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Tag: ब्लड

45 मिनट बंद रहा ब्लड बैंक का दरवाजा, लोग होते रहे परेशान

45 मिनट बंद रहा ब्लड बैंक का दरवाजा, लोग होते रहे परेशान

Punjab
जालंधर | शनिवार रात कुछ लोग जब सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक में सेल लेने गए तो उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कर्मचारी पर सोए रहने का आरोप लगाया और कहा कि ब्लड बैंक का दरवाजा 45 मिनट बंद रहा। जब इसका विरोध किया तो लैब टेक्नीशियन ने उनसे कह दिया कि मशीन खराब है। सेल नहीं मिल सकते। फगवाड़ा गेट इलेक्ट्रॉनिक मार्केट के प्रधान बलजीत सिंह आहलूवालिया शनिवार रात 11 बजे सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक गए। उनकी मार्केट में काम करने वाला 30 साल का अशोक कुमार अस्पताल में दाखिल था। सेल कम थे तो डॉक्टर ने कहा एक यूनिट सिंगल डोनर ब्लड प्लेटलेट्स चढ़ाने पड़ेंगे। वह ब्लड बैंक पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। आधा घंटा खटखटाने के बाद टेक्नीशियन सन्नी ने दरवाजा खोला और कहा कि मशीन खराब है। आहलूवालिया ने बताया कि उन्हें पता लगा है कि दोपहर में मशीन चल रही थी। सिविल में सेल निकालने व
जानलेवा गलतीः ब्लड बैंक ने O+ की जगह थमाया A- ब्लड, डॉक्टर और नर्सों ने बिना देखे 3 साल की मासूम को चढ़ाया यह खून, तबियत बिगड़ी और शुरू हो गई ब्लीडिंग

जानलेवा गलतीः ब्लड बैंक ने O+ की जगह थमाया A- ब्लड, डॉक्टर और नर्सों ने बिना देखे 3 साल की मासूम को चढ़ाया यह खून, तबियत बिगड़ी और शुरू हो गई ब्लीडिंग

Rajasthan
झालावाड़ (राजस्थान). जिला जनाना अस्पताल के पीडियाट्रिक विभाग की पीआईसीयू में भर्ती 3 साल की मासूम बच्ची को दूसरे ग्रुप का ब्लड चढ़ा दिया। ब्लड के रिएक्शन से बच्ची की तबीयत बिगड़ गई और ब्लीडिंग शुरू हो गई। गंभीर हालत में बच्ची को आईसीयू में लेकर डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। समय रहते इलाज मिलने पर बच्ची की जान बच गई। आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई, किसकी गलती से बच्ची को गलत ब्लड चढ़ाया गया, इसको लेकर शिशु विभाग व ब्लड बैंक प्रशासन एक-दूसरे की गलती बताते रहे।गलत ब्लड चढ़ाते ही बिगड़ने लगी मासूम की हालत...- झालावाड़ निवासी मोहनलाल टेलर की बेटी के शरीर में ब्लड नहीं बनता है। इससे उसके शरीर में खून की कमी हो रही है। बच्ची का हीमोग्लोबिन करीब 5 ग्राम ही रह गया था।- ऐसे में बच्ची को ब्लड चढ़ाने के लिए परिजनों ने जिला जनाना अस्पताल में भर्ती कराया था। शिशु विभाग में बच्ची को ब्लड चढ़
डीएमसी हॉस्पिटल में मनाया गया नेशनल वाॅलंटियरी ब्लड डोनेशन डे

डीएमसी हॉस्पिटल में मनाया गया नेशनल वाॅलंटियरी ब्लड डोनेशन डे

Punjab
लुधियाना| नेशनल वाॅलंटियरी ब्लड डोनेशन डे पर डीएमसीएच में कार्यक्रम किया गया। इस दौरान इम्यूनोहेमाटोलॉजी और ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग ने लेक्चर करवाया। वहीं पांच अलग-अलग जगहों पर वाॅलंटियरी ब्लड डोनेशन कैंप भी लगाए गए। विभाग प्रमुख डॉ. अमरजीत कौर ने कहा कि 18 से 65 साल तक का 45 किलो से अधिक भार वाला कोई भी व्यक्ति ब्लड डोनेट कर सकता है। प्रोफेसर डॉ. राजेश कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सोनिया सिंह ने कहा कि कोई भी नजदीकी ब्लड बैंक में जाकर खूनदान कर सकता है। डीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. संदीप पुरी ने आयोजन पर विभाग की सराहना की। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Ludhiana - डीएमसी हॉस्पिटल में मनाया गया नेशनल वाॅलंटियरी ब्लड डोनेशन डे Dainik Bhaskar
60 युवाओं ने ब्लड किया डोनेट

