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40 डिग्री से ज्यादा तापमान में भी सक्रिय हुआ स्वाइन फ्लू का वायरस, मुसालिया के 71 वर्षीय वृद्ध की माैत

40 डिग्री से ज्यादा तापमान में भी सक्रिय हुआ स्वाइन फ्लू का वायरस, मुसालिया के 71 वर्षीय वृद्ध की माैत

Rajasthan
जोधपुर/पाली. सर्दी के मौसम में फैलने वाला स्वाइन फ्लू अब भीषण गर्मी में भी सक्रिय हाे गया है। रविवार काे स्वाइन फ्लू के मरीज मारवाड़ जंक्शन तहसील के मुसालिया गांव निवासी 71 वर्षीय वेनाराम की जाेधपुर में उपचार के दाैरान मृत्यु हाे गई। वेनाराम काे पहले पेशाब में इंफेक्शन की शिकायत पर साेजत अस्पताल में दिखाया गया। इसके बाद भी आराम नहीं मिलने पर 13 मई काे वह खुद इलाज के लिए जाेधपुर चला गया, जहां उसे स्वाइन फ्लू पाॅजिटिव हाेने की पुष्टि की गई। इलाज के दाैरान रविवार काे उसकी माैत हाे गई।इसकी सूचना मिलने के बाद चिकित्सा विभाग की टीम मुसालिया पहुंची तथा परिजनों व ग्रामीणाें काे टेमी फ्लू दी गई। इसके बाद ही वृद्ध का अंतिम संस्कार किया गया। इधर, चिकित्सा विभाग के अधिकारी भी 40 डिग्री के तापमान में भी स्वाइन के वायरस के सक्रिय हाेने से हैरान है। 30 डिग्री से ज्यादा में जीवित नहीं
युवक की स्वाइन फ्लू से मौत, परिजनों का अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

युवक की स्वाइन फ्लू से मौत, परिजनों का अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

Delhi
नई दिल्ली| स्वाइन फ्लू से हुई युवक की मौत पर परिजनों ने एक निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक गौरव पांडे 18 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे निमोनिया बताया। वह ठीक नहीं हुआ तो 21 अप्रैल को टेस्ट करवाए, स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आने पर गौरव को आईसीयू में भर्ती किया गया। परिजनों का कहना है अस्पताल ने 11 दिन तक अपने पास रखा। जब बच्चे की तबियत अधिक बिगड़ने लगी तो हमने उसे द्वारका के एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसने दम तोड़ दिया। बहन राधिका ने कहा मामले में पुलिस और मेडिकल काउंसिल को शिकायत करेंगे। अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अमन ने कहा हमारे यहां से गौरव 29 को चला गया था, उस वक्त वह बिल्कुल ठीक था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dainik Bhaskar
बेकाबू स्वाइन फ्लू रोकने के लिए अब महाराष्ट्र मॉडल

बेकाबू स्वाइन फ्लू रोकने के लिए अब महाराष्ट्र मॉडल

Rajasthan
जयपुर.प्रदेश में मौसम में बदलाव के बावजूद स्वाइन फ्लू का वायरस सक्रिय है। इस साल स्वाइन फ्लू के चार माह में ही 4 हजार 990 पॉजिटिव में से 196 लोग मौत के मुंह में चले गए है। जबकि अभी तो अाठ माह शेष है। केन्द्र सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव व मौत में राजस्थान पहले नंबर पर है।गुजरात में 4 हजार 742 पॉजिटिव में से 143 की मौत पर दूसरे, मध्य प्रदेश में 627 में से 134 की मौत होने पर तीसरे नंबर पर है। राज्य में स्वाइन फ्लू के बेकाबू के चलते अतिरिक्त मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) रोहित कुमार सिंह ने रोकथाम व नियंत्रण के लिए महाराष्ट्र मॉडल का अध्ययन कर यहां पर लागू करने के लिए कहा है।अब अधिकारी वहां पर जाकर महाराष्ट्र में स्वाइन फ्लू रोकने के लिए अपनाए जा रहे इलाज व तकनीक का अध्ययन कर राजस्थान में इस्तेमाल करेंगे। महाराष्ट्र वर्ष -2015, 2017 व 2018 में
स्वाइन फ्लू, डेंगू के बाद स्क्रब टाइफस में भी जयपुर नंबर वन

