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कैमरा के ऑन होने पर मैं अकेली होती हूँ: तब्बू

Entertainment
'अंधाधुंध' की सफलता के बाद तब्बू 'दे दे प्यार दे' में अजय देवगन के साथ नज़र आ रही हैं जिसमें वह अजय की पत्नी की भूमिका में हैं। मनोरंजन
पूरे देश में डेंगू से 2% मौतें होती हैं, एम्स में मृत्यु दर 7 से 10 फीसदी

पूरे देश में डेंगू से 2% मौतें होती हैं, एम्स में मृत्यु दर 7 से 10 फीसदी

Delhi
एम्स में डेंगू से मरने वालों की तादाद 7 से लेकर 10% तक है। यह खुलासा गुरुवार को नेशनल डेंगू दिवस के मौके पर एम्स में किया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि वर्तमान में डेंगू के लिए वैक्सीन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। एम्स के प्रोफेसर आशुतोष विश्वास ने बताया कि उनके अस्पताल में डेंगू की मृत्यु दर 7 से 10% है जबकि पूरे देश में यह 2% से भी कम है। यानी एम्स में मौजूद डेंगू के 100 मरीजों में से 7 से 10 की जान चली जाती है। डॉ विश्वास ने बताया एम्स एक रेफरल अस्पताल है तो यहां डेंगू के गंभीर रूप से बीमार मरीजों को भर्ती किया जाता है। यही वजह है एम्स में डेंगू के मरीजों की मृत्यु दर अन्य अस्पतालों के मुकाबले अधिक है। एम्स में डेंगू से हर साल 20 से 30 मरीजों की मौत हो जाती है। डेंगू के मरीजों को बचाने के लिए वैक्सीन के इस्तेमाल पर एम्स का कहना है कि भारत में यह संभव नहीं है। एम्स
पेट की दीवार की कमजोरी से होती है हर्निया की समस्या

पेट की दीवार की कमजोरी से होती है हर्निया की समस्या

Health
हर्निया रोग क्या है ? शरीर के किसी भी सामान्य या असामान्य छेद से अंगों के बाहर निकलने को हर्निया कहते हैं। सामान्यत: हर्निया का मतलब उदर हर्निया यानी पेट के हर्निया से होता है जिसमें पेट की दीवार में छेद होने की वजह से आंतें पेट से निकलकर बाहर आ जाती हैं । हर्निया के कई प्रकार होते हैं जिनमें इंग्वाईनल हर्निया, इन्सीजनल हर्निया, अम्बलिकल हर्निया, एपीगेस्ट्रिक हर्निया, हायटस हर्निया और डाईफ्रेगमेटिक हर्निया प्रमुख हैं। इसके क्या लक्षण हैं ?हर्निया पेट की दीवार की कमजोरी के कारण होता है। इसमें पेट पर (वेंट्रल) या पेट के निचले हिस्से (ग्रोइन) पर एक गांठ दिखती है जो लेटने या दबाने पर खत्म हो जाती है व खांसने या खड़े होने पर दोबारा दिखने लगती है। इससे क्या परेशानियां हो सकती हैैं ?हर्निया में मरीज को हल्का दर्द महसूस हो सकता है। वक्त के साथ हर्निया की गांठ बढ़ती जाती है। कई बार हर्निया की गांठ
ध्यान से नकारात्मक शक्तियां होती हैं दूर : डॉ. रितु

