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‘मीठा जहर’ नाटक से सच का साथ देने को किया प्रेरित

‘मीठा जहर’ नाटक से सच का साथ देने को किया प्रेरित

Punjabi Politics
सुनाम |दी मिलेनियम स्कूल की ओर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बलिदान दिवस को समर्पित श्रद्धांजलि समारोह कराया गया। इस मौके पर प्रिंसिपल हरजिंदर सिंह टुरना ने कहा कि समारोह करवाने का उद्देश्य बच्चों को महात्मा गांधी के विचारों से परिचित करवाना है। उन्होंने कहा कि हमें सदा सच का साथ देना चाहिए। दूसरों की सहायता करने के लिए हमेशा आगे आना चाहिए। इस मौके पहली कक्षा के बच्चों ने गांधी जी के बारे में अपने विचार प्रस्तुत किए। इस मौके पर बच्चों ने मीठा जहर नाटक प्रस्तुत कर बताया कि हमें बिना डरे सच का साथ देना चाहिए। इस मौके पर स्कूल प्रबंधक मंगत राय कांसल, मुनीश बांसल ने बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुति की सराहना की। (अशोक) Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Sunam News - inspired by the 39sweet poison39 drama to co exist wit
क्या आप मीठा देखकर कंट्रोल नहीं कर पाते ? तो जान लें ये बातें

क्या आप मीठा देखकर कंट्रोल नहीं कर पाते ? तो जान लें ये बातें

Health
मिठाई खाना अच्छी बात है, लेकिन कहीं आप मनुहार या इच्छा से खाने की अति तो नहीं करते। नीचे दिए गए सवालों के जवाब देकर खुद ही परख लें। 1. मिठाई खाना मुझे बेहद पसंद है। कभी-कभार ज्यादा हो जाए तो हर्ज क्या है।अ: सहमत ब: असहमत 2. मैं तो बचपन से ही 'स्वीट टूथ' हूं और मिठाई मेेरी मजबूरी व कमजोरी बन चुकी है।अ: सहमत ब: असहमत 3. मैं कम मीठा खाता/खाती हूं लेकिन कोई ज्यादा ही मनुहार करे तो खाना ही पड़ता है।अ: सहमत ब: असहमत 4. मैं सिर्फ अच्छी मिठाई खाता/खाती हूं लेकिन चॉकलेट देखकर मन बच्चा बन जाता है।अ: सहमत ब: असहमत 5. मुझे ज्यादा मीठा खाने के खतरे पता हैं लेकिन क्या करूं मिठाई मेरे लिए आकर्षण है।अ: सहमत ब: असहमत 6. मीठा खाना हमारी संस्कृति व रीति-रिवाजों का हिस्सा है, इससे कैसे बचा जा सकता है।अ: सहमत ब: असहमत 7. हमारे घर में खाने के बाद मीठा न हो तो बड़ा हंगामा हो जाता है।अ: सहमत ब: असहमत 8. मैं कैलोर
जानिए मीठा खाने से क्यों होता है दांतों में दर्द

जानिए मीठा खाने से क्यों होता है दांतों में दर्द

Health
कई लोग अक्सर मीठा खाने के बाद दांतों में दर्द की शिकायत करते हैं। ऐसा दांतों की सुरक्षा परत यानी इनेमल लेयर के हट जाने से होता है। जब यह परत घिस जाती है या खत्म हो जाती है, तो दांत संवेदनशील हो जाते हैं और दर्द होने लगता है। कारण : दंत रोग विशेषज्ञ के अनुसार दांत साफ करने के लिए कठोर ब्रश के प्रयोग से, रगड़-रगड़ कर ब्रश करने, धूम्रपान करने और गुटखा खाने की वजह से दांतों की इनेमल लेयर हट जाती है या घिस जाती है। इसके अलावा कई बार दांतों में कैविटी की समस्या होने या दांत पीसने की आदत के कारण भी दांत सेंसिटिव हो जाते हैं। जब हमारे दांतों में सेंसिटिविटी बढ़ जाती है तो इस दौरान हम कुछ मीठा खाते हैं तो हमारे दांतों में मिठाई लगने लगती है। ये भी जरूरी - एंटी कैविटी टूथपेस्ट और एंटीसेंसिटिव टूथपेस्ट का प्रयोग करें। नमक व सरसों तेल से रोजाना दांत और मसूड़ों की हल्की मालिश करें। सेंसिटिविटी होने पर
बाड़मेर के सिवाना कस्बे को जल्द ही मिलेगा मीठा पानी: वसुंधरा राजे

