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Tag: संकेत

टीम इंडिया वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में 4 गेंदबाजों के साथ उतर सकती है, कोहली ने संकेत दिए

टीम इंडिया वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में 4 गेंदबाजों के साथ उतर सकती है, कोहली ने संकेत दिए

Indian Sports
खेल डेस्क. भारत-वेस्टइंडीज के बीच पहला टेस्ट आज से एंटीगुआ में खेला जाएगा। वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप में भारत और वेस्टइंडीज का यह पहला मुकाबला होगा। मैच से पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने संकेत दिए हैं कि टीम चार गेंदबाजों के साथ उतर सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने विकेट नहीं देखी है। उस पर अभी तक कवर चढ़ा हुआ है। पिच देखने के बाद ही हम तय करेंगे कि दो तेज गेंदबाज और दो स्पिनर्स या तीन तेज गेंदबाज और एक स्पिनर के साथ उतरें।’’भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘पिछली बार जब इंग्लैंड की टीम यहां खेली थी, तब विकेट में असमान उछाल देखी गई थी। ये कारण भी खेल में शामिल होंगे, लेकिन हम इस समय बहुत लचीले हैं।’’ कोहली हमेशा से पांच गेंदबाजों को टीम में रखने के पक्ष में रहे हैं। उनका मानना है कि टेस्ट जीतने के लिए 20 विकेट लेने जरूरी हैं।टीम इंडिया ने पिछली सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को हराया थाभार
पेट के निचले भाग में दर्द हाे सकता है इस बीमारी का सकेंत

पेट के निचले भाग में दर्द हाे सकता है इस बीमारी का सकेंत

Health
किडनी स्टोन ( kidney stone ) यानी गुर्दे में पथरी के मामले काफी होने लगे हैं। इसके कई कारण हैं जिनका ध्यान रखा जाए तो पथरी को बनने से रोक सकते हैं। जानते हैं इसके लक्षण और इलाज के बारे में- कुछ स्टोन लंबे समय से किडनी में पड़े रहते हैं जिससे किसी प्रकार का कोई लक्षण सामने नहीं आता। ऐसा किसी अन्य कारण से एक्स-रे कराने या फिर किडनी खराब होने की स्थिति में पता चलता है कि व्यक्ति को पथरी की समस्या है। 75 प्रतिशत मरीजों में पेट या कमर में तेज दर्द, उल्टी जैसा महसूस होने के अलावा खासकर पेट के निचले हिस्से में दर्द लगातार और बार-बार हो सकता है। कारणविटामिन-डी शरीर में कैल्शियम का अवशोषण करता है। भोजन में इस विटामिन की कमी से कैल्शियम किडनी के आसपास जमकर स्टोन बनता है। ये पेशाब की थैली में ज्यादा बनते हैं। यूरिनरी इंफेक्शन भी प्रमुख वजह है। - किडनी के बीच के हिस्से में पाए जाने वाले स्ट्रेप्टोकोकस
मेनोपॉज के बावजूद आते हैं पीरियड्स, ताे हाे सकता है पीओआई का संकेत

मेनोपॉज के बावजूद आते हैं पीरियड्स, ताे हाे सकता है पीओआई का संकेत

Health
45 की उम्र के आसपास आमतौर पर महिलाओं को मेनोपॉज होने पर कभी नॉर्मल पीरियड्स नहीं आते व न ही वे प्रेग्नेंट हो पाती हैं। लेकिन पीओआई (प्राइमरी ओवेरियन इंसफिशिएंसी) primary ovarian insufficiency से पीड़ित महिलाओं को पीरियड्स आ सकते हैं और वे प्रेग्नेंट भी हो सकती हैं। इनमें अनियमित माहवारी और फर्टिलिटी ( periods and fertility ) घट जाती है। कारण : अंडाशय का ठीक से काम न करना। ऐसे में अंडाशय से स्त्रावित होने वाले हार्मोन उचित मात्रा में नहीं बनते जिससे ओवरी में अंडे बनने व माहवारी के दौरान इनके टूटने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। लेकिन अंडाशय की आनुवांशिक विकृति, किसी तरह की दवाओं का दुष्प्रभाव, रेडिएशन का प्रभाव व ऑटाइम्यून डिजीज से भी यह हो सकता है। टैस्ट : ब्रेस्ट का आकार उम्र के अनुसार न होना, कम व अनियमित माहवारी, हॉट फ्लैशेज, स्वभाव में अचानक बदलाव और पर्याप्त नींद न आने पर फॉलिकल स्टिम
बीमारी नहीं बल्कि बीमारी का संकेत है एडिमा

