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Tag: हृदय

शरीर का कायाकल्प कर सकता है ये फल, हृदय रोग व डायबिटीज के लिए है ‘रामबाण’

India
यदि आप भी उच्च रक्तचाप या मुधमेह के बढ़ते स्तर से परेशान हैं तो तीन से चार ग्राम त्रिफला के चूर्ण का सेवन प्रतिदिन रात को सोते समय दूध के साथ कर लें। Jagran Hindi News - news:national
मानव शरीर, आंख व हृदय से रक्त के संचार का मॉडल प्रस्तुत किया

मानव शरीर, आंख व हृदय से रक्त के संचार का मॉडल प्रस्तुत किया

Punjabi Politics
संगरूर के गोल्डन अर्थ ग्लोबल स्कूल में प्रदर्शनी में मॉडल पेश करते छात्र। गोल्डन अर्थ ग्लोबल के विद्यार्थियों ने लगाई प्रदर्शनी भास्कर संवाददाता| संगरूर गोल्डन अर्थ ग्लोबल स्कूल में अभिभावक-अध्यापक दिवस के दौरान छात्रों द्वारा भिन्न-भिन्न विषयों (विज्ञान, सामाजिक शिक्षा, गणित, कंप्यूटर, कला आदि) से संबंधित मॉडल की प्रदर्शनी लगाई गई। जिसमें पांचवीं से लेकर बारहवीं कक्षा के छात्रों ने भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रिंसिपल हरदीप कौर ने बताया कि छात्रों ने प्रदर्शित मॉडल के बारे में अभिभावकों को विस्तार से व्याख्या की। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी को आयोजित करने का उद्देश्य छात्रों के अंदर छिपी हुई प्रतिभा का विकास करना तथा उनका मनोबल बढ़ाना है। उन्होंने छात्रों को भविष्य में इस तरह की गतिविधियों में हिस्सा लेते रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि प
भारत को आज दो स्वर्ण, हृदय हजारिका और महिला टीम ने जीता सोना

भारत को आज दो स्वर्ण, हृदय हजारिका और महिला टीम ने जीता सोना

Indian Sports
चांग्वू (दक्षिण कोरिया). वर्ल्ड शूटिंग चैम्पियनशिप में शुक्रवार को भारत ने दो स्वर्ण पदक जीते। शूटर हृदय हजारिका ने स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल के शूटऑफ में गोल्ड पर निशाना लगाया। वहीं, महिला टीम ने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में 188.7 के स्कोर के साथ सोना अपने नाम किया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Hriday Hazarika won gold medal at ISSF World Championship Dainik Bhaskar
Expert Report: हृदय रोग की महामारी की चपेट में यंग इंडिया

Expert Report: हृदय रोग की महामारी की चपेट में यंग इंडिया

Health
नई दिल्ली। भारतीय युवाओं में हृदयाघात की समस्या बढ़ती जा रही है और यदि इस समस्या पर रोक के उपाय नहीं किए गए तो यह महामारी का रूप अख्तियार कर सकती है। यह कहना है हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नित्यानंद त्रिपाठी का। डॉ. त्रिपाठी ने आईएएनएस को जारी एक बयान में कहा है, "भारत में हृदय रोग की महामारी को रोकने का एकमात्र तरीका लोगों को शिक्षित करना है, वरना 2020 तक सबसे अधिक मौत हृदय रोग के कारण ही होगी।" डॉ. त्रिपाठी ने कहा है, "दिल के दौरे का संबंध पहले बुढ़ापे से माना जाता था। लेकिन अब अधिकतर लोग उम्र के दूसरे, तीसरे और चौथे दशक के दौरान ही दिल की बीमारियों से पीडि़त हो रहे हैं। आधुनिक जीवन के बढ़ते तनाव ने युवाओं में दिल की बीमारियों के खतरे पैदा कर दिया है। हालांकि अनुवांशिक और पारिवारिक इतिहास अब भी सबसे आम और अनियंत्रित जोखिम कारक बना हुआ है, लेकिन युवा पीढ़ी में अधिकतर हृदय रोग का कारण अत्यधिक तन
हृदय व लिवर को नुकसान पहुंचाती आयरन की अधिक मात्रा

