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Tag: बैलेट

सर्विस वोटर के दफ्तर तक पहुंचेगा ऑनलाइन पोस्टर बैलेट, दिव्यांगों को मिलेगी आने-जाने की सुविधा

सर्विस वोटर के दफ्तर तक पहुंचेगा ऑनलाइन पोस्टर बैलेट, दिव्यांगों को मिलेगी आने-जाने की सुविधा

Delhi
नई दिल्ली.दिल्ली में अभी तक रजिस्टर 1,41,83,055 वोटर्स में दिव्यांग 37,407 और सर्विस वोटर 10,622 रजिस्टर हैं। वहीं चुनावी मशीनरी में करीब 1.70 लाख लोग लगेंगे। सीईओ दिल्ली डॉ. रणबीर सिंह ने बताया कि इस साल सर्विस वोटर्स के लिए चुनाव आयोग ऑनलाइन बैलेट पेपर(इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन ऑफ पोस्टल बैलेट सिस्टम) की व्यवस्था कर रहा है। इसमें बैलेट पेपर फाइनल होने पर पोस्ट से बैलेट पेपर संबंधित सर्विस वोटर के ऑफिस तक भेजने में जो टाइम खर्च होता था अब नहीं लगेगा।ये भी पढ़ेंजब लालकिले के सामने चुनावी नतीजों को स्कोरबोर्ड पर लिखा गया तो देखने के लिए उमड़ पड़ी भीड़इंचार्ज के पास सुरक्षित तरीके से ऑनलाइन पोस्टर बैलेट पहुंचेगा जिसे वो प्रिंट करके लिफाफे के साथ वोटर को देगा। वापस रिटर्निंग ऑफिसर तक वोट पहुंचने की प्रक्रिया पहले की ही तरह है। दिव्यांग वोटर्स के लिए चुनाव अधिकारी विशेष व्यवस्था
चुनाव ड्यूटी देने वाले कर्मियों के लिए सहूलियत, पोस्टल बैलेट डाक के साथ ईटीपीबीएस व ई-मेल से भेज सकेंगे

चुनाव ड्यूटी देने वाले कर्मियों के लिए सहूलियत, पोस्टल बैलेट डाक के साथ ईटीपीबीएस व ई-मेल से भेज सकेंगे

Haryana
गृहजिले से दूर नौकरी या चुनाव में ड्यूटी लगने पर इस बार किसी को भी वोट डालने से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। इन केटेगिरी के अंतर्गत आने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की वोटिंग प्रक्रिया को सरल व सुगम करने के लिए चुनाव आयोग फार्म 12 व 12ए भरवाएगा। इसके तहत वोटिंग बूथ से दूर गृहजिले में चुनाव ड्यूटी लगने पर अधिकारी व कर्मचारी फार्म-12ए भरकर असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर को अप्लाई कर इलेक्शन ड्यूटी सर्टिफिकेट लेकर ड्यूटी वाले बूथ पर ही वोट डाल सकेंगे। दूसरे जिलों व दूसरे प्रदेश में वोट डालने के लिए फार्म-12 भरकर गृहजिले के निर्वाचन अधिकारी तक पहुंचाने के लिए पोस्टल बैलेट इश्यू होंगे। इसके जरिए वह भी मतदान कर अपने गृहजिले में भेज सकेंगे। हालांकि फार्म 12 पहले भी भरवाया जाता है, लेकिन इसमें इस बार प्रक्रिया डाक के साथ ईटीपीबीएस (इलेक्टॉनिकल ट्रांसफर पोस्टल बेल्ट सिस्टम) से ई-मेल के ज
मिजोरम में पहली बार महिला लड़ेगी लोकसभा चुनाव, निजामाबाद में 23 साल बाद बैलेट से वोटिंग

मिजोरम में पहली बार महिला लड़ेगी लोकसभा चुनाव, निजामाबाद में 23 साल बाद बैलेट से वोटिंग

