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Tag: व्यायाम

मस्तिष्क स्वस्थ रखने के लिए जंकफूड व मोबाइल से रखें दूरी, व्यायाम जरूरी

मस्तिष्क स्वस्थ रखने के लिए जंकफूड व मोबाइल से रखें दूरी, व्यायाम जरूरी

Health
मस्तिष्क शरीर का एक अद्भुत अंग है। ये हमें सोचने व समझने की शक्ति देता है। ये कंप्यूटर से भी तेज प्रतिक्रिया देता है। बीपी, पल्स रेट और सांस लेने की प्रक्रिया के अलावा अन्य अंगों को भी नियंत्रित करता है। मस्तिष्क का दायां हिस्सा शरीर के बाएं भाग तथा बायां हिस्सा शरीर के दाएं भाग को नियंत्रित करता है। मस्तिष्क से जुड़ी माइग्रेन, सर्वाइकल स्पॉन्डलिसिस, ब्रेन ट्यूमर, अल्जाइमर, एटीट्यूड सिकनेस, इंजरी, मिर्गी, बे्रन हैमरेज, बे्रन स्ट्रोक और ऑटिज्म की बीमारियां होती हैं। तनाव न लें, बीपी शुगर रखें कंट्रोलबीपी, मधुमेह और कॉलेस्ट्रॉल के रोगियों को ब्रेन स्ट्रोक की आशंका ज्यादा रहती है। अब कम उम्र के युवाओं को भी स्ट्रोक की दिक्कत हो रही है। ऐसे में तनाव न लें, लोगों के बीच रहें। ब्रेन स्ट्रोक होने पर मरीज को तीन घंटे में सिम्युलेट थैरेपी सुविधायुक्त अस्पताल में भर्ती कराएं। मस्तिष्क शरीर का एक अद्
देश में 34 फीसद लोग नहीं करते पर्याप्त व्यायाम

देश में 34 फीसद लोग नहीं करते पर्याप्त व्यायाम

Health
देश में लगभग 34 प्रतिशत लोग (24.7 प्रतिशत पुरुष और 43.9 प्रतिशत महिलाएं) स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त व्यायाम नहीं करते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की हाल में आई एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर 1.4 अरब से अधिक वयस्कों को पर्याप्त शारीरिक गतिविधि न करने से बीमारियों का खतरा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2001 से शारीरिक गतिविधि के वैश्विक स्तर में कोई सुधार नहीं है। व्यायाम की कमी से समय के साथ हृदय रोग, टाइप 2 मधुमेह, डिमेंशिया और कैंसर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। यह अस्वास्थ्यकर भोजन पैटर्न और बीमारियों के पारिवारिक इतिहास के साथ-साथ स्थिति को और भी बढ़ा सकता है। ज्यादातर समय बैठे रहने की जीवनशैली के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। जिन लोगों के पास डेस्क की नौकरियां हैं, वे कुर्सियों पर बैठे हुए अपना अधिकांश कामकाजी समय
मेनोपॉज के बाद डाइट व व्यायाम का रखें ध्यान

मेनोपॉज के बाद डाइट व व्यायाम का रखें ध्यान

Health
मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो उम्र बढऩे पर हर महिला में होती है। यह एक ऐसी अवस्था है जब महिलाओं को मासिक चक्र होना समाप्त हो जाता है। इसकी औसत आयु 51 वर्ष है लेकिन यह 48 से 54 वर्ष की आयु के बीच आमतौर पर किसी भी समय हो सकता है। इस दौरान हर महिला को कुछ लक्षणों का अनुभव होता है। मेनोपॉज तीन स्टेज में होता है। प्री मेनोपॉज, पीरियड्स बंद होने से पहले के एक-दो वर्ष का समय। मेनोपॉज, एक साल तक यदि पीरियड्स लगातार बंद रहे तो इस स्थिति को मेनोपॉज कहते हैं और मेनोपॉज के बाद का दौर पोस्ट मेनोपॉज कहलाता है। मेनोपॉज के वक्त हर महिला को प्रमुख तीन चीजों की जरूरत होती है, सपोर्टिव जीवनसाथी, अच्छे दोस्त, मां व सास और सही डॉक्टरी परामर्श। इससे जुड़े कई लक्षण अस्थाई होते हैं, जिनके प्रभावों को कम करने के लिए प्रयास किए जा सकते हैं- अचानक गर्मी लगना मेनोपॉज के बाद होने वाली दिक्कतों में
व्यायाम के लिए प्रेरित करता है प्रतिरोधक प्रशिक्षण

व्यायाम के लिए प्रेरित करता है प्रतिरोधक प्रशिक्षण

Health
बहुत से लोगों में शुरुआत में बनाई गई योजना के मुताबिक, व्यायाम के तरीके का पालन नहीं कर पाने के पीछे प्रेरणा की कमी बड़ा कारक है। लेकिन, कुछ महीनों की प्रतिरोधक प्रशिक्षण से इसमें बदलाव आ सकता है,... Live Hindustan Rss feed
जिम में घंटों पसीना बहाने से पहले जान लें आपको कितनी देर व्‍यायाम करना चाहिए

जिम में घंटों पसीना बहाने से पहले जान लें आपको कितनी देर व्‍यायाम करना चाहिए

Health
एक अध्‍ययन में कहा गया है कि जिम में घंटों पसीना बहाना हर किसी के लिए जरूरी नहीं होता है। खुद को फिट और तंदुरुस्‍त रखने के लिए हर हफ्ते बस कुछ मिनटों के व्‍यायाम से ही आप अपनी उम्र में कम... Live Hindustan Rss feed
व्यायाम का सही तरीका दूर करेगा दर्द

