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धोनी ने कप्तान रहते मेरा समर्थन किया, आलोचना के समय उनके साथ खड़े होने की बारी मेरी: कोहली

धोनी ने कप्तान रहते मेरा समर्थन किया, आलोचना के समय उनके साथ खड़े होने की बारी मेरी: कोहली

Indian Sports
नई दिल्ली. टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने हर हाल में महेंद्र सिंह धोनी के समर्थन की बात कही है। कोहली ने कहा कि वह वो समय अब तक नहीं भूले हैं जब धोनी कप्तान के तौर पर उनके साथ खड़े थे। अब जब किरदार बदल गए हैं, तब वह खुद दुर्भाग्यपूर्ण आलोचना के बावजूद धोनी का समर्थन करने से पीछे नहीं हटेंगे। कोहली ने विश्वकप के लिए चुनी गई 15 सदस्यीय टीम पर भी खुशी जताई।कोहली ने कहा, “यह देखना बिल्कुल अच्छा नहीं लगता कि किस तरह लोग उनके पीछे पड़ जाते हैं। मेरे लिए वफादारी काफी अहमियत रखती है। जब मैं टीम में आया था, तब कुछ ही मैचों के बाद धोनी के पास मेरे अलावा किसी और को खिलाने का मौका था। मैंने मौकों को पकड़ा लेकिन उसके पीछे का समर्थन मेरे लिए काफी बड़ी बात थी।धोनी ने दिया तीन नंबर पर बल्लेबाजी का मौकाकोहली ने कहा कि धोनी ने ही उन्हें तीन नंबर पर बल्लेबाजी का मौका दिया, जबकि ज्याद

पंकज त्रिपाठी कभी रहते थे एक कमरे के घर में, अब खरीदा अपने सपनों का घर

Entertainment
पंकज त्रिपाठी बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित एक गांव से निकलकर अपनी एक्टिंग से सबका दिल जीत चुके हैं। हाल ही में पंकज त्रिपाठी ने मुंबई के मड आइलैंड में एक घर खरीदा है, लेकिन वे आज भी अपने एक कमरे का घर नहीं भूल पाए है। मनोरंजन
सांसद रहते हुए स्वामी रामेश्वरानंद ने सरकारी सुविधा नहींं ली, संसद में राेटी अपनी ले जाते थे

सांसद रहते हुए स्वामी रामेश्वरानंद ने सरकारी सुविधा नहींं ली, संसद में राेटी अपनी ले जाते थे

Haryana
करनाल (रोहताश शर्मा).इन दिनों राज्य के सांसदों की संपत्ति में कई गुना इजाफे का मुद्दा गर्म है। आरोप-प्रत्यारोप और सियासी हमलों का दौर जारी है। ऐसे में सादगी के प्रतिमूर्ति एक संत सांसद का उदाहरण हमारे सामने है, जिन्होंने सांसद रहते हुए भी कभी कैंटीन का खाना नहीं खाया। जेब में दो रोटी लेकर संसद जाते थे। अपना सारा वेतन रक्षा कोष में देते थे। यह कहानी है स्वामी रामेश्वरानंद की। जनसंघ से जुड़े स्वामी 1962 में करनाल लोकसभा से सांसद बने, पर सरकारी सुविधाएं नहीं लीं। सरकारी कोठी की बजाए दिल्ली के सीताराम बाजार के आर्य समाज मंदिर के एक छोटे से कमरे में रहते थे। वहां से संसद तक पैदल जाते थे। अपनी दो रोटी कभी खुद बना लेते थे या भिक्षा में ले लेते थे।नेहरू ने कहा था- स्वामी जी आप लड़ने के लिए चीन बाॅर्डर क्यों नहीं चले जातेरामेश्वरानंद घरौंडा गुरुकुल के संचालक देवानंद ने बताया कि 19
सुविचार जिन्हें खुद पर भरोसा होता है वे शांत रहते हैं, जो आशंकाओं से घिरे होते हैं वे चीखते-चिल्लाते हैं।

सुविचार जिन्हें खुद पर भरोसा होता है वे शांत रहते हैं, जो आशंकाओं से घिरे होते हैं वे चीखते-चिल्लाते हैं।