India
नई दिल्ली. मिजोरम के इतिहास में पहली बार महिला उम्मीदवारलालथलामौनी लोकसभा का चुनाव लड़ने जा रही हैं। उन्होंनेकहा कि मैंने यह कदम भगवान के इशारे पर उठाया है। वे मिजोरम में एनजीओ के जरिएयहूदी समुदाय के लोगों के कल्याण के लिए काम करती हैं। उधर, तेलंगाना कीनिजामाबाद सीट पर इस बार185 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से 175 उम्मीदवार मूल रूप से किसान हैं। यह सीट मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव की बेटी के.कविता की है।सरकार के प्रति नाराजगी के चलते इतनी बड़ी संख्या में किसानों से इस सीट से दावेदारी जताई है ताकि उनकी समस्याओं के प्रति लोगों का ध्यान खींचा जा सके।उम्मीदवारों की इतनी बड़ी संख्या के चलते आयोग कीचुनाैती यह है कि ईवीएम में केवल 64 नाम आ सकते हैं। ऐसे में चुनाव बैलेट पेपर के जरिए करवाना होगा, जिसके लिए आयोग कोअगले दस दिनों में 15 लाख जम्बो साइज बैलेट पेपर प्रिंट करवाना पड़
बैलेट पेपर तैयार कर बैठे रहे निगम अफसर, साढ़े 11 बजे चुनाव स्थगित

बैलेट पेपर तैयार कर बैठे रहे निगम अफसर, साढ़े 11 बजे चुनाव स्थगित

Haryana
बीजेपी की स्ट्रेटजी के अनुसार ही सीनियर व डिप्टी मेयर के चुनाव नगर निगम प्रशासन को मंगलवार को स्थगित करने पड़े। कोई पार्षद बैठक में नहीं पहुंचा, अधिकारी इंतजार करते रहे। बीजेपी ने एक निर्दलीय पार्षद को लेकर अपने छह पार्षदों और उनके प्रतिनिधियों कसौली के पहाड़ों में भ्रमण के लिए भेज दिया। उधर, कांग्रेस व अन्य दलों के समर्थित पार्षद कांग्रेस समर्थित मेयर पद की प्रत्याशी रहीं रेखा ऐरन के होटल लीलावती पर बहुमत के लिए इंतजार करते रहे, तीन पार्षद उनके पास नहीं पहुंचे। उन्हें भी काेरम पूरा करने के लिए बहुमत नहीं मिल पाया। हालांकि दोनों गुटों के पार्षदों ने बहुमत होने का दावा किया है। मेयर गौतम सरदाना ने कहा है कि उनके पास बहुमत तो है मगर दोनों पदों के लिए कंडीडेट के नाम को लेकर अभी तक सहमति नहीं बन पाई थी। इसके चलते चुनाव को स्थगित करना पड़ा। दूसरी तरफ पार्षद शालू दीवान के प
इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सर्विस वोटर्स तक पहुंचेंगे बैलेट पेपर

इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सर्विस वोटर्स तक पहुंचेंगे बैलेट पेपर

Haryana
जिमखाना क्लब में छह जिलों, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी, जींद और चरखी-दादरी के चुनाव से जुड़े उच्चाधिकारियों की बैठक हुई। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) राजीव रंजन ने कहा कि पहले सर्विस वोटर्स के वोट पहुंचने में देरी हो जाती थी, अब इसमें सुधार करते हुए सर्विस वोटर्स तक बैलेट पेपर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से तुरंत भिजवाए जाएंगे। इसके साथ उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा आगामी लोकसभा चुनाव के लिए बनाए सख्त नियम साझा किए गए। सरकारी व निजी, सभी शिक्षण संस्थाओं में पढ़ने वाले तथा 1 जनवरी 2019 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र युवाओं के वोट बनाए जाएं। बैठक में हिसार के उपायुक्त अशोक कुमार मीणा, फतेहाबाद उपायुक्त डॉ. जेके आभीर, सिरसा उपायुक्त प्रभजोत सिंह, जींद उपायुक्त अमित खत्री व चरखी दादरी के उपायुक्त अजय तोमर भी मौजूद रहे। बैठक में हिसार के अतिरिक्त उपायुक्त एएस मान,
किसी दबाव में बैलेट पेपर के युग में नहीं जाएंगे: मुख्य चुनाव आयुक्त

