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आंदोलन: साथी की मौत हो गई, जेल गए लेकिन गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए 30 जगह संघर्ष जारी

आंदोलन: साथी की मौत हो गई, जेल गए लेकिन गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए 30 जगह संघर्ष जारी

Delhi
धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया, नई दिल्ली. देश की सबसे पवित्र नदी गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए प्रो. जीडी अग्रवाल (स्वामी सानंद) ने 111 दिनों तक लगातार आमरण अनशन किया। अनशन के दौरान ही जान गंवा दी। गंगा के लिए देश में अलग-अलग लोग, अलग-अलग जगह संघर्ष कर रहे हैं। इनमें आईआईटी पासआउट बनारस के ओपी चौधरी और कई प्रिंसिपल, प्रोफेसर शामिल हैं। जल-जन जोड़ों अभियान के राष्ट्रीय संयोजक संजय सिंह ने बताया कि जहां स्वामी सानंद ने 111 दिन तक धरना दिया ठीक उसी स्थान पर फिर से धरना शुरू कर दिया गया है।गंगा की यह लड़ाई और प्रखरता के साथ लड़ी जाएगी। देश में करीब 30 से अधिक स्थानों पर लोग और विभिन्न संस्थान गंगा सफाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इलाहबाद के कुंभ में इस बार गंगा की अविरलता और निर्मलता मुद्दा होगा। सिंह ने बताया कि स्वामी सानंद की इच्छा के अनुरूप गंगा सद्भावना यात्रा निकाली है। य
साथी की मौत हुई, जेल गए, लेकिन गंगा के लिए 30 जगह संघर्ष जारी

साथी की मौत हुई, जेल गए, लेकिन गंगा के लिए 30 जगह संघर्ष जारी

Delhi
धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया | नई दिल्ली देश की सबसे पवित्र नदी गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए प्रो. जीडी अग्रवाल (स्वामी सानंद) ने 111 दिनों तक लगातार आमरण अनशन किया। अनशन के दौरान ही जान गंवा दी। गंगा के लिए देश में अलग-अलग लोग, अलग-अलग जगह संघर्ष कर रहे हैं। इनमें आईआईटी पासआउट बनारस के ओपी चौधरी और कई प्रिंसिपल, प्रोफेसर आदि शामिल हैं। जल-जन जोड़ों अभियान के राष्ट्रीय संयोजक संजय सिंह ने बताया कि जहां स्वामी सानंद ने 111 दिन तक धरना दिया ठीक उसी स्थान पर फिर से धरना शुरू कर दिया गया है। गंगा की यह लड़ाई और प्रखरता के साथ लड़ी जाएगी। देश में करीब 30 से अधिक स्थानों पर लोग और विभिन्न संस्थान गंगा सफाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इलाहबाद के कुंभ में इस बार गंगा की अविरलता और निर्मलता मुद्दा होगा। सिंह ने बताया कि स्वामी सानंद की इच्छा के अनुरूप गंगा सद्भावना यात्रा निकाली
साथी की मौत हुई, जेल गए, लेकिन गंगा के लिए 30 जगह संघर्ष जारी

साथी की मौत हुई, जेल गए, लेकिन गंगा के लिए 30 जगह संघर्ष जारी

Delhi
धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया, नई दिल्ली.देश की सबसे पवित्र नदी गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए प्रो. जीडी अग्रवाल (स्वामी सानंद) ने 111 दिनों तक लगातार आमरण अनशन किया। अनशन के दौरान ही जान गंवा दी। गंगा के लिए देश में अलग-अलग लोग, अलग-अलग जगह संघर्ष कर रहे हैं। इनमें आईआईटी पासआउट बनारस के ओपी चौधरी और कई प्रिंसिपल, प्रोफेसर आदि शामिल हैं। जल-जन जोड़ों अभियान के राष्ट्रीय संयोजक संजय सिंह ने बताया कि जहां स्वामी सानंद ने 111 दिन तक धरना दिया ठीक उसी स्थान पर फिर से धरना शुरू कर दिया गया है।गंगा की यह लड़ाई और प्रखरता के साथ लड़ी जाएगी। देश में करीब 30 से अधिक स्थानों पर लोग और विभिन्न संस्थान गंगा सफाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इलाहबाद के कुंभ में इस बार गंगा की अविरलता और निर्मलता मुद्दा होगा। सिंह ने बताया कि स्वामी सानंद की इच्छा के अनुरूप गंगा सद्भावना यात्रा निकाली है
AAP एमएल रूबी ने कर ली शादी, लेकिन पूर्व CM को नहीं लगी भनक, तो उन्होंने लगा दिया कॉल, पर मोबाइल बंद मिला

AAP एमएल रूबी ने कर ली शादी, लेकिन पूर्व CM को नहीं लगी भनक, तो उन्होंने लगा दिया कॉल, पर मोबाइल बंद मिला