Delhi
देश में अब नॉर्मल डिलीवरी कराने की जिम्मेदारी मिडवाइव्स पर ही होगी पवन कुमार | नई दिल्ली .देशभर के सरकारी स्वास्थ्य केंद्राें में गर्भवती माताअाें की नॉर्मल डिलीवरी कराने की जिम्मेदारी मिडवाइव्स पर होगी। प्रसव के जटिल मामलाें काे ही मेडिकल अाॅफिसर अाैर विशेषज्ञ डाॅक्टराें काे रेफर किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बारे में बड़े बदलाव का निर्णय लिया है। चार वर्ष की बीएससी नर्सिंग करने वाली महिलाअाें के लिए डेढ़ वर्ष का अलग से ट्रेनिंग कोर्स कराया जाएगा। ट्रेनिंग कोर्स पूरा होने के बाद उन्हें मिडवाइव्स कहा जाएगा। फिलहाल इन मिडवाइव्स की तैनाती सिर्फ सरकारी स्वास्थ्य सेवा�”ं के लिए होगी। मिडवाइव्स के लिए काेर्स की शुरुअात के लिए मई-जून 2019 से मिडवाइव ट्यूटर की ट्रेनिंग शुरू की जाएगी। इसके लिए देश में छह से सात राष्ट्रीय और क्षेत्रीय इंस्टीट्यूट की पहचान की गई
क्या सीएम रहते येदियुरप्पा ने भाजपा नेताओं को 1800 करोड़ रु. की रिश्वत दी, मोदी जांच कराएं- कांग्रेस

क्या सीएम रहते येदियुरप्पा ने भाजपा नेताओं को 1800 करोड़ रु. की रिश्वत दी, मोदी जांच कराएं- कांग्रेस

India
नई दिल्ली.कांग्रेस ने शुक्रवार कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की एक कथित डायरी का जिक्र करते हुए सवाल उठाए। रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि येदियुरप्पा की एक डायरी मिली है, जिसमें उनके हस्ताक्षर भी हैं। इस डायरी में येदि के सीएम रहते हुए बड़े भाजपा नेताओं को 1800 करोड़ रु. की घूस देने का जिक्र है। इसमें राजनाथ और अरुण जेटली जैसे नाम हैं।सुरजेवाला ने कहा कि हमारा मकसद कीचड़ उछालना नहीं है। हमारासवाल है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा इसकी जांच क्यों नहीं कराते? यह सच है, या झूठ?प्रधानमंत्री सामने आएं और हमें यह बताएं कि भाजपा के बड़े नेताओं को 1800 रु. की घूस दी गई थी, या नहीं।डायरी में राजनाथ सिंह,जेटली जैसे नाम- कांग्रेससुरजेवाला ने कहा, ''2017 में अनंत कुमार और येदियुरप्पा की बातचीत की रिकॉर्डिंग मीडिया में आई थी। जिसमें हजारों करोड़ के पेमेंट की बात हो
नौकरी में रहते उच्च याेग्यता पाने वाले कर्मचारियों का इंसेंटिव 5 गुना तक बढ़ा

नौकरी में रहते उच्च याेग्यता पाने वाले कर्मचारियों का इंसेंटिव 5 गुना तक बढ़ा

Delhi
केंद्र सरकार ने नौकरी करते हुए उच्च याेग्यता हासिल करने वाले अपने कर्मचारियाें काे दिए जाने वाले एकमुश्त इंसेंटिव में पांच गुना तक बढ़ाेतरी कर दी है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि पीएचडी या अन्य उच्च डिग्री पाने वालों काे अब 10 हजार से लेकर 30 हजार रुपए तक इंसेंटिव मिलेगा। कार्मिक मंत्रालय ने इसके लिए 20 साल पुराना नियम बदला है। अभी तक यह इंसेंटिव दाे हजार से 10 हजार रुपए तक था। कार्मिक मंत्रालय ने हाल ही में एक आदेश जारी कर न्यूनतम इंसेंटिव पांच गुना अाैर अधिकतम इंसेंटिव तीन गुना बढ़ा दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विशुद्ध अकादमिक शिक्षा या साहित्यिक विषयों पर उच्च योग्यता हासिल करने पर कोई इंसेंटिव नहीं मिलेगा। हासिल की गई डिग्री/डिप्लोमा कर्मचारी के माैजूदा या अगले पद के कार्यों से जुड़ी होनी चाहिए। केंद्र सरकार के दफ्तरों में करीब 48.41 लाख कर्मचारी हैं
इन सवालों के जवाब से जानिए क्या आप भी हर समय थके रहते हैं ?

इन सवालों के जवाब से जानिए क्या आप भी हर समय थके रहते हैं ?

Health
टैट सिंड्रोम यानी 'टायर्ड ऑल द टाइम', जिसका सीधा अर्थ होता है हर समय थकान का अनुभव होना। कहीं आप भी इसके शिकार तो नहीं? नीचे दिए सवालों के जरिए खुद ही परख लीजिए। 1. आपको जल्दी उठना बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता। मजबूरी में उठना पड़े तो खीजते रहते हैं?अ: सहमत ब: असहमत 2. आप रोजाना शिकायत करते हैं कि आज बहुत थक गए, भले ही थकान वाला काम न किया हो?अ: सहमत ब: असहमत 3. अपनी थकान को जाहिर करने के लिए आप पूरे दिन चाय-कॉफी या दवाइयों का सहारा लेते हैं?अ: सहमत ब: असहमत 4. आप थकान का बहाना लेकर बरसों से चली आ रही रोजमर्रा की अच्छी आदतें भी बिगाड़ लेते हैं?अ: सहमत ब: असहमत 5. आपकी थाली में ऐसी भारी चीजें शामिल हैं जिसके कारण आप हमेशा पेट भरा महसूस करते हैं?अ: सहमत ब: असहमत 6. जरूरी काम करना हो और आपका मन न हो तो थकान का बहाना लेना आपको हमेशा अच्छा लगता है?अ: सहमत ब: असहमत 7. आप थकान दूर करने के लिए दिन म
सुख-दुख, धूप और छांव समान आते रहते हैं : अश्वनी बेदी

