15 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ज्यादातर मौत पंडाल में करंट फैलने सेहुईं। आशंका है किहादसे में मृतकों का यह आंकड़ा बढ़ सकता था अगर वहां मौजूद दोकांस्टेबलों गोमाराम और दौलारामने हिम्मत और सूझबूझ से काम नहीं लिया होता। इन्होंने नंगे हाथों से बिजली का तार खींचकर अलग किया। सोमवार को घटनास्थल पर पहुंचेमुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दोनों कांस्टेबल से मुलाकात की और उन्हें शबाशी देते हुएपीठ थपथपाई।दैनिक भास्कर मोबाइलएप ने दोनों कांस्टेबल सेबातचीत की। उन्होंने बताया किसब कुछ दो से तीन मिनट के भीतर हो गया। वह कहते हैं कि अगर ऑटो जेनरेटर को बंद नहीं करते तो शायद हालात और भी भयानक हो सकते थे।पढ़िए, कांस्टेबल की जुबानी ही हादसे की आंखों देखी..... 'कांस्टेबल गोमाराम व दौलाराम ने बताया कि वे दोनों बा
लकड़ी चोरी के मामले में गिरफ्तारी से गुस्साए ग्रामीणों ने बची लकड़ी उठाने आए वन विभाग के कर्मियों को घेरा

लकड़ी चोरी के मामले में गिरफ्तारी से गुस्साए ग्रामीणों ने बची लकड़ी उठाने आए वन विभाग के कर्मियों को घेरा

Punjabi Politics
सादिक के नजदीक गांव काउणी के सुए के किनारे लगे सफेदे की चोरी व अधिकारियों के दुर्व्यवहार के मामले में नामजद किसान की गिरफ्तारी के बाद आज घटनास्थल से बची हुई लकड़ी समेटने ट्रैक्टर-ट्राली लेकर अाए वन्य विभाग के एक गार्ड व दो बेलदारों को आज गांववासियों ने करीब दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। जानकारी के अनुसार गांव काउणी वासी जसकरन सिंह के खेत में लगा सफेदे का एक पेड़ गत 2 जून को गिर पड़ा था। वन गार्ड रेणु बाला ने अपने दौरे के दौरान उक्त सफेदे के हिस्से देखे। उन्होंने थाना सादिक में जसकरन सिंह के विरुद्ध पेड़ काटने, इसकी लकड़ी चुराने और रोकने की शिकायत कर जसकरन सिंह व उसके साथी पर मामला दर्ज करवा दिया जबकि उक्त सफेदा जसकरण सिंह ने ही अपने लिए अपने खेत में लगाया था। आज जब वन गार्ड रेणु बाला व दो बेलदार घटनास्थल पर आकर पेड के अवशेष काट कर ट्राली में डालने लगे तो गांववासियों ने बड़ी स
अचानक छत गिरी, बाल-बाल बची नानी-नातिन

अचानक छत गिरी, बाल-बाल बची नानी-नातिन

Punjabi Politics
भास्कर संवाददाता | सैलाखुर्द सैलाखुर्द मेन बाजार में स्थित पुरानी मंडी में एक क्वार्टर की खस्ताहाल छत गिर गई। हादसे में एक नानी अौर नातिन बाल-बाल बच गई। जानकारी के मुताबिक सैलाखुर्द मेन बाजार से अंग्रेजों के जमाने में बनी मंडी में एक दर्जन के करीब रिहायशी क्वार्टर हैं। दशकों पुराने इन क्वार्टरों की हालत खस्ताहाल है अौर इसमें रहने वाले सभी परिवार एक-डेढ़ दशक से रिहायशी क्वार्टरों को छोड़कर जा चुके हैं। परंतु एक 85 वर्षीय बुजुर्ग देवकी के पास अपना कोई टिकाना न होने के कारण वह अपनी नातिन किरण बाला (25) के साथ यहां रहती है। देवकी ने बताया कि वीरवार रात जब वह दोनों कमरे में सो रहीं थी। मध्यरात्रि 2:30 बजे के करीब उसने नातिन किरण वाला को जगाया अौर शौच जाने के लिए बाहर बरामदे की बत्ती जलाने को कहा। किरण बाला जैसे ही बत्ती जलाकर नानी के साथ कमरे से बाहर निकली तभी अचानक छत का ए
लटक रही थी हाईटेंशन तार, ट्रेन के ड्राइवर ने अचानक लगाई ब्रेक तो बची यात्रियों की जान

लटक रही थी हाईटेंशन तार, ट्रेन के ड्राइवर ने अचानक लगाई ब्रेक तो बची यात्रियों की जान

Punjabi Politics
लुधियाना. लुधियाना में सोमवार को उस वक्त रेल हादसा होते-होते बचा, जब यहां के ढंडारी रेलवे स्टेशन के पास इलेक्ट्रिक इंजन को पावर देने वाली हाईटेंशन तार लटक रही थी। ट्रेन के ड्राइवर ने दूर से ही इस तार को देखा तो तुरंत ब्रेक लगा दी। इसके बाद करीब सवा 3 बजे तार ठीक हुई और फिर कोई साढ़े 3 बजे के बाद रेल आवागमन सुचारू हो सका।पठानकोट-दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों गगनदेव प्रसाद, विनोद कुमार के मुताबिक सोमवार को वाे ट्रेन में जब लुधियाना से दिल्ली की तरफ जा रहे थे तो लुधियाना जंक्शन से निकलने के बाद आगे ढंडारी कलां रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर हाईटेंशन तार लटक रही थी। इस बात का पता चला, जब एकाएक झटके बाद ट्रेन रुकी और नीचे उतरे। पता चला कि पोल सपोर्ट वायर टूटने से हाईटेंशन तार ढीली हुई।उधरआनन-फानन में ट्रेन के ड्राइवर और गार्ड ने इसकी सूचना शीर्ष अधिकारियों को