बाड़मेर के सिवाना कस्बे को जल्द ही मिलेगा मीठा पानी: वसुंधरा राजे

Rajasthan
खेल डेस्क। बाड़मेर के सिवाना कस्बे में इसी महीने सितंबर में ही हिमालय का मीठा नहरी पानी मिल जाएगा। इसके लिए पोकरण-फलसूंड-बालोतरा-सिवाना पेयजल परियोजना पर 1427 करोड़ रूपए खर्च किए गए हैं। सिद्धू ने अजमेर में कहा जल्द सुधरेंगे पाकिस्तान और भारत के रिश्ते ये बात मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भारतीय जनता पार्टी की राजस्थान गौरव यात्रा के तहत यहां पर आयोजित एक सभा में कही। राजे ने बताया कि उम्मेदसागर-धवा-समदड़ी-खंउप पेयजल परियोजना से समदड़ी में नहरी पानी पहुंच चुका है। इससे इस क्षेत्र की पेयजल समस्या का स्थाई समाधान हो गया है। सीएम वसुंधरा राजे ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को बखान करते हुए कहा कि बाड़मेर में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत तीन सौ करोड़ रूपए की लागत से 19 हजार जल संरक्षण के कार्य कराए गए हैं। देश के लिए जान कुर्बान करने वाले शहीदों को मिलेगी सरकारी नौकरी : वसुंधर
स्वस्थ रहने के लिए मीठा खाने की आदत पर कैसे काबू करें

स्वस्थ रहने के लिए मीठा खाने की आदत पर कैसे काबू करें

Health
कुछ लोगों को मीठा खाने की बहुत तीव्र इच्छा होती है। इस आदत की वजह से उन्हें कईं स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। एक व्यक्ति को दिनभर में 30 ग्राम शुगर की आवश्यकता होती है, जिससे वह पूरे दिन... Live Hindustan Rss feed
गर्मी में ज्यादा मीठा खाना भी स्किन के पसीने छुड़ा देगा, जानें क्यों

गर्मी में ज्यादा मीठा खाना भी स्किन के पसीने छुड़ा देगा, जानें क्यों

Health
गर्मी में त्वचा संबंधी तकलीफें बढ़ जाती हैं। इस मौसम में त्वचा खुस्क होने लगे तो परेशानी बढ़ सकती है और समय रहते सतर्क हो जाना चाहिए। त्वचा शरीर का सबसे बड़ा अंग है जो शरीर के भीतरी अंगों को सुरक्षित रखने का काम करती है। जब इसमें किसी तरह का संक्रमण होता है जो तेजी से फैलता है और शरीर का एक बड़ा भाग उस संक्रमण की चपेट में आ जाता है। ऐसे में गर्मी में त्वचा का खास खयाल रखा जाए तो कई तरह की गंभीर परेशानियों से बचा जा सकता है। हाई शुगर डाइट लेने से बचें गर्मी के मौसम में त्वचा संबंधी रोगों से बचाव के लिए हाई शुगर डाइट के इस्तेमाल से बचना चाहिए। शुगर डाइट का अधिक इस्तेमाल से पसीने से मीठा तत्त्व बाहर निकलता है जो घाव, जख्म या संक्रमण का रूप ले सकता है। फल जैसे चीकू, केला, आम भी संतुलित मात्रा में खाना चाहिए। इन फलों में मिठास अधिक होती है। ऐसे में शरीर में शुगर की मात्रा बढऩे से संक्रमण का खत