ध्यान से नकारात्मक शक्तियां होती हैं दूर : डॉ. रितु

Haryana
यमुनानगर | सीनियर सिटीजन सोशल वेलफेयर एसोसिएशन के सौजन्य से शास्त्री कॉलोनी कम्युनिटी सेंटर के सभागार में व्यक्तित्व विकास पर सेमिनार का आयोजन किया गया। अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रधान जीएस राय ने की तथा संचालन सचिव हरीश कुमार ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में आरोहन वेलफेयर सोसाइटी की प्रधान डॉ. रितु सोनी व विशिष्ट अतिथि के रूप में केवल खरबंदा उपस्थित रहे। डॉ. रितु ने कहा कि उम्र के बढ़ने पर कुछ बातें विशेष रूप से ध्यान रखनी चाहिए, जैसे सुविधा जनक अवस्था में बैठकर ध्यान लगाएं। मन को एकाग्रचित्त करें। ध्यान लगाने पर नकारात्मक शक्तियां जो शरीर के अंदर और बाहर होतीं हैं वह दूर हो जातीं हैं। घर से दूर रहने वाले बच्चों से संबंध बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया का प्रयोग कर सकते हैं। माैके पर दीनानाथ अरोड़ा, अशोक कालड़ा, रामेश गोयल, राज कुमार शर्मा, एनसी पुरी, एसपी मेहता, बीएस बांगा,
आनुवांशिक कारणों से होती है हीमोफीलिया की समस्या

आनुवांशिक कारणों से होती है हीमोफीलिया की समस्या

Health
हीमोफीलिया क्या है ? हीमोफीलिया रक्त संबंधी विकार है जो खून का थक्का बनने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है। यह महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में आम है। जो लोग इससे पीडि़त होते हैं उनमें चोट लगने या सर्जरी के दौरान रक्तस्त्राव अधिक मात्रा में और काफी देर तक होता है। कभी-कभी तो रक्तस्त्राव बिना चोट लगे भी हो जाता है, लेकिन यह समस्या सामान्य हीमोफीलिया में नहीं बल्कि गंभीर हीमोफीलिया से पीडि़त लोगों में दिखाई देती है। कौन से लक्षण हीमोफीलिया के संकेत हो सकते हैं ?अगर मरीज की स्थिति गंभीर है तो स्वत: रक्तस्त्राव हो सकता है। जिसके लक्षण हैं चोट या कट लगने या सर्जरी के बाद से अत्यधिक रक्तस्त्राव होना। जोड़ों जैसे घुटनों, कोहनियों और कंधों में गर्माहट, सूजन और दर्द का अनुभव होना। यह बच्चों में ज्यादा देखने को मिलता है। टीकाकरण के बाद असामान्य रक्तस्त्राव, मूत्र या मल में रक्त, अज्ञात कारण से नकसीर, न
‘लबों पे उसके कभी बद्दुआ नहीं होती, बस एक मां है जो मुझसे ख़फ़ा नहीं होती’

‘लबों पे उसके कभी बद्दुआ नहीं होती, बस एक मां है जो मुझसे ख़फ़ा नहीं होती’

India
इस बार मदर्स डे पर मशहूररचनाकारगुलज़ार, मुनव्वर राणा, निदा फ़ाज़लीऔर कवि ओम व्यास की मां पर लिखी 4 चुनिंदा नज़्में। ये वहरचनाएं हैं जो देश-काल और तमाम बंधनों सेपरे हैं...इनका हर एक शब्द मन कोगहराई तक छू जाता है। आप भी महसूस कीजिए... आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें mothers day special potery of gulzar nida fazli om vyas munavvar rana Dainik Bhaskar
यूरिन रोकने से होती है किडनी फेलियर, यूटीआई की समस्या

यूरिन रोकने से होती है किडनी फेलियर, यूटीआई की समस्या

Health
यूरिन रिलीज करना शरीर की सामान्य प्रक्रिया है। ब्लैडर के भरने पर प्रतिक्रिया तंत्र ब्रेन को यूरिन रिलीज करने का संकेत भेजता है। यूरिन को रोकने की आदत जिनमें होती है उनमें यह प्रतिक्रिया धीरे-धीरे कम हो जाती है। यूरिन को रोकने की क्षमता यूरिन की उत्पादन मात्रा, हाइड्रेशन, तरल पदार्थ और ब्लैडर में जमा होने की कैपेसिटी पर निर्भर करती है। यूरिन रिलीज का संकेत मिलने के कुछ समय के अंदर हमारा नर्वस सिस्टम इसे कंट्रोल करने का भी संकेत देता है ताकि व्यक्ति उचित जगह देखकर इसे रिलीज कर सके। सामान्यतया हर एक मिनट में 1-2 एमएल यूरिन ब्लैडर में पहुंचता है। ब्लैडर को संकेत मिलने के बाद जल्द ही खाली कर देना चाहिए वर्ना ब्लैडर पर जोर पड़नें से किडनी पर भी दबाव पड़ता है। पेशाब में यूरिया व अमीनो एसिड जैसे टॉक्सिक तत्त्व होते हैं। यूरिन को रोकने से किडनी को नुकसान होने के साथ ब्लैडर में दर्द और संक्रमण हो सक
HINDUSTAN EXCLUSIVE: प्रियंका गांधी ने कहा- अभी मोर्चा न लेती तो कायरता होती

