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वकील संगठन बोले- फुल काेर्ट की निगरानी में हाे सीजेआई गोगोई पर लगे अाराेपाें की जांच

वकील संगठन बोले- फुल काेर्ट की निगरानी में हाे सीजेआई गोगोई पर लगे अाराेपाें की जांच

Delhi
सुप्रीम काेर्ट के वकीलाें की दाे संस्थाएं साेमवार काे याैन उत्पीड़न के अाराेपाें से घिरे चीफ जस्टिस रंजन गाेगाेई के विराेध में खड़ी हाे गईं। सीजेअाई द्वारा अपने खिलाफ लगे अाराेपाें से निपटने के लिए अपनाए तरीके काे नामंजूर करते हुए दाेनाें संगठनाें कहा कि यह स्थापित कानूनी प्रक्रियाअाें का उल्लंघन है। यह प्रक्रिया गलत थी। सुप्रीम काेर्ट एडवाेकेट्स अाॅन रिकाॅर्ड अाैर सुप्रीम काेर्ट बार एसाेसिएशन ने कहा कि सीजेअाई के खिलाफ लगे अाराेपाें की जांच सुप्रीम काेर्ट की फुल काेर्ट की निगरानी में की जानी चाहिए। मामले काे निष्पक्ष तरीके से निपटाने के लिए फुल काेर्ट काे ही जरूरी कदम उठाने चाहिए। उधर, सुप्रीम काेर्ट के पांच जजाें की संविधान पीठ मंगलवार काे नहीं बैठेगी। मंगलवार से इस पीठ काे भूमि अधिग्रहण सहित दाे महत्वपूर्ण मामलाें की सुनवाई करनी थी। सुप्रीम काेर्ट की वेबसाइट पर अपलाे
डीन अकादमिक- जिला प्रशासन से बात हाे गई है किसी ड्यूटी नहीं लगेगी किसी की भी ड्यूटी नहीं काटी गई है, जरूरत पर सभी बुलाए जाएंगे: डीसी

डीन अकादमिक- जिला प्रशासन से बात हाे गई है किसी ड्यूटी नहीं लगेगी किसी की भी ड्यूटी नहीं काटी गई है, जरूरत पर सभी बुलाए जाएंगे: डीसी

Punjabi Politics
लोकसभा चुनाव को लेकर रविवार को पहली चुनावी रिहर्सल थी। इस चुनावी रिहर्सल का पंजाबी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर्स ने बायकाट का फैसला किया था। रविवार को सभी प्रोफेसर्स वीसी अॉफिस के बाहर इकठ्ठा हुए। डीन अकादमिक प्रोफेसर्स के पास पहुंचे और कहा कि उनकी डीसी से बात हो गई है। इसलिए कोई प्रोफेसर चुनाव रिहर्सल पर नहीं जाएगा। उनकी ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। टीचरों ने डीन अकादमिक डॉ. गुरदीप बत्रा से बात को मानते हुए धरना खत्म कर दिया। कैलेंडर बचाअाे संघर्ष कमेटी के डाॅ रन सिंह धालीवाल ने बताया कि सुबह धरना के लिए पहुंचे थे तभी डीन अकादमिक पहुंचे और उन्होंने भरोसा दिया कि किसी भी प्रोफेसर की ड्यूटी नहीं करनी पड़ेगी हमारी डीसी से बात हो गई है। इसलिए हम लोगों ने डीन अकादमिक के भरोसे पर धरना खत्म किया है। 150 ने मांगी थी चुनाव लड़ने के लिए मंजूरी पहली चुनावी रिहर्सल में पंजाबी यूनिवर्सिटी क
इस साल सामान्य के करीब रहेगा मानसून, 96% हाे सकती है बारिश

इस साल सामान्य के करीब रहेगा मानसून, 96% हाे सकती है बारिश

Delhi
नई दिल्ली.देश में इस साल मानसून सामान्य रहने का अनुमान है। मानसून के चार महीने के दौरान दीर्घावधि औसत की 96 प्रतिशत बारिश होगी। मौसम विभाग ने सोमवार को इस साल के दक्षिण-पश्चिम मानसून का पहला पूर्वानुमान जारी किया। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम. राजीवन नायर और भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक केजे रमेश ने प्रेस काॅन्फ्रेंस में इस साल मानसून का पूर्वानुमान जारी किया।ये भी पढ़ेंइस साल मानसून सामान्य से कम रहने का अनुमान, 93% बारिश की संभावनाउन्हाेंने बताया कि इस साल मानसून के दौरान जून से सितंबर तक वर्षा लगभग सामान्य रहने का अनुमान है। दीर्घावधि औसत का 96 प्रतिशत बारिश होगी। मानसून के चार माह में कुल 89 सेमी बारिश हाेने का अनुमान है। नायर ने कहा, ‘दक्षिण पश्चिम मानसून अभी तक सामान्य है। एेसे में मानसून के सामान्य रहने की संभावना है।’ मानसून का दूसरा पूर्वानुमान मई के अंत
पाकिस्तान पीएम इमरान खान ने कहा- भारत की अाेर से अाैर हमले हाे सकते हैं