स्वाइन फ्लू, डेंगू के बाद स्क्रब टाइफस में भी जयपुर नंबर वन

Rajasthan
जयपुर. मौसम में बदलाव के साथ ही चिकनगुनिया जैसे लक्षणों से मिलती-जुलती स्क्रब टाइफस बीमारी का खतरा बढ़ रहा है। बारिश के बाद में माइट या पिस्सू के काटने से फैलने वाली स्क्रब टाइफस के लगातार मिल रहे कैसेज से चिकित्सा एवं पशुपालन विभाग के इंतजामों की पोल खुलती नजर आ रही है। प्रदेश में स्क्रब टाइफस के इस साल अब तक 160 कैसेज मिल चुके हैं। इनमें से अकेले जयपुर में 55 है। इसके अलावा भरतपुर, अजमेर, टोंक, नागौर, करौली, सवाईमाधोपुर, करौली, अलवर, सीकर, झुंझुनूं प्रभावित क्षेत्र है।पशुओं में पाए जाने वाले इस बैक्टीरिया को पिस्सू के नाम से लोग जानते हैं। पशुओं के शरीर पर रहने वाला पिस्सू जब किसी व्यक्ति को काटता है तो उसके शरीर पर लाल चकत्ते पड़ने लगते हैं। इससे सिरदर्द, ठंड और हल्का बुखार अाता है। समय पर इलाज न मिलने पर तेज बुखार के साथ सिरदर्द भी बढ़ने लगता है।एसएमएस अस्पताल के डॉ
स्वाइन फ्लू के मरीजों की तीन श्रेणियों के अनुसार करते हैं जांच व इलाज

स्वाइन फ्लू के मरीजों की तीन श्रेणियों के अनुसार करते हैं जांच व इलाज

Health
ए, बी और सी श्रेणियों में विभाजितस्वाइन फ्लू की जांच को केन्द्र सरकार की ओर से तीन (ए, बी और सी) श्रेणियों में विभाजित किया गया है। ए: हल्का बुखार, जुकाम, खांसी, गला खराब, सिर्द दर्द, उल्टी , पेट में दर्द होता है। इस श्रेणी में कोई जांच की जरूरत नहीं होती है। विशेषज्ञ की सलाह पर दवा लें। 24 से 48 घंटे बाद विशेषज्ञ को वापस दिखाएं।बी: इसे वन एंड टू में दो श्रेणियों मे बांटा गया है।बी वन: तेज बुखार, सिर दर्द, पेट दर्द, जुकाम, खांसी, छींक आना, गला खराब होना, उल्टी-दस्त आदि लक्षण होते हैं। इसमेें जांच की जरूरत नहीं होती है। विशेषज्ञ की सलाह पर एंटी वायरल स्वाइन फ्लू दवा लें।बी टू: पांच साल के बच्चे व 65 साल से ज्यादा बुजुर्ग जिनको डायबिटीज हो। जिनकी किडनी व लिवर खराब हो, कैंसर, गर्भवती महिला हो, या फिर जिनको क्रोनिक बीमारी हो। यदि इनको श्रेणी ए के लक्षण भी हो तो भी दवा शुरू करनी चाहिए। इसमें जा
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर स्वाइन फ्लू से बच सकते हैं

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर स्वाइन फ्लू से बच सकते हैं

Health
स्वाइन फ्लू, एच1 एन1 इंफ्लूएंजा वायरस से होने वाला संक्रामक रोग है। यह छींक, बलगम व खांसी के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। आमतौर पर कमजोर रोग प्रतिरोधी क्षमता वाले लोग इसकी चपेट में जल्दी आते हैं। जानते हैं एेसे होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक उपायों व योगासनों के बारे में जो रोग प्रतिरोधी तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं। स्वाइन फ्लू का वायरस कम तापमान पर अधिक सक्रिय होता है इसलिए इसका खतरा नवंबर से फरवरी तक ज्यादा रहता है। पहले से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवा लेकर इसका खतरा घटाया जा सकता है। होम्योपैथी में इन्फ्लूएनजिनम, यूपेटोरिम पर्फ, रसटॉक्स, मर्कसोल व आर्सनिक एल्ब में से किसी एक दवा को विशेषज्ञ प्रिवेंटिव डोज के रूप में तीन दिन तक देते हैं। ये दवाएं सिंगल या कॉम्बीनेशन के रूप में स्वस्थ व्यक्ति को ही बचाव की खुराक के रूप में देतें हैं। गिलोय-तुलसी से पूरी तरह बचाव
मार्च का महीना आधा बीतने के बाद भी सुबह-शाम हल्की सर्दी, स्वाइन फ्लू अभी भी सक्रिय

मार्च का महीना आधा बीतने के बाद भी सुबह-शाम हल्की सर्दी, स्वाइन फ्लू अभी भी सक्रिय

