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पुजारा ने 61 गेदों में लगाया शतक, फिर भी सौराष्ट्र हारा; 2 गेंद शेष रहते रेलवे जीता

पुजारा ने 61 गेदों में लगाया शतक, फिर भी सौराष्ट्र हारा; 2 गेंद शेष रहते रेलवे जीता

Indian Sports
इंदौर. मुश्ताक अली टी-20 क्रिकेट मैच का पहला मैच गुरुवार को होलकर स्टेडियम मेंरेलवे और सौराष्ट्र के बीच खेला गया। रेलवे ने टॉस जीतकरसौराष्ट्र को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया।सौराष्ट्र की टीम ने जोरदार शुरुआत करते हुएचेतेश्वर पुजारा के शतक औररॉबिन उथप्पा के 46 रनों की मदद से 20 ओवर में 188 रन बनाए। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरीरेलवे की टीम ने दो गेंदशेष रहते लक्ष्य को हासिल कर लिया। रेलवे की ओर से मृणाल देवधर ने 49 रन,जबकिप्रीतम सिंह ने 40 रनों की शानदार पारी खेली।ये भी पढ़ेंकोहली टॉप और पुजारा तीसरे नंबर पर बरकरार, श्रीलंका के परेरा ने लगाई 58 स्थान की छलांगपुजारा ने 16 चौकों की मदद से जमाया शतक :होलकर स्टेडियम में देखे गए टी-20 मैच में रेलवे ने टॉस जीता और पहले सौराष्ट्र को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। सौराष्ट्र की ओर से हार्विक देसाई और चेतेश्वर पुजारा ने पारी
भारत में काम की वजह से कंपनियों के 55% कर्मचारी तनाव में रहते हैं, पिछले साल 80% कंपनियों ने इसे दूर करने के उपाय भी किए

भारत में काम की वजह से कंपनियों के 55% कर्मचारी तनाव में रहते हैं, पिछले साल 80% कंपनियों ने इसे दूर करने के उपाय भी किए

Delhi
भारतीय कंपनियों ने अपने कर्मचारियों में बढ़ते तनाव को बड़ा रिस्क करार दिया है। एडवाइजरी फर्म विलिस टावर्स वाटसन की इंडिया हेल्थ एंड वेलबींग नामक रिपोर्ट का कहना है कि शारीरिक गतिविधियों की कमी, बढ़ते तनाव और मोटापा जैसी जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं पर कंपनियां फोकस कर रही हैं। औसतन 55% कर्मचारी काम की वजह से तनावग्रस्त पाए गए। रिपोर्ट बताती है कि भारत में 80% कंपनियां ऐसी हैं जिन्होंने 2018 में कम से कम एक या दो कदम ऐसे उठाए हैं जिनसे कर्मचारियों में मानसिक तनाव कम हो सके। वहीं 89% कंपनियों ने तनाव और जीवन शैली से जुड़ी समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। 43% कर्मचारी मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं कर्मचारियों की प्रमुख समस्याएं
दिन में दो बार ब्रश करने से लंबे समय तक निरोग रहते हैं दांत : डॉ. दीप गगन गुप्ता

दिन में दो बार ब्रश करने से लंबे समय तक निरोग रहते हैं दांत : डॉ. दीप गगन गुप्ता

Punjab
लोक भलाई आर्मी ग्रुप कोट करोड़ कलां की प्रेरणा से चेयरमैन हरनेक सिंह की अध्यक्षता में स्कूल प्रबंधन के सहयोग से भक्त दुनीचंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल महीआं वाला कलां में डेंटल चेकअप कैंप लगाया गया। डॉक्टर दीप गगन गुप्ता ने छात्रों को दांतों को बीमारियों के प्रति सचेत किया और दांतों को निरोग रखने के लिए टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि दिन में दो समय ब्रश करने से दांत लंबे समय तक निरोग रहते हैं। छह माह में एक बार दांतों का चेकअप करवा लेने की भी सलाह दी। उन्होंने बताया की मीठा खाने के बाद 15 मिनट के अंदर दांत साफ करने चाहिए। 45 मिनट के अंदर दांतों पर लगे मीठे पर बैक्टीरिया का असर होना शुरू हो जाता है, जिससे दांतों में कीड़ा लगने की संभावना बन जाती है। उन्होंने करीब 80 छात्रों और अध्यापकों का डेंटल चेकअप किया और मुफ्त टूथपेस्ट और ब्रश वितरित किए। इस मौके पर प्रिंसिपल शालू कालड़ा, म
कहा- वाजपेयी के समय सीएम रहते दंगों में राजधर्म नहीं