पाकिस्तान पीएम इमरान खान ने कहा- भारत की अाेर से अाैर हमले हाे सकते हैं

Delhi
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि भारत में चुनाव हाेने तक दाेनाें देशाें के बीच तनाव बना रहेगा। उन्हाेंने इस दाैरान भारत की अाेर से पाकिस्तान में अाैर हमले की अाशंका भी जताई। इमरान खान ने मंगलवार काे कहा कि पाकिस्तान पर युद्ध की छाया अभी भी मंडरा रही है, प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी सरकार अाम चुनाव से पहले एक अाैर दुस्साहस कर सकती है। खान ने कहा, “खतरा खत्म नहीं हुआ है। भारत में आम चुनाव होने तक स्थिति तनावपूर्ण रहेगी। हम पहले से ही भारत से किसी भी आक्रमण को रोकने के लिए तैयार हैं। खान ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अफगान सरकार द्वारा व्यक्त की गई “चिंता�”ं” के कारण इस्लामाबाद में तालिबान के साथ अपनी निर्धारित बैठक को रद्द कर दिया है। उल्लेखनीय है कि 14 फरवरी काे जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीअारपीएफ के काफिले पर अातंकी हमले के बाद भारत ने 26 फरवरी काे पीअा
15 दिन से ज्यादा खांसी हाे ताे कराएं बलगम की जांच

15 दिन से ज्यादा खांसी हाे ताे कराएं बलगम की जांच

Punjab
शैहणा |सेहत विभाग की तरफ से शैहणा के एक स्कूल में टीबी दिवस मनाया गया। गुरप्रीत सिंह ने बताया कि अगर किसी को 15 दिन से अधिक खांसी हो और शाम को बुखार आता हो, लगातार भार घट रहा हो तो उसे सरकारी अस्पताल में अपनी बलगम की जांच करवानी चाहिए। 15 दिन से अधिक खांसी से टीबी हो सकती है। अगर काेई मरीज टीवी पॉजिटिव आ जाए तो 9 महीने में दवाई का कोर्स कराया जाता है। यह कोर्स प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार की स्कीम के तहत बिल्कुल मुफ्त होता है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Dainik Bhaskar
लगातार पीठ दर्द हाे सकता है स्पाइनल स्टेनोसिस का संकेत

लगातार पीठ दर्द हाे सकता है स्पाइनल स्टेनोसिस का संकेत

Health
आजकल पीठदर्द आम बात है। किशोर से लेकर वृद्ध तक किसी न किसी रूप में पीठदर्द से परेशान हैं। ऐसा ही एक दर्द स्पाइनल स्टेनोसिस है। इस रोग की वजह से हमारे शरीर की डिसक उभरने लगती है और ऊत्तक मोटे हो जाते हैं जिससे रीढ़ नलिका से जाने वाली नस सिकुडऩे लगती है व पीठ में दर्द होता है। यह है समस्यास्पाइनल स्टेनोसिस में हमारी रीढ़ की हड्डी में मौजूद खुले स्थान बंद होने लगते है जिससे स्पाइनल कॉर्ड और नसों पर दबाव पड़ता है। ज्यादातर मामलों में स्पाइन का सिकुड़ना, स्टेनोसिस होने के कारण ही होता है जिससे नर्व रूट दबने से पैरों में दर्द, थकान, अकड़न व झनझनाहट महसूस होने लगती है। अचानक पीठदर्द इसका इलाज मुश्किल हो सकता है क्योंकि इस तरह के लक्षण किसी अन्य कारण से भी हो सकते हैं। जिन लोगों को स्टेनोसिस हो यह जरूरी नहीं की उन्हें पहले कभी पीठ में दर्द हो या कभी किसी तरह की चोट लगी हो। स्पाइनल स्टेनोसिस में अच
मासिक के दाैरान हाे असहनीय दर्द ताे चिकित्सक की सलाह है जरूरी

