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केमिकल के रंगों से रखें बचाव पानी की बर्बादी रोकें: पिलानिया

केमिकल के रंगों से रखें बचाव पानी की बर्बादी रोकें: पिलानिया

Haryana
सेक्टर-13 स्थित विज्डम स्कूल में रंगों का पर्व होली बड़े धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर सभी बच्चों ने अपने सहपाठियों व अध्यापक अध्यापिकाओं के साथ भी होली खेली। प्रिंसिपल हरिपाल पिलानिया ने बच्चों को बताया कि रंगों का यह त्योहार हमारे जीवन में खुशियां लेकर आता है और साल में एक बार आने वाले इस रंगोत्सव का हमें भरपूर आनंद उठाना चाहिए। बच्चों व सभी स्टाफ सदस्यों को होली की शुभकामनाएं देते हुए केमिकल के रंगों से दूर रहने व पानी की बर्बादी रोकने की भी अपील की। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Hisar News - haryana news keep the colors of chemicals safe from waste water pilania Dainik Bhaskar
#HOLI – होली पर एेसे रखें खाने-पीने का ध्यान

#HOLI – होली पर एेसे रखें खाने-पीने का ध्यान

Health
होली के दिन हम दोस्तों, रिश्तेदारों या पड़ोसियों के घर जाते हैं और जमकर खाते हैं। इससे अक्सर फूड पॉइजनिंग की समस्या हो जाती है। इससे बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। पेट संबंधी समस्या -त्योहार के दिनों में मिठाइयां काफी समय पहले से ही बन जाती हैं। लंबे समय से बनी होने की वजह से इनमें सूक्ष्म बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं जो फूड पॉइजनिंग का कारण बनते हैं। कई बार लोग रंग लगे हाथों से ही पकवान खा लेते हैं जिससे रंगों का कैमिकल पेट में जाकर गड़बड़ी करता है। बाजार में बनाई जाने वाली गुंजिया और अन्य पकवानों में आमतौर पर एक ही तेल का इस्तेमाल किया जाता है। जिससे खाद्य पदार्थ में ट्रांस फैट इक्कठा होने लगता है और मोटापा बढ़ता है। त्योहार के दिन लोग एक साथ अधिक मात्रा में दूध ले लेते हैं इसलिए इन्हें आवश्यकतानुसार गर्म करते रहें। संभव हो तो घर का बना दही और पनीर इस्तेमाल करें। चाय-कॉफी की
खुलकर खेलें हाेली, लेकिन इन बाताें का रखें ध्यान

खुलकर खेलें हाेली, लेकिन इन बाताें का रखें ध्यान

Health
हर साल डॉक्टरों के पास ऐसे मामले आते हैं जिसमें किसी की शरारत से दूसरे की आंख की रोशनी चली जाती है, कान का पर्दा फट जाता है या कई बार जान पर भी बन आती है। इसलिए जरूरी है कि आप सावधानी से होली मनाएं और सभी के साथ होली के हुड़दंग का मजा लें। होली खेलें लेकिन थोड़ा संभलकरहोली का रंग अगर नाक व मुंह में चल जाए तो इससे अस्थमा और एलर्जी के मरीजों को काफी दिक्कत हो सकती है इसलिए वे होली ना खेलें क्योंंकि ऐसे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है और कई बार हार्ट अटैक भी आ सकता है। डॉक्टरी सलाह: ध्यान रखें कि रंग आपके मुंह में ना जाए क्योंकि यह फेफड़ों, हृदय और किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। गुब्बारे से ना खेलें, इससे कान के पर्दे पर चोट लग सकती है और सुनाई देना बंद हो सकता है। कान में रंग जाने से ईयर ब्लॉकेज, दर्द और सूजन हो सकती है। किसी भी समस्या से बचने के लिए आप कान में रुईं लगाकर होली खेल
होली के हुड़दंग में एेसे रखें अपने शरीर के अंगों का खयाल