सुख-दुख, धूप और छांव समान आते रहते हैं : अश्वनी बेदी

Punjabi Politics
सिविल लाइंस, रानी झांसी रोड, श्री राम पार्क स्थित श्री राम शरणम् आश्रम में अमृतवाणी सत्संग धर्मार्थ ट्रस्ट के प्रमुख संत अश्वनी बेदी जी के सानिध्य में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन हुआ। सत्संग में साधकों को संबोधित करते हुए भाई अश्वनी बेदी ने कहा कि जगत में ना कोई सदा सुखी रहता है और ना ही कोई सदा दुखी रहता है। सुख और दुख धूप और छांव के समान आते रहते हंै। सुख का दिन ढल कर दुख की रात आती है और दुख की रात्रि के पश्चात सुख का दिन भी अवश्य निकलता है। सुख-दुख, हानि-लाभ और जन्म-मरण से संसार का चक्कर जुड़ा हुआ है। संसार चक्र में चलने वाले को कभी सुख मिलता है और कभी दुख मिलता है। सफलतापूर्वक जीवन यात्रा करने के लिए गीता जी के दूसरे अध्याय में भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को उपदेश देेेते हुए कहा कि हे कुन्ती पुत्र \"इन्द्रियों के रूप आदि विषयों के साथ संयोग है वे ही सर्दी, गर्मी, सुख औ
अगर आप भी लगातार खड़े रहते हैं तो जान जान लें वैरिकोज वेंस के बारे में

अगर आप भी लगातार खड़े रहते हैं तो जान जान लें वैरिकोज वेंस के बारे में

Health
वैरीकोज वेंस क्या है? यह एक बीमारी है जिसमें पैरों की नसें फूल जाती हैं और अगर लंबे समय तक इस पर ध्यान न दिया जाए तो इससे त्वचा संबंधी समस्याएं या पैरों में अल्सर की दिक्कत भी हो सकती है। इसकी वजह क्या है?पैरों की नसों में छोटे-छोटे वन-वे वॉल्व (जहां से रक्त केवल एक दिशा में ही प्रवाहित होता है) होते हैं। जब ये अपना काम ठीक से नहीं करते तो नसों में खून जमा होने लगता है जिससे वैरिकोज वेंस की समस्या होती है। किन्हें इसका खतरा होता है?लगातार कई घंटों तक खड़े रहने वाले लोगों में यह समस्या ज्यादा होती है। इसके अलावा बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को भी इसका खतरा हो सकता है। प्रमुख लक्षण क्या हैं?इस रोग में पैरों की नसें ऊपर की ओर उभरकर आ जाती हैं जिससे उस स्थान पर दर्द, खुजली, सूजन और कालापन आदि हो सकता है। इस रोग का पता कैसे चलता है?इस रोग के लिए कलर डॉप्लर जांच की जाती है जो एक प्रकार की कलर सो
B Alert – सर्वाइकल कैंसर से समय रहते बचाव जरूरी

B Alert – सर्वाइकल कैंसर से समय रहते बचाव जरूरी

Health
देश में सर्वाइकल कैंसर के प्रतिवर्ष करीब एक लाख नए मामले सामने आते हैं। विश्व में इस कैंसर से होने वाली मौतों में लगभग एक तिहाई सिर्फ भारत में होती हैं। कैंसर के प्रकारों में पांचवा सबसे सामान्य कैंसर सर्वाइकल कैंसर है। ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) की वजह से यह कैंसर होता है। सर्वाइकल कैंसर महिला के जीवन में उत्पादक अवधि के दौरान जोर पकड़ता है। ऐसे मामले 30-34 साल की उम्र में होते हैं और 55-65 साल की उम्र में सबसे अधिक देखने को मिलते हैं। यौन संबंधों को लेकर सक्रिय महिलाएं 50 वर्ष की उम्र तक आते-आते आनुवांशिक एचपीवी का शिकार हो जाती हैं। कम उम्र में खतराविशेषज्ञाें के अनुसार सर्वाइकल कैंसर महिलाओं को बहुत कम उम्र में प्रभावित कर रहा है। विकासशील देशों में ऐसी तकनीकें व सस्ते परीक्षण उपकरण मौजूद हैं जिनसे सर्वाइकल कैंसर से होने वाली मौतों की संख्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। समय रह