HINDUSTAN EXCLUSIVE: प्रियंका गांधी ने कहा- अभी मोर्चा न लेती तो कायरता होती

India
लोकसभा चुनाव की बिसात बिछने के बाद देश के राजनीतिक फलक पर बतौर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के आगमन ने सियासी माहौल में नई हलचल पैदा कर दी। रोड शो और जनसभाओं में प्रियंका हरेक मुद्दे पर... Live Hindustan Rss feed
स्पीच थैरेपी से ठीक होती भारी या पतली आवाज

स्पीच थैरेपी से ठीक होती भारी या पतली आवाज

Health
लड़कों के शरीर में कई परिवर्तन होते हैंकिशोरावस्था से युवावस्था की ओर बढ़ते समय लड़कों के शरीर में कई परिवर्तन होते हैं, आवाज में बदलाव उन्हीं में से एक है। इस दौरान लड़कों के स्वरयंत्र के वोकलकोर्ड की लंबाई तेजी से बढ़ती है जिसकी वजह हार्मोंस भी होते हैं। कई बार लड़कों के स्वरयंत्र में संरचनात्मक बदलाव तो होते हैं लेकिन व्यवहार में आवाज मोटी न होकर पतली ही रह जाती है, इसे प्यूूूबरोफोनिया कहते हैं।कारण : चूंकि स्वरयंत्र के ये बदलाव तेजी से होते हैं, जिनके साथ कई लड़के सामंजस्य नहीं बना पाते। वहीं हार्मोंस के असंतुलन से पुरुषों जैसे अन्य लक्षण प्रकट न होने या आत्मविश्वास में कमी होने पर भी ऐसा हो सकता है। इसके विपरीत एंड्रोफोनिया में लड़कियों की आवाज पुरुषों जैसी मोटी हो जाती है।इलाज : इस समस्या को स्पीच थैरेपी (उचित ढंग से बोलने का अभ्यास कराकर) से ठीक किया जा सकता है। आवाज के कुछ व्यायाम
कांग्रेस ने काम किया होता तो आज भाजपा नहीं होती : माया

कांग्रेस ने काम किया होता तो आज भाजपा नहीं होती : माया

Haryana
पानीपत/कुरुक्षेत्र.बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि भाजपा ने 2014 के चुनाव में जो वादे किए थे, उसका एक चौथाई काम भी नहीं किया। इसमें कांग्रेस भी पीछे नहीं है। कांग्रेस ने भी केंद्र और राज्यों में सिर्फ सत्ता का भोग किया है। अगर कुछ किया होता तो आज भाजपा नहीं होती।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभक्त होने का नाटक कर रहे हैं। कहते हैं कि विपक्ष उन पर निजी हमला कर रहा है। आपने पांच साल क्या किया, उसका हिसाब दो, विपक्ष हमला नहीं करेगा। यहां सेक्टर-13/17 में बीएसपी-एलएसपी की सभा में माया ने कहा कि कांग्रेस को गलत कामों की वजह से सत्ता से बाहर होना पड़ा, यहीं हाल भाजपा का होगा।अफवाह फैला रहे भाजपाई :सैनी लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के प्रमुख राजकुमार सैनी ने कहा कि भाजपा वाले अफवाह फैला रहे हैं और जाति की दोहरी राजनीति कर रहे हैं। सोनीपत में जाट और नॉन-जाट की बात करते