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Tag: सर्जरी

दूरबीन से सर्जरी में फास्ट रिकवरी होती

दूरबीन से सर्जरी में फास्ट रिकवरी होती

Health
जयपुर। ओपन सर्जरी की अपेक्षा लेप्रोस्कोपिक सर्जरी (दूरबीन से सर्जरी) ज्यादा सुरक्षित और दर्दरहित मानी जाती है। इसमें मरीज को परेशानी भी कम होती है। सामान्यत: वह 24 से 72 घंटे में ही चलने फिरने की स्थिति में आ जाता है। हार्ट, बे्रन से लेकर गॉल ब्लैडर (पित्त की थैली), फेफड़े, किडनी आदि अंगों में लेप्रोस्कोपी सर्जरी की जा रही है। इससे अपेंडिक्स, हर्निया के साथ बड़ी और छोटी आंत के ऑपरेशन भी हो रहे हैं। इसमें सामान्यत: ब्लड की जरूरत नहीं पड़ती है। ओपन सर्जरी की तुलना में मरीज की रिकवरी तेजी से होती है। मरीज को 24 से 72 घंटे के अंदर अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है। इसके बाद उसे दर्द निवारक दवाएं भी कम खानी पड़ती हैं। 0.5 सेमी का चीरा और न्यूनतम टांके लेप्रोस्कोपिक सर्जरी भी मरीज को एनेस्थीसिया देकर की जाती है। बेहोश करने के बाद रोगी की नाभि में पोर्ट से छेदकर कार्बन डाइ ऑक्साइड गैस भरी जाती है,

बाईपास सर्जरी कराने की सलाह

Entertainment
एक फेमस हॉस्पिटल में डॉक्टरों की टीम ने पेशेंट को तुरंत बाईपास सर्जरी करवाने की सलाह दी...पेशेंट नर्वस हो गया लेकिन तुरंत सर्जरी कि तैयारी में लग गया। मनोरंजन
न दवा, न सर्जरी, कई रोगों में फिजियोथेरेपी ही सही

न दवा, न सर्जरी, कई रोगों में फिजियोथेरेपी ही सही

Health
फिजियोथेरेपी यूं तो आधुनिक चिकित्सा पद्धति मानी जाती है, लेकिन भारत में सदियों से चले आ रहे मालिश व कसरत के नुस्खे का ही यह मिला-जुला रूप है। मानसिक तनाव, घुटनों, पीठ या कमर में दर्द जैसे कई रोगों से बचने या निपटने के लिए बिना दवा खाए या चीरा लगवाए फिजियोथेरेपी एक असरदार तरीका है। मौजूदा समय में अधिकांश लोग दवाइयों के झंझट से बचने के लिए फिजियोथेरेपी की ओर रुख कर रहे हैं, क्योंकि यह न केवल कम खर्चीला होता है, बल्कि इसके दुष्प्रभाव की आशंका न के बराबर होती है। आइए, सबसे पहले यह जान लेते हैं कि फिजियोथेरेपी है क्या? प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा व्यायाम के जरिए शरीर की मांसपेशियों को सही अनुपात में सक्रिय करने की विधा फिजियोथेरेपी कहलाती है। इसे हिंदी में भौतिक चिकित्सा पद्धति कहा जाता है। घंटों लगातार कुर्सी पर वक्त बिताने, गलत मुद्रा में बैठने और व्यायाम या खेल के दौरान अंदरूनी खिंचाव
Health News: न दवा, न सर्जरी, कई रोगों में फिजियोथेरेपी ही सही

Health News: न दवा, न सर्जरी, कई रोगों में फिजियोथेरेपी ही सही

Health
फिजियोथेरेपी यूं तो आधुनिक चिकित्सा पद्धति मानी जाती है, लेकिन भारत में सदियों से चले आ रहे मालिश व कसरत के नुस्खे का ही यह मिला-जुला रूप है। मानसिक तनाव, घुटनों, पीठ या कमर में दर्द जैसे कई रोगों से... Live Hindustan Rss feed
दुर्लभ सर्जरी से क्रिकेट बॉल के आकार का ट्यूमर निकालकर कैंसर से बचाया

दुर्लभ सर्जरी से क्रिकेट बॉल के आकार का ट्यूमर निकालकर कैंसर से बचाया

Health
इंडियन स्पाइनल इंजुरी सेंटर (आईएसआईसी) के डॉक्टरों ने हड्डी के कैंसर से पीड़ित एक 21 वर्षीय युवक की दुर्लभ सर्जरी कर ट्यूमर निकाला है। एक साल पहले विजय की बांह में हुई छोटी सी सूजन तेजी से बढ़ते हुए... Live Hindustan Rss feed
बच्चे की सर्जरी टालकर ना बढ़ाएं परेशानी

