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Tag: बीमारियों

2 महीने बाद चला पत्नी की गंभीर बीमारियों के बारे में तो खुंदक में लगा लिया फंदा

2 महीने बाद चला पत्नी की गंभीर बीमारियों के बारे में तो खुंदक में लगा लिया फंदा

Punjabi Politics
कपूरथला. कपूरथला में एक युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसने अपनी मौत की पूरी वजह का खुलासा किया है। मौके से मिले सुसाइड नोट के मुताबिक युवक ने अपनी मौत के लिए अपनी पत्नी, सास, साले और बिचौले को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही यह भी बताया है कि 2 महीने पहले जिसे वह ब्याहकर लाया था, उसकी आंखों की रौशनी कम थी, वहीं मानसिक संतुलन भी ठीक नहीं था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।मामला कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी इलाके के गांवशाहजानपुर सामने आया है। यहां केकुलदीप सिंह ने पुलिस को दर्ज शिकायत में बताया कि वोदो भाई थे। बड़ेभाई लवप्रीत सिंह की शादी अभी 2 महीने पहले सर्बजीत कौर निवासी बाबा बस्ती खेल जालंधर के साथ हुई थी। यह रिशता जागीर कौर व उसके बेटे अमरजीत सिंह निवासी बाठां वाली ने बिचौला बनकर करवाया था। शादी के बाद लवप्रीत सिंह ने उसके साथ बात सांझी की क
जानिए धातु व रत्नों की भस्म से कैसे होता है गंभीर बीमारियों का इलाज

जानिए धातु व रत्नों की भस्म से कैसे होता है गंभीर बीमारियों का इलाज

Health
यूनानी चिकित्सा पद्धति में विभिन्न रोगों के इलाज में कई वर्षों से भस्म का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह शरीर के अंगों पर असर कर बीमारियों को दूर करती है। इस चिकित्सा में भस्म को 'कुश्ता' और इसे बनाने की विधि को कुश्तासाजी कहते हैं। खनिज औषधियों के साथ विशेष धातु को मिलाकर इसे बनाया जाता है। जानते हैं इसके बारे में- जरूरत कब -रोगों को दूर करने के लिए शरीर को पौष्टिक तत्त्वों के अलावा माइक्रोन्यूट्रिएंट्स (जिंक, आयरन, चांदी, कैल्शियम) की भी जरूरत होती है जिनकी पूर्ति रत्नों व धातुओं से की जाती है। ऐसे में इन्हें सीधे तौर पर खाना संभव नहीं होता। इसलिए इन्हें औषधि के रूप में देते हैं। बेहद सूक्ष्म कण होने के कारण इस पद्धति में इसे बहुत कम मात्रा में प्रयोग करते हैं। मरीज की स्थिति और रोग के अनुसार भस्म को उचित औषधि के साथ लेने के लिए कहते हैं। तैयार करने की विधि-जरूरत के अनुसार धातु व रत्न को रा
सेहत विभाग ने बीमारियों से बचाव को लेकर घरों व दुकानों में सफाई का किया निरीक्षण

सेहत विभाग ने बीमारियों से बचाव को लेकर घरों व दुकानों में सफाई का किया निरीक्षण

Punjab
शेरपुर | सेहत विभाग की टीम द्वारा एसएमओ पंजगराइयां की अगुआई में गर्मी के सीजन में होने वाली डेंगू, मलेरियां की बीमारियों से बचाव संबंधी लोगों के घरों, फल-सब्जियों की दुकानों पर साफ-सफाई का निरीक्षण किया गया। इस दौरान लोगों को डेंगू व मलेरिया से बचाव सबंधी जानकारी भी दी गई। एसआई निर्भय सिंह ने बताया कि ब्लाॅक के हर गांव में हर शुक्रवार को ड्राई डे मनाया जाता है, जिसके तहत समूह हेल्थ वर्कर गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करते हुए घरों में देर से बर्तन, कूलर, फ्रिज आदि में जमा पानी को खाली करवाते हैं। लोगों को डेंगू व मलेरिया से बचाव संबंधी जानकारी भी दी जाती है। इस मौके पर बीईई जसपाल सिंह जटाना, सोहनदीप सिंह, एसआई गुलजार खान, गुरमीत सिंह, राजेश कुमार रिखी, दलीप सिंह, कुलवंत सिंह आदि उपस्थित थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Dance Therapy : कई बीमारियों से बचाए, चुस्त रखे

