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प्रगाढ़ होते जा रहे हैं रूस-पाक सैन्य संबंध, 21 अक्बूटर से 4 नवंबर तक करेंगे सैन्य अभ्यास

India
दोनो देशों के बीच वर्ष 2016 के बाद से लगातार हर वर्ष सैन्य अभ्यास हो रहा है और इस साल के अभ्यास को अभी तक का सबसे आधुनिक माना जा रहा है। Jagran Hindi News - news:national
भाव और भक्ति से प्रसन्न होते हैं ठाकुर जी: सोनी

भाव और भक्ति से प्रसन्न होते हैं ठाकुर जी: सोनी

Punjab
लुधियाना| किचलू नगर स्थित श्री राम शरणम् आश्रम में चल रहे श्री रामायण ज्ञान यज्ञ में सोमवार को साधकों ने किष्किंधा कांड का पारायण किया। इस दौरान साधकों ने रामचंद्र जी के चित्रकूट जाने, संतों को चिंतित देखना, रावण के भाई के उत्पात के बारे में सुनना, अत्रि ऋषि, अनुसूइया से मिलना, अनुसूइया का सीता जी को आभूषण देकर आशीर्वाद देना, सुतीक्ष्ण ऋषि के पास जाना, अगस्त्य ऋषि के भाई से मिलना, पर्ण कुटि बनाना आदि प्रसंग सुनाए गए। सीता माता का सुनहार देखना और रामचंद्र जी से उसे लाने के आग्रह करना, लेकिन लक्ष्मण का कहना कि यह सब मारीच की माया है। रामचंद्र जी का हिरण के पीछे जाना, उनकी आवाज सुनकर सीता माता का लक्ष्मण को विवश करना कि वो रामचंद्र जी के पीछे जाएं, लक्ष्मण जी का सीता माता से रामचंद्र जी की आज्ञा पालन करने ले लिए कहना, लेकिन सीता माता का लक्ष्मण को उलाहना देना प्रसंग सुनाए
45 मिनट बंद रहा ब्लड बैंक का दरवाजा, लोग होते रहे परेशान

45 मिनट बंद रहा ब्लड बैंक का दरवाजा, लोग होते रहे परेशान

Punjab
जालंधर | शनिवार रात कुछ लोग जब सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक में सेल लेने गए तो उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कर्मचारी पर सोए रहने का आरोप लगाया और कहा कि ब्लड बैंक का दरवाजा 45 मिनट बंद रहा। जब इसका विरोध किया तो लैब टेक्नीशियन ने उनसे कह दिया कि मशीन खराब है। सेल नहीं मिल सकते। फगवाड़ा गेट इलेक्ट्रॉनिक मार्केट के प्रधान बलजीत सिंह आहलूवालिया शनिवार रात 11 बजे सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक गए। उनकी मार्केट में काम करने वाला 30 साल का अशोक कुमार अस्पताल में दाखिल था। सेल कम थे तो डॉक्टर ने कहा एक यूनिट सिंगल डोनर ब्लड प्लेटलेट्स चढ़ाने पड़ेंगे। वह ब्लड बैंक पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। आधा घंटा खटखटाने के बाद टेक्नीशियन सन्नी ने दरवाजा खोला और कहा कि मशीन खराब है। आहलूवालिया ने बताया कि उन्हें पता लगा है कि दोपहर में मशीन चल रही थी। सिविल में सेल निकालने व
दीपावली की मेंटेनेंस के नाम पर 200 कॉलोनियों की बिजली गुल, परेशान होते रहे लोग

दीपावली की मेंटेनेंस के नाम पर 200 कॉलोनियों की बिजली गुल, परेशान होते रहे लोग

Rajasthan
जयपुर। जयपुर डिस्कॉम के सिटी सर्किल की ओर से दीपावली से पहले सिस्टम मेंटेनेंस करने के नाम पर शुक्रवार को शहर की 200 से ज्यादा कॉलोनियों में बिजली गुल कर दी गई। शहर में ज्यादातर इलाकों में 6 से 9 घंटे तक बिजली गुल रहने का लोगों ने विरोध किया है।बिजली कंपनी व प्रसारण कंपनी के इंजीनियर्स में तालमेल नहीं होने से शहर के एक ही इलाके के लोगों को दो से तीन बार बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। मेंटेनेंस का काम 30 अक्टूबर तक चलेगा। शहर का ज्यादातर इलाका रिंग सिस्टम व आरएमयू (रिंग मैन यूनिट) से जुड़ा होने के बावजूद बिजली गुल रख कर लोगों को परेशान किया जा रहा है।ऐसे में करोड़ों रुपए खर्च कर लगाए आरएमयू सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं। जयपुर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता जेके मिश्रा का कहना है कि 33 केवी व 11 केवी सिस्टम की मेंटेनेंस के कारण बड़े इलाके में बिजली बंद करनी पड़ी है। अब मेंटेनेंस ज
7 दिन बिल लेट होते ही आटोमेटिक कट रहे बिजली कनेक्शन