कहा- वाजपेयी के समय सीएम रहते दंगों में राजधर्म नहीं

Delhi
कहा- वाजपेयी के समय सीएम रहते दंगों में राजधर्म नहीं निभाया था, इस बार भी वैसा ही किया भास्कर न्यूज | नई दिल्ली आंध्रप्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू सोमवार को दिल्ली में एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठे। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आंध्रप्रदेश को विशेष दर्जा नहीं देकर राजधर्म नहीं निभाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मोदी निजी हमले करेंगे तो उन्हें सबक सिखाएंगे। टीडीपी के अध्यक्ष नायडू ने सोमवार सुबह राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद आंध्र भवन में धरना शुरू किया। विरोध में उन्होंने काली शर्ट पहन रखी थी। उन्होंने कहा, ‘पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने 2002 के गुजरात दंगों पर कहा था- राजधर्म नहीं निभाया गया। आंध्र के मामले में भी राजधर्म का पालन नहीं हुआ। राज्य की जनता को
इन सवालों से जानें क्या आप सिर्फ कल्पनाओं में रहते हैं, करते कुछ नहीं ?

इन सवालों से जानें क्या आप सिर्फ कल्पनाओं में रहते हैं, करते कुछ नहीं ?

Health
हम अक्सर प्लानिंग करते रहते हैं लेकिन जब परिस्थितियां सामने आती हैं तो सब भूल जाते हैं? आप भी अपनी सेहत के लिए कहीं केवल खयाली पुलाव तो नहीं पकाते? जरा जांच लें- 1. सोच कल्पनाओं से भरी है और आपका मानना है कि ऐसा करना मन के लिए तो अच्छा ही है?अ: सहमत ब: असहमत 2. आप किसी भी आदत को इस तरह से लेते हैं जैसे कि जब चाहें तब मनचाहा कर लेंगे?अ: सहमत ब: असहमत 3. अक्सर जैसा आप सोचते हैं, जब वैसा होता नहीं तो आप निराश होकर खुद को कोसने लग जाते हैं?अ: सहमत ब: असहमत 4. आप जितना समय कल्पनाएं करने में लगाते हैं, उतना अच्छी सोच को अमल में लाने में नहीं देते हैं?अ: सहमत ब: असहमत 5. आपके लिए कुछ नया सुधार लाना मन की बजाय गुस्से या प्रताड़ना पर निर्भर होता है?अ: सहमत ब: असहमत 6. कई बार आपकी सोच देखा-देखी वाली होती है और इस कारण नतीजे नहीं मिलते?अ: सहमत ब: असहमत 7. अच्छी आदतों से सीखने की सोच, लालच और आलस वाली
यहां प्रसूताएं बिलखती रहती हैं, परिजन हाथ जोड़े खड़े रहते हैं…, और सफाईकर्मी ‘डॉक्टर’ बनकर आ जाते हैं, यहां प्रसूताओं को अपनी ड्रिप की बोतल खुद ही अपने हाथों से संभालनी पड़ती है

यहां प्रसूताएं बिलखती रहती हैं, परिजन हाथ जोड़े खड़े रहते हैं…, और सफाईकर्मी ‘डॉक्टर’ बनकर आ जाते हैं, यहां प्रसूताओं को अपनी ड्रिप की बोतल खुद ही अपने हाथों से संभालनी पड़ती है

Rajasthan
जयपुर (Jaipur Rajasthan News). 13 जिलों में भास्कर टीम ने लेबर रूम की हकीकत जानने के लिए वहां 10-10 घंटे तक बिताए। कई-कई घंटों तक अस्पताल के लेबर रूम और वहां के हालात की रिकॉर्डिंग की। हमारी टीम ने 28 दिन तक 1500 किलोमीटर से ज्यादा सफर तय कर शहरी, ग्रामीण, पहाड़ी और आदिवासी इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों के हालात जाने। इस दौरान महिला सहयोगियों बाल व महिला चेतना समिति (भीलवाड़ा) की अध्यक्ष तारा अहलुवालिया और अनिता कुमावत ने लेबर रूम के भीतर के हालात पर नजर रखी।बाहर की व्यवस्थाओं पर नजर भास्कर रिपोर्टर्स ने रखी। कई जगह भास्कर टीम प्रसूताओं और परिजनों को विश्वास में लेकर उनके परिजन बनकर भी लेबर रूम तक पहुंची। कई जगह दर्द से कराहती प्रसूताएं हमारी सहयोगी तारा अहलुवालिया को ही अस्पताल का स्टाफ समझ बैठी। वे उन्हीं से दर्द से निजात दिलाने की गुहार लगाती रही। प्रसव के पहले और बाद म
महिलाओं को रहते हैं 3 प्रमुख खतरे, इस तरह से करें बचाव