बच्चे की सर्जरी टालकर ना बढ़ाएं परेशानी

Health
बच्चे के जन्म लेते ही सर्जरी की बात सुनकर माता-पिता का डर जाना स्वाभाविक है। लेकिन जन्मजात विकृति या पैदा होने के बाद किसी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर कई बार सर्जरी जरूरी होती है। ऐसे में इलाज में लापरवाही या सर्जरी टालने की कोशिश आपके बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। जानते हैं बच्चों की सर्जरी से जुड़ी ध्यान रखी जाने वाली खास बातों के बारे में ... कब जरूरी होती है सर्जरीनवजात से १६ साल तक के बच्चों के ऑपरेशन पीडियाट्रिक सर्जरी में शामिल होते हैं। नवजात बच्चों में जन्मजात विकृतियां जैसे आंतों की रुकावट या शौच का रास्ता बंद होने पर सर्जरी होती है। कुछ बीमारियां जैसे हर्निया, आंतों का उलझना और सिर बड़ा होने पर भी नियोनेटल सर्जरी होती है। रोग व सर्जरी के अनुसार आवश्यक जांचें जैसे ब्लड इनवेस्टिगेशन, सोनोग्राफी व एक्स-रे आदि कराकर उसकी मेडिकल कंडीशन देखने के बाद ही सर्जरी की जाती है। डरन

साहा सर्जरी के बाद स्वदेश लौटे, तीन हफ्ते बाद रिहैबिलिटेशन शुरू करेंगे

Indian Sports
कोलकाता। मैनचेस्टर में कंधे के ऑपरेशन के बाद स्वदेश लौटे विकेटकीपर बल्लेबाज रिद्धिमान साहा ने कहा है कि चोट से उबरने के दौरान का समय तेज गेंदबाजों का सामना करने से अधिक मुश्किल होता है। साहा के दाएं हाथ में कोहनी के नीचे काफी अधिक पट्टियां बंधी हैं। खेल-संसार

मैनचेस्टर में हुई रिद्धिमान साहा के कंधे की सर्जरी

Indian Sports
लंदन। भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज रिद्धिमान साहा की मैनचेस्टर में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के मेडिकल स्टॉफ के निरीक्षण में सर्जरी कराई गई है। भारतीय टेस्ट टीम के नियमित विकेटकीपर साहा के कंधे में चोट है जिसके कारण वह इंग्लैंड के खिलाफ ... खेल-संसार
ब्रेन के दो हिस्से कर मिर्गी की सर्जरी

ब्रेन के दो हिस्से कर मिर्गी की सर्जरी

Health
मस्तिष्क के किसी एक हिस्से में मिर्गी के ज्यादा दौरे पडऩे पर उसे दूसरे हिस्से से सर्जरी की सहायता से अलग कर इसके इलाज की नई राह खोली है। एम्स ने इस सर्जरी को महज एक तिहाई समय और आधे रक्त क्षय (ब्लड लॉस) में कर मरीजों खासकर बच्चों को बड़ी राहत दी है। आइए जानते हैं दिमाग में मचती है उथल-पुथल मानव मस्तिष्क में दो हेमिस्फेयर (गोलार्ध) होते हैं जो एक फीते (कॉर्पस कैलोसम) से जुड़े होते हैं। मस्तिष्क का दाहिना हिस्सा शरीर के बाएं भाग को और बांया हिस्सा शरीर के दाहिने भाग को नियंत्रित करता है। शरीर के सभी अंगों की तरह मस्तिष्क में भी विद्युत प्रवाह होता है। जिन जगहों पर विद्युत प्रवाह असामान्य होता है वहां शॉट सर्किट जैसी स्थिति बनने लग जाती है जो मिर्गी के दौरे की वजह होती हैं। कई बार मस्तिष्क का एक हिस्सा (हेमिस्फेयर) सिकुड़ कर छोटा हो जाता है। इस स्थिति में व्यक्ति को दिन में १००-200 बार दौरे आ
गंभीर रोगों में सर्जरी की मदद से होती कम समय में रिकवरी

गंभीर रोगों में सर्जरी की मदद से होती कम समय में रिकवरी

Health
आमतौर पर चेहरे के दाग-धब्बे और अनचाहे बालों को हटाने के लिए जानी जाने वाली लेजर थैरेपी का इस्तेमाल अब गंभीर बीमारियों के इलाज में भी हो रहा है। इनमें कैंसर, किडनी स्टोन, प्रोस्टेट गं्रथि बढऩे की समस्या, आंखों की रोशनी बढ़ाना आदि है। अन्य थैरेपी के मुकाबले इसमें दर्द, सूजन और धब्बे पडऩे की आशंका कम रहती है। यह है थैरेपी लेजर का पूरा नाम लाइट एम्प्लिफिकेशन बाय स्टिमुलेटेड एमिशन ऑफ रेडिएशन है। ये विशेष प्रकार की किरणें हैं जो सिलेक्टिव फोटोथर्मोलिसिस सिद्धांत पर काम करती हैं। इसमें प्रभावित हिस्से पर एक प्रोब (उपकरण) के माध्यम से तय फ्रीक्वेंसी की किरणें डालते हैं। फ्रीक्वेंसी कितनी हो, यह मर्ज पर निर्भर करता है। ये किरणें गरम होकर प्रभावित हिस्से को जला देती हैं। इससे न तो आसपास की कोशिकाओं को नुकसान होता है व न ही मरीज को जलन होती है। मरीज की किडनी में स्टोन होने पर लेजर प्रोब से स्टोन को ज