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Tag: सीढ़ियां

Weight Loss Tips: जिम में पसीना बहाने से बेहतर है कुछ देर सीढ़ियां चढ़ लें, वजन हो जाएगा कम

Weight Loss Tips: जिम में पसीना बहाने से बेहतर है कुछ देर सीढ़ियां चढ़ लें, वजन हो जाएगा कम

Health
आजकल ज्यादातर लोग जिम में पसीना बहाकर अपना वजन कम करते हैं तो कुछ लोग फिट रहने की कोशिश करते हैं। लेकिन एक सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है कि रोजाना 1 घंटे जिम में पसीना बहाने से बेहतर है कि आप 15... Live Hindustan Rss feed
Weight loss – वजन कम करने के लिए दौड़ने जितना फायदेमंद है रोज सीढ़ियां चढ़ना

Weight loss – वजन कम करने के लिए दौड़ने जितना फायदेमंद है रोज सीढ़ियां चढ़ना

Health
ब्रिटिश शोध के मुताबिक आप रोजाना जितनी ज्यादा सीढ़ियां चढ़ेंगे, उतनी ही आपको दिल की बीमारियां कम होंगी। जो व्यक्ति एक साल तक रोजाना दो मंजिल सीढ़ियां चढ़ता है तो वह साढ़े पांच किलो वजन कम कर सकता है। प्रति मिनट इससे ज्यादा कैलोरी सिर्फ एथलीट्स की तरह तेज दौड़ने से ही खर्च होती है। फायदे : इससे शरीर के निचले भाग की कई सारी मांसपेशियां व्यस्त रहती हैं, जिससे बॉडी जल्द ही शेप में आना शुरू हो जाती है। सीढ़ियां चढ़ने से शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ती है, जो दिल की सेहत का ख्याल रखता है। वैसे भी अपने खुद के वजन को उठाना दौड़ने से बेहतर है। स्टेमिना बढ़ेगा डॉक्टरों का मानना है कि रोज लिफ्ट के बजाय सीढ़ियां चढ़ने से शरीर को भरपूर मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है और आपका स्टेमिना बढ़ जाता है। सीढ़ियां चढ़ना कार्डियो एक्सरसाइज करने जितना ही फायदेमंद होता है। अगर घुटने की तकलीफ है तो ऐसा न करे
सामोद वीर हनुमान मंदिर के िलए 1050 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती थीं, अब रोपवे से 5 मिनट में पहुंच सकेंगे

सामोद वीर हनुमान मंदिर के िलए 1050 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती थीं, अब रोपवे से 5 मिनट में पहुंच सकेंगे

Rajasthan
जयपुर. नवरात्र आज से शुरू हो रहे हैं। ऐसे में भास्कर खास अपने पाठकों के लिए पहली बार श्री सामोद हनुमानजी के रोपवे का एरियल व्यू फोटो प्रकािशत कर रहा है। सबसे अच्छी बात यह कि रोपवे दिवाली से शुरू होगा। अभी यहां 1050 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। इसमें सबसे ज्यादा परेशनी बुजुर्गों, दिव्यांगों और बच्चों को होती है। अब उन्हें राहत होगी। 1 घंटे की चढ़ाई अब सिर्फ 5-7 मिनट में पूरी हो सकेगी। रोपवे मंदिर के नीचे नांगल भरडा खोल से शुरू होकर श्रद्धालुओं के बैठने से लेकर मंदिर पहुंचने तक दो टर्मिनलो के बीच चार टावरों के ऊपर बना हुआ है अभी करीब 15 दिन से इस पर इंजन के माध्यम से ट्रायल की जा रही है जो करीब सफल हुई है।वह सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं 17 जुलाई 2016 को काम शुरू ऑटोमेटिक सेंसर सिस्टम से ऑपरेटिंग, शुरू में 4 ट्रॉली बाद में 6 ट्रॉली से मंदिर पहुंचेंगे । एक ट्रॉली में नो यात्री बैठ