Haryana
मार्च आधा बीतने के बाद सुबह व रात को ठंड होने की वजह से स्वाइन फ्लू का एच1 एन1 वायरस अभी भी सक्रिय है। यही कारण है कि देशभर में जनवरी से 10 मार्च तक यानी 69 दिन में 605 लोगों को जान गंवानी पड़ी। 19 हजार 385 रोगी सामने आए। हरियाणा में वायरस ने उपरोक्त दिन में 14 की जान लील ली और 982 रोग ग्रस्त हुए हैं। अगर पूरे सर्द सीजन की बात करें तो देश में वायरस ने 1718 लोगों की जान ली है और 34 हजार 377 बीमार हुए हैं। चौंकाने वाली बात यह कि प्रदेश में पिछले एक दशक में इस बार रोगियों का आंकड़ा 1 हजार के पार हुआ। 1043 रोगी बीमार व 21 की मौत हो चुकी है। इससे पहले रोगियों की संख्या 500 से 600 के बीच रही है। स्वाइन फ्लू से सबसे ज्यादा प्रभावित राजस्थान और गुजरात हुए हैं। यहां क्रमश: 383 और 215 लोगों की मौत हुई है। स्वाइन फ्लू से जनवरी से 10 मार्च तक यानि 69 दिन में 605 लोगों की मौत और 193
जिले में स्वाइन फ्लू बी-कैटेगरी मरीजों की संख्या 101 पहुंची, विभाग ने बांटी टैमी फ्लू

जिले में स्वाइन फ्लू बी-कैटेगरी मरीजों की संख्या 101 पहुंची, विभाग ने बांटी टैमी फ्लू

Punjabi Politics
जिले में स्वाइन फ्लू बी-कैटेगरी के 24 मरीज और नए सामने आए हैं। इन मरीजों में ज्यादातर महिलाएं, बुजुर्ग व बच्चे हैं, जिनका उपचार शहर के प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। वहीं, भोआ एरिया के नरोट मेहरा में एक मरीज में स्वाइन फ्लू पाॅजिटिव आया है। सेहत विभाग का कहना है कि स्वाइन फ्लू बी-कैटेगरी के मरीजों को टैमी फ्लू व सिरप देकर ट्रीटमेंट शुरू कर दिया है। इसके साथ ही स्वाइन फ्लू बी-कैटेगरी मरीजों की संख्या 77 से बढ़कर 101 पहुंच गई है। उधर, सेहत विभाग की जिला एपिडिमोलॉजिस्ट डाॅ. सुनीता का कहना है कि इस बार फरवरी व मार्च महीने तक हुई बारिश से ठंड है, जिससे पूरे पंजाब में ही स्वाइन फ्लू का प्रकोप है। सेहत विभाग द्वारा लोगों को अवेयर किया जा रहा है। स्वाइन फ्लू की 3 कैटेगरी हैं। ए कैटेगरी के लक्षण-बुखार, खांसी, खारिश हैं। ऐसे मरीज आम फ्लू की तरह ही देखे जाते हैं। ऐसे मरीजों को टै
स्वाइन फ्लू से जिले में तीसरी मौत, नरोट मेहरा में एक पाॅजिटिव मरीज आया सामने

स्वाइन फ्लू से जिले में तीसरी मौत, नरोट मेहरा में एक पाॅजिटिव मरीज आया सामने

Punjabi Politics
जिले में स्वाइन फ्लू से तीसरी मौत हुई है। वहीं, नरोट मेहरा में एक स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीज मिला है। इसके साथ ही जिले में स्वाइन फ्लू बी-कैटेगरी के 24 केस और सामने आए हैं। मृतक महिला मंजू निवासी खानपुर एरिया की रहने वाली थी। महिला की मौत की रिपोर्ट आने पर सेहत विभाग ने जांच की पता चला कि स्वाइन फ्लू से महिला की मौत हुई है। महिला को बुखार और खांसी-जुकाम था। परिवार वालों ने मंजू को सुजानपुर से दवा ली, लेकिन मंजू की हालत में सुधार नहीं हुआ। परिजनों ने मंजू को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया जहां 2 दिन भर्ती रही, लेकिन सुधार नहीं हुआ। इस पर डाॅक्टर्स ने उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे जालंधर के प्राइवेट अस्पताल में ले आए जहां महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महिला के टेस्ट की रिपोर्ट आई तो स्वाइन फ्लू पाॅजिटिव निकला। बता दें कि इससे पहले ढांगू की पुष्पा देवी और रानीपुर झिक
स्वाइन फ्लू : पहली बार में लगता है आम फ्लू जैसा, अपनाएं ये सावधानियां और जानें इसके लक्षण व बचाव के उपाय

स्वाइन फ्लू : पहली बार में लगता है आम फ्लू जैसा, अपनाएं ये सावधानियां और जानें इसके लक्षण व बचाव के उपाय

Health
हम सब सेहत का कितना भी ख्याल क्यों न रखते हों, पर वायरस कहीं न कहीं से शरीर में घुसने का रास्ता ढूंढ़ ही लेते हैं। मामला स्वाइन फ्लू का हो, तो दिक्कत और बड़ी होती है, क्योंकि यह वायरस बहुत जल्दी... Live Hindustan Rss feed