7 दिन बिल लेट होते ही आटोमेटिक कट रहे बिजली कनेक्शन

Haryana
147 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुए देश के पहले पायलट स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट ने काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के कनेक्शन कटने शुरू हो गए हैं। अभी दो-तीन दिनों में ही कंप्यूटर ऑपरेटरों ने कंट्रोल रूम से ही 400 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए। इससे जुड़े 10,530 में से 2000 हजार तक उपभोक्ता डिफॉल्टरों की सूची में शामिल हैं। इस पर उपभोक्ताओं का कहना है कि अभी इसका लाभ उपभोक्ताओं को कम और निगम को ज्यादा हो रहा है। वहीं प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों का दावा है कि उपभोक्ताओं को भी उतना ही लाभ मिल रहा है, जितना निगम को है। अभी तो शुरूआती चरण है। एप डाउनलोड होने से और बढ़ेंगी सुविधाएं प्रोजेक्ट के क्षेत्रीय मैनेजर अनिल कौशिक ने बताया कि एप को फिलहाल करीब 130 लोगों के मोबाइल में डाउनलोड कराया गया है, ताकि इसके परिणाम जान सकें। सफलता के बाद प्रोजेक्ट से जुड
ग्राउंड रिपोर्ट: यहां नशा बनकर आई मौतें; 90 घरों में 35 विधवाएं, पतियों से बर्बाद होते परिवारों को बचाने पत्नियां खुद लट्‌ठ लेकर आ रहीं सड़क पर, यह महिलाओं की पीड़ा ही है कि उन्हें घर-गृहस्थी के काम को छोड़खर ये सब करना पड़ा

ग्राउंड रिपोर्ट: यहां नशा बनकर आई मौतें; 90 घरों में 35 विधवाएं, पतियों से बर्बाद होते परिवारों को बचाने पत्नियां खुद लट्‌ठ लेकर आ रहीं सड़क पर, यह महिलाओं की पीड़ा ही है कि उन्हें घर-गृहस्थी के काम को छोड़खर ये सब करना पड़ा

Rajasthan
बांसवाड़ा (राजस्थान)। 90 घरों का यह मोहल्ला। त्यौहार पर कभी यहां काफी शोरशराबा और चहल-पहल रहती थी लेकिन बीते कुछ सालों से त्यौहार आते ही 35 घरों के लोगों के चेहरों पर मायूसी छा जाती है। वजह जानकार आप भी हैरान रह हो जाएंगे। यहां 35 घराें में विधवाएं हैं। दो जवान भाईयों की मौत तो महज 6 महीने के भीतर हो चुकी है। सबसे दुखद है तो 40 बच्चों से उनके पिता का साया छीन जाना। सिलसिलेवार मौतें किसी हादसे की वजह से भी नहीं हुई है। शराब की लत ने यहां घर उजाड़ दिए हैं। पढ़कर माथे पर शिकन ला देने वाला यह मोहल्ला शहर से 35 किलोमीटर दूर कलिंजरा क्षेत्र के राखो पंचायत में है। डूंगरी बस्ती नाम से 90 घरों की आबादी वाले इस मोहल्ले में बीते सालों में 35 पुरुषों की मौत हो चुकी है। मौत भी किसी हादसे में नहीं, बल्कि एकाएक बीमार पड़ने के बाद। शुरुआत शराब की लत से हुई। यहां के सरपंच से लेकर ग्रामीण
आज से आचार संहिता लागू : चुनाव के समय आप जिस आचार संहिता का नाम बार-बार सुनते हैं आखिर वो होती क्या है, जिसके लागू होते ही केंद्र से लेकर राज्य सरकारों तक के बंध जाते हैं हाथ

आज से आचार संहिता लागू : चुनाव के समय आप जिस आचार संहिता का नाम बार-बार सुनते हैं आखिर वो होती क्या है, जिसके लागू होते ही केंद्र से लेकर राज्य सरकारों तक के बंध जाते हैं हाथ

India
न्यूज डेस्क। चुनाव आयोग ने शनिवार को 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। छत्तीसगढ़ में 12 नवंबर और 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। मध्यप्रदेश और मिजोरम में 28 नवंबर को वोटिंग होगी। वहीं, राजस्थान और तेलंगाना में 7 दिसंबर को मतदान होगा। सभी राज्यों के नतीजों का ऐलान 11 दिसंबर को किया जाएगा। चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही इन राज्यों में अब आचार संहिता भी लागू हो गई है। अब आचार संहिता लगे रहने तक कई काम यहां नहीं हो पाएंगे।क्या होती है आचार संहिताचुनाव के पहले चुनाव आयोग कुछ निर्देश जारी करता है, चुनाव खत्म होने तक हर पार्टी और उसके उम्मीदवारों को इन्हें फॉलो करना होता है। इसे आचार संहिता कहा जाता है। अगर कोई उम्मीदवार इन नियमों का पालन नहीं करता तो चुनाव आयोग उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। उसके खिलाफ एफआईआर हो सकती है। उसे चुनाव लड़ने से रोका भी जा स
क्रिस गेल अगर एस्ट्रोनॉट होते तो 3 बार चांद की यात्रा कर चुके होते