किसी दबाव में बैलेट पेपर के युग में नहीं जाएंगे: मुख्य चुनाव आयुक्त

Delhi
किसी दबाव में बैलेट पेपर के युग में नहीं जाएंगे: मुख्य चुनाव आयुक्त एजेंसी | नई दिल्ली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के हैकिंग विवाद पर चुनाव आयोग ने कहा है कि चुनावों में ईवीएम और वीवीपैट का इस्तेमाल जारी रहेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने गुरुवार को कहा, ‘किसी के दबाव या धमकियों के डर से वापस बैलेट पेपर के युग में नहीं जाएंगे। ईवीएम और वीवीपैट को लेकर राजनीतिक दलों समेत अन्य लोगों के लिए आलोचना करने और फीडबैक देने के रास्ते खुले हैं।’ हाल ही में एक भारतीय साइबर एक्सपर्ट ने दावा किया था कि 2014 के लोकसभा चुनाव में ईवीएम के जरिए धांधली की गई थी। हैकर का दावा है कि यदि उसकी टीम ने हैकिंग की कोशिशें नहीं रोकी होतीं तो भाजपा राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश का विधानसभा चुनाव आसानी से जीत जाती। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
ईवीएम की जगह बैलेट का इस्तेमाल नहीं किया गया तो करेंगे संघर्ष: रेलवे यूनियन

ईवीएम की जगह बैलेट का इस्तेमाल नहीं किया गया तो करेंगे संघर्ष: रेलवे यूनियन

Punjabi Politics
रेलवे ट्रेड यूनियन के इलेक्शन को लेकर यूआरएमयू दफ्तर में मीटिंग करते ओहदेदार। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Ludhiana News - if the ballot was not used instead of evm then the struggle the railway union Dainik Bhaskar
64 से ज्यादा प्रत्याशी वाले विधानसभा क्षेत्र में बैलेट पेपर से होंगे चुनाव

64 से ज्यादा प्रत्याशी वाले विधानसभा क्षेत्र में बैलेट पेपर से होंगे चुनाव

Rajasthan
उदयपुर. राजस्थान सहित 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों को लेकर आचार संहिता शनिवार से लागू हो गई। सोशल मीडिया और लोगों में ईवीएम को लेकर चर्चाएं भी हो रही हैं। निर्वाचन आयोग के दावों के बाद भी कई लोग बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करते आ रहे हैं। इधर, चुनाव आयोग ने ईवीएम वोटिंग मशीन को लेकर भ्रांतियों को दूर करने के लिए सूचनाएं जारी की हैं। किसी भी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में यदि 64 से अधिक उम्मीदवार होते हैं तो वहां बैलेट पेपर से चुनाव होंगे। 64 से अधिक उम्मीदवार होने पर ईवीएम में वोटिंग कराने का विकल्प नहीं है। ईवीएम में 16 बटन होते हैं, इसमें अधिकतम 4 मशीनें ही जोड़ सकते हैं। 2013 में ईवीएम का तीसरा नया हिस्सा वेरीफ़ाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानी वीवीपैट (वीवीपीएट) जोड़ा गया, जो वोट के तुरंत बाद एक पर्ची दिखाता है जिस पर जिस उम्मीदवार को वोट दिया गया है, उसका नाम और चुना

इन बैलेट पेपरों पर अब नहीं दिखेगा नोटा का विकल्‍प: जानें, चुनावों में NOTA का बिग रोल

India
2013 से 2017 के बीच हुए मतदान की कुल सीटों में से 261 विधानसभा और 24 लोकसभा सीटो पर नोटा वोट विजय मार्जिन से ज्‍यादा थे। Jagran Hindi News - news:national
आगामी चुनावों को लेकर EC ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, बैलेट पेपर की उठ सकती है मांग

आगामी चुनावों को लेकर EC ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, बैलेट पेपर की उठ सकती है मांग

India
आगामी चुनावों को लेकर सोमवार को चुनाव आयोग की तरफ से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा होगी। ख़बरों के मुताबिक, बैठक के दौरान इलैक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन से... Live Hindustan Rss feed