व्यायाम का सही तरीका दूर करेगा दर्द

Health
घुटनों और जोड़ों में दर्द से राहत पाने के लिए अक्सर लोग मॉर्निंग वॉक के साथ एक्सरसाइज करते हैं लेकिन सही तरीका मालूम न होने के कारण उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पाता । ऐसे में दर्द और बढ़ जाता है । विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरप्टेड ब्रिस्क वॉकिंग ही मॉर्निंग वॉक का सही तरीका है । इसमें व्यक्ति तेज चलता है । आधा किमी तक चलने के बाद दो से तीन मिनट बे्रक लेकर फिर वॉक जारी की जाती है । करें गलतफहमियां दूर अक्सर घुटनों में दर्द या फिर गठिया की शुरुआत में व्यक्ति आलथी-पालथी मारकर बैठना बंद कर देता है, जो कि गलत है । क्योंकि पालथी मारकर बैठने से पैरों की मांसपेशियों में लचीलापन बना रहता है जिससे ये अंग एक्टिव रहता है । ऐसे में यदि घुटना प्रत्यारोपित करना भी पड़े तो उसके मुडऩे की क्षमता प्रभावित नहीं होती । गठिया के इलाज और घुटना प्रत्यारोपण के बाद भी अक्सर लोग आलथी-पालथी मारकर बैठना बंद कर देते हैं
रोजाना व्यायाम से प्रदूषित इलाकों में भी घट सकता है हार्टअटैक का खतरा

रोजाना व्यायाम से प्रदूषित इलाकों में भी घट सकता है हार्टअटैक का खतरा

Health
रोजाना व्यायाम करने वाले लोगों में यातायात से होने वाले प्रदूषण के मध्यम से लेकर उच्च स्तर वाले इलाकों में रहने के बावजूद दिल के दौरे का खतरा कम हो सकता है। एक नये अध्ययन में यह बात पता चली है।... Live Hindustan Rss feed
घर में ही करें जिम जैसा व्यायाम

घर में ही करें जिम जैसा व्यायाम

Health
फिट और हैल्दी दिखने के लिए कुछ लोग घंटों जिम में पसीना बहाते हैं तो कुछ जॉगिंग और वॉक को अपने रुटीन में शामिल करते हैं। धीरे-धीरे लाइफस्टाइल व्यस्त होने के कारण घर में ही एक्सरसाइज करने का टे्रंड बढ़ रहा है। ऐसे में कई बार लोगों को सही जानकारी न होने के कारण एक्सरसाइज के दौरान इंजरी होने की आशंका रहती है। जानें घर पर एक्सरसाइज करने का सही तरीका- एक्सरसाइज के चार स्टेप 1. वार्मअप एक्सरसाइज से पहले वार्मअप जरूरी है। इससे शरीर के अंग सक्रिय हो जाते हैं और मेन टे्रनिंग के दौरान अंगों पर अचानक दबाव नहीं पड़ता। कैसे करें: १०-१५ मिनट तक वॉक या टे्रडमिल पर जॉगिंग करें। फायदा: बॉडी व्यायाम के लिए तैयार हो जाती है। 2. मेन टे्रनिंग इसके दो हिस्से होते हैं। पहला कार्डियो टे्रनिंग और दूसरा स्ट्रेंथ टे्रनिंग। कार्डियो आंतरिक अंग जैसे किडनी, हार्ट, फेफड़े आदि की मजबूती, वजन घटाने, स्टेमिना बढ़ाने व लाइफस
अधिक व्यायाम से भी सेहत को नुकसान

अधिक व्यायाम से भी सेहत को नुकसान

Health
हर नए शोध में व्यायाम करने की वकालत की जाती है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए ऐसा करना जरूरी भी है लेकिन खुद को सुडौल बनाने का सपना आपकी सेहत पर भारी भी पड़ सकता है क्योंकि अधिक व्यायाम करने से शरीर के अंगों को कई प्रकार के नुकसान भी होते हैं। आइए जानते हैं सही व्यायाम और उसके लिए निर्धारित समय के बारे में। एक्सरसाइज करने का समय शरीर की लंबाई के अनुसार वजन के सही मानक को बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स कहते हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति का बीएमआई १८.५-२५ तक होना चाहिए। इसी मानक के आधार पर विशेषज्ञ व्यक्तिके व्यायाम व इसे करने के समय को तय करते हैं। हफ्ते में छह दिन करें व्यायाम फिट रहने के लिए हफ्ते में ५-६ दिन कम से कम ३०-४५ मिनट की एक्सरसाइज काफी होती है। यह दो प्रकार की होती है- पहली, आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज जिसमें वॉकिंग, जॉगिंग, स्वीमिंग व साइक्लिंग आदि शामिल हैं जो सभी अंगों पर असर करती हैं। हृदय रोगिय
नियमित व्यायाम करने से नहीं होगी डिप्रेशन और दिल की बीमारी

नियमित व्यायाम करने से नहीं होगी डिप्रेशन और दिल की बीमारी

Health
अवसाद और हृदय संबंधी समस्याएं घातक बीमारी है। जो व्यक्ति की अकाल मृत्यु की आशंका बढ़ाती है। दरअसल अवसाद के कारण ही कई बार हृदय संबंधी समस्याएं देखने को मिलती है। लेकिन शोधकर्ताओं हाल ही में इस परिणाम... Live Hindustan Rss feed