60 युवाओं ने ब्लड किया डोनेट

Punjabi Politics
लुधियाना| श्री गुरुनानक देव जी के ब्याह पर्व पर यूथ ब्लड डोनर आॅर्गेनाइजेशन एंड वेल्फेयर सोसाइटी की ओर से गऊशाला रोड पर कमलप्रीत सिंह बंटी की अगवाई में ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें रघुनाथ अस्पताल से आई डाॅक्टर पूर्ण सिंह की टीम की देखरेख में 60 युवाओं ने ब्लड डोनेट किया। इस मौके पर कौंसलर मनप्रीत सिंह मन्ना, नितिन कुमार, जसप्रीत सिंह रिक्की, तरण अटवाल, मनी दुआ, हरप्रीत सिंह, ललित कुमार, परमवीर छतवाल, गोपाल सिंह, सुखविंदर सिंह, रमन ओबराय, शुभम अरोड़ा, अंकित पंडित, प्रभजोत सिंह और अन्य ने ब्लड डोनेट किया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Ludhiana - 60 युवाओं ने ब्लड किया डोनेट Dainik Bhaskar
रहरास सेवा सोसाइटी ने कैंप लगा जुटाया 500 यूनिट ब्लड

रहरास सेवा सोसाइटी ने कैंप लगा जुटाया 500 यूनिट ब्लड

Punjab
लुधियाना| चंडीगढ़ रोड सेक्टर-39 स्थित राम दरबार मंदिर में रहरास सेवा सोसाइटी की ओर से खूनदान कैंप लगाया गया। इसमें 500 से भी ज्यादा ब्लड यूनिट एकत्रित किया गया। इस मौके पर विशेष तौर पर अपने साथियों समेत पहुंचे भोला गरेवाल और अमरजीत सिंह का संस्था की ओर से विशेष सम्मान भी किया गया। भोला ने कहा कि संस्था की ओर से खूनदान कैंप लगाना बहुत ही प्रशंसनीय योगदान है, क्योंकि आज के इस तेजी के युग में होने वाली दुर्घटनाओं में भी तेजी आई है। इसमें कोई शक नहीं कि ऐसे ब्लड कैंप से एकत्रित किए खून से बहुत-सी कीमती जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को ऐसे कैंप मैं ब्लड डोनेट कर जिंदगियां बचाना ही असली धर्म है। इसलिए हमें बढ़-चढ़कर इसमें अपना योगदान डालना चाहिए। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dainik Bhaskar
ये नया ब्लड टेस्ट दिल की बीमारी लगने से पहले ही बता देगा, जानें कितनी है कीमत

ये नया ब्लड टेस्ट दिल की बीमारी लगने से पहले ही बता देगा, जानें कितनी है कीमत

Health
नया ब्लड टेस्ट आपके दिल के रोग को समय रहते पहचान लेगा। यह टेस्ट 98 फीसदी तक ज्यादा सटीक जानकारी भी देता है। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने एक नए अध्ययन में दावा किया कि 15 पाउंड (लगभग 14 हजार रुपये) खर्च... Live Hindustan Rss feed
किडनी के फिल्टर्स में खराबी से भी यूरिन में आता है ब्लड