महिलाओं को रहते हैं 3 प्रमुख खतरे, इस तरह से करें बचाव

Health
आजकल कैंसर न केवल उम्रदराज महिलाओं को बल्कि युवतियों को भी अपना शिकार बना रहा है। लाइफस्टाइल में सुधार, नियमित व्यायाम और उचित खानपान से कैंसर के खतरे से दूर रहा जा सकता है। ब्रेस्ट कैंसर ब्रेस्ट की गांठें फाइब्राइड भी हो सकती हैं जो कि कैंसर नहीं होतीं। अक्सर दवाओं से ये गांठें ठीक हो जाती हैं। अगर ब्रेस्ट में किसी प्रकार की गांठ हो और उसमें दर्द हो या ब्रेस्ट में किसी प्रकार का बदलाव नजर आए तो विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। शुरुआती अवस्था में इस कैंसर का पूर्ण रूप से इलाज संभव है। एडवांस स्टेज (तीसरी व चौथी स्टेज) में पहुंचने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। जांच व इलाज : मेमोग्राफी, सोनोग्राफी, एमआरआई और बायोप्सी से जांच की जाती है। इसका इलाज विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार सर्जरी, रेडिएशन और कीमोथैरेपी से किया जाता है। सर्वाइकल कैंसर इसे बच्चेदानी के मुंह का कैंसर भी कहा जाता है। हृयूमन पेपीलोमा वाय
कैंसर के लक्षणों को समय रहते पहचानें, बचेंगे मुश्किलों से

कैंसर के लक्षणों को समय रहते पहचानें, बचेंगे मुश्किलों से

Health
हमारा शरीर कोशिकाओं से बना है। कई बार ये कोशिकाएं अनियमित रूप से बढऩे व फैलने लगती हैं जिससे उस अंग में गांठ या ट्यूमर बनने लगती है जिसे कैंसर कहते हैं। लंबे समय से खांसी, किसी मस्से के रंग व आकार में बदलाव या उसमें खून आना, घाव ठीक न होना, वजन कम होना और मल-मूत्र की आदतों में बदलाव होने व महिलाओं में असामान्य रक्तस्राव होने से कैंसर की आशंका बढ़ती है। पुरुषों में सबसे ज्यादा फेफड़े, मुंह, गले, आंत व आमाशय का कैंसर होता है। महिलाओं में बच्चेदानी के मुंह का कैंसर, ब्रेस्ट, गॉलब्लैडर व भोजन नली का कैंसर होता है। मुंह का कैंसर मुंह से खून आना, होठ के आसपास या मुंह में गांठ बनना, कुछ भी खाने पर निगलने में तकलीफ, मुंह के छाले लंबे समय तक ठीक न होना या जीभ का कोई हिस्सा सुन्न हो जाना। देशभर में इस कैंसर के मामले सबसे अधिक पुरुषों में पाए जाते हैं। फेफड़ों का कैंसर अत्यधिक कफ बनना या कफ के साथ खू
जॉर्ज रक्षामंत्री रहते 30 से ज्यादा बार सियाचिन गए थे, घर पर न गेट था न सुरक्षाकर्मी

जॉर्ज रक्षामंत्री रहते 30 से ज्यादा बार सियाचिन गए थे, घर पर न गेट था न सुरक्षाकर्मी

Delhi
जन्म: 3 जून 1930 मृत्यु: 29 जनवरी 2019 भास्कर न्यूज | नई दिल्ली पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का मंगलवार को 88 साल की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वे अल्जाइमर्स (भूलने की बीमारी) से पीड़ित थे। उन्हें स्वाइन फ्लू भी हो गया था। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को होगा। मंत्री रहते हुए वे रिकॉर्ड 30 से ज्यादा बार सियाचिन के दौरे पर गए। करगिल युद्ध के दौरान वे ही रक्षा मंत्री थे। दिल्ली का 3, कृष्ण मेनन मार्ग उनका निवास था। यहां न कोई गेट था और न ही कोई सुरक्षाकर्मी तैनात रहता था। इमरजेंसी के दौरान जेल में जॉर्ज कैदियों को गीता पढ़कर सुनाते थे। जॉर्ज भारतीय ट्रेड यूनियन के नेता और पत्रकार भी थे। 9 बार सांसद रहे जॉर्ज 1975 की इमरजेंसी के बाद बिहार की मुजफ्फरपुर सीट से जीतकर संसद पहुंचे थे। जाॅर्ज फर्नांडिस का 88 साल की उम्र में निधन जॉर्ज साहब हमेशा

कौन होते हैं राष्‍ट्रपति के वो सजीले घुड़सवार अंगरक्षक जो साए की तरह हमेशा रहते हैं साथ

India
राजपथ पर सजे-धजे और रौबदार राष्‍ट्रपति अंगरक्षकों को तो आपने भी जरूर देखा होगा। लेकिन इनके बारे में कितना जानते हैं आप। Jagran Hindi News - news:national