Dance Therapy : कई बीमारियों से बचाए, चुस्त रखे

Health
संगीत की धुन सुनकर हमारा शरीर खुद-ब-खुद थिरकने लगता है। दिनभर में कुछ मिनटों का थिरकना हमारे तन और मन दोनों का आलस दूर कर एक नई ऊर्जा प्रदान करता है। यह कई तरह की बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं से... Live Hindustan Rss feed
जटिल बीमारियों में मरीजों को उम्मीद दे रही नई तकनीक

जटिल बीमारियों में मरीजों को उम्मीद दे रही नई तकनीक

Health
कैंसर में इम्यूनोलॉजी थैरेपीइम्यूनोलॉजी कैंसर के इलाज में कारगर है। रोग प्रतिरोधकता बढ़ाने के लिए थैरेपी दी जाती है। ये रोग प्रतिरोधक कोशिकाएं कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करती हैं और स्वस्थ कोशिकाओं को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचाती हैं। कैंसर के दोबारा होने की आशंका घटती है। इसके साथ ही इस थैरेपी से किसी तरह के साइड इफेक्ट भी कम होता है। दस गुना छोटा है पेसमेकरप हले की अपेक्षा 10 गुना छोटा है। इसको इंप्लांट करने के लिए सर्जरी की जरूरत नहीं होती है। इसे मरीज के दाएं वेंट्रिकल में आसानी से लगाया जाता है। इसके प्रयोग के लिए किसी वायर की भी जरूरत नहीं होती है। ऐसे मरीज जिनके दिल की धड़कन सामान्य से कम होती है उन्हें लगाया जाता है। जरूरत न होने पर हमेशा के लिए बंद किया जा सकता है। टेली- रोबोटिक सर्जरीटेली-रोबोटिक सर्जरी से दुनिया के किसी भी कोने से अस्पताल में बैठा सर्जन दूसरे सर्जन को सर्जरी के लि
जीवनशैली संबंधी बीमारियों का इलाज मुश्किल, बचाव आसान

जीवनशैली संबंधी बीमारियों का इलाज मुश्किल, बचाव आसान

Health
जीवनशैली संबंधी बीमारियों की प्रमुख वजह है खराब खानपान व देर रात सोना और समय से नाश्ता आदि न करना। लंबे समय तक इस तरह की आदत से दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। इसमें इनफर्टिलिटी की दिक्कत भी होती है। मोटापा : प्रोटीन बढ़ाएं, कैलोरी घटाएंशरीर में जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने से फैट जमता है। आधुनिक खानपान की चीजों में कैलोरी की मात्रा ज्यादा और पोषकतत्वों की कमी होती है। खराब जीवनशैली भी प्रमुख कारण है। उतनी ही कैलोरी का भोजन करें जितना आपकी शरीर कैलोरी खर्च करती है। इसके लिए शरीर का बीएमआर यानी शरीर के कैलोरी खर्च करने की क्षमता जानें। संतुलित आहार लें। इसमें 30% प्रोटीन, 30% फैट व 40% कार्बोहाइड्रेट होना चाहिए। सुबह उठने के दो घंटे के अंदर नाश्ता और रात के समय डिनर हल्का होना चाहिए। इन चीजों से दूरी जरूरी खानपान में आलू, अरबी, जिमीकंद, केले, चीकू, खजूर और अंजीर न लें। इस तरह की सब्जियां व फल शरी
दिल को बीमारियों से बचाते हैं पीपल के ताजे पत्ते

दिल को बीमारियों से बचाते हैं पीपल के ताजे पत्ते

Health
पीपल को सेहत का खजाना माना जाता है। आयुर्वेद में सामान्य बीमारियों से लेकर गंभीर रोगों तक इसका प्रयोग किया जाता है। जानते हैं इनके फायदों के बारे में:- हृदय रोग :तीन ताजा पत्तों के आगे-पीछे के कोनों को तोड़कर रोज सुबह खाली पेट चबाने से खून साफ होता है। साथ ही ये धमनियों में जमा कोलेस्ट्रॉल को दूर कर ऑक्सीजन का संचार करते हैं। इससे हृदय रोग की आशंका कम होती है। बुखार :तीन ताजा पत्ते एक गिलास पानी में उबालें, पानी जब आधा रह जाए तो गुनगुना होने छानें व पी लें। तेज बुखार में ऐसा दिन में 2-3 बार करने से लाभ होता है। खुजली :3-4 पत्तियों को पानी के साथ पत्थर पर घिसें व इसे दिन में 3 - 4 बार खुजली या कीड़े के काटने वाली जगह लगाएं। ध्यान रहे : इसे चबाने से एक घंटा पहले और बाद कुछ न खाएं। इसकी तासीर गर्म होती है इसलिए इसके बाद जंकफूड, तली-भुनी व मसाले वाली चीजें खाने से बचें। Patrika : India's Lead
नेहरू पार्क से शुरू हुई रन फॉर योगा मैराथन एडीसी बोले-योग गंभीर बीमारियों की संजीवनी