हृदय व लिवर को नुकसान पहुंचाती आयरन की अधिक मात्रा

Health
हीमोग्लोबिन रक्त का वह भाग है जो सभी अंगों की कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाता है और इसे बनाने के लिए आयरन तत्त्व की जरूरत होती है। लेकिन यदि इस तत्त्व की मात्रा सामान्य से ज्यादा होकर विभिन्न अंगों में जमती जाए तो यह हेमोक्रोमाटोसिस की स्थिति बनती है। जिससे लिवर व हृदय को नुकसान पहुंचता है और मधुमेह या आर्थराइटिस जैसे रोगों की आशंका रहती है। गंभीर रोगों से बचाव के लिए रोग का उपचार समय पर होना जरूरी है। वर्ना कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। रोग के कारणआनुवांशिकता अहम है। ज्यादातर मामलों में बार-बार रक्त चढ़वाने, रक्त व लिवर संबंधी समस्या होने या अधिक शराब पीने की आदत से भी यह रोग होता है। महिलाओं में माहवारी व गर्भावस्था जैसी अवस्थाओं के कारण रक्त की कमी रहती है। इसलिए पुरुषों में रोग की आशंका ज्यादा है। लक्षण40 वर्ष की उम्र से पहले अतिरिक्त आयरन किसी भी व्यक्ति में धीमी गति से जमता है और जब
हृदय रोग में 50 फीसदी, मधुमेह में 150 फीसदी बढ़ोतरी : रिपोर्ट

हृदय रोग में 50 फीसदी, मधुमेह में 150 फीसदी बढ़ोतरी : रिपोर्ट

Health
देश में साल 1990 से 2016 के बीच हृदय रोग में 50 फीसदी की वृद्धि हुई है, जबकि मधुमेह में 150 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। मधुमेह से पीडि़त भारतीयों की संख्या 1990 में 2.6 करोड़ थी, जो 2016 में 6.5 करोड़ हो गई। फेफड़ों के मरीजों की संख्या इस दौरान 2.8 करोड़ से बढ़कर 5.5 करोड़ हो गई। एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। इंडियन कौंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR), पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PHFI) और इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवोल्यूशन (आईएचएमई) ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की भागीदारी में राज्यस्तीय बीमारियों के बोझ का पता लगाने की पहल के तहत जारी रिपोर्ट में बुधवार को यह जानकारी दी। एक बयान में बताया गया कि वैश्विक बीमारियों का बोझ अध्ययन के तहत यह रिपोर्ट 1990 के बाद उपलब्ध बीमारियों के दर्ज आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है। इसे तैयार करने में विशेषज्ञों के अलावा
महिलाओं में बढ़ रहे हृदय रोग के मामले

महिलाओं में बढ़ रहे हृदय रोग के मामले

Health
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हृदय रोग महिलाओं में मृत्यु का तीसरा प्रमुख कारण है। हाल ही हुए एक सर्वे के अनुसार भारत में 5 में से 3 शहरी महिलाएं हृदय की किसी न किसी समस्या से पीडि़त हैं। 35-44 आयुवर्ग की महिलाओं में इसका खतरा तेजी से बढ़ रहा है। 20 की उम्र में20 की उम्र में कोलेस्ट्रॉल स्क्रीनिंग, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर टेस्ट और डायबिटीज स्क्रीनिंग टेस्ट करा लें ताकि रोग का पता प्रारंभिक अवस्था में ही चल जाए। एक बार यह टेस्ट कराने के बाद डॉक्टरी सलाह से नियमित जांच कराती रहें। 30 का पड़ावआजकल महिलाएं कामकाजी हो गई हैं। 8-10 घंटे कम्प्यूूटर के सामने बैठकर काम करना, एक्सरसाइज न करना, नींद की कमी, जंक फूड का सेवन हृदय रोगों की आशंका को दोगुना कर देते हैं। इसलिए सतुलित और पौष्टिक भोजन करेंं। कैलोरी इनटेक शारीरिक सक्रियता और मेटाबॉलिज्म के अनुसार होना चाहिए। ४० में हो जाएं सतर्कघर-परिवार की
हृदय संबंधी रोग भी बनाते एऑर्टिक डिस्सेक्शन की स्थिति