मासिक के दाैरान हाे असहनीय दर्द ताे चिकित्सक की सलाह है जरूरी

Health
महिलाओं में कमर और पेटदर्द एक आम समस्या है। खासतौर पर माहवारी के दौरान कई बार यह दर्द मुसीबत बन जाता है। वैसे इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। लेकिन ऐसे समय में इसका एक मुख्य कारण है एंडोमेट्रीओसिस।आइए जानते हैं इसके बारे में - क्या है वजहएंडोमेट्रियम (गर्भाशय की आंतरिक सतह) में हर महीने कई तरह के बदलाव आते हैं व माहवारी के रूप में इसका कुछ भाग रक्तस्राव के साथ निकल जाता है। एंडोमेट्रियम जैसी सतह जब गर्भाशय के अलावा अन्य अंगों (ओवरी, फैलोपियन ट्यूब, आंतों आदि) में विकसित हो जाती है, तो यह अवस्था एंडोमेट्रीओसिस कहलाती है। चूंकि एंडोमेट्रियम की प्रवृत्ति संकुचन की होती है इसीलिए इन अंगों में भी बेवजह ऐसा होने लगता है, जिसके कारण दर्द की समस्या होती है। लक्षण व अन्य परेशानियांमाहवारी के समय पेट के निचले भाग व कमर में तेज दर्द होना इसका मुख्य लक्षण है। कई बार महिलाओं को असहनीय दर्द की वजह से
कंधे के दर्द को न समझे मामूली, हाे सकता है बड़ा खतरा

कंधे के दर्द को न समझे मामूली, हाे सकता है बड़ा खतरा

Health
आज की व्यस्त जीवनशैली में छोटे-मोटे दर्द को नजरअंदाज करना हमारी आदत बनती जा रही है। कई बार यह आदत बीमारियों का कारण भी बन जाती है। उन्हीं में से एक है कंधे में दर्द (शोल्डर पेन)। गठिया, दुर्घटना होने या मांसपेशियों के फटने के कारण कंधे के इलाज व गंभीर समस्या होने पर सर्जरी की जरूरत पड़ती है। कंधे की समस्या में शुरुआती लक्षण हल्का दर्द होता है। धीरे-धीरे मूवमेंट कम होना (फ्रोजन शोल्डर), मांसपेशियों के फटने से हाथ ठीक से न उठ पाना (रोटेटर कफ टियर), कंधा बार-बार उतरना (रिकरेंट डिसलोकेशन शोल्डर) जैसी परेशानियां भी होने लगती हैं। कंधे, कूल्हे व घुटने को पूरी तरह से प्रत्यारोपित किया जा सकता है। इसलिए ऐसा होने पर तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क कर सलाह लें। कंधे में दर्ददर्द का कारण पता लगाए बिना वजह नहीं बतार्इ जा सकती। कई बार दुर्घटना होने पर कंधा फ्रेक्चर हो जाता है। ऐसे में ठीक से देखभाल न मिलने या
गिरिराज का मुकाबला हाे सकता है कन्हैया कुमार से

गिरिराज का मुकाबला हाे सकता है कन्हैया कुमार से

Delhi
बिहार में एनडीए की पार्टियाें ने रविवार काे सीटाें के बंटवारे का ऐलान कर दिया। इसमें भाजपा ने अपने दो बड़े नेताअाें केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह अाैर शाहनवाज हुसैन की सीटें सहयोगियों को दे दी हैं। गिरिराज सिंह की नवादा सीट एलजेपी के खाते में जाने के बाद उनके बेगूसराय से चुनाव लड़ने की बात सामने अा रही है। बेगूसराय से जेएनयू के नेता कन्हैया कुमार भाकपा के उम्मीदवार हाेने की संभावना है। इससे इस सीट पर मुकाबला राेचक हाे सकता है। भागलपुर सीट भी जेडीयू काे मिल गई है। इसपर 2009 में भाजपा के मुस्लिम चेहरे माने जाने वाले शाहनवाज हुसैन जीते थे। लेकिन 2014 में वह राजद उम्मीदवार से इस सीट पर हार गए थे। बिहार की 40 सीटों पर नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भाजपा और नीतीश कुमार की अगुवाई वाली जेडीयू के साथ रामविलास पासवान की एलजेपी का गठबंधन है। राज्य में भाजपा, जेडीयू काे 17-17 अाैर ए
B Alert – जंकफूड से बच्चे भी हाे रहे हैं हाई कोलेस्ट्रॉल का शिकार

B Alert – जंकफूड से बच्चे भी हाे रहे हैं हाई कोलेस्ट्रॉल का शिकार

Health
जंकफूड, अधिक तली भुनी चीजें, सॉफ्ट ड्रिंक्स और आउटडोर एक्टिविटी की कमी के कारण बच्चों में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हाल ही में अमरीकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक देश के एक महानगर में 19 साल से कम उम्र के करीब 23 प्रतिशत बच्चों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक पाया गया। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ इस शहर में ही नहीं बल्कि देशभर के अन्य शहरी इलाकों में 20 साल तक के बच्चों में एलडीएल का स्तर ज्यादा होने की आशंका है। यदि समय रहते इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो भविष्य में इससे कम उम्र में हृदय रोग व अन्य गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। जानिए बच्चों में कोलेस्ट्रॉल के खतरों के बारे में-कोलेस्ट्रॉल मोम जैसा पदार्थ होता है जिसका निर्माण हमारे शरीर में लिवर करता है। यह शारीरिक गतिविधियों में मदद करता है। लेकिन कई बार खराब खान