नेहरू पार्क से शुरू हुई रन फॉर योगा मैराथन एडीसी बोले-योग गंभीर बीमारियों की संजीवनी

Haryana
21 जून को पांचवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में वीरवार को जिला प्रशासन एवं आयूष विभाग द्वारा नेहरू पार्क से मैराथन रन फॉर योगा दौड़ का शुभारंभ किया। अतिरिक्त उपायुक्त प्रशांत पंवार ने इसे झंडी दिखा कर रवाना किया। मैराथन नेहरू पार्क से शुरू होकर प्यारा चौक से होते हुए मधु चौक, मॉडल टाउन से होती हुई नेहरू पार्क में संपन्न हुई, जहां पर सभी को रिफ्रेशमेंट उपलब्ध करवाया गया। अतिरिक्त उपायुक्त प्रशांत पंवार ने कहा कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर स्थानीय तेजली खेल परिसर में विधानसभा के स्पीकर कंवरपाल मुख्यातिथि व विधायक घनश्याम दास अरोड़ा वशिष्ठ अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि 21 जून को प्रात: 7 से 8 बजे तक तेजली खेल परिसर में पांचवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा जिसमें हजारों की संख्या में लोग भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि इसके
कई बीमारियों में कारगर है कंकोड़ा

कई बीमारियों में कारगर है कंकोड़ा

Health
नरम बीजवाले कंकोड़ा का ही सब्जी के रूप में प्रयोग करना चाहिएबड़े बेर जैसे गोल एवं बेलनाकार, बारीक कांटेदार, हरे रंग के कंकोड़ा वर्षा ऋतु में मिलते हैं। ये प्रायः पथरीली जमीन पर उगते हैं एवं एक दो महीने के लिए ही आते हैं। अंदर से सफेद एवं नरम बीजवाले कंकोड़ा का ही सब्जी के रूप में प्रयोग करना चाहिए। इसका स्वाद में कड़वे कसैले, कफ एवं पित्तनाशक, रूचिकर्ता, शीतल, वायुदोषवर्धक, रूक्ष, मूत्रवर्धक, पचने में हलके जठराग्निवर्धक एवं शूल, खाँसी, श्वास, बुखार, कोढ़, प्रमेह, अरुचि पथरी तथा हृदयरोगनाशक है।पत्तों का लेप लाभप्रदकंकोड़ा की सब्जी बुखार, खांसी, श्वास, उदररोग, कोढ़, त्वचा रोग, सूजन एवं मधुमेह के रोगियों के लिए ज्यादा हितकारी है। श्लीपद (हाथीपैर) रोग में भी खेखसा का सेवन एवं उसके पत्तों का लेप लाभप्रद है। जो बच्चे दूध पीकर तुरन्त उलटी कर देते हैं, उनकी माताओं के लिए भी कंकोड़ा की सब्जी का सेव
यदि आप इन बीमारियों से परेशान हैं तो करें ये योगासन

यदि आप इन बीमारियों से परेशान हैं तो करें ये योगासन

Health
21 जून को विश्व योग दिवस है। नियमित योग करने से शरीर की कार्यप्रणाली बेहतर होती है। मानसिक और शारीरिक संतुलन बढ़ता है। इसलिए कह सकते हैं कि यह सेहत की योगशाला है। डायबिटीज : सूर्यनमस्कार, कपालभाति, मयूरासन, अग्निसार क्रिया, कूर्मासन व पादपश्चिमोत्तासन से पैंक्रियाज सक्रिय होती हैं। थायरॉइड : सर्वांगासन, उष्ट्रासन, उज्जयी क्रिया से थायरॉइड ग्रंथि सुचारू तरीके से कार्य करती है। मोटापा : सूर्यनमस्कार, कपालभाति, वक्रासन से चर्बी घटती है। एसीडिटी : वज्रासन, पवनमुक्तासन, पादपश्चिमोत्तासन असरकारी हैं।सिरदर्द : शीर्षासन, भ्रामरी, सिद्धासन व सर्वांगासन से पिट्यूटरी ग्लैंड एक्टिव होती है। 15 मिनट में इससे सिरदर्द में आराम मिलता है। अस्थमा : गोमुखासन, भस्त्रिका, उत्तानमंडूकासन व अनुलोम-विलोम से फेफड़ों को ताकत मिलती है। श्वास संबंधी रोगों में लाभ होता है। तनाव : नियमित 15 मिनट ध्यान व लाफ्टर थैरेपी स