बीमारी नहीं बल्कि बीमारी का संकेत है एडिमा

Health
एडिमा यानी शरीर के किसी भी हिस्से में सूजन होना। यह बीमारी नहीं बल्कि बीमारी का संकेत है। एडिमा में होने वाली सूजन की खास बात है कि इसमें दर्द नहीं होता और अंगुली से दबाने पर सूजन वाली जगह पर अंगुली के निशान बन जाते हैं जो कुछ क्षण बाद स्वत: ही खत्म हो जाते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो नियमित व्यायाम और खानपान में सावधानी बरतकर इससे बचा जा सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में :- भिन्न-भिन्न अंगों में सूजन के अलग-अलग नाम ( Types of edema )टखनों और पैरों में सूजन को पेरिफेरल एडिमा कहते हैं जबकि फेफड़ों की सूजन को पल्मोनरी एडिमा के नाम से जानते हैं। आंखों के पास होने वाली सूजन को पेरिऑरबिटल एडिमा और मसूड़ों, पेट, चेहरे, स्तन, लसिका ग्रंथि व जोड़ों में सूजन को मैसिव एडिमा कहते हैं। ज्यादा देर तक खड़े रहने या बैठने से होने वाली सूजन को ऑर्थोस्टेटिक एडिमा कहा जाता है। क्या हैं इसके लक्षण ( sympto
त्वचा में सूजन, लाल होना है सेल्यूलाइटिस का संकेत

त्वचा में सूजन, लाल होना है सेल्यूलाइटिस का संकेत

Health
सेल्यूलाइटिस स्किन इंफेक्शन है जो स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया से होता है। सर्जरी होने के बाद इस बैक्टीरिया का इंफेक्शन होने की आशंका रहती है। इलाज में देरी बीमारी की गंभीरता को बढ़ाती है। ऐसे पहचानेंत्वचा का सूजना, लाल हो जाना, प्रभावित हिस्से का चमकदार होना जैसे लक्षण नजर आएं तो चिकित्सक से संपर्क करें।इसके अलावा गंभीर स्थिति पस बढऩे की समस्या सामने आने के साथ दर्द बढ़ता है। इसके मामले बुजुर्गों, मधुमेह रोगी के अलावा उनमें सामने आते हैं जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोरी होती है। होम्योपैथी में इलाज सबसे पहले ये देखते हैं कि पस बनना शुरू हुआ है या नहीं। स्थिति देखकर बेलाडोना दवाई देते हैं। इसके अलावा दर्द और जलन अधिक होने पर एपिसमेल दवा दी जाती है। अगर इसके साथ रोगी को 103 - 104 डिग्री का फीवर है तो पायरोजेनेम मेडिसिन देते हैं। ये दवाएं कई बार मरीज की स्थिति के अनुसार बदली भी जाती हैं। गंभीर
बच्चे में कमजोरी, थकान और वजन का न बढ़ना हो सकते हैं इस बीमारी के संकेत

बच्चे में कमजोरी, थकान और वजन का न बढ़ना हो सकते हैं इस बीमारी के संकेत

Health
थैलेसीमिया एक आनुवांशिक रोग है। जिसमें हीमोग्लोबिन के निर्माण में दिक्कत होने के कारण रोगी को बार-बार रक्त चढ़ाना पड़ता है। डब्लूएचओ के मुताबिक भारत में हर साल पैदा होने वाले बच्चों में से 7-10 बच्चे इस रोग से पीड़ित होते हैं। इस रोग की गंभीरता के आधार पर थैलेसीमिया तीन प्रकार का होता है माइनर, इंटरमीडिएट और मेजर। अगर माता व पिता दोनों माइनर थैलेसीमिया से पीड़ित हैं तो बच्चे में 25 फीसदी यह रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। लक्षण -शरीर में खून न बनने से कई तरह के लक्षण बच्चे में दिखाई देते हैं जैसे कमजोरी, बीमार रहना, चेहरा सूख जाना, बच्चे की ग्रोथ पर असर पड़ना और वजन न बढ़ना आदि। इलाज : हर 15 दिन में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों में रक्त चढ़ाया जाता है ताकि स्थिति गंभीर न बने। ब्लड चढ़ाने की प्रक्रिया पूरी उम्र चलती है। इलाज के रूप में बोनमैरो ट्रांसप्लांट करते हैं, जिसके काफी हद तक सफल परिणा
बार-बार उल्टी, पेट फूलना हाे सकते हैं आंतों में रुकावट के संकेत