किडनी के फिल्टर्स में खराबी से भी यूरिन में आता है ब्लड

Health
किडनी में मौजूद फिल्टर्स (ग्लोमेरुली) छलनी के रूप में काम कर अपशिष्ट व विषैले पदार्थ और अतिरिक्त लिक्विड को बाहर निकालने का काम करते हैं। दोनों किडनी में मौजूद कुल बीस लाख फिल्टर एक दिन में लगभग 170-180 लीटर रक्त को छानते हैं। कुछ कारणों से जब ये फिल्टर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं तो इनमें सूजन आ जाती है जिसे ग्लूमेरुलो नेफ्राइटिस बीमारी कहते हैं। इसके कारण आंखों व शरीर में सूजन के अलावा यूरिन में प्रोटीन व ब्लड निकलने के साथ ब्लड प्रेशर बढऩे व भूख घटने से स्थिति खतरनाक हो सकती है। ऐसे में किडनी के ठीक से काम न कर पाने से किडनी फेल होने की आशंका बढ़ जाती है। जानते हैं इस रोग के बारे में- फिल्टर ब्लॉक होने से आती है अंदरूनी सूजन ग्लूमेरुलो नेफ्राइटिस प्रतिरोधी तंत्र की बीमारी है जिसमें एंटीबॉडी व एंटीजन से होने वाला प्रभाव सीधे किडनी पर होता है। इससे छलनी के सुराख ठीक से खुल नहीं पाते, ब्लॉक हो
किडनी के फिल्टर्स में खराबी से भी यूरिन में आता है ब्लड

किडनी के फिल्टर्स में खराबी से भी यूरिन में आता है ब्लड

Health
किडनी में मौजूद फिल्टर्स (ग्लोमेरुली) छलनी के रूप में काम कर अपशिष्ट व विषैले पदार्थ और अतिरिक्त लिक्विड को बाहर निकालने का काम करते हैं। दोनों किडनी में मौजूद कुल बीस लाख फिल्टर एक दिन में लगभग १७०-१८० लीटर रक्त को छानते हैं। कुछ कारणों से जब ये फिल्टर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं तो इनमें सूजन आ जाती है जिसे ग्लूमेरुलो नेफ्राइटिस बीमारी कहते हैं। इसके कारण आंखों व शरीर में सूजन के अलावा यूरिन में प्रोटीन व ब्लड निकलने के साथ ब्लड प्रेशर बढऩे व भूख घटने से स्थिति खतरनाक हो सकती है। ऐसे में किडनी के ठीक से काम न कर पाने से किडनी फेल होने की आशंका बढ़ जाती है। जानते हैं इस रोग के बारे में- फिल्टर ब्लॉक होने से आती है अंदरूनी सूजन ग्लूमेरुलो नेफ्राइटिस प्रतिरोधी तंत्र की बीमारी है जिसमें एंटीबॉडी व एंटीजन से होने वाला प्रभाव सीधे किडनी पर होता है। इससे छलनी के सुराख ठीक से खुल नहीं पाते, ब्लॉक हो
यकीन मानिए ब्लड डोनेशन भी है फिटनेस का इंडिकेशन

यकीन मानिए ब्लड डोनेशन भी है फिटनेस का इंडिकेशन

Health
डब्ल्यूएचओ के अनुसार हर साल भारत में 4 करोड़ यूनिट से ज्यादा रक्त की जरूरत होती है। लेकिन 40 लाख यूनिट रक्त ही उपलब्ध हो पाता है। प्रत्येक दो सैकंड में एक व्यक्ति को रक्त की जरूरत पड़ती है। यह कमी लोगों में ब्लड डोनेशन के प्रति जागरूकता में कमी से है। दरअसल ज्यादातर लोग रक्तदान से संबंधित कई तरह की भ्रांतियों से घिरे होते हैं, जिससे वे रक्तदान से दूरी बनाए रखते हैं। एक रिसर्च के मुताबिक नियमित ब्लड डोनेशन से कैंसर व दूसरी बीमारियां होने की आशंका कम होती है। ब्लड डोनेशन के दौरान जितना ब्लड लिया जाता है, 21 दिनों में शरीर उसे फिर से बना लेता है। ब्लड का वॉल्यूम शरीर 24 से 72 घंटे मे पूरा कर लेता है। रक्तदान दिवस (१४ जून) के मौके पर यहां हम कुछ ऐसी ही भ्रांतियों के बारे में चर्चा कर रहे हैं। ब्लड डोनेशन से रोग प्रतिरोध क्षमता कमजोर होती है?रोगप्रतिरोधक तंत्र पर रक्तदान का कोई असर नहीं होता है

हाई ब्लड प्रेशर वाले हो जाएं सावधान, हो सकती है ये गंभीर बीमार, जानें- कैसे करें बचाव

India
शायद आप नहीं जानते कि आपका संपूर्ण स्वास्‍थ्‍य आपके हृदय स्वास्‍थ्‍य पर ही निर्भर करता है और यहां तक कि हमारा जीवनचक्र भी सिर्फ तभी तक चलता है , जबतक कि हमारा हृदय गति करता है। Jagran Hindi News - news:national