होली के हुड़दंग में एेसे रखें अपने शरीर के अंगों का खयाल

Health
हाेली रंगाें से भरा मस्तीभरा त्याेहार है, हाेली के दिन जिसे देखाे वाे ही तरह-तरह के रंगाें में रंगा नजर आता है। लेकिन हाेली की मस्ती में सराबाेर हाेने के साथ ही हमें अपने शरीर का भी ध्यान रखना चाहिए। ताकि सेहत का रंग फीका ना हाे। आइए जानते हैं हाेली पर कैसें करें अपने अंगाें की देखभाल :- आंखेंज्यादातर रंग एसिडिक होते हैं। आंखों में जाते ही इनसे खुजली या जलन हो सकती है। आंखों में रंग चला जाए तो ठंडे पानी से धोएं। आराम ना मिले पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। नाखूनहोली बीतने के बाद भी नाखूनों के किनारों पर रंग कई दिनों तक लगे रहते हैं, जो बुरे लगते हैं। नाखूनों को सुरक्षा देने के लिए धुलंडी के दिन नेलपॉलिश की मोटी परत लगाएं। नाखून अगर लंबे हैं, तो अंदर की ओर भी हल्की परत लगा सकते हैं। होंठहोंठों की सुरक्षा के लिए लिपस्टिक जरूर लगाएं। हां, इससे पहले वैसलीन की हल्की परत लगा लें। बालहोली खेलने स
होली के जश्न में एेसे रखें अपनी त्वचा का खयाल

होली के जश्न में एेसे रखें अपनी त्वचा का खयाल

Health
होली सबको प्यारी है। सब इसके रंग में सराबोर होना चाहते हैं लेकिन इससे पहले अपनी त्वचा की सुरक्षा से जुड़े उपायों के बारे में जानना बहुत जरूरी है।होली के रंगों का कई बार त्वचा पर खराब असर होता है, खासकर चेहरे की त्वचा पर , जो कि काफी नाजुक होती है। ऐसे में किस तरह से अपनी त्वचा का ध्यान रखते हुए होली के हुड़दंग में शामिल हुआ जा सकता है।आइए जानते हैं रंगाें के इस त्याेहार पर कैंसे रखें अपना त्वचा खयाल :- बर्फ के टुकड़े रगड़ेंकुछ बर्फ के टुकड़े लें और उन्हें एक साफ सूती कपड़े में लपेटें। 10 से 15 मिनट के लिए उन्हें अपने चेहरे पर रगड़ें। यह सुनिश्चित करेगा कि आपके चेहरे पर जो छिद्र हैं वो बंद हैं और उन सभी से आपकी त्वचा में रासायनिक रंगों का प्रवेश नहीं होगा। अपनी त्वचा और बालों पर तेल लगाएंऑइलिंग केवल आपके बालों तक सीमित नहीं होना चाहिए। आपकी त्वचा को रसायनों से भी बचाना होगा। सुनिश्चित करें
#holi – होली पर बच्चों की सेहत का एेसे रखें ध्यान

#holi – होली पर बच्चों की सेहत का एेसे रखें ध्यान

Health
holi, HOLI, बच्चों की त्वचा सेंसेटिव और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर होती है। इसलिए इनके साथ होली खेलते समय सावधानी बरतनी चाहिए। सर्दी-जुकाम : जिन घरों में छोटे बच्चे हों वहां पानी वाली होली खेलने से बचें क्योंकि भीगने के कारण इस बदलते मौसम में वे जल्दी सर्दी-जुकाम का शिकार हो सकते हैं। रंगों से प्रदूषण काफी बढ़ता है जिससे बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होती है। जिन बच्चों को सांस संबंधी समस्या या एलर्जी की परेशानी हो उन्हें रंगों से दूर ही रखें। इसके अलावा जिन बच्चों की इम्युनिटी कम हो उन्हें भी होली के कार्यक्रम में शामिल न करें क्योंकि इन दिनों स्वाइन फ्लू का ज्यादा खतरा बना हुआ है। त्वचा की एलर्जी - जिन बच्चों को सिंथेटिक एलर्जी होती है उन्हें रंगों की वजह से त्वचा की एलर्जी होने का खतरा भी बढ़ जाता है इसलिए उन्हें होली न खेलने दें। छह माह से कम उम्र के बच्चों की त्वचा काफी कोमल
याद रखें : 19 मई 2019, वोट डालने जाना है अपना फर्ज निभाना है

याद रखें : 19 मई 2019, वोट डालने जाना है अपना फर्ज निभाना है

Punjab
संगरूर |वोट डालने जाना है अपना फर्ज निभाना है, वोट है हमारा अधिकार, नहीं करेंगे इसे बेकार और हर एक वोट जरूरी है जैसे स्लोगनों को ओवरब्रिजों के नीचे छपवाकर जिले के लोगों को मतदान के लिए जागरूक किया जा रहा है। जिला चुनाव अधिकारी-कम-डीसी घनश्याम थोरी ने विभिन्न रंगों की ग्रैफिटी का आकर्षक जरिए से पेश कर लोगों को वोट डालने की अपील की। डीसी घनश्याम थोरी ने बताया कि ग्रैफिटी प्रोजेक्टर स्वीप गतिविधि का हिस्सा है। जिसका मकसद हर वोटर को अपने वोट का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि रंगों का मानव की मानसिकता पर विशेष प्रभाव पड़ता है व संगरूर में ग्रैफिटी के रूझान को लोकसभा में जागरूकता अभियान के तौर पर प्रफुल्लित किया जा रहा है ताकि कोई भी बालिग इस मुहिम से वंचित न रहे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dainik B
मंदिर में दर्शन करने गए व्यापारी की स्कूटर चोरी, डिक्की में रखे थे 2.5 लाख रुपये