Punjabi Politics
बठिंडा, पंजाब। बठिंडा देहात से AAP की विधायक रुपिन्दर कौर रूबी ने पंजाब के हेल्थ डिपार्टमेंट में कार्यरत साहिल पुरी से गुरुवार को मैरिज कर ली। दिलचस्प बात यह है कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को उन्होंने निमंत्रण नहीं भेजा। बादल को शादी के बारे में अपनी बहू सेंट्रल मिनिस्टर हरसिमरत कौर से पता चला। इस पर उन्होंने रूबी को कॉल लगा दिया। लेकिन उनका मोबाइल बंद था, तो साहिल का नंबर डायल कर दिया।-बादल ने साहिल के फोन पर रूबी से बात की और फिर शादी की बधाई देते हुए कहने लगे- 'तू कुड़िए मैंनू अपने विवाह ते नी सदया'? मैनू तां हरसिमरत तो पता लगा तेरे विवाह दा। यानी 'तुमने अपने विवाह के बारे में नही बताया? मुझे तो हरसिमरत से पता चला!'-इस बीच शुक्रवार को हरसिमरत कौर रूबी के घर बधाई देने जा पहुंचीं। उन्होंने रूबी के पति से उनके कामकाज के बारे में भी पूछ

घबराएं नहीं, बंद नहीं होगा आपका इंटरनेट; लेकिन ख़बर आने की वजह जरूर जान लें

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अधिकारियों का कहना है कि इंटरनेट बंद होने की ख़बरों का भारत से कोई लेना देना नहीं है, भारत में इसका कोई असर नहीं होने वाला है। Jagran Hindi News - news:national
अपनों को छोड़ने के लिए तैयार था सूरज, लेकिन दोस्तों को नहीं

अपनों को छोड़ने के लिए तैयार था सूरज, लेकिन दोस्तों को नहीं

Delhi
ट्रिपल मर्डर का आरोपी सूरज (19) अपनी फैमिली को छोड़ने के लिए तैयार था, लेकिन दोस्तों के ग्रुप को नहीं। 12 सदस्यों के इस ग्रुप में 5 लड़कियां और 7 लड़के थे, जिनमें 4 बचपन के दोस्त शामिल हैं। इन्होंने घर के नजदीक ही वसंतकुंज एरिया में एक कमरा किराये पर ले रखा था, जो इनकी मौजमस्ती का ठिकाना था। बेटे के इस फ्रैंड सर्किल का मिथलेश खुलकर विरोध करते थे, इस कारण वह सूरज की नजरों में खटकने लगे। आलम यह था कि सूरज अपने माता-पिता को छोड़ने के लिए राजी था लेकिन दोस्तों से दूरियां बनाने के लिए नहीं। अब पुलिस इस ग्रुप में शामिल सभी लड़के-लड़कियों का बयान दर्ज करेगी, ताकि सूरज की लाइफस्टाइल के बारे में जानकारी मिल सके। पुलिस की कवायद केस को मजबूत करने की है। पुलिस की टीम ने इस कमरे पर रेड भी की जहां उसे बीयर की खाली बोतल व हुक्का मिला। उधर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद तीनों शव परिजनों क
ये कैसा प्यार: गर्लफ्रेंड ने ब्रेकअप किया तो मनाने आया ब्यॉयफ्रेंड, नहीं मानी तो 10 घंटे तक किया ट्रार्चर, पूरी रात लड़की अपने ही घर से बाहर निकलने के लिए करती रही संघर्ष, लेकिन उसकी एक नहीं चली

ये कैसा प्यार: गर्लफ्रेंड ने ब्रेकअप किया तो मनाने आया ब्यॉयफ्रेंड, नहीं मानी तो 10 घंटे तक किया ट्रार्चर, पूरी रात लड़की अपने ही घर से बाहर निकलने के लिए करती रही संघर्ष, लेकिन उसकी एक नहीं चली

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नई दिल्ली।एक नामचीन एयरलाइंस में काम करने वाली युवती को उसी के सहकर्मी ने 10 घंटे तक घर में बंधक बनाए रखा। पूरी रात लड़की अपने ही घर से बाहर निकलने के लिए संघर्ष करती रही, लेकिन उसकी एक नहीं चली। इस दौरान उसने युवक की छाती और बाजू में नाखून भी मार दिए। इस दौरान आरोपी चाकू दिखा लड़की को डराता रहा और शोर मचाने पर उसे मार देने की धमकी देता रहा। मौका देख लड़की ने फोन से अपनी मां को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद आरोपी उसका फोन और 2000 रुपए लेकर भाग गया। पीड़िता की शिकायत पर वसंतकुंज नार्थ थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी गुड़गांव में रहता है। अभी उसे केस में गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस की तहकीकात में यह बात सामने आई है कि दोनों पहले रिलेशनशिप में थे, लेकिन उनके बीच पिछले दिनों ब्रेकअप हो गया। यहां आरोपी उसे मनाने के इरादे से आया था।2 साल से एक एयरलाइंस कंपनी में क
अपनी फैमिली को छोड़ने के लिए तैयार था सूरज, लेकिन दोस्तों को नहीं