बार-बार उल्टी, पेट फूलना हाे सकते हैं आंतों में रुकावट के संकेत

Health
आंतों की रुकावट ( intestinal obstruction ) एक गंभीर स्थिति है जिसमें रुकावट वाली जगह से भोजन व हवा आगे नहीं जा पाते। यह बाधा बड़ी व छोटी दोनों आंतों में आंशिक या पूर्ण और एक या अधिक स्थानों पर हो सकती है। लक्षण ( intestinal obstruction symptoms )आंतों में रुकावट के प्रमुख लक्षण पेट में दर्द, बार-बार उल्टी होना ( Repeated vomiting ) , गैस व मल पास करने में परेशानी, पेट की सूजन या पेट फूलना ( flatulence ) आदि हैं। ये दिक्कतें रुकावट के स्थान और समय पर निर्भर होती हैं। जैसे छोटी आंत में बाधा का प्रारंभिक लक्षण उल्टी है जबकि पेट फूलना बड़ी आंत में रुकावट की ओर इशारा करता है। किन कारणों से आंतों में रुकावट आती है? ( intestinal obstruction causes )डाइनेमिक : इसमें आंतों की दीवार के बाहर, इसके ऊपर और अंदर परेशानी होने से रुकावट आती है। आंतों का घुमाव, इसके एक हिस्से का दूसरे हिस्से में घुसना, ह
पीरियड्स जल्दी हाेना हाे सकता है इस बीमारी का सकेंत

पीरियड्स जल्दी हाेना हाे सकता है इस बीमारी का सकेंत

Health
जल्दी मासिक धर्म (Periods) की शुरुआत ज्यादा जोखिम वाले टाइप-2 मधुमेह ( Diabetes Type 2 ) से जुड़ी है, लेकिन बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) इसमें रोकथाम कर सकता है। मेनोपॉज जर्नल में प्रकाशित एक शोध के अनुसार मासिक धर्म आयु में हर साल की देरी टाइप-2 मधुमेह का जोखिम छह फीसदी कम होता है। नार्थ अमेरिकन मेनोपॉज सोसाइटी (एनएएमएस) के मेडिकल निदेशक स्टेफनीन फ्यूबियन ने कहा, ‘‘मासिक धर्म का 14 साल में शुरुआत बाद के जीवन में मधुमेह से जुड़ा है, यह वयस्क के बीएमआई से भी प्रभावित है।’’ स्टेफनीन फ्यूबियन ने कहा, ‘‘बचपन में दूसरे कारक जैसे पोषण व बीएमआई भी इसके जुड़ाव में मुख्य भूमिका निभाते हैं।’’ टाइप-2 मधुमेह दुनिया भर में सबसे आम बीमारियों में एक बन गया है। 2015 में इससे वैश्विक रूप से 20 से 79 की आयु के 8.8 फीसदी लोग प्रभावित थे और 2040 तक इससे 10.4 फीसदी
अलका लांबा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का संकेत दिया

अलका लांबा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का संकेत दिया

Delhi
नई दिल्ली | आप से नाराज चल रहीं विधायक अलका लांबा का कहना है कि वह पार्टी छोड़ने का मन बना चुकी हैं और अगला विधानसभा चुनाव वह बतौर निर्दलीय लड़ेंगी। निर्दलीय लड़ेंगी या नहीं इसका औपचारिक एलान 4 अगस्त को करेंगी। चांदनी चौक से आप विधायक अलका लांबा ने कहा कि पार्टी ने कई मौके उनका अपमान किया है। उन्हें कई मौके पर पार्टी की बैठक तक में नहीं बुलाया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में वे 20 साल तक परिवार की राजनिति से त्रस्त रहीं, लेकिन अाम आदमी पार्टी में उन्हें जितना सम्मान मिलना चाहिए था, नहीं मिला। हालांकि आप ने इसे विधायक का पब्लिसिटी स्टंट करार दिया है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today New Delhi News - alka lamba signaled to fight independently Dainik Bhaskar

क्यों सुन्न पड़ जाते हैं हमारे हाथ-पैर, कहीं ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं…?

India
हाथ या पैर का सुन्न पड़ जाना अमूमन आम समस्या है जो अक्सर स्वस्थ लोगों को भी हो जाता है। हालांकि ये कुछ गंभीर और जानलेवा बीमारियों का भी संकेत है। जानें- क्या है इसकी वजह... Jagran Hindi News - news:national