मंदिर में दर्शन करने गए व्यापारी की स्कूटर चोरी, डिक्की में रखे थे 2.5 लाख रुपये

Rajasthan
ये भी पढ़ेंपुलिस बोलेरो और ट्रेलर की भिड़ंत, सब इंस्पेक्टर की मौत; तीन पुलिसकर्मी घायलपाली. जिले के सोजत शहर में रविवार को दिनदहाड़े एक व्यापारी कीस्कूटर चोरी हो गई।स्कूटर केडिक्की में करीब ढाई लाख रुपयेभी रखे थे।घटना के बादसे स्थानीय व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त है।इसको लेकर व्यापारियों नेसोजत थाने में इकट्‌ठा होकर विरोध किया।जानकारी के अनुसार, वारदात किराणा व्यापारी गणपत लाल घांची के साथ हुई। वह रविववार दोपहर को सोजत के मुख्य बस स्टैंड के पास एक मंदिर में दर्शन करने गयाथा। जहां स्कूटर को पार्किंग में खड़ा कर वह मंदिर में चलागया। इसी बीच अज्ञात बदमाशों ने व्यापारी गणपत लाल कीस्कूटर चुराकर भाग निकले।स्कूटर की डिक्की में ढाई लाख रुपए रखे थे। रुपयों से भरा स्कूटर गायब देखकर व्यापारी गणपत लाल ने आसपास के लोगों को पूछा। स्कूटर व रुपये चोरी होने का पता चलने पर पुलिस को सूचना द
मस्जिदों के लिए रखे जाएं पर्यवेक्षक

मस्जिदों के लिए रखे जाएं पर्यवेक्षक

Delhi
नई दिल्ली। दिल्ली भाजपा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि मस्जिदों और मुस्लिम बहुल इलाकों में पर्यवेक्षक की नियुक्ति करे। दिल्ली भाजपा ने इसके लिए चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा है। इसमें उसने कहा है कि रमजान के दौरान मुस्लिमों को धार्मिक आधार पर मतदान करने के लिए उकसाया जा सकता है, ऐसा ना हो इसके लिए जरूरी है कि चुनाव आयोग पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करे। पत्र में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पिछले कुछ दिनों से मुस्लिम बहुल इलाकों में भड़काऊ भाषण और आधारहीन बयान दे रहे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dainik Bhaskar
युवाओं को हो रहा दिल की बीमारियों का खतरा, खुद को ऐसे रखें हैल्दी

युवाओं को हो रहा दिल की बीमारियों का खतरा, खुद को ऐसे रखें हैल्दी

Health
हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ के एक शोध के अनुसार हृदयाघात अब बुजुर्गों का रोग नहीं रहा, युवा भी इसके शिकार हो रहे हैं। ऐसे में कुछ खास बातों पर अमल कर दिल की बीमारियों से जुड़े बढ़ते खतरे से बचा जा सकता है। कसरत या योग आदि न करने और काम के बढ़ते तनाव की वजह से भी युवा हृदयाघात के शिकार हो रहे हैं। युवा सीने में बेचैनी, गले में तकलीफ, पीठदर्द, अपच, सर्दी व जुकाम को गंभीरता से नहीं लेते। ये हृदय रोग के लक्षण हो सकते हैं।युवाओं में हृदय रोग बढ़ने का दूसरा कारण है खानपान। वे ज्यादा कैलोरी व नमक लेते हैं। स्मोकिंग व अल्कोहल जैसी गलत आदतें हृदय रोगों का खतरा बढ़ाती हैं। युवा कार्डियोवैस्क्यूलर रोगों के वंशानुगत कारणों, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा व मधुमेह के प्रति भी लापरवाह हैं। ये करें : धूम्रपान व शराब का सेवन न करें, नियमित व्यायाम करें, रोजाना दो घंटे से ज्यादा टीवी न देखें,