हृदय संबंधी रोग भी बनाते एऑर्टिक डिस्सेक्शन की स्थिति

Health
एऑर्टिक डिस्सेक्शन हृदय से जुड़ी ऐसी बीमारी है जिसमें 50 प्रतिशत मरीजों की समय पर इलाज न मिलने पर अगले 24-48 घंटों में मौत हो जाती है। किसी सडक़ दुर्घटना में सीने पर आए दबाव या हृदय से जुड़े रोगों के कारण इसके मामले भी काफी देखे जाते हैं जिसके लिए सर्जिकल इमरजेंसी बेहद जरूरी है। रोग के कारणशरीर की सबसे बड़ी धमनी ‘एऑर्टा’ ऑक्सीजनयुक्त रक्त को सर्कुलेटरी सिस्टम तक पहुंचाने का काम करती है। एऑर्टा डिस्सेक्शन की समस्या में इस धमनी की आंतरिक दीवार क्षतिग्रस्त हो जाती है। ऐसे में रक्त का प्रवाह धमनी के बाहर होने लगता है। यह दो तरह से प्रभावित होती है। टाइप-ए (धमनी के ऊपरी हिस्से का क्षतिग्रस्त होना) और टाइप-बी (धमनी के निचले हिस्से का चोटिल होना)। जटिलताएंइस रोग की वजह से अंदरुनी रक्तस्त्राव से व्यक्तिकी मौत हो सकती है। साथ ही आंतों की कार्यप्रणाली बिगडऩे, किडनी फेल होने, स्ट्रोक व अन्
हृदय रोग : फैमिली हिस्ट्री है तो रहें अलर्ट

हृदय रोग : फैमिली हिस्ट्री है तो रहें अलर्ट

Health
जिन लोगों के परिवार में हृदय रोग के मरीज रहे हैं उन्हें कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत है। कोरोनरी आर्टरी डिजीजबुरा कोलेस्ट्रॉल बढऩे से होने वाली यह बीमारी जेनेटिक भी हो सकती है। वल्र्ड हार्ट फेडरेशन के मुताबिक अगर पिता या भाई में से किसी को 55 की उम्र से पहले अथवा मां या बहन में से किसी को 65 साल की उम्र से पहले हार्ट अटैक हुआ हो, तो परिजनों को हार्ट डिजीज की आशंका अधिक होगी। इसके अलावा कार्डियोमायोपैथी (हृदय की संरचना में बदलाव व ब्लड पंप करने की क्षमता घटना), हार्ट रिद्म प्रॉब्लम (अरिद्मिया), एऑर्टा से जुड़ी बीमारी के इलाज में लेटलतीफी हार्ट के लिए दिक्कत पैदा कर सकती है। जानें फैमिली हिस्ट्री होने पर क्या रखें ध्यान- ऐसे कम होगा जोखिमकोरोनरी आर्टरी डिजीज का शुरुआती चरण में पता नहीं चलता। इसलिए परिवार में किसी को हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या रही हो तो अलर्ट हो जाएं। जर्नल ऑफ दी अमरीकन मे
कोयले पर खाना पकाने से बढ़ सकता है हृदय संबंधी बीमारियों से मौत का खतरा

कोयले पर खाना पकाने से बढ़ सकता है हृदय संबंधी बीमारियों से मौत का खतरा

Health
भोजन पकाने के लिए लंबे समय तक कोयला, लकड़ी या चारकोल के इस्तेमाल के कारण हृदय संबंधी बीमारियों से मौत का खतरा बढ़ सकता है। एक नए अध्ययन में इस बात का पता चला है। ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के... Live Hindustan Rss feed