अपनी फैमिली को छोड़ने के लिए तैयार था सूरज, लेकिन दोस्तों को नहीं

Delhi
नई दिल्ली.ट्रिपल मर्डर का आरोपी सूरज (19) अपनी फैमिली को छोड़ने के लिए तैयार था, लेकिन दोस्तों के ग्रुप को नहीं। 12 सदस्यों के इस ग्रुप में 5 लड़कियां और 7 लड़के थे, जिनमें 4 बचपन के दोस्त शामिल हैं। इन्होंने घर के नजदीक ही वसंतकुंज एरिया में एक कमरा किराये पर ले रखा था,जो इनकी मौजमस्ती का ठिकाना था।बेटे के इस फ्रैंड सर्किल का मिथलेश खुलकर विरोध करते थे, इस कारण वह सूरज की नजरों में खटकने लगे। आलम यह था कि सूरज अपने माता-पिता को छोड़ने के लिए राजी था, लेकिन दोस्तों से दूरियां बनाने के लिए नहीं। अब पुलिस इस ग्रुप में शामिल सभी लड़के-लड़कियों का बयान दर्ज करेगी, ताकि सूरज की लाइफस्टाइल के बारे में जानकारी मिल सके।पुलिस की कवायद केस को मजबूत करने की है। पुलिस की टीम ने इस कमरे पर रेड भी की जहां उसे बीयर की खाली बोतल व हुक्का मिला। गुरुवार को कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस ने सू
निधन : गंगा की सफाई की मांग को लेकर 111 दिन से कर रहे थे अनशन, PM मोदी को भी लिखा खत, लेकिन किसी ने नहीं सुनी

निधन : गंगा की सफाई की मांग को लेकर 111 दिन से कर रहे थे अनशन, PM मोदी को भी लिखा खत, लेकिन किसी ने नहीं सुनी

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नेशनल डेस्क, ऋषिकेश. गंगा की सफाई की मांग को लेकर 111 दिन से अनशन पर बैठे पर्यावरणविद् जीडी अग्रवाल का गुरुवार को निधन हो गया। वे 86 साल के थे। तबीयत बिगड़ने पर सरकार ने ही उन्हें ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया था। उन्हें स्वामी सानंद के नाम से भी जाना जाता था। वे गंगा की अविरलता बनाए रखने के लिए विशेष कानून बनाने की मांग कर रहे थे।ऐसे बने साइंटिस्ट से संन्यासी : जीडी अग्रवाल आईआईटी कानपुर में सिविल और पर्यावरण इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख थे। उन्होंने राष्ट्रीय गंगा बेसिन प्राधिकरण का काम किया। इसके अलावा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पहले सचिव भी रहे।- जीडी अग्रवाल ने आईआईटी रुड़की से सिविल इंजीनियरिंग की। इसके बाद रुड़की यूनिवर्सिटी में ही पर्यावरण इंजीनियरिंग के विजिटिंग प्रोफेसर भी थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत उत्तरप्रदेश के सिंचाई विभाग में डिजाइन इंजीनियर क
जम्मू में 80%, लेकिन कश्मीर में 3.4% मतदान, इस वजह से दूसरे चरण में सिर्फ 31.3% वोटिंग

जम्मू में 80%, लेकिन कश्मीर में 3.4% मतदान, इस वजह से दूसरे चरण में सिर्फ 31.3% वोटिंग

India
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए बुधवार को दूसरे चरण का मतदान हुआ। इस दौरान औसत 31.3% मतदान हुआ। जम्मू में1.26 लाख मतदताओं में 80 फीसदी ने वोटिंग में हिस्सा लिया। वहीं, कश्मीर में2.20 लाख वोटरों में सिर्फ3.4% ने मतदान किया।चुनाव आयोग के मुताबिक,डोडा में72.77% मतदान हुआ। यहां 13 हजार वोटरों में से 10 हजार ने मतदान में हिस्सा लिया।श्रीनगर नगर निगम के 19 वार्डों में सिर्फ 2.3% वोटिंग हुई। यहां कुल 1.78 लाख मतदाता हैं। बांदीपोराम में 34.2%, सोपोर में 6.1 और अनंतनाग में 1.1% मतदान हुआ।16 अक्टूबर को होगा अंतिम चरण का मतदान :चार चरण में होने वाले मतदान का पहला चरण 8 अक्टूबर को हुआ और अंतिम चरण का मतदान 16 अक्टूबर को होगा।आतंकी धमकियों के बीच सोमवार को पहले चरण का मतदान हुआ था। इसमें घाटी में सिर्फ 8.3% मतदान हुआ था। जम्मू और लद्दाख क्षेत्र में 65% वोट प