क्रिस गेल अगर एस्ट्रोनॉट होते तो 3 बार चांद की यात्रा कर चुके होते

Indian Sports
खेल डेस्क. वेस्टइंडीज के क्रिकेटर क्रिस गेल के नाम कई रिकॉर्ड हैं। अब उनके नाम एक अलग तरह का रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है। यह रिकॉर्ड है अपने क्रिकेट करियर में सर्वाधिक यात्राएं करना। गेल पिछले 20 वर्षों के क्रिकेट करियर के दौरान एक मैदान से दूसरे मैदान तक इतने चक्कर लगा चुके हैं कि अगर वे एस्ट्रोनॉट (अंतरिक्ष यात्री) होते तो अब तक धरती से चांद तक तीन बार जाकर वापस आ चुके होते। खेल-खेल में ही वे अब तक 20.30 लाख किमी की दूरी तय कर चुके हैं।गेल ने करियर में 869 मैच खेले: गेल की इस उपलब्धि काखुलासा ईएसपीएन की द क्रिकेट मंथली मैग्जीन की एक रिपोर्ट से हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 21 अक्टूबर 93 से 9 अगस्त 18 तक 20 साल में गेल ने कुल 869 मैच खेले। इस दौरान मैच के लिए तय दूरी धरती का 50 बार चक्कर लगाने बराबर है।सचिन तीसरे स्थान पर:इस मामले में गेल के बाद दूसरे नंबर पर उन्हीं के देश
सड़कों पर घूमते लावारिस जानवरों से होते हैं हादसे कूड़े का इधर-उधर फैले रहना इसका बड़ा कारण

सड़कों पर घूमते लावारिस जानवरों से होते हैं हादसे कूड़े का इधर-उधर फैले रहना इसका बड़ा कारण

Punjabi Politics
जमालपुर में मेन रोड पर घूमते लावारिस जानवर। इनके चलते होते हैं हादसे। लुधियाना| शहर के कई इलाकों में सड़कों पर घूमते आवारा पशुओं से सड़क हादसे हो रहे हैं और इसका बड़ा कारण इध-उधर फैला कूड़ा भी बनता है। आपस लड़ते ये पशु कई बार चलती गाड़ियों से टकरा नुकसान करते हैं या फिर दुकानों में ही घुस सामान के नुकसान के साथ लोगों भी जख्मी करते हैं। कुछ दिन पहले इलाके के प्रेटी जयूलर्स में दो आवारा सांड लड़ते घुसे और तोड़फोड़ की, दुकानदार ने भागकर जान बचाई, लेकिन दुकानदार का काफी नुकसान हो गया। कई बार लोगों ने बड़े अधिकारियों तक आवारा जानवरों की समस्या की कंप्लेंट की पर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न होने से लोगों ने संघर्ष करने की चेतावनी दी है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Ludhiana - सड़कों पर घूमते लावारिस जानवरों से होते
योग से जागृत होते हैं सप्तचक्र

योग से जागृत होते हैं सप्तचक्र

Health
आयुर्वेद और भारतीय पारंपरिक औषधि विज्ञान के अनुसार शरीर में सात चक्र होते हंै जिन्हें सप्तचक्र या ऊर्जा की कुंडली भी कहते हैं। सामान्यत: क्रमश: तीन चक्र भी किसी व्यक्ति में जाग्रत हों तो वह स्वस्थ कहलाता है। हमारे शरीर में लगभग ७२ हजार नाडिय़ां हैं जिनमें शरीर का संचालन करने में प्रमुख १२ नाडिय़ां दिमाग में हैं। आध्यात्मिक रूप से तीन नाडिय़ां ईड़ा, पिंगला व सुषुम्ना का जिक्र है। ईड़ा व पिंगला के सक्रिय होने के बाद ही सुषुम्ना जागृत होती है जिसके बाद सप्तचक्र जागृत होते हैं। मूलाधार चक्र जागृत होने के बाद रोग धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं जिससे अन्य चक्र भी जागृत होते हैं। १. मूलाधार चक्र यह रीढ़ की सबसे निचली सतह पर गुदा के ठीक पीछे होता है। भूमिका : यह शरीर के दाएं-बाएं हिस्से में संतुलन बनाने व अंगों का शोधन करने का काम करता है। यह पुरुषों में टैस्टीज और महिलाओं में ओवरी की कार्यप्रणाली को सु