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मुलायम और अखिलेश पर संकट, आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट करेगी सुनवाई

मुलायम और अखिलेश पर संकट, आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट करेगी सुनवाई

India
उच्चतम न्यायालय सोमवार को उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों मुलायम सिंह यादव और उनके बेटे अखिलेश यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के... Live Hindustan Rss feed
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष देश के पहले लोकपाल बने

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष देश के पहले लोकपाल बने

Delhi
एजेंसी|नई दिल्ली. सुप्रीम काेर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष मंगलवार काे देश के पहले लाेकपाल नियुक्त किए गए। भ्रष्टाचार के मामलाें की जांच के लिए लाेकपाल अाैर लाेकायुक्त कानून बनने के पांच साल बाद यह नियुक्ति हुई है। 2013 में संसद से पारित इस कानून काे राष्ट्रपति ने 1 जनवरी, 2014 काे मंजूरी दी थी। लाेकपाल पैनल में चार न्यायिक अाैर चार गैर न्यायिक सदस्य भी नियुक्त किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने इनके नामाें की सिफारिश की थी। मंगलवार काे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने औपचारिक तौर पर इसे मंजूरी दे दी। लाेकसभा चुनाव से ठीक पहले हुई इन नियुक्तियाें पर राजनीतिक विवाद भी छिड़ सकता है। शेष|पेज 7 पर Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dainik Bhaskar
सुप्रीम काेर्ट ने कहा- एसिड अटैक असभ्य व बेरहम अपराध, यह माफी लायक नहीं

सुप्रीम काेर्ट ने कहा- एसिड अटैक असभ्य व बेरहम अपराध, यह माफी लायक नहीं

Delhi
एसिड अटैक काे अस‌भ्य अाैर बेरहम अपराध करार देते हुए सुप्रीम काेर्ट ने कहा कि यह किसी भी तरह से माफी लायक नहीं है। हिमाचल प्रदेश के एक केस में दाे दाेषियाें काे 1.5-1.5 लाख रुपए अतिरिक्त मुअावजा पीड़िता काे देने के निर्देश देते हुए सुप्रीम काेर्ट ने यह टिप्पणी की। काेर्ट ने हिमाचल सरकार काे भी पीड़ित मुअावजा याेजना के तहत पीड़िता काे मुजावजा देेने काे कहा है। एसिड अटैक की यह घटना 12 जुलाई 2004 की है। 19 साल की पीड़िता पर काॅलेज जाते वक्त दाे लाेगाें ने एसिड फेंक दिया था। ट्रायल काेर्ट ने दाेषियाें काे 10-10 साल जेल अाैर 5-5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। दाेनाें दाेषी इसके खिलाफ हाईकाेर्ट पहुंचे। हाईकाेर्ट ने सजा घटाकर 5-5 साल कर दी अाैर जुर्माना बढ़ाकर 25-25 हजार रुपए कर दिया। इसे राज्य सरकार ने सुप्रीम काेर्ट में चुनाैती दी थी। इस दाैरान काेर्ट काे बताया गया कि द
अयाेध्या विवाद मध्यस्थता के लिए भेजा जाए या नहीं, सुप्रीम काेर्ट का फैसला आज

अयाेध्या विवाद मध्यस्थता के लिए भेजा जाए या नहीं, सुप्रीम काेर्ट का फैसला आज

Delhi
नई दिल्ली |अयाेध्या विवाद मध्यस्थता से हल किया जाए या नहीं, इस पर सुप्रीम काेर्ट शुक्रवार काे फैसला सुनाएगा। 5 जजाें की पीठ ने सभी पक्षाें की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। निर्माेही अखाड़ा के अलावा अन्य हिंदू पक्ष मध्यस्थता के प्रयास के खिलाफ थे। हिंदू पक्ष ने कहा था कि मध्यस्थता के प्रयास पहले भी हाेते रहे हैं, पर उनमें सफलता नहीं मिली। यह बेहद गंभीर मामला है, इसे कानूनी प्रक्रिया से ही निपटाया जा सकता है। जस्टिस एसए बाेबडे ने कहा था कि मध्यस्थता के जरिये विवाद सुलझाने का मतलब यह नहीं है कि एक पक्ष हार मान लेगा अाैर दूसरा जीत जाएगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dainik Bhaskar

एसिड अटैक असभ्य और हृदयविहीन अपराध, क्षमा योग्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट

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शीर्ष अदालत ने हिमाचल प्रदेश सरकार को आदेश दिया कि वह पीड़िता लड़की को पीड़ित मुआवजा योजना के तहत मुआवजा प्रदान करे। Jagran Hindi News - news:national

पहले लोकपाल पीसी घोष का नाम आने के बाद अन्ना बोले- सुप्रीम कोर्ट के भारी दबाव में थी सरकार

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लोकपाल की मांग को को लेकर अन्ना हजारे ने यूपीए-2 सरकार के दौरान दिल्ली के रामलीला मैदान में जन आंदोलन किया था। पीसी घोष के नाम के बाद अन्ना ने सुप्रीम कोर्ट और जनता की जीत बताया है। Jagran Hindi News - news:national
देश के पहले लोकपाल हो सकते हैं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस पीसी घोष

देश के पहले लोकपाल हो सकते हैं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस पीसी घोष

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लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार ने देश के पहले लोकपाल के नाम काे मंजूरी दे दी है। सुप्रीम काेर्ट के पूर्व जज जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष पहले लाेकपाल हाेंगे। सरकार ने उनके नाम काे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेज दिया है। जस्टिस घोष (66) मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए थे और फिलहाल राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य हैं। वह आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस भी रहे हैं। शेष|पेज 07 पर किरण बेदी ने पहले ही जता दी खुशी भले ही लोकपाल की नियुक्ति को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इससे पहले ही पुडुचेरी की राज्यपाल किरण बेदी ने इसे लेकर ट्विटर पर अपनी खुशी जाहिर कर दी है। किरण बेदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘लोकपाल की घोषणा के बारे में जानकार बहुत खुशी हुई, यह देश की सभी भ्रष्टाचार विरोधी प्रणालियों को मजबूत करेगा और सभी स्तरों पर सतर्कता के काम को बढ़ावा देगा। इस
देश के पहले लोकपाल हो सकते हैं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस पीसी घोष

देश के पहले लोकपाल हो सकते हैं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस पीसी घोष

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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस पीसी घोष देश के पहले लोकपाल हो सकते हैं।उनका नाम रविवार को इस पद के लिए प्रस्तावित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी की चयन समिति ने उनका नाम तय किया और उसकी सिफारिश की। लोकसभा में कांग्रेस के नेतामल्लिकार्जुन खड़गे ने इस बैठक में भाग नहीं लिया। वह भी समिति के सदस्य हैं।बीसीसीआई में हुई थी लोकपाल की नियुक्तिसुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में रिटायर्ड जज डीके जैन को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का पहला लोकपाल नियुक्त किया। सीओए ने पिछले साल सुप्रीम कोर्ट में 10वीं स्टेटस रिपोर्ट में लोकपाल की मांग की थी। सीओए ने कहा था कि बीसीसीआई को एक लोकपाल और एक एथिक्स ऑफिसर की जरूरत है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड
स्पॉट फिक्सिंग: सुप्रीम कोर्ट ने श्रीसंत पर लगा आजीवन प्रतिबंध रद्द किया

स्पॉट फिक्सिंग: सुप्रीम कोर्ट ने श्रीसंत पर लगा आजीवन प्रतिबंध रद्द किया

Indian Sports
सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें क्रिकेटर एस श्रीसंत पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया था। बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति से सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह तीन महीने के भीतर एस श्रीसंत को दी जाने वाली सजा की अवधि पर पुनर्विचार करे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Spot fixing case: Supreme Court asked the BCCI to reconsider its order of life ban on S Sreesanth Dainik Bhaskar
श्रीसंथ को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत, उन पर लगा आजीवन बैन हटाया, सजा को लेकर BCCI को दिए इस बात के निर्देश

श्रीसंथ को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत, उन पर लगा आजीवन बैन हटाया, सजा को लेकर BCCI को दिए इस बात के निर्देश

Indian Sports
स्पोर्ट्स डेस्क. IPL स्पॉट फिक्सिंग मामले में आजीवन प्रतिबंध झेल रहे क्रिकेटर एस. श्रीसंत को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन पर लगा बैन हटा दिया है। साथ ही कोर्ट ने BCCI की अनुशासनात्मक समिति से कहा कि वो तीन महीने के भीतर श्रीसंत को दी जाने वाली सजा की अवधि को लेकर पुनर्विचार भी करे। इससे पहले साल 2015 में निचली अदालत ने श्रीसंत को कथित स्पॉट फिक्सिंग के आपराधिक मामले से बरी कर दिया था। हालांकि, अक्टूबर 2017 में केरल हाई कोर्ट ने श्रीसंत पर लगाए गए आजीवन प्रतिबंध को फिर से बहाल कर दिया।फैसले से दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे मामले पर असर नहीं पड़ेगा...- आजीवन बैन को हटाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये भी स्पष्ट किया कि उसके इस फैसले से दिल्ली हाई कोर्ट में श्रीसंत के खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही के मामले पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली पुलिस ने